Written by , (शिक्षा- एमए इन जर्नलिज्म मीडिया कम्युनिकेशन)

त्रिफला चूर्ण आंवला, बहेड़ा और हरड़ के मिश्रण से बना चूर्ण होता है। यह कई शारीरिक समस्याओं से बचाव करने और राहत पहुंचाने का काम कर सकता है। वहीं, इसके साथ अगर शहद का उपयोग किया जाए, तो इसके लाभ दोगुने हो सकते हैं। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम त्रिफला चूर्ण और शहद के फायदे बताने जा रहे हैं। यहां आप जान पाएंगे कि त्रिफला चूर्ण और शहद का उपयोग किस प्रकार सेहत पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसके अलावा, त्रिफला चूर्ण और शहद का उपयोग करने का तरीका भी यहां बताया गया है। वहीं, लेख में त्रिफला चूर्ण और शहद के नुकसान भी बताए गए हैं। त्रिफला चूर्ण और शहद के फायदे जानने के लिए लेख को पूरा जरूर पढ़ें।

शुरू करते हैं लेख

चलिए, अब जानते हैं त्रिफला चूर्ण और शहद के फायदे।

त्रिफला चूर्ण और शहद के फायदे – Benefits of Triphala Churna and Honey in Hindi

नीचे हम त्रिफला चूर्ण और शहद के फायदे बताने जा रहे हैं। वहीं, हम यह स्पष्ट कर दें कि त्रिफला और शहद किसी भी समस्या का इलाज नहीं हैं। त्रिफला चूर्ण और शहद के फायदे कुछ हद तक नीचे बताई गई समस्याओं में राहत पहुंचाने का काम कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं त्रिफला चूर्ण और शहद के फायदे :

1. वजन कम करने में मददगार

त्रिफला चूर्ण और शहद का उपयोग वजन नियंत्रण को बढ़ावा देने का काम कर सकता है। दरअसल, त्रिफला से जुड़े एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में साफ तौर से जिक्र मिलता है कि त्रिफला चूर्ण का उपयोग वजन को नियंत्रित करने में मददगार हो सकता है (1)। वहीं, पशुओं पर हुए एक शोध से पता चलता है कि त्रिफला चूर्ण शरीर की चर्बी कम करने के साथ-साथ वजन को कम कर सकता है और साथ ही अतिरिक्त कैलोरी के सेवन को भी नियंत्रित करने में मदद कर सकता है (2)। वहीं, एनसीबीआई के अन्य अध्ययन से पता चलता है कि शहद भी वजन को कम करने में मदद कर सकता है (3)। दरअसल, शहद में एंटी ओबेसिटी प्रभाव मौजूद होते हैं (4)।

2. मधुमेह के लिए

त्रिफला और शहद दोनों का मिश्रण मधुमेह से बचाव और इसे कम करने में सहायक हो सकता है। दरअसल, त्रिफला में एंटी-डायबिटिक और हाइपोग्लाइसेमिक (ब्लड ग्लूकोज को कम करने वाला) प्रभाव पाए जाते हैं (2)। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर एक वैज्ञानिक शोध उपलब्ध है, जिसमें 150 मधुमेह से पीड़ित लोगों को 45 दिनों तक त्रिफला चूर्ण का सेवन कराया गया, जिससे उनके ब्लड ग्लूकोज स्तर में कमी देखी गई (5)। वहीं, शहद में भी एंटी-डायबिटिक और हाइपोग्लाइसेमिक प्रभाव पाए जाते हैं (6)। ऐसे में हम कह सकते हैं कि त्रिफला चूर्ण और शहद का सेवन खून में मौजूद ग्लूकोज के स्तर को कम कर मधुमेह की समस्या में आराम पहुंचाने में मदद कर सकता है।

3. भूख बढ़ाने के लिए

भूख बढ़ाने के लिए त्रिफला चूर्ण और शहद का मिश्रण फायदेमंद साबित हो सकता है। एक शोध में बताया गया है कि त्रिफला बेहतर पाचन, भोजन के अवशोषण और मल त्याग में मददगार हो सकता है। साथ ही, त्रिफला भूख को उत्तेजित करने का काम भी कर सकता है, जिससे भूख बढ़ने में मदद मिल सकती है (2)। वहीं, शहद भी भूख को बढ़ाने में मददगार हो सकता है (7)।

4. रेड ब्लड सेल बढ़ाने में मददगार

शरीर में रेड ब्लड सेल्स का कम होना यानी एनीमिया की समस्या का जोखिम खड़ा होना (8)। इसमें त्रिफला और शहद के फायदे देखे जा सकते हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि त्रिफला चूर्ण रेड ब्लड सेल और हीमोग्लोबिन को बढ़ाने का काम कर सकता है (2)। वहीं, एक अन्य शोध से पता चलता है कि शहद शरीर में खून को बढ़ाने में मदद कर सकता है (9)।

