स्वस्थ किडनी के लिए योग – Yoga For kidneys in Hindi

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योग आज दुनियाभर में लोगों के बीच तेजी से फैल रहा है। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह योग का सकारात्मक प्रभाव है। अगर यह कहा जाए कि स्वस्थ रहने के लिए योग से बेहतर कुछ नहीं है, तो गलत नहीं होगा। वैसे तो सभी प्रकार के योगासन लाभदायक हैं, लेकिन बीमारियों के अनुसार भी योगासनों को वर्गीकृत किया गया है। स्टाइलक्रेज का यह लेख किडनी को स्वस्थ रखने के लिए योग के बारे में है। इस लेख में हम जिन योगासनों का जिक्र कर रहे हैं, जो किडनी को बेहतर तरीके से काम करने में मदद कर सकते हैं। साथ ही यह समझना भी जरूरी है कि योग का असर भी तभी होता है, जब संतुलित आहार का सेवन किया जाए। वहीं, अगर किसी को किडनी से संबंधित कोई गंभीर बीमारी है, तो उस अवस्था में मेडिकल ट्रीटमेंट जरूरी है।

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स्वस्थ किडनी में कैसे लाभदायक है योग – How Does Yoga Help with kidneys in Hindi

एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की ओर से प्रकाशित वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, योग किडनी की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। साथ ही किडनी के रोग से ग्रस्त मरीजों की जीवनशैली में भी कुछ सुधार हो सकता है (1)। इसके अलावा, योग करने से किडनी को एक मसाज मिल जाती है, जिस कारण किडनी अच्छी तरह से काम कर पाती है। (2)

एक अन्य वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) और मधुमेह के कारण किडनी से जुड़े रोग होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में योग करने से ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और लिपिड के स्तर को बनाए रखने में मदद मिल सकती है। इससे किडनी रोग के जोखिम से बचा जा सकता है। इसके अलावा, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, मानसिक तनाव और इंफ्लेमेटरी मार्कर को कम करने के लिए भी योग लाभ पहुंचा सकता है (3)

किडनी से जुड़ी बीमारी में योग हेमाटोक्रिट (खून में रेड ब्लड सेल्स) के स्तर को बढ़ाने में भी मदद कर सकता है। इसलिए, योग किडनी रोग की रोकथाम और उसके जोखिम को संतुलित करने में एक सहायक चिकित्सक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ध्यान रहे कि हमेशा योग्य योग विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में योगासन करने चाहिए, वरना फायदे की जगह नुकसान हो सकता है (4)

आइए, अब जानते हैं कि स्वस्थ किडनी के लिए कौन-कौन से योगमुद्राओं को करना लाभदायक हो सकता है।

स्वस्थ किडनी के लिए योग – Yoga For Kidneys in Hindi

यहां हम कुछ ऐसी खास योग मुद्राओं के बारे में बता रहे हैं, जिनकी मदद से किडनी को विभिन्न प्रकार की बीमारियों से बचाया जा सकता है। साथ ही एक बार फिर से स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि योग के साथ-साथ पोषक तत्वों से युक्त आहार का सेवन करना भी जरूरी है। 

1. अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Ardha Matsyendrasana)

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कैसे है लाभदायक :

इस योगासन को करते समय रीढ़ का आधा हिस्सा मुड़ता है, जिस कारण यह किडनी और लीवर को उत्तेजित करता है। इससे किडनी को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही इम्यून सिस्टम में भी सुधार हो सकता है। वैज्ञानिक अध्ययन में भी माना गया कि इस योग से किडनी और लीवर सक्रिय रूप से कार्य कर सकते हैं (5)

कैसे करें :

