थायराइड में आहार – क्या खाएं और क्या न खाएं – Thyroid Diet Chart in Hindi

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आजकल बिगड़ी जीवनशैली के कारण कई तरह की शारीरिक समस्याएं होने लगी है। खासकर मोटापे की परेशानी और जब मोटापा बढ़ता है, तो शरीर में कई तरह की समस्याएं होने लगती है। उन्हीं परेशानियों में से एक है थायराइड। एक सर्वेक्षण के अनुसार भारत में 4.2 करोड़ लोग थायराइड की समस्या झेल रहे हैं (1)। अन्य कई चीजों की तरह ही थायराइड के लिए भोजन भी अहम भूमिका निभा सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम इस लेख के जरिए थायराइड में आहार के बारे में जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं। यहां हम हाइपोथायरायडिज्म आहार और हाइपरथायरायडिज्म आहार दोनों के डाइट चार्ट की जानकारी देने की कोशिश कर रहे हैं। थायराइड में आहार से जुड़ी विशेष जानकारी के लिए इस लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

नीचे विस्तार से पढ़ें

यहां जाने कि हाइपोथायराइडिज्म और हाइपरथायराइडिज्म में डाइट की किस तरह की होनी चाहिए।

थायराइड के लिए आहार चार्ट – Hypothyroidism Diet Chart in Hindi

थायराइड के घरेलू उपचार के तौर पर थायराइड में आहार का ध्यान रखना आवश्यक है। इसलिए, पहले हम हाइपोथायरायडिज्म आहार की सूची कुछ इस प्रकार दे रहे हैं :

भोजनक्या खाएं (शाकाहारी व मांसाहारी लिए)
सुबह (7:00–7:30 am)एक कप गर्म पानी में एक नींबू का रस
नाश्ता (8:15–8:45 am)एक उबला हुआ अंडा + दलिया और उसके साथ सेब या अलसी के बीज का पाउडर + ब्राजील नट।
दोपहर का खाना (12:00–12:30 pm)दो रोटी, एक कटोरी लौकी की सब्जी, एक कटोरी दाल, एक प्लेट सलाद। मांसाहारी लोग आहार में मछली या चिकन शामिल कर सकते हैं।
शाम का नाश्ता (4:00 pm)एक आड़ू + एक कप नारियल पानी या एक कप चाय और एक कटोरी भूना हुआ मखाना।
रात का खाना (7:00 pm)एक प्लेट दलिया/खिचड़ी और एक छोटी प्लेट सलाद।

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हाइपोथायरायडिज्म आहार चार्ट के बाद अब जानते हैं कि क्या-क्या अन्य आहार लिए जा सकते हैं।

थायराइड में क्या खाएं – Food for Hypothyroidism in Hindi

हाइपोथायरायडिज्म में थायराइड ग्रंथि कम मात्रा में हार्मोंस का निर्माण करने लगती है (2)। ऐसे में नीचे दिए गए हाइपोथायरायडिज्म आहार लाभकारी हो सकते हैं :

