थायराइड में बालों का झड़ना कैसे रोकें – Hair fall due to Thyroid in Hindi

Written by , (शिक्षा- बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मीडिया कम्युनिकेशन)

आज के समय में ज्यादातर लोग झड़ते बालों की समस्या से परेशान हैं। वहीं, लोग इससे निजात पाने के लिए कई तरह के उपायों का सहारा लेते हैं, लेकिन कोई खास फायदा नहीं मिलता। दरअसल, हेयर फॉल को कम करने के लिए सबसे पहले इसका कारण जानने की जरूरत होती है। बालों के झड़ने के पीछे कई वजह हो सकती हैं। इन्हीं में से एक थायराइड है। यही वजह है कि इस लेख में हम थायराइड के कारण बालों के झड़ने की समस्या के विषय में जरूरी जानकारी देने जा रहे हैं। थायराइड में बालों का गिरना कैसे रोके जानने के लिए स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।

आगे विस्तार से जानें

लेख में सबसे पहले जानते हैं कि थायराइड और बालों के बीच क्या संबंध है।

थायराइड और बालों के बीच क्या संबंध है? – Connection between your thyroid and your hair?

थायराइड और बालों के झड़ने के बीच के संबंध को समझने के लिए सबसे पहले बालों के विकास की प्रक्रिया को समझना होगा (1) :

  • एनाजेन फेज (Anagen phase) : एनाजेन फेज को ग्रोथ फेज के नाम से भी जाना जाता है। इस चक्र के अनुसार कुल बालों में से 90% बाल बढ़ते हैं। ग्रोथ फेज के अंत में बालों की जड़ पैपिला (हेयर फॉलिकल्स के सबसे नीचे मौजूद कोशिकाएं) से अलग हो जाती है। बता दें पैपिला सेल्स बालों के विकास के लिए अहम होती हैं। ये बालों तक रक्त पहुंचाने का काम करती हैं
  • कैटेजन फेज (Catagen phase) : इसे ट्रांजिशनल फेज भी कहते हैं। यह चरण लगभग दो से चार हफ्ते के लिए रहता है। इस दौरान बालों का विकास कम हो जाता है।
  •  टेलोजेन फेज (Telogen phase): हेयर साइकिल का तीसरा और आखिरी फेज है टेलोजेन फेज। जब बाल पैपिला से पूरी तरह से अलग हो जाते हैं, तो रक्त की सप्लाई रुक जाती है। इसलिए, इसे रेस्टिंग फेज भी कहते हैं। इसमें बाल त्वचा से बाहर निकलते हैं और टूट जाते हैं। यह चरण कुछ महीनों तक रह सकता है।

वहीं, बात करें थायराइड और बालों के बीच संबंध की, तो थायराइड ग्रंथि द्वारा निर्माण किए जाने वाले टी3 यानी ट्राईआयोडोथायरोनिन और टी4 यानी थायरोक्सिन हार्मोन बालों के विकास के लिए जरूरी होते हैं। दरअसल, टी 3 और टी4 हार्मोन हेयर फॉलिकल साइकिल और बालों के पिगमेंट जैसी कई बायोलॉजिकल प्रक्रिया को नियंत्रित करने में अहम भूमिका अदा करते हैं। जब थायराइड ग्रंथि टी 3 और टी 4 हार्मोन का कम या ज्यादा उत्पादन करती है, तो इसका सीधा असर हेयर फॉलिकल साइकिल पर पड़ता है (2)। यही कारण है कि थायराइड की समस्या में हेयर लॉस हो सकता है।

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लेख के अगले भाग में थायराइड में बाल झड़ने के लक्षण के बारे में विस्तार से बताया गया है।

थायराइड के कारण हेयरफॉल के लक्षण – Symptoms of thyroid-related hair loss in Hindi

बालों का झड़ना अपने आप में ही एक लक्षण है। यह समस्या कई परेशानियों के कारण उत्पन्न हो सकती है। हालांकि, थायराइड के कारण होने वाले हेयरफॉल के कुछ संभावित लक्षण हो सकते हैं, जिनका जिक्र हम नीचे कर रहे हैं (3)।

  • बालों का पतला हो जाना
  • बालों की गुणवत्ता का बिगड़ना
  • बालों का ड्राई और कमजोर होना
  • दो मुंहे बालों की समस्या भी हो सकती है, हालांकि इससे जुड़े सटीक वैज्ञानिक शोध का अभाव है।
  • हेयर वॉश करते समय बालों का अधिक झड़ना
  • दिनभर में जितनी बार कंघी करना उतनी बार बालों का टूटना