  • सबसे पहले योग मैट बिछाएं और दंडासन यानी पैरों को आगे की ओर सीधा फैलाकर बैठ जाएं।
  • ध्यान रहे कि रीढ़ की हड्डी बिल्कुल सीधी रहे।
  • अब, दाएं पैर को घुटने के पास से मोड़ते हुए, बाएं पैर के ऊपर से ले जाते हुए, बाएं पैर के घुटने के बगल में रखें।
  • फिर बाएं पैर को घुटने से मोड़ते हुए बाएं पैर की एड़ी को दाएं कुल्हे के नीचे रख दें।
  • इसके बाएं हाथ को, दाएं घुटने के ऊपर से क्रॉस करते हुए दाएं पैर के टखने को पकड़ने का प्रयास करें।
  • फिर अपनी कमर, गर्दन और कंधों को दाईं ओर मोड़ें, और दाहिने कंधे के ठीक सामने की ओर देखें। इस दौरान रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।
  • कुछ सेकंड के लिए इसी स्थिति में बने रहें और सामान्य गति से सांस लेते रहें।
  • फिर धीरे-धीरे सामान्य मुद्रा में आ जाएं।
  • यही प्रक्रिया दूसरी तरफ भी करें।
  • इस योग को करीब 7-10 मिनट तक किया जा सकता है।

सावधानी :

  • रीढ़ से जुड़ी हुई कोई बीमारी है, तो इस योग को करने से बचें।
  • अगर कंधों में या कमर में किसी प्रकार का दर्द है, तो इस योगमुद्रा को करने से बचें।
  • गर्भावस्था और मासिक धर्म के समय इस योगासन को न करें। 

2. सुप्त वज्रासन (Supt Vajrasana)

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कैसे है लाभदायक :

इस योगसन को करने से भी किडनी की समस्या में राहत मिल सकती है। दरअसल, इस योगमुद्रा को करने से पेट के विभिन्न अंगों में खिंचाव महसूस होता है। इसका असर किडनी के लिए भी लाभदायक हो सकता है। इसके अलावा यह योगमुद्रा कब्ज की समस्या को भी दूर करने में मदद कर सकती है। फिलहाल, इस संबंध में कोई वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

कैसे करें :

  • एक समतल स्थान पर योग मैट बिछाकर वज्रासन में बैठ जाएं।
  • हाथों को शरीर के समानांतर जमीन पर कूल्हों के साथ सटाकर रखें।
  • अब सामान्य रूप से सांस लेते हुए धीरे-धीरे पीछे की ओर झुकते हुए पहले कोहनियों को जमीन पर सटाएं और फिर पूरा शरीर पीछे की ओर ले जाएं।
  • अब अपने हाथों को पीछे की ओर सीधी कर दें। अगर आप चाहें तो अपने दोनों हाथों को पैरों की जांघों पर भी रख सकते हैं।
  • फिर सिर को हल्का-सा पीछे की ओर यानी पीठ की तरफ मोड़ें।
  • अब पीठ को मध्य भाग से हल्का-सा उठाएं। इस अवस्था में आपकी पीठ कमानी की तरह नजर आएगी। इसमें आपकी पीठ ऊपर की ओर जबकि सिर व कंधे फर्श से सटे रहेंगे।
  • कुछ सेकंड इसी अवस्था में बने रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
  • फिर धीरे-धीरे सामान्य मुद्रा में आ जाएं।
  • इस योगासन को 5-10 मिनट तक किया जा सकता है।

सावधानी :

  • कोहनी, कमर और पीठ में दर्द होने पर इस योग को करने से बचें।
  • गर्भावस्था के दौरान भी इस योग को नहीं करना चाहिए।

3. ड्रैगन पोज (Dragon pose)

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कैसे है लाभदायक :

इस योगमुद्रा को करने से किडनी और रीढ़ की हड्डी में सक्रियता बढ़ सकती है, जो किडनी स्वास्थ्य के लिए उत्तम हो सकता है। फिलहाल, इस संबंध में भी अभी वैज्ञानिक शोध किया जाना बाकी है कि यह योगासन किस प्रकार किडनी को स्वस्थ रखने के काम आ सकता है।

कैसे करें :

  • एक योग मैट लें और उस पर घुटनों के बल खड़े हो जाएं।
  • फिर आगे की ओर झुकते हुए हथेलियों को जमीन से सटा दें।
  • इस अवस्था में आपकी मुद्रा बिल्ली या फिर गाय की तरह होगी।
  • अब दाएं पैर को उठाते हुए आगे लाएं और दोनों हाथों के बीच में रख दें।
  • इसके बाद बाएं पैर को पीछे की ओर ले जाएं और बिल्कुल सीधा कर दें। इस स्थिति में आपके पैर का तलवा आसमान की ओर होना चाहिए।
  • अगर आपका हाथ जमीन पर ठीक तरह से नहीं पहुंच रहा है, तो आप किसी चीज का सहारा भी ले सकते हैं।
  • अब अपनी गर्दन को अजगर की तरह हल्का-सा सामने की ओर उठाएं।
  • कुछ देर तक इसी अवस्था में रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
  • फिर धीरे-धीरे सामान्य मुद्रा में वापस आ जाएं।
  • बाद में यही प्रक्रिया दूसरे पैर से भी करें।
  • इसके करीब 5 चक्र किए जा सकते हैं।

