तनाव (स्ट्रेस) दूर करने के लिए योग – Yoga for Stress in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन मास कम्युनिकेशन)

आजकल हर कोई काम में इतना व्यस्त है कि खुद के लिए भी समय निकालना मुश्किल हो गया है। इससे शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानी बढ़ने लगती है, जिससे व्यक्ति तनावग्रस्त हो जाता है। तनाव के कारण न सिर्फ काम-धंधे पर असर पड़ता है, बल्कि पारिवारिक रिश्ते भी खराब होने लगते हैं। ऐसे में तनाव से मुक्ति पाने का सबसे अच्छा और आसान तरीका योग करना है। स्टाइलक्रेज की यह लेख तनाव दूर करने के लिए योग की जानकारी लेकर आया है, जिसे अपने दिनचर्या में शामिल कर तनाव मुक्त रह सकते हैं। यहां हम करीब 6 ऐसे योगासन लेकर आए हैं, जो न सिर्फ करने में आसान हैं, बल्कि तनाव को जड़ से मिटा सकते हैं।

नीचे विस्तार से पढ़ें

सबसे पहले जानते हैं कि तनाव के लिए योग किस प्रकार मददगार हो सकता है।

तनाव (स्ट्रेस) के लिए योग कैसे मदद करता है? – How Yoga Helps in Stress in Hindi

योग में होने वाली श्वसन प्रक्रिया के माध्यम से दिमाग को शांत करने में मदद मिल सकती है, जिससे तनाव कम हो सकता है। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) ने इस संबंध में अपनी साइट पर एक रिसर्च पेपर प्रकाशित किया है। इसमें दिया गया है कि योग करने से चिंता और अवसाद से छुटकारा मिल सकता है। अगर कोई नियमित रूप से योग करता है, तो वो हमेशा तनाव मुक्त रह सकता है (1)।

आगे है जरूरी जानकारी

इस लेख के अगले भाग में हम तनाव दूर करने के लिए योग के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

तनाव (स्ट्रेस) के लिए योग – Yoga for Stress in Hindi

स्ट्रेस के लिए योग को सबसे अच्छा माध्यम माना जा सकता है। योग करने पर इसे ठीक करने में मदद मिल सकती है। नीचे हम बता रहे हैं कि तनाव से छुटकारा दिलाने में कौन-कौन से योग लाभदायक हैं।

1. बालासन

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बालासन योग को चाइल्ड पोज के नाम से भी जाना जाता है। यह संस्कृत शब्द बाल और आसन से मिलकर बना है। बाल का मतलब बच्चा और आसन का मतलब बैठना या मुद्रा से हैं। इसका अर्थ होता है बच्चों के सामान बैठा हुआ आसन। एक रिसर्च के अनुसार बालासन शरीर को आराम देने के साथ ही तनाव, चिंता और घबराहट से राहत दिलाने में सहायता कर सकता है (2)।

इसे करने का तरीका:

  • इस आसन को करने के लिए जमीन पर योग मैट बिछाकर वज्रासन में बैठ जाएं और गहरी सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं।
  • फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुककर माथे को जमीन पर रखें।
  • इस मुद्रा में आने के बाद चेस्ट को धीरे-धीरे जांघों की तरफ दबाने की कोशिश करें।
  • इस अवस्था में दोनों हाथ सामने, माथा जमीन से टिका हुआ और छाती जांघों पर रहेगी।
  • कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहकर सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
  • फिर सांस लेते हुए वापस वज्रासन की मुद्रा में आ जाएं और सांस छोड़ते हुए हाथों को नीचे करें।
  • शुरुआत में इस आसन को 3 से 5 बार कर सकते हैं।

2. मलासन

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मलासन को अंग्रेजी में गारलैंड पोज व स्क्वाट पोज कहा जाता है। इस आसन को मलत्यागने के लिए बैठने वाली मुद्रा में आकर किया जाता है। यही वजह है कि इसे मलासन के नाम से जाना जाता है। इस आसन को करने पर तनाव, चिंता और अवसाद जैसी मानसिक समस्याओं से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है। इस आसन को करने पर गर्भावस्था के दौरान होने वाले तनाव से भी राहत मिल सकती है (3)।