  1. अलसी के बीज – थायराइड के लिए अलसी के बीज आयुर्वेदिक उपाय का काम कर सकते हैं। अलसी में मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड हायपोथायरॉडिज्म के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है (3)। ऐसे में इसका सेवन लाभकारी हो सकता है। फिर भी अलसी का सेवन करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें, क्योंकि इसका अधिक सेवन आयोडीन की कमी का कारण बन सकता है (4)। इसलिए, बेहतर है इस बारे में व्यक्ति विशेषज्ञ की सलाह भी लें।
  1. ब्राजील नट्स – हाइपोथायराइड या थायराइड के लिए सेलेनियम भी एक मुख्य पोषक तत्व है (5)। यह निष्क्रिय थायराइड हार्मोन में सुधार या परिवर्तन कर उन्हें सक्रिय करने में मदद कर सकता है। वैज्ञानिकों ने भी माना है कि ब्राजील नट युक्त सप्लीमेंट्स थायराइड हार्मोन के स्तर में सुधार करने में सहायक हो सकते हैं (6)। ऐसे में थायराइड के लिए भोजन में सेलेनियम युक्त ब्राजील नट्स शामिल करना उपयोगी हो सकता है।
  1. अंडा – हाइपोथायरायडिज्म आहार में अंडे को शामिल करना भी लाभकारी हो सकता है। जैसे कि हमने पहले ही जानकारी दी है कि सेलेनियम पोषक तत्व को थायराइड आहार में शामिल करना उपयोगी हो सकता है। ऐसे में अंडे में उच्च मात्रा में सेलेनियम मौजूद होता है, जिसका सेवन गुणकारी हो सकता है (7)। इसके अलावा, चूहों पर किए गए शोध में यह बात सामने आई है कि हाई आयोडीन अंडों का सेवन हाइपोथायरायडिज्म व हाइपरथायरायडिज्म दोनों में ही किया जा सकता है (8)।
  1. साबुत अनाज – हाइपोथायरायडिज्म आहार में साबुत अनाज को भी शामिल करना जरूरी है। यह जिंक का अच्छा स्त्रोत होता है और जिंक की कमी हाइपोथायरायडिज्म का कारण बन सकती है (9)। थायराइड ग्रंथि के सही तरीके से काम करने के लिए जिंक जरूरी हो सकता है (10)। ऐसे में साबुत अनाज और अन्य जिंक युक्त खाद्य पदार्थ लाभकारी हो सकते हैं (11)। कई लोगों के मन में सवाल आता होगा कि थायराइड में चावल खाना चाहिए कि नहीं, तो हम बता दें कि साबुत अनाज का सेवन थायराइड के स्तर को संतुलित कर सकता है। ऐसे में ब्राउन राइस अच्छा विकल्प हो सकता है।
  1. दही – कई बार आयोडीन की कमी या जरूरत से ज्यादा आयोडीन का सेवन भी हाइपोथायराइड का कारण बन सकता है। ऐसे में डॉक्टरी सलाह के अनुसार, आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे – दही को भी हाइपोथायरायडिज्म आहार में शामिल किया जा सकता है (12)। खासतौर से गर्भवती महिलाओं के लिए आयोडीन ज्यादा जरूरी है, क्योंकि मां की डाइट से ही गर्भ में पल रहे शिशु को आयोडीन प्राप्त हो सकता है (2)। इसलिए, अब अगर मन में सवाल आए कि थायराइड में दही खाना चाहिए कि नहीं, तो बेझिझक दही खाएं।
  1. कैल्शियम और विटामिन डी – हाइपोथायरायडिज्म की वजह से हड्डियां कमजोर हो सकती है या फ्रैक्चर हो सकता हैं (13)। इसके अलावा, विटामिन-डी और कैल्शियम की कमी भी हाइपोथायरायडिज्म का कारण बन सकती है (14)। इसलिए, अपने आहार में कैल्शियम और विटामिन-डी युक्त खाद्य पदार्थ जैसे – दूध व चीज़ को शामिल कर सकते हैं (15)।

आगे है और जानकारी

हाइपोथायरायडिज्म आहार के बाद अब जानते हैं कि हाइपोथायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए।

थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods to Avoid in Hypothyroidism in Hindi

हाइपोथायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए, उसकी सूची हम नीचे दे रहे हैं।

ग्रीन टी – अधिक ग्रीन टी का सेवन थाइराइड में नुकसानदायक साबित हो सकता है। ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन (catechin) एंटी-थाइराइड एजेंट की तरह काम कर सकता है, जो हार्मोन के निर्माण को कम करता है। इसलिए, थाइराइड में परेशानी हो सकती है (16)। जैसे कि हमने ऊपर जानकारी दी है कि हाइपो में थायराइड हार्मोन बनना कम या बंद हो जाते हैं। ऐसे में हाइपोथायराइड में ग्रीन टी का सेवन नुकसानदायक हो सकता है।

सोयाबीन- सोयाबीन और सोया युक्त खाद्य पदार्थों से भी हाइपोथायरायडिज्म का जोखिम हो सकता है (17)। इसलिए, जो लोग सोया खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं, उन्हें अपने आयोडीन के सेवन पर ध्यान रखने की जरूरत है (18)।

कुछ खास प्रकार की सब्जियां – थायराइड में हरी सब्जियों का सेवन कर सकते हैं, लेकिन थोड़ा संभलकर। कच्ची या आधी पकी हुई हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे – ब्रोकली, पालक, फूलगोभी में एंटी-थायराइड और गोइट्रोजेनिक (goitrogenic) गुण होते हैं। जो थायराइड में हानिकारक हो सकते हैं (17)।
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अब लेख के इस भाग में जानते हैं हाइपरथायराइड डाइट के बारे में।

थायराइड के लिए आहार चार्ट – Hyperthyroidism Diet Chart in Hindi

हाइपरथायराइड को रोकने में आहार की भूमिका हो सकती है। यहां जानिए हाइपर थाइराइड डाइट प्लान :

 