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थायराइड में बाल झड़ने के लक्षण के बाद लेख में आगे थायराइड में बाल झड़ने के कारण जानेंगे।

थायराइड में बालों के झड़ने के क्या कारण हैं? – Causes of thyroid-related hair loss in Hindi

थायराइड में हेयर फॉल की समस्या क्यों होती है, निम्न बिंदुओं के माध्यम से यह समझा जा सकता है :

  1. हेयर फॉलिकल्स साइकिल : हेयर फॉलिकल्स के विकास और रखरखाव में थायराइड हार्मोन अहम भूमिका निभाता है। बता दें, हेयर फॉलिकल्स त्वचा के नीचे होते हैं, जहां से बाल बढ़ते हैं। हाइपोथायरायडिज्म या हाइपरथायरायडिज्म के कारण हेयर फॉलिकल साइकिल प्रभावित होती है, जिसके परिणामस्वरूप हेयर फॉल की समस्या पैदा हो सकती है (2)।
  1. जिंक की कमी : जिंक के अवशोषण के लिए थायराइड हार्मोन आवश्यक होता है। वहीं, शरीर में थायराइड हार्मोन की कमी के कारण जिंक की कमी हो सकती है, जो बालों के झड़ने का कारण बन सकता है (4) (5)।
  1. एलोपेशिया एरियाटा : एलोपेशिया एरियाटा बालों से जुड़ी एक गंभीर समस्या है, जिसमें बाल असामान्य रूप से गिरने लगते हैं। यह परेशानी कई ऑटोइम्यून रोगों से जुड़ी हुई है, जिनमें हाइपोथायरायडिज्म भी एक है (6)।
  1. दवाइयों का दुष्प्रभाव : कुछ थायराइड दवाइयों के दुष्प्रभाव के कारण भी बाल झड़ने की समस्या हो सकती है (7)।

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लेख में आगे थायराइड में बाल झड़ने के इलाज पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

थायराइड में बालों के झड़ने का इलाज – Thyroid Hair Loss Treatment In Hindi

थायराइड में हेयर फॉल की समस्या से राहत पाने के लिए सबसे पहले थायराइड का इलाज होना जरूरी है। थायराइड के इलाज के लिए डॉक्टर निम्न दवाई का सेवन करने की सलाह दे सकते हैं।

1. हाइपोथायराइड : इसके इलाज के लिए डॉक्टर सिंथेटिक थायराइड हार्मोन टी-4 का इस्तेमाल करने की सलाह दे सकते हैं। इसका सेवन करने से शरीर में हार्मोन का निर्माण शुरू हो सकता है (8)।

2. हाइपरथायराइड : हाइपरथायराइड के इलाज के लिए डॉक्टर एंटी थायराइड दवा की सलाह दे सकते हैं। इसका सेवन करने से थायराइड ग्रंथि द्वारा हार्मोन के उत्पादन को नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा, हाइपरथायराइड के उपचार के लिए रेडियोएक्टिव आयोडीन एब्लेशन थेरेपी की सलाह दे सकते हैं। इसमें रेडियोएक्टिव आयोडीन के जरिए थायराइड हार्मोन बनाने वाले थायराइड टिश्यू को नष्ट किया जाता है।
गंभीर स्थितियों में डॉक्टर सर्जरी कर सकते हैं। सर्जरी की जरूरत तब हो सकती है, जब मरीज को कुछ निगलने या सांस लेने में परेशानी हो रही हो (9)।

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चलिए, अब जानते हैं थायराइड में हेयर फॉल रोकने के लिए कुछ कारगर घरेलू उपचार।

थायराइड के कारण बालों को झड़ने से रोकने के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies For Treating Hair Loss Due To Thyroid Disorders in Hindi

यहां हम थायराइड के कारण होने वाली हेयरफॉल की समस्या के लिए घरेलू उपचार बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर इस समस्या को कुछ हद तक कम किया जा सकता है। वहीं, इस बात का ध्यान रखें कि बताए गए घरेलू नुस्खे किसी भी तरीके से थायराइड की समस्या का डॉक्टरी इलाज नहीं है। अगर समस्या गंभीर है, तो डॉक्टरी इलाज जरूरी है। अब पढ़ें नीचे :

1. विटामिन युक्त खाद्य पदार्थ

थायराइड के मरीजों लिए विटामिन युक्त खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करना लाभकारी हो सकता है। एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि विटामिन सी और ई हाइपरथायराइड के मरीजों के लिए लाभकारी हो सकते हैं। वहीं, विटामिन-ई हाइपरथायरायडिज्म व हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम कर सकता है और थायराइड हार्मोन के प्रति संवेदनशीलता को कम कर सकता है (10)।
वहीं, एक अन्य शोध के अनुसार, विटामिन सी और ई हेयर फॉलिकल्स के विकास में लाभकारी हो सकते हैं (11)। इस आधार पर थायराइड में बालों के झड़ने की समस्या से राहत में पाने के लिए विटामिन युक्त खाद्य सामग्रियों का सेवन उपयोगी साबित हो सकता है।

2. एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाला) फूड

एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट थायराइड में हेयर लॉस की समस्या से राहत दिलाने में सहायक साबित हो सकती है। इस बात की पुष्टि दो अलग-अलग शोध से होती है। एक शोध के अनुसार, एंटी-इंफ्लेमेटरी खाद्य पदार्थ बालों को स्वस्थ रखने के साथ-साथ बालों के विकास को बढ़ावा दे सकते हैं (12)। वहीं, एक अन्य शोध में मिनरल और विटामिन युक्त एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट हाशिमोटो थायरोडिटिस (यह एक ऑटोइम्यून रोग है, जो हाइपोथायरायडिज्म का कारण बन सकता है) के मरीजों के लिए लाभकारी हो सकती है।

एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट में ऑलिव ऑयल और सूरजमुखी के तेल को आहार में शामिल किया जा सकता है (13)। इसके अलावा, अन्य एंटी-इंफ्लेमेटरी खाद्य-पदार्थों को भी आहार में शामिल कर सकते हैं। इस प्रकार हम मान सकते हैं कि थायराइड में हेयर लॉस से बचाव में एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट मददगार हो सकती है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

3. आयरन युक्त खाद्य पदार्थ

थायराइड हार्मोन के चयापचय के लिए आयरन महत्वपूर्ण तत्वों में से एक है। शरीर में आयरन की कमी से थायरोपरॉक्सिडेस ( टीपीओ – थायराइड को बढ़ाने वाला एंजाइम) की कार्यक्षमता कमजोर पड़ सकती है। कई शोध में भी हाइपोथायरायडिज्म के मरीजों में आयरन की कमी पाई गई है (14)। वहीं, बालों को बढ़ाने व फॉलिकल्स को मजबूत करने के लिए भी आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन फायदेमंद माना जाता है।
इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि आयरन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन थायराइड के साथ बालों के झड़ने की समस्या को कम कर सकता है। आयरन को आहार में शामिल करने के लिए पालक, अजमोद, बीन्स, सूखी खुबानी और अंजीर का सेवन किया जा सकता है (15)।

4. हेयर लॉस के लिए हर्ब्स

थायराइड में हेयर फॉल को रोकने के लिए निम्न हर्ब्स का सहारा भी लिया जा सकता है :

  • अश्वगंधा : एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) पर उपलब्ध एक शोध के अनुसार, अश्वगंधा का इस्तेमाल हाइपोथायराइड (थायराइड हार्मोन न बनना) के मरीजों के इलाज में उपयोगी साबित हो सकता है (16)। एक अन्य शोध में एलोपेशिया (बाल झड़ने से जुड़ी बीमारी) के इलाज के लिए अश्वगंधा से तैयार हर्बल औषधि के सकारात्मक प्रभाव पाए गए है। साथ ही बालों की ग्रोथ के लिए भी इसे प्रभावी माना गया है। इस आधार पर अश्वगंधा को थायराइड में हेयर फॉल की समस्या से राहत पाने के लिए लाभकारी माना जा सकता है (17)।
  • ब्राह्मी : आयुर्वेद में ब्राह्मी का इस्तेमाल बालों के लिए सालों से किया जा रहा है। यह टी 4 हार्मोन को बढ़ा कर थायराइड की गतिविधियों को उत्तेजित कर सकती है। इसलिए, इसे हाइपरथायरायडिज्म के इलाज के लिए उपयोगी माना जा सकता है (18)। इसके अलावा, बालों के झड़ने की समस्या को दूर करने के साथ बालों की रिग्रोथ के लिए ब्राह्मी का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है (19)। इस आधार पर माना जा सकता है कि थायराइड में बाल झड़ने की समस्या के उपचार में ब्राह्मी लाभकारी हो सकती है।
  • गुग्गुल : थायराइड में बाल झड़ने की समस्या से गुग्गुल कुछ हद तक राहत दिला सकता है। दरअसल, गुग्गुल की राल (guggulu resin) में गुग्गुलस्टरोन नामक मुख्य तत्व पाया जाता है, जो थायराइड की कार्यप्रणाली में सुधार करने का काम कर सकता है। इसके अलावा, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी होता है और साथ थायराइड की सूजन को कम करने में मदद कर सकता है (20)।