इसे करने का तरीका:

  • इस आसन को करने के लिए योग मैट बिछाकर सीधे खड़े हो जाएं। दोनों पैरों को कंधे के सीध में बाहर की तरह फैला हुआ रख लें।
  • अब दोनों हाथों को चेस्ट के सामने जोड़कर प्रार्थना की अवस्था में आ जाएं।
  • फिर धीरे-धीरे बैठने की कोशिश करें। ध्यान रहे बैठते समय कमर का ऊपरी भाग सीधा होना चाहिए।
  • इस अवस्था में आने के बाद शरीर मल त्यागने वाली मुद्रा में दिखाई देने लगेगा।
  • फिर सांस छोड़ते हुए हल्का-सा सामने की तरफ झुकें। इस दौरान शरीर का ऊपरी भाग जांघ के बीच होना चाहिए।
  • इसके बाद कोहनी को जांघ से टिका दें।
  • कुछ मिनट इसी मुद्रा में रहने की कोशिश करें। फिर आसन को विपरीत तरीके से करते हुए पहले वाली मुद्रा में आ जाएं।
  • इस आसन को लगभग 10 मिनट तक कर सकते हैं।

3. उत्तानासन

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उत्तानासन को अंग्रेजी में इंटेंस फॉरवर्ड बेन्डिंग पोज के नाम से जाना जाता है। इस आसन में शरीर के ऊपरी भाग को नीचे की ओर झुकाया जाता है। इससे सिर के रक्त संचार को बढ़ावा मिल सकता है और तनाव की समस्या में कमी हो सकती है (4)।

इसे करने का तरीका:

  • इस योग को करने के लिए ताड़ासन की मुद्रा में खड़े हो जाएं और लंबी सांस लें।
  • फिर सांस छोड़ते हुए सामने की तरफ धीरे-धीरे झुकें और हाथों से दोनों पैरों को छूने की कोशिश करें।
  • अगर हो सके तो हथेलियों को जमीन पर रखने की कोशिश करें, लेकिन ध्यान रखें कि घुटना मुड़ना नहीं चाहिए।
  • इस समय सामान्य रूप से सांस लेते हुए सिर को घुटनों के साथ स्पर्श करने का प्रयास करें।
  • कुछ सेकंड इसी मुद्रा में बने रहें और फिर ताड़ासन की मुद्रा में आ जाएं।
  • इस योगासन को 10 से 15 मिनट तक रुक-रुक के कर सकते हैं।

4. हलासन

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हलासन को हठयोग का हिस्सा माना जाता है। यह दो शब्दों के मिलने पर बना है, जिसमें पहला हल यानी खेतों को जोतने वाला एक प्रकार का कृषि यंत्र और आसन यानी मुद्रा से है। इस आसन को करने पर सिर वाले भाग में रक्त संचार को बढ़ावा मिल सकता है, जिससे तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है (5)।

इसे करने का तरीका:

  • इस योग को करने के लिए सबसे पहले एक समतल स्थान पर योग मैट बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं।
  • इस समय हथेलियों को जमीन की तरफ शरीर से सटाकर रखें।
  • अब धीरे-धीरे सांस लेते हुए दोनों पैरों को ऊपर 90 डिग्री तक उठाएं।
  • पैरों को ऊपर की तरफ उठाते हुए किसी को परेशानी हो रही हो, तो वो हाथों से कमर को सहारा दे सकता है।
  • फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पैरों को सिर के पीछे की ओर ले जाएं।
  • कोशिश करें कि पैरों से जमीन को छू सकें।
  • इसके बाद हाथों को सीधा जमीन पर रख दें।
  • कुछ सेकंड इसी मुद्रा में बने रहें और सामान्य रूप से सांस लें।
  • फिर धीरे-धीरे सांस लेते हुए शुरुआती मुद्रा में आ जाएं।
  • इस आसन को तीन से पांच बार कर सकते हैं।

5. सर्वांगासन

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तनाव के लिए योग में सर्वांगासन भी शामिल है। इससे जुड़े एक वैज्ञानिक शोध की मानें, तो तनाव कम करने के लिए सर्वांगासन को किया जा सकता है। इसकी पुष्टि एनसीबीआई की साइट पर उपलब्ध रिसर्च पेपर से होती है (6)।