भोजनक्या खाएं (शाकाहारी व मांसाहारी लिए)
सुबह  (7:00–7:30 am)दो कप सामान्य पानी, दो बादाम, एक अखरोट और थोड़ी किशमिश।
नाश्ता (8:15 – 8:45 am)आलू या पनीर का एक या दो पराठा और एक कटोरी दही या एक मिक्स वेज सैंडविच या दो टोस्ट, दो अंडे का ओमलेट या दो उबले अंडे।
दोपहर का खाना  (12:30 – 1:00 pm)दो से तीन रोटी, एक छोटा कटोरी चावल, एक कटोरी सोयाबीन की सब्जी या आलू-पनीर की सब्जी, एक कटोरी दाल और एक छोटी प्लेट सलाद। मांसाहारी लोग अंडा, मछली या चिकन का सेवन कर सकते हैं।
शाम का नाश्ता (4:00 pm)एक कप ग्रीन टी + कुछ पिस्ता के दाने
डिनर (7:00 – 7:30 pm)एक प्लेट मिक्स वेज पुलाव, पसंद की कोई भी दाल एक कटोरी और सलाद। मांसाहारी लोग अंडा करी या ग्रिल्ड मछली या चिकन खा सकते हैं।

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अब बारी आती हाइपरथायराइड डाइट के बारे में जानने की।

थायराइड में क्या खाएं – Food for Hyperthyroidism in Hindi

हाइपरथायराइड में थायराइड ग्रंथि हार्मोंस का अधिक निर्माण करने लगती हैं। ऐसे में थायराइड को नियंत्रित करने के लिए एंटीथाइरोइड गुणों वाले आहार लाभकारी हो सकते हैं (19)। यहां जानिए डेली डाइट चार्ट फॉर थायराइड पेशेंट्स यानी हाइपरथायराडिज्म के लिए:

  1. ग्रीन टी – इस थायराइड डाइट प्लान में ग्रीन टी को शामिल किया का सेवन कर सकते हैं। इसमें एंटी-थायराइड गुण पाए जाते हैं। यह चाय थायराइड ग्रंथि द्वारा हार्मोन के निर्माण में रोक लगा सकती है (16)।
  1. लौकी – खाने में लौकी या लौकी का जूस शामिल कर सकते हैं। इस विषय पर किए गए शोध में यह बात सामने आई है कि लौकी में मौजूद पेरीप्लोगेनिन (periplogenin) तत्व में एंटीथायराइड गुण होते हैं (20)। यह गुण अधिक थायराइड हार्मोन को कम कर सकता है। ऐसे में हाइपर थायराइड में लौकी लाभकारी हो सकती है।
  1. अंडा – अंडे का सेवन हाइपो और हाइपर दोनों प्रकार के थायराइड के लिए सुरक्षित हो सकता है (8)। हालांकि, इस बारे में अभी शोध की आवश्यकता है कि हाइपरथायराइड के लिए यह बचाव में सहायक है या नहीं। इसलिए, अगर मन में यह संशय रहे कि थायराइड में क्या क्या खाना चाहिए, तो अंडा अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन ध्यान रहे कि अंडे के सफेद भाग का सेवन न करें।
  1. आंवला – हाइपर थायराइड के मरीज आंवले का सेवन भी कर सकते हैं। दरअसल, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, आंवला हाइपरथायराइड की समस्या में सुधार कर सकता है। इस स्टडी के अनुसार हाइपरथायराइड से पीड़ित चूहों को 30 दिन तक आंवला का सेवन कराया गया। इससे उनकी हाइपरथायराइड की समस्या में कुछ सुधार पाया गया। साथ ही इसमें मौजूद हेपाटोप्रोटेक्टिव गुण से लिवर पर भी फायदा देखा गया है (21)। ऐसे में थायराइड को रोकने में आहार की बात करें, तो आंवला अच्छा विकल्प हो सकता है।
  1. बिना आयोडीन वाला नमक – जिन्हें हाइपरथायराइडिज्म की समस्या है, वो अपने आहार में बिना आयोडीन वाला नमक उपयोग करें (22)। आयोडीन का सेवन हाइपरथायराइड समस्या को बढ़ा सकता है (19)। ऐसे में हाइपरथायराइडिज्म के मरीज नमक का चुनाव पूरे ध्यान से करें।
  1. तुलसी – तुलसी का उपयोग कई वर्षों से औषधि की तरह किया जा रहा है। यह थायराइड के लिए भी लाभकारी हो सकती है। दरअसल, तुलसी में एंटी-थायराइड गुण होते हैं, जो हार्मोन के स्तर को नियंत्रित कर सकते हैं। ऐसे में हर रोज तुलसी की पत्तियों या तुलसी की चाय का सेवन उपयोगी हो सकता है (23)।

थायराइड में क्या न खाएं

अब जानते हैं कि हाइपर थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए।

थायराइड में क्या नहीं खाना चाहिए – Foods to Avoid in Hyperthyroidism in Hindi

हाइपरथायराइडिज्म में किन-किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए, उस बारे में हम नीचे बता रहे हैं (22)।

  • ज्यादा आयोडीन या आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन न करें (24)।
  • मछली
  • सोय प्रोडक्ट्स
  • अंडे की जर्दी
  • चीज़

