टेलबोन में दर्द के लक्षण और कम करने के घरेलू उपाय – Tailbone Pain Symptoms and Remedies in Hindi

Written by , (शिक्षा- बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मीडिया कम्युनिकेशन)

शरीर के किसी-न-किसी हिस्से में कुछ कारणों से दर्द होता ही रहता है। ऐसा ही एक दर्द टेलबोन में भी उठता है। अक्सर लोगों को पता नहीं होता कि टेलबोन दर्द क्या है, लेकिन इसके कारण उनके जीवन की गुणवत्ता घटने लगती है। हरदम उन्हें दर्द महसूस तो होता है, लेकिन जानकारी के अभाव में वो इस दर्द के खुद-ब-खुद ठीक होने का इंतजार करते हैं। इसी वजह से हम टेलबोन से जुड़ी सारी जानकारी विस्तार से लाए हैं। यहां आप इससे राहत पाने के लिए घरेलू उपचार और इस दर्द से बचने के तरीके जान सकते हैं।

स्क्रॉल करें

सबसे पहले यह जानते हैं कि टेलबोन दर्द आखिर क्या होता है।

टेलबोन में दर्द क्या है – What is Tailbone Pain in Hindi

टेलबोन को कोक्सीक्स (Coccyx) भी कहा जाता है। यह एक तरह की हड्डी है, जो तीन से पांच अलग-अलग वर्टेब्रल बॉडी से युक्त होती है (1)। ये हड्डी रीढ़ के आखिरी (टर्मिनल) खंड में होती है। जब इस रीढ़ की हड्डी के आखिरी हिस्से में दर्द होता है, तो उसे ही टेलबोन में दर्द कहते हैं। इस कोक्सीक्स में होने वाले दर्द को कोक्सीडीनिया भी कहा जाता है (2)।

पढ़ना जारी रखें

आगे जानिए टेलबोन में दर्द के कारण क्या-क्या हैं।

टेलबोन में दर्द के कारण – Causes of Tailbone Pain in Hindi

टेलबोन में दर्द के कारण कई हो सकते हैं। इन्हीं कारणों के बारे में हम आगे बता रहे हैं, जो कुछ प्रकार हैं (1) (2)।

  • मस्कुलोस्केलेटल इंजरी जैसे फ्रैक्चर और लिगामेंट
  • हड्डी में होने वाला संक्रमण (ऑस्टियोमाइलाइटिस)
  • ढीले लिगामेंट्स (Ligamentous Instability)
  • हड्डी में होने वाला कैंसर (कॉर्डोमा)
  • टेलबोन पर किसी तरह की चोट लगना
  • चोट वाली जगह पर बार-बार लगना
  • प्रसव
  • निचले जठरांत्र (गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल) या मूत्रजननांगी विकार
  • लम्बर डिस्क प्रोलेप्स यानी हड्डी में मौजूद रबड़ जैसी डिस्क का खिसकना
  • पेल्विक की मांसपेशियों में ऐंठन

आगे और जानकारी है

आइए, अब जानते है गुदा की हड्डी में दर्द के लक्षण किस प्रकार नजर आ सकते हैं।

टेलबोन में दर्द के लक्षण – Tailbone Pain Symptoms in Hindi

  • टेलबोन में दर्द का लक्षण ही दर्द है। किन स्थितियों में टेलबोन का दर्द हो सकता है, वो हम आगे बता रहे हैं (2)।
  • हिलते हुए असुविधा का एहसास होना
  • पीछे मुड़ते हुए दर्द का बढ़ना
  • सहवास और शौच के दौरान टेलबोन में दर्द होना
  • टोलबोन का अधिक संवेदनशील होना

पढ़ते रहें

टेलबोन के दर्द को कम करने के घरेलू उपाय कुछ इस प्रकार हैं।

टेलबोन में दर्द कम करने के घरेलू उपाय – Home Remedies for Tailbone Pain in Hindi

टेलबोन के दर्द से परेशान लोग घरेलू उपाय की मदद से इस पीड़ा को कुछ कम कर सकते हैं। ये पीड़ा कुछ इस प्रकार हैं।

1. गर्म या ठंडी सिकाई

सामग्री :

  • गर्म पानी की बोतल या आइस पैक

प्रक्रिया :