सावधानी :

  • अगर आपकी एड़ियों का इलाज चल रहा है या उसमें दर्द है, तो इस योग को करने से बचें।
  • गर्भावस्था में इस योग को करने से बचें।
  • पीठ में किसी भी प्रकार का खिंचाव होने पर इस योग को करने से बचें।

4. स्क्वायर पोज (Square pose)

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कैसे है लाभदायक :

स्क्वायर पोज भी किडनी की कार्यप्रणाली को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है। जो किडनी को स्वस्थ बनाए रखने में भी मदद कर सकता है। हालांकि किडनी रोग की स्थिति जिन लोगों को ज्यादा समय से बनी हुई है वो लोग मेडिकल ट्रीटमेंट लेने में ज्यादा देर न करें। इससे वह किडनी रोग के बढ़ने वाले जोखिम को कम समय में  रोक सकते हैं।

कैसे करें :

  • समतल स्थान पर योग मैट बिछाकर सुखासन की मुद्रा में बैठ जाएं।
  • रीढ़ की हड्डी को बिल्कुल सीधा रखें।
  • अब एक लंबी गहरी सांस लेते हुए शरीर को सामने की ओर हल्का-सा झुकाएं।
  • फिर कोहनियों से मोड़ते हुए सामने की ओर जमीन पर टिका लें।
  • इसके बाद अपने माथे को जमीन के साथ स्पर्श करने का प्रयास करें।
  • कुछ सेकंड इसी अवस्था में रहें और सामान्य गति से सांस लेते रहें।
  • फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • इस योगासन को करीब 5-7 मिनट तक किया जा सकता है।

सावधानी :

  • घुटने में कोई चोट आदि लगी हो, तो इस योगासन को करने से बचें।
  • योग मुद्रा को पहली बार करने से पहले इसकी प्रक्रिया को अच्छी तरह से समझ लें, हो सके तो किसी योग प्रशिक्षक की सलाह लें।
  • अगर रीढ़ से जुड़ी कोई बीमारी है तो इस योग को करने से बचें। 

5. अर्ध धनुरासन (Ardha Dhanurasana)

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कैसे है लाभदायक :

इस योगासन को करने से पेट की मांसपेशियों में खिंचाव पड़ता है, जो सीधे तौर पर सकारात्मक रूप से किडनी को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए अर्ध-धनुरासन योग को किडनी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जा सकता है। किडनी के मामले में अभी इस योगासन पर भी कोई मेडिकल रिसर्च नहीं हुई है।

कैसे करें :

  • एक समतल स्थान पर योग मैट बिछाकर पेट के बल लेट जाएं और दोनों हाथों को आगे की ओर फैलाएं। ध्यान दें कि आपके हाथ जमीन से सटे हुए होने चाहिए।
  • अब सांस लेते हुए दाएं पैर को ऊपर उठाएं और फिर सांस छोड़ते हुए घुटने से मोड़ लें।
  • इसके बाद दाएं हाथ को पीछे की ओर ले जाकर दाएं पैर की एड़ी को पकड़ने का प्रयास करें।
  • इस दौरान बायां हाथ आगे की ओर जमीन से ही लगा रहेगा।
  • अब दाहिने हाथ से, दाहिने पैर को पीठ की ओर लाने की कोशिश करें और सांस लेते हुए सीने को भी हल्का-सा ऊपर उठाएं।
  • व्यक्ति का शरीर इस स्थिति में धनुष के अर्ध भाग की तरह नजर आएगा।
  • संभव हो, तो बाएं हाथ को भी सामने की ओर ऊपर की तरफ उठाने का प्रयास करें।
  • अब इस अवस्था में कुछ सेकंड के लिए रुक रहें और फिर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
  • अब दूसरी ओर से भी इस प्रक्रिया को करें।
  • इस योगमुद्रा के करीब 5 चक्र, 8 -10 मिनट तक किए जा सकते हैं।