5. यूरिन इंफेक्शन कम करने में मददगार

त्रिफला चूर्ण और शहद का उपयोग यूरिन इंफेक्शन में कुछ हद तक मददगार साबित हो सकता है। दरअसल, शहद से जुड़े एक शोध में जिक्र मिलता है कि यह शहद का उपयोग गर्भावस्था के दौरान यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। इस लाभ के पीछे शहद में मौजूद एंटी बैक्टीरियल प्रभाव हो सकते हैं (10)। वहीं, त्रिफला एंटी-बैक्टीरियल, एंटी फंगल और एंटी इंफ्लेमेटरी प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है, जो संयुक्त रूप से यूरिन इंफेक्शन में आराम पहुंचाने का काम कर सकते हैं। फिलहाल, इस विषय को लेकर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है (2)।

6. त्वचा के लिए उपयोगी

त्रिफला चूर्ण और शहद त्वचा को कई तरीके से फायदा पहुंचाने का काम कर सकते हैं। विषय से जुड़े एक शोध में जिक्र मिलता है कि त्रिफल में एंटी-बैक्टीरियल प्रभाव पाया जाता है, जो त्वचा को बैक्टीरियल संक्रमण से बचाने में मदद कर सकता है। इसके अलावा, इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव भी पाया जाता है, जो त्वचा से जुड़ी सूजन को कम करने में मददगार साबित हो सकता है। वहीं, यह त्वचा को मुक्त कणों से बचाने में भी मदद कर सकता है। इसके अलावा, चेहरे पर इसका उपयोग एजिंग के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकता है (11)।

वहीं, त्रिफला के साथ शहद का इस्तेमाल भी त्वचा को कई तरह से फायदा पहुंचाने का काम कर सकता है। इससे जुड़े एक शोध में जिक्र मिलता है कि शहद का उपयोग त्वचा को मॉइस्चराइज करने के साथ-साथ त्वचा को अच्छे से साफ करने में भी मदद कर सकता है। इसके अलावा, यह एंटी-माइक्रोबियल (बैक्टीरिया से लड़ने वाला) और एंटीइंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाला) और हीलिंग (घाव भरने वाला) प्रभाव भी दिखा सकता है (12)। ऐसे में हम कह सकते हैं कि त्रिफला और शहद का इस्तेमाल त्वचा के लिए लाभकारी हो सकता है।

बने रहें हमारे साथ

त्रिफला चूर्ण और शहद का उपयोग कैसे किया जा सकता है, जानिए नीचे।

त्रिफला चूर्ण और शहद का उपयोग – How to Use Triphala and Honey in Hindi

त्रिफला चूर्ण और शहद के फायदे जान चुके हैं, लेकिन उत्तम लाभ लेने के लिए त्रिफला चूर्ण और शहद का उपयोग जानना भी जरूरी है। त्रिफला और शहद का उपयोग नीचे हम क्रमवार बता रहे हैं :

  • त्रिफला चूर्ण को शहद के साथ मिलाकर सेवन किया जा सकता है।
  • गुनगुने पानी में त्रिफला चूर्ण और शहद मिलाकर सेवन किया जा सकता है।
  • इसके अलावा, एक गिलास पानी में त्रिफला चूर्ण, शहद और नींबू मिलाकर भी सेवन किया जा सकता है।
  • त्वचा के लिए त्रिफला-हनी फेस पैक बनाकर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए एक चम्मच त्रिफला और दो चम्मच शहद को अच्छी तरह मिलाकर चेहरे पर लगाया जा सकता है।

मात्रा : त्रिफला चूर्ण और शहद का उपयोग विभिन्न बीमारियों में फायदेमंद हो सकता है, लेकिन इसका उपयोग करने से पहले विशेषज्ञ या डाॅक्टर की सलाह जरूर लें, क्योंकि इसके सेवन की सही मात्रा से जुड़े वैज्ञानिक शोध का अभाव है। ध्यान रहे, त्रिफला चूर्ण और शहद का उपयोग डाॅक्टर की सलाह के बिना न करें।

पढ़ते रहिए

चलिए अब जानते हैं त्रिफला चूर्ण और शहद के नुकसान।

त्रिफला चूर्ण और शहद के नुकसान – Side Effects of Triphala Churna and Honey in Hindi

त्रिफला और शहद का उपयोग जानने के बाद त्रिफला चूर्ण और शहद के नुकसान जानना भी जरूरी हैं, क्योंकि अधिक सेवन करने से त्रिफला चूर्ण और शहद के नुकसान भी हो सकते हैं। नीचे शहद और त्रिफला चूर्ण के नुकसान बताए गए हैं :

चलिए सबसे पहले जान लेते हैं त्रिफला चूर्ण के नुकसान

  • त्रिफला में मौजूद हरड़ को गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित नहीं माना गया है (13)।
  • त्रिफला में मौजूद हरड़ की अधिक मात्रा दस्त का कारण बन सकती है (13)।
  • त्रिफला में मौजूद हरड़ डिप्रेशन की दवा का असर कम कर सकता है (14)। इसलिए, सावधानी के लिए डिप्रेशन की दवा लेने वाले लोग त्रिफला का सेवन न करें।