वहीं, एक अन्य शोध में साफ तौर से जिक्र मिलता है कि एलोपेशिया के इलाज में गुग्गुल उपयोगी साबित हो सकता है (21)। बता दें, थायराइड में बालों की गुणवत्ता प्रभावित होती है जिससे एलोपेसिया (बालों के अत्यधिक झड़ना या गंजापन) का जोखिम हो सकता है। ऐसे में गुग्गुल इस परेशानी से काफी हद तक राहत प्रदान करने में मदद कर सकता है।

5. एसेंशियल ऑयल

थायराइड में हेयर लॉस की समस्या से राहत पाने के लिए नीचे बताए गए एसेंशियल ऑयल उपयोगी साबित हो सकते हैं :

  • लेमन ग्रास ऑयल : थायराइड में हेयर फॉल की समस्या को दूर करने में लेमन ग्रास ऑयल का सहारा लिया जा सकता है। दरअसल, सूजन थायराइड ग्रंथि की कोशिकाओं को डैमेज करने का काम कर सकती है (22)। इस स्थिति में लेमन ग्रास ऑयल के फायदे देखे जा सकते हैं, क्योंकि इसमें एंटी-इंफ्लामेटरी यानी सूजन को कम करने वाले गुण मौजूद होते हैं (23)।

वहीं, चूहों पर किए गए एक शोध में जिक्र मिलता है कि लेमन ग्रास का प्रयोग एलोपेशिया की समस्या में खोए हुए बालों को वापस लाने में प्रभावकारी हो सकता है (24)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि थायराइड में बालों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए लेमन ग्रास ऑयल सहायक साबित हो सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

  • पेपरमिंट ऑयल : पुदीने के तेल का इस्तेमाल थायराइड के कारण होने वाले हेयर फॉल को कम करने के लिए कारगर साबित हो सकता है। दरअसल, एक शोध में जिक्र मिलता है कि पेपरमिंट की पत्तियों के पाउडर का सेवन थायराइड हार्मोन पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है (25)। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि यह गुण पेपरमिंट ऑयल में भी पाया जा सकता है। हालांकि, यह कितना प्रभाव होगा, इस विषय पर अभी और सटीक शोध की आवश्यकता है।इसलिए, थायराइड की समस्या में पुदीने के तेल का उपयोग करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

इसके अलावा, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में जिक्र मिलता है कि पेपरमिंट ऑयल का उपयोग बालों के विकास को बढ़ावा दे सकता है (26)।

  • भृंगराज तेल : अगर कोई थायराइड में बालों का झड़ना कैसे रोकें, यह जानना चाहता है, तो भृंगराज तेल कुछ हद तक लाभकारी हो सकता है। दरअसल, विषय से जुड़े एक शोध में जानकारी मिलती है कि भृंगराज के मेथेनॉल एक्सट्रैक्ट में बालों के विकास को बढ़ावा देने वाले गुण पाए जाते हैं (27)। हालांकि, थायराइड में यह किस प्रकार काम करता है, इस पर फिलहाल और शोध की आवश्यकता है।

6. आयोडीन की मात्रा का ध्यान रखें

थायराइड को सामान्य रखने के लिए आयोडीन की मात्रा का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। दरअसल, हाइपोथायराइड की परेशानी आयोडीन की कमी के कारण भी हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह पर आयोडीन युक्त खाद्य पदार्थ व सप्लीमेंट ले सकते हैं। वहीं, आयोडीन की अधिकता हाइपरथायराइड की स्थिति पैदा कर सकती है। इसलिए, शरीर में आयोडीन का स्तर संतुलित रहना बेहद जरूरी है (28)। इसलिए, थायराइड के इलाज के साथ आयोडीन के इनटेक का भी खास ख्याल रखें। इस प्रकार थायराइड की समस्या के कारण होने वाले हेयर फॉल से बचा जा सकता है।

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थायराइड से बाल झड़ने के घरेलू उपाय के साथ कुछ अन्य चीजों का ध्यान रखना भी जरूरी है।

थायराइड में हेयरफॉल से बचने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान

बालों की सही देखभाल करने से भी हेयर फॉल की समस्या को जटिल होने से बचाया जा सकता है। इसके लिए निम्न बातों का ध्यान रख सकते हैं :

  • बालों को कसकर बांधने से परहेज करें।
  • बालों को मोड़ने या खींचने से बचें।
  • बालों को सुलझाने के लिए बड़े दांतों वाली कंघी का इस्तेमाल करें।