सावधानी :

  • गर्भावस्था के दौरान इस योग को करने से बचें।
  • सीने में दर्द या कमर दर्द में इस योग को करने से बचें।
  • पैरों की मांसपेशियों में खिंचाव होने पर इस योग को करने से बचें। 

6. परिपूर्ण नवासन (Paripurna Navasana)

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कैसे है लाभदायक :

परिपूर्ण नवासन योग मुद्रा मुद्रा के जरिए भी किडनी को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिल सकती है। परिपूर्ण नवासन करते समय रीढ़ की हड्डी के साथ-साथ पेट के सभी मुख्य अंगों पर दबाव पड़ता, जिससे किडनी को उत्तेजित करने में मदद मिल सकती है। यह किडनी के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है।

कैसे करें :

  • एक योग मैट पर दंडासन में बैठ जाएं। कमर को सीधा रखें और हथेलियों को शरीर के पास जमीन से सटाए रखें।
  • एक सांस छोड़ते हुए पैरों को ऊपर की तरफ उठाएं करीब 60 डिग्री के कोण तक ले आएं।
  • अब सांस लेते हुए हल्का-सा पीछे की ओर झुकें और हाथों को कंधे के सामानांतर ले जाते हुए, सामने की ओर फैला दें।
  • हथेलियों का मुंह एक-दूसरे के आमने-सामने होगा।
  • कुछ सेकंड इसी अवस्था में बने रहें और सामान्य गति से सांस लेते रहें।
  • अब हाथों को जमीन पर वापस ले आएं।
  • इसके बाद सांस छोड़ते हुए शरीर को आगे की ओर लेकर आएं और सांस लेते हुए पैरों को नीचे ले आएं।
  • इस दौरान कमर को बिल्कुल सीधा रखें।
  • पूर्ण नवासन के 5-6 चक्र को करीब 5-10 मिनट तक किया जा सकता है।

सावधानी :

  • अगर आपके घुटने में या हाथ में कोई चोट लगी हो, तो इस योग प्रक्रिया को करने से बचें।

नोट : इस लेख में बताए गए सभी योगासन को किसी प्रशिक्षित योग ट्रेनर की देखरेख में ही करें।

इस लेख में आपने योग के जरिए किडनी को स्वस्थ रखने के बारे में जाना। इन योगासन को करने से आप न सिर्फ अपनी किडनी की कार्यप्रणाली को बेहतर कर सकते हैं, बल्कि पूर्ण रूप से स्वस्थ रह सकते हैं। वहीं, जो किडनी से जुड़ी किसी बीमारी से ग्रस्त हैं, वो डॉक्टर की सलाह पर इन योगासनों को कर सकते हैं। हालांकि, ये किडनी रोग से जुड़ी हुई बीमारी का सटीक उपचार नहीं है, लेकिन इससे किडनी के इलाज के दौरान मदद जरूर मिल सकती है। योग के साथ-साथ आपको मेडिकल ट्रीटमेंट व उचित खान-पान पर ध्यान देने की भी जरूरत है। अगर आप किडनी से जुड़े योगासनों के बारे में और कुछ जानना चाहते हैं, तो आप नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स के जरिए अपनी बात हम तक पहुंचा सकते हैं।

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Somendra Singh

सोमेंद्र ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 2019 में बी.वोक इन मीडिया स्टडीज की है। पढ़ाई के दौरान ही इन्होंने पढ़ाई से अतिरिक्त समय बचाकर काम करना शुरू कर दिया था। इस दौरान सोमेंद्र ने 5 वेबसाइट पर समाचार लेखन से लेकर इन्हें पब्लिश करने का काम भी किया। यह मुख्य रूप से राजनीति, मनोरंजन और लाइफस्टइल पर लिखना पसंद करते हैं। सोमेंद्र को फोटोग्राफी का भी शौक है और इन्होंने इस क्षेत्र में कई पुरस्कार भी जीते हैं। सोमेंद्र को वीडियो एडिटिंग की भी अच्छी जानकारी है। इन्हें एक्शन और डिटेक्टिव टाइप की फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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