त्रिफला के नुकसान जान लिए, अब जानते हैं शहद के नुकसान

  • शहद में फ्रुक्टोज पाया जाता है। वहीं, अधिक मात्रा में फ्रुक्टोज का सेवन मधुमेह के मरीज के स्वास्थ्य को बिगाड़ सकता है (15)।
  • अधिक शहद खाने से पेट दर्द या डायरिया (दस्त) हो सकता है (16)।
  • शहद का अधिक सेवन एलर्जी का कारण भी बन सकता है (17)। इसलिए, जिन लोगों को शहद से एलर्जी है, वे त्रिफला के साथ शहद का सेवन न करें।

इस लेख को पढ़कर आप त्रिफला चूर्ण और शहद के फायदे अच्छी तरह समझ चुके होंगे। वहीं, त्रिफला चूर्ण और शहद का उपयोग किस प्रकार किया जा सकता है, इसकी भी जानकारी आपको हो गई होगी। ऐसे में आप चाहें, तो डॉक्टरी परामर्श पर त्रिफला और शहद के मिश्रण का सेवन कर सकते हैं। वहीं, इसकी मात्रा का ध्यान भी जरूर रखें, वरना त्रिफला चूर्ण और शहद के नुकसान भी सामने आ सकते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए फायदेमंद साबित होगा। नीचे हम पाठकों द्वारा अक्सर पूछे जाने वाले कुछ सवालों के जवाब दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

खाली पेट त्रिफला और शहद खाने के फायदे क्या हैं?

सुबह खाली पेट त्रिफला और शहद के फायदे से जुड़ा सटीक वैज्ञानिक शोध उपलब्ध नहीं है। लेकिन, इन दोनों का सेवन कर लेख में बताए गए फायदे हासिल किए जा सकते हैं। वहीं, सावधानी के लिए डॉक्टरी परामर्श पर ही इसका सेवन करें।

क्या मैं रोज त्रिफला चूर्ण और शहद खा सकता हूं?

डॉक्टरी सलाह पर त्रिफला चूर्ण और शहद का सेवन रोज किया जा सकता है।

क्या मैं रात में त्रिफला चूर्ण और शहद खा सकता हूं?

हां, डॉक्टरी परामर्श पर रात को सोने से पहले त्रिफला चूर्ण और शहद का सेवन किया जा सकता है।

क्या त्रिफला और शहद वजन कम करता है?

हां, त्रिफला और शहद वजन कम करने में मदद कर सकता है। इससे जुड़ी जानकारी हम लेख में ऊपर दे चुके हैं।

Sources

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  1. Efficacy of ‘Itrifal Saghir’, a combination of three medicinal plants in the treatment of obesity; A randomized controlled trial
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3559014/
  2. Therapeutic Uses of Triphala in Ayurvedic Medicine
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5567597/
  3. Honey promotes lower weight gain, adiposity, and triglycerides than sucrose in rats
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/21310307/
  4. Four-Week Consumption of Malaysian Honey Reduces Excess Weight Gain and Improves Obesity-Related Parameters in High Fat Diet Induced Obese Rats
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5299215/
  5. Hypoglycemic effect of triphala on selected non insulin dependent Diabetes mellitus subjects
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3330861/pdf/ASL-27-45.pdf
  6. Honey and Diabetes: The Importance of Natural Simple Sugars in Diet for Preventing and Treating Different Type of Diabetes
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5817209/
  7. Honey – an ancient functional food
    https://www.researchgate.net/publication/318921717_Honey_-_an_ancient_functional_food
  8. Anemia
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK499994/
  9. Effects of daily consumption of honey solution on hematological indices and blood levels of minerals and enzymes in normal individuals
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/12935325/
  10. Honey Bee as Alternative Medicine to Treat Eleven Multidrug-Resistant Bacteria Causing Urinary Tract Infection during Pregnancy
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6027671/
  11. Protective Effects of Triphala on Dermal Fibroblasts and Human Keratinocytes
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4711708/
  12. Medicinal and cosmetic uses of Bee’s Honey – A review
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3611628/
  13. Herbal medicine use by pregnant women in Bangladesh: a cross-sectional study
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6293557/?report=classic
  14. Recurrent relapses of depression in a patient established on sertraline after taking herbal medicinal mixtures–a herb-drug interaction?
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/18515463/
  15. Does Natural Honey-Containing Fructose have Benefits to Diabetic Patients?
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4976705/
  16. Honey may have a laxative effect on normal subjects because of incomplete fructose absorption
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/7491882/
  17. Anaphylaxis caused by honey: a case report
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5287071/
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पुजा कुमारी ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने वर्ष 2015 में अपने... more

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