आगे है और जानकारी

अब जानते हैं योग के जरिए थायराइड में बालों के गिरने की समस्या को कैसे दूर करें।

थायराइड में बालों के झड़ने की समस्या को रोकने लिए योग

थायराइड की समस्या व इसके कारण होने वाले हेयरफॉल में सुधार करने के लिए योग प्रभावी साबित हो सकता है। एक शोध के अनुसार, नियमित रूप से योग करने से थायराइड को नियंत्रित करने के साथ बालों के झड़ने की समस्या में भी सुधार देखा गया (29)। वहीं, सर्वांगासन, मत्सयासन, मर्जरासन, हलासन और भुजंगासन को हाइपोथायराइड के लिए कारगर माना गया है (30)। वहीं, हाइपरथायराइड की स्थिति में जरूरी योग के लिए विशेषज्ञ से बात कर सकते हैं। इसके अलावा, थायराइड में किसी भी योगासन को करने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें और विशेषज्ञ की देखरेख में ही योग करें।

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लेख के इस भाग में जानेंगे कि थायराइड में बालों के झड़ने से राहत पाने के लिए कैसी जीवनशैली अपनानी चाहिए।

थायराइड में झड़ते बालों को रोकने के लिए आपकी जीवनशैली

थायराइड की समस्या से निपटने के लिए चिकित्सक दवाओं के साथ संतुलित भोजन और अच्छी जीवनशैली का पालन करने की सलाह भी देते हैं। इसलिए, नीचे हम उन बिंदुओं का जिक्र कर रहे हैं, जो बालों को झड़ने से रोकने में मददगार हो सकते हैं :

  • प्रतिदिन सुबह उठकर टहलें व व्यायाम करें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।
  • तला हुआ, प्रोसेस्ड व जंक फूड को खाने से परहेज करें।
  • रात को खाना खाने के बाद वॉक पर जरूर जाएं।
  • शुगर पदार्थों का सेवन कम करें।
  • बालों में केमिकल ट्रीटमेंट जैसे स्ट्रेटनिंग, रिबॉन्डिंग, स्मूथनिंग आदि न कराएं।
  • खुद को तनाव से दूर रखें।
  • योग को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
  • बालों की साफ सफाई का ख्याल रखें।

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थायराइड में हेयर फॉल को लेकर चिकित्सक की सलाह कब लेनी चाहिए? लेख में आगे हम इस बारे में बात करेंगे।

कब लेनी चाहिए डॉक्टर की सलाह – When to Visit A Doctor

थायराइड में हेयर फॉल को नजरअंदाज करना मुश्किलों में डाल सकता है। ऐसे में निम्न स्थितियों में बिना देर किए डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए :

  • अगर तमाम उपाय के बाद भी बालों का गिरना कम नहीं हो रहा है।
  • दिन में 100 से अधिक बालों का टूटना।
  • बालों को धोते समय अत्यधिक मात्रा में बालों का झड़ना।
  • हेयर फॉल के कारण सिर की त्वचा पर गोल आकार का पैच बनना।
  • बालों का पतला व कमजोर होना।

लेख को पढ़ने के बाद आप यह तो समझ गए होंगे कि थायराइड किस प्रकार बालों को प्रभावित कर सकता है। वहीं, थायराइड में बालों का झड़ना कैसे रोकें, इसकी भी जानकारी आपको मिल गई होगी। अगर आप भी इस समस्या से पीड़ित हैं, तो बताए गए घरेलू उपाय अपना सकते हैं। वहीं, समस्या के गंभीर होने पर या घरेलू उपाय के काम करने पर डॉक्टर से संपर्क जरूर करें। साथ ही, लेख में बताई गई सावधानियों और बचाव टिप्स का भी पालन जरूर करें। स्वास्थ्य संबंधी अन्य जानकारी हासिल करने के लिए जुड़े रहें स्टाइलक्रेज के साथ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

क्या थायराइड के कारण झड़े हुए बाल वापस आ सकते हैं?

इससे जुड़े सटीक वैज्ञानिक शोध का अभाव है, लेकिन समय पर थायराइड का सही इलाज करवाया जाए, तो अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

क्या थायराइड के कारण बाल झड़ते हैं?

हां, थायराइड के कारण बाल झड़ सकते हैं। इसके बारे में लेख में ऊपर विस्तार से जानकारी दी गई है।

क्या बायोटिन बालों की रिग्रोथ में मदद करता है?

हां, बायोटिन बालों को दोबारा उगाने में मदद कर सकता है। यह बालों को स्वस्थ रखने के लिए अहम पोषक तत्वों में से एक है (31)। हालांकि, थायराइड में बायोटिन लेने से पहले एक बार डॉक्टरी परामर्श जरूर लें​।

Sources

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