  • लगभग 20 मिनट के लिए प्रभावित क्षेत्र पर गर्म पानी की बोतल या आइस पैक रखें।
  • इस प्रक्रिया को दिनभर में दो से चार बार तक दोहरा सकते हैं।

इस तरह पहुंचाता है लाभ :

टेलबोन के दर्द से राहत पाने के लिए गर्म और ठंडी सिकाई करना बेहतर हो सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी) से भी इस बात का पता चलता है कि प्रभावित क्षेत्र पर गर्म या ठंडी सिकाई की जा सकती है (3)। अन्य रिसर्च भी बताती हैं कि कोल्ड या हॉट पैक से टेलबोन के दर्द से कुछ राहत मिलती है (4)। आइस पैक से प्रभावित जगह पर होने वाले दर्द के साथ ही किसी तरह की सूजन हो, तो वो भी कम हो सकती है (5)।

2. मसाज

सामग्री :

  • कोई भी मालिश का तेल

प्रक्रिया :

  • किसी भी मालिश वाले तेल को हथेली में निकाल लें।
  • अब अपनी उंगलियों की मदद से प्रभावित हिस्से में इसे लगाएं।
  • उसके बाद हल्के हाथ से उस जगह को दबाएं और गोलाकार में मालिश करें।
  • इस तरह करीब 10-15 मिनट तक रोजाना मालिश की जा सकती है।

इस तरह पहुंचाता है लाभ :

मसाज करने से भी टेलबोन पेन कम हो सकता है। इससे संबंधित एक रिसर्च पेपर में लिखा है कि मसाज से टेलबोन की मांसपेशियों से संबंधित ऐंठन और लिगामेंट (दो हड्डियों को जोड़ने वाला बैंड) में होने वाला दर्द कम हो सकता है (2)। एक अन्य शोध में भी कहा गया है कि गंभीर टेलबोन पेन को भी मसाज की मदद से नियंत्रित करने की कोशिश की जाती है (6)। ऐसे में कहा जा सकता है कि गुदा की हड्डी में दर्द के लक्षण को कम करने के लिए मालिश करना बेहतर होगा।

3. एप्सम साल्ट बाथ

सामग्री :

  • 2 कप एप्सम साल्ट
  • गर्म पानी

प्रक्रिया :

  • नहाने के लिए बाल्टी या बाथटब में गर्म पानी डालें और फिर एप्सम साल्ट मिलाएं।
  • अब अच्छी तरह से पानी में नमक को मिक्स कर दें।
  • नमक जब पिघल जाए, तो बाथटब में 10 से 15 मिनट के लिए लेट जाएं।
  • अगर बाल्टी में नमक डाला है, तो उस पानी से नहा लें।

इस तरह पहुंचाता है लाभ :

गुनगुने पानी में एप्सम साल्ट डालकर नहाने से टेलबोन पेन से राहत मिल सकती है। रिसर्च बताते हैं कि एप्सम साल्ट में कुछ देर नहाने से मांसपेशियों की ऐंठन और दर्द कम हो सकता है (7)। एक अन्य शोध में कहा गया है कि गर्म पानी से सभी तरह की मस्कुलोस्केलेटल स्थितियों में होने वाला दर्द कम हो सकता है (8)। टेलबोन में दर्द मस्कुलोस्केलेटल इंजरी के कारण भी होता है (1)। इस आधार पर एप्सम साल्ट को टेलबोन दर्द के लिए अच्छा माना जाता है।

5. विटामिन

टेलबोन में दर्द से बचाव के लिए विटामिन मददगार साबित हो सकते हैं। दरअसल, हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए विटामिन-डी और कैल्शियम जरूरी होते हैं। ये विटामिन शरीर की सभी हड्डियों को कमजोर होने और अन्य समस्याओं से बचाने में मदद करते हैं (9)। इस आधार पर कहा जा सकता है कि विटामिन-डी और कैल्शियम युक्त आहार का सेवन करके टेलबोन दर्द से बचने में मदद मिल सकती है।

स्क्रॉल करें

आगे पढ़िए कि टेलबोन में दर्द होने पर किन खाद्य पदार्थ को डाइट में शामिल और किन से परहेज करना चाहिए।

टेलबोन में दर्द में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं खाना चाहिए