इसे करने का तरीका:

  • सबसे पहले एक चटाई या योग मैट को बिछा लें।
  • फिर उस पर पीठ के सहारे लेट जाएं। इस समय हाथ सीधे और शरीर से सटे हुए होने चाहिए।
  • इसके बाद धीमे-धीमे सांस लेते हुए पैरों को ऊपर उठाएं और हाथों से कमर को सहारा दें।
  • इस समय संतुलन बनाए रखने के लिए कोहनियों को जमीन पर सटाकर रखें। साथ ही दोनों पैर सटे हुए हों, इस बात का भी ध्यान रखें।
  • इस समय शरीर का पूरा भार कंधों, सिर और कोहनियों पर होगा।
  • साथ ही ठुड्डी छाती से स्पर्श करेगी।
  • इस मुद्रा में कुछ सेकंड बने रहें। फिर धीरे-धीरे पहले वाली मुद्रा में आ जाएं।
  • इस योग को शुरुआत में तीन बार कर सकते हैं।

6. शवासन

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इस आसन में शरीर मृत के सामान दिखाई देता है, इसलिए इसे शवासन का नाम दिया गया है। शवासन को करने पर पूरे शरीर के साथ ही दिमाग को भी शांत किया जा सकता है। इससे तनाव से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार हो सकता है (7)।

इसे करने का तरीका:

  • शवासन को करने के लिए एक समतल स्थान पर चटाई या योग मैट को बिछा लें।
  • फिर मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और गहरी सांस लेकर दोनों आंखों को बंद कर लें।
  • इस समय दोनों हाथों को शरीर से करीब एक फीट की दूरी और पैरों के बीच दो फिट की दूरी रखें। इस समय हथेलियां ऊपर की तरफ होनी चाहिए।
  • अब दिमाग को शांत रखकर धीरे-धीरे सांस लें और आंखों को बंद रखें।
  • इस मुद्रा में पांच मिनट तक रहें। फिर दोनों हाथों को आपस में रगड़ें और हाथ को आंखों पर रखें। फिर आंखें खोलें।
  • इस आसन को योग के सबसे अंत में किया जाता है।

नोट: ऊपर बताए योग को प्रशिक्षक की निगरानी में ही करें।

योग के चमत्कार से आज हर कोई परिचित है। योग ने न सिर्फ कई समस्याओं को दूर किया है, बल्कि कई समस्याओं के इलाज को प्रभावी भी बनाया जा सकता है। इसे मानसिक शांति के लिए सबसे अहम माना जाता है। यही वजह है कि योग करने पर स्ट्रेस को कम किया जा सकता है। साथ ही यह मेंटल हेल्थ को भी बढ़ावा मिल सकता है। हम उम्मीद करते हैं कि इस लेख में दिए गए सभी जानकारी पाठक के लिए मददगार साबित होगी। योग व स्वास्थ्य से जुड़ी और जानकारी के लिए पढ़ते रहें स्टाइलक्रेज।

Sources

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  1. The Effect of Yoga on Stress, Anxiety, and Depression in Women
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5843960/
  2. Stress Management during Yoga
    https://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.924.4110&rep=rep1&type=pdf
  3. Yoga in pregnancy: Many poses are safer than once thought
    https://www.health.harvard.edu/blog/yoga-in-pregnancy-many-poses-are-safer-than-once-thought-201512298898
  4. YOGA FOR PALLIATIVE CARE NURSES
    https://aos.sbvjournals.com/doi/AOS/pdf/10.5005/jp-journals-10085-5207
  5. Effects of Yogic Practices on Different Organs of an Athlete
    http://citeseerx.ist.psu.edu/viewdoc/download?doi=10.1.1.681.4563&rep=rep1&type=pdf
  6. Post traumatic stress symptoms and heart rate variability in Bihar flood survivors following yoga: a randomized controlled study
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC2836997/
  7. Effect of stress and yogic relaxation techniques (Anulomvilom & Shavasana) on cold induced pain perception in medical undergraduate students
    http://nopr.niscair.res.in/bitstream/123456789/19440/1/IJTK%2012(3)%20530-534.pdf
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