बाकी हैं और टिप्स

थायराइड में क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना चाहिए के बाद अब जानते हैं थायराइड डाइट प्लान के टिप्स।

थायराइड के लिए कुछ और डायट टिप्स – Other Tips for Thyroid Diet in Hindi

डेली डाइट चार्ट फॉर थायराइड पेशेंट्स के बाद अब थायराइड डाइट प्लान के साथ-साथ नीचे बताई गई बातों को भी ध्यान में रखें (22):

  • अपने रोज के आहार में स्वस्थ फैट को शामिल करें।
  • खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं या खाते-खाते पानी न पिएं।
  • विटामिन्स और मिनरल्स का सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श कर लें।
  • खूब पानी पिएं।
  • ज्यादा मसालेदार और तला-भूना खाना न खाएं।
  • ज्यादा चीनी युक्त खाद्य या पेय पदार्थों के सेवन से बचें।
  • शराब का सेवन न करें।
  • प्रोसेस्ड फूड का सेवन करने से बचें।
  • स्वस्थ दिनचर्या अपनाएं जैसे – व्यायाम और योग करें।

नोट : थायराइड के लिए भोजन का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। कुछ खाद्य पदार्थ ऐसे भी होते हैं, जो हाइपोथायरायडिज्म और हाइपरथायरायडिज्म दोनों पर ही प्रभाव डाल सकते हैं। यहां तक कि इस दौरान ली जा रही दवाइयों पर भी असर कर सकते हैं। ऐसे में सावधानी के तौर पर यहां बताए गए किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

हाइपोथायराइडिज्म और हाइपरथायराइडिज्म दोनों ही गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, इसलिए इनकी अनदेखी न करें। साथ ही थायराइड में क्या खाएं क्या न खाएं इस बात का भी ध्यान रखें। थायराइड में क्या खाना चाहिए क्या नहीं, इससे संबंधित यहां बताए गए थायराइड डाइट प्लान से भी काफी मदद मिल सकती है। आशा करते हैं कि इस लेख से पाठकों को काफी जानकारी मिली होगी, तो इसे अन्य लोगों के साथ साझा कर थायराइड की समस्या से दूसरों को भी जागरूक करें। अगर समस्या बढ़े, तो डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

थायराइड में वजन कैसे कम किया जा सकता है?

डाइट में बदला करें और हो सके तो अपने डॉक्टर से थायराइड डाइट फॉर वेट लॉस के बारे में जानकारी लें। नियमित व्यायाम या योग का सहारा लें। डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयों का नियमित और सही वक्त पर सेवन जारी रखें।

क्या केला थायराइड के रोगियों के लिए अच्छा है?

हां, अगर कोई पूछे थायराइड में कौन सा फल खाना चाहिए, तो केला अच्छा विकल्प हो सकता है। हाइपोथायरायडिज्म आहार में केले को शामिल किया जा सकता है, क्योंकि इसमें आयोडीन होता है (12)। ऐसे में बेहतर कि व्यक्ति इस बारे में एक बार डॉक्टरी सलाह भी लें, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उन्हें जिस प्रकार का थायराइड है, उसमें केला खाना सही है या नहीं।

क्या पीनट बटर थायराइड के लिए बुरा है?

हां, पीनट या पीनट युक्त खाद्य पदार्थ का अधिक सेवन गोइटर (थायराइड का एक प्रकार) का कारण बन सकता है (25)। ऐसे में बेहतर है डॉक्टरी सलाह पर ही इसका सेवन किया जाए।

क्या कैफीन थायराइड के लिए नुकसानदायक हो सकता है?

हां, कैफीन का सेवन थायराइड की समस्या में नुकसानदायक साबित हो सकता है। शोध में यह बात सामने आई है कि कैफीन टीएसएच हार्मोन (Thyroid Stimulating Hormone) को कम करता है। यह हार्मोन शरीर में थायराइड के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। ऐसे में इसकी कमी के कारण थायराइड बढ़ने का जोखिम हो सकता है (26)।

थायराइड में कौन से नट्स हानिकारक हो सकते हैं?

मूंगफली थायराइड में हानिकारक हो सकती है (17)। साथ ही यह थायराइड के प्रकार पर भी निर्भर करता है। बेहतर है, इस बारे में डॉक्टरी सलाह लें।

क्या थायरायड में ज्यादा पानी पीना लाभकारी हो सकता है?

हां, शुद्ध फिलटर्ड पानी में मौजूद फ्लोराइड और क्लोरीन थायरायड में आयोडीन रिसेप्टर्स को रोक सकते हैं। डाइट में अधिक पानी शामिल करने से वजन घटाने में सहायक हो सकता है, जो कि थायराइड के मुख्य लक्षणों में से एक है (27)।

27 संदर्भ (Sources)

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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