टेलबोन पेन का मतलब गुदा की हड्डी में दर्द होना होता है। ऐसे में हड्डी को मजबूत बनाने वाले पोषक तत्व जैसे कैल्शियम का सेवन किया जा सकता है। इसी आधार पर हम आगे टेलबोन दर्द में क्या खाएं और क्या नहीं, यह बता रहे हैं (10)।

क्या खाएं

  • प्रत्येक दिन अनाज, फल और सब्जियां खाएं
  • नॉन फैट या कम वसा वाले डेयरी उत्पाद का सेवन करें
  • कैल्शियम युक्त अन्य खाद्य पदार्थ को डाइट में जगह दें
  • मांस या बीन्स का सेवन करें
  • विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों को संतुलित आहार में शामिल करें
  • नट्स का सेवन करें। ये कैल्शियम, मैग्नीशियम, प्रोटीन और पोटेशियम से समृद्ध होते हैं
  • विटामिन डी युक्त खाद्य और सूर्य की रोशनी भी लेते रहें

हड्डी में पोषक तत्वों को अवशोषित न होने देने वाले और न्यूट्रिएंट्स की कमी वाले खाद्य से बचें, जो कुछ इस प्रकार हैं (10) (11)।

  • अधिक वसा युक्त खाद्य का सेवन न करें
  • शराब न पिएं
  • धूम्रपान न करें
  • कैल्शियम अवशोषण को बाधित करने वाला व्हीट ब्रान (गेहूं का चोकर) (9)
  • कैल्शियम को अवशोषित न होने देने वाला पालक (9)
  • अधिक सोडियम युक्त आहार से बचें
  • कोलेस्ट्रॉल युक्त खाद्य से भी बचना चाहिए

अंत तक पढ़ें

लेख में आगे हम टेलबोन में होने वाले दर्द से बचाव के तरीके बता रहे हैं।

टेलबोन में दर्द से बचाव – Prevention Tips for Tailbone Pain in Hindi

टेलबोन में होने वाले दर्द से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बरती जा सकती हैं। बचाव के टिप्स कुछ इस प्रकार हैं (1) (12)।

  • साइकिलिंग से बचें
  • बैठते हुए पीछे की तरफ न झुकें
  • लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें
  • ज्यादा देर तक खड़े न हों
  • सख्त सतह पर न बैठें
  • बैठते समय कुशन या जेल डोनट का इस्तेमाल करते रहें
  • बैठने की पोजीशन बदलते रहें
  • शारीरिक संबंध से यह दर्द बढ़ता है, इसलिए इससे बचें

दिनभर बैठे-बैठे ऑफिस का काम करने के कारण आजकल टेलबोन में दर्द होना सामान्य हो गया है। इससे बचने के लिए आप लेख में बताए गए बचाव और घरेलू उपचार की मदद ले सकते हैं। अगर यह परेशानी दिन-ब-दिन घटने के बजाए बढ़ती ही जा रही है, तो बिना वक्त जाया किए डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। समय रहते सही दिशा में कदम उठाने से इस परेशानी को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

चोट के बिना टेलबोन दर्द का कारण क्या है?

इंजरी के बिना टेलबोन दर्द का कारण हड्डी में संक्रमण, डिस्क खिसकना और प्रसव भी हो सकते हैं (1) (2)।

क्या पैदल चलना टेलबोन दर्द के लिए अच्छा होता है?

बैठे-बैठे टेलबोन का दर्द बढ़ जाता है (12)। ऐसे में कुछ देर चलने से दर्द कुछ कम लग सकता है। हालांकि, टेलबोन दर्द में चलने-फिरने में दिक्कत हो सकती है (13)।

क्या चिंता टेलबोन दर्द का कारण बन सकती है?

नहीं, चिंता टेलबोन दर्द का कारण नहीं बनती है।

मुझे कैसे पता चलेगा कि टेलबोन टूटा हुआ है या चोट लगी है?

इसका पता लगाने के लिए डॉक्टर से संपर्क करना होगा। वो एक्स-रे की मदद से यह बता पाएंगे कि टेलबोन टूटा है या नहीं।

Sources

Stylecraze has strict sourcing guidelines and relies on peer-reviewed studies, academic research institutions, and medical associations. We avoid using tertiary references. You can learn more about how we ensure our content is accurate and current by reading our editorial policy.

Was this article helpful?
thumbsupthumbsup
The following two tabs change content below.
सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन... more

ताज़े आलेख