टूना मछली के फायदे और नुकसान – Tuna Fish Benefits and Side Effects in Hindi

Medically reviewed by Neelanjana Singh, Nutrition Therapist & Wellness Consultant
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शरीर को रोग मुक्त रखने के लिए सही पोषण का होना जरूरी है। इन पोषक तत्वों की पूर्ति शाकाहारी और मांसाहारी, दोनों तरह के खाद्य पदार्थों से की जा सकती है। अगर बात करें नॉन वेज डाइट की, तो इसमें मछली की एक अहम भूमिका देखी जा सकती है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम एक खास प्रकार की मछली ‘टूना’ के शारीरिक फायदों के बारे में बता रहे हैं। जानिए स्वास्थ्य के लिए टूना मछली के फायदे और इसके सेवन के विभिन्न तरीकों के बारे में। साथ ही आपको इस लेख में टूना मछली के नुकसान के विषय में भी जानकारी दी जाएगी। इस बात का ध्यान रखें कि टूना मछली लेख में बताई जाने वाली शारीरिक समस्याओं के प्रभाव व उनके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है, लेकिन यह किसी भी बीमारी का सटीक इलाज नहीं है। गंभीर स्वास्थ्य समस्या में मेडिकल ट्रीटमेंट को प्राथमिकता जरूर दें।

आइए, लेख में सबसे पहले जान लेते हैं कि टूना मछली क्या है।

टूना मछली क्‍या है? – What is Tuna Fish in Hindi

टूना एक विशेष प्रकार की मछली है, जिसे टन्नी (Tunny) के नाम से भी जाना जाता है। यह मछली ‘थुन्निनी’ नामक मछलियों की प्रजाति से संबंध रखती है। विश्व भर में इसकी कई प्रजातियां मौजूद हैं। माना जाता है कि इसकी कुछ प्रजातियां 40 से 50 वर्ष तक जीवित रह सकती हैं। इसके अलावा, इसने आकार में भी भिन्नता पाई जाती है। टूना मछली ज्यादातर खारे पानी में रहती हैं। वहीं, अगर इसके स्वाद की बात करें, तो यह खाने में लजीज होती हैं। स्वास्थ्य लाभ के मामले में भी यह किसी से कम नहीं है। आगे लेख में बताया गया है कि इस मछली का सेवन कौन-कौन सी शारीरिक समस्याओं के लिए लाभकारी हो सकता है।

टूना मछली से होने वाले फायदे को जानने के लिए पढ़ते रहें यह लेख।

टूना मछली के फायदे – Benefits of Tuna Fish in Hindi

टूना मछली को आहार में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है। यह कई शारीरिक समस्याओं को दूर रखने में मदद कर सकती है। टूना मछली के फायदे इस तरह से हो सकते हैं।

1. वजन घटाने के लिए

एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, फिश ऑयल का सेवन कमर व नितंब के अनुपात (Waist-Hip Ratio) को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, यह पूरी तरह से शरीर के वजन को कम करने में कितना लाभकारी हो सकता है, इस पर और शोध की आवश्यकता है (1)। वहीं, डॉक्टरों की मानें तो यह पेट की चर्बी कम करने में भी मदद कर सकता है। ऐसे में, वेस्ट-हीप के अनुपात को कम करने और वजन कम करने के लिए डॉक्टरी परामर्श पर टूना फिश ऑयल की खुराक ली जा सकती है। साथ ही व्यायाम भी जरूरी है।

2. हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, हड्डियों को स्वस्थ रखने में कैल्शियम और विटामिन डी की अहम भूमिका होती है। कैल्शियम हड्डियों के निर्माण में मदद करता है और विटामिन डी हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है। इससे हड्डियों का स्वास्थ्य बरकरार रहता है। साथ ही ऑस्टियोपोरोसिस जैसे हड्डी रोग और फ्रैक्चर के जोखिम कम करने में कैल्शियम और विटामिन डी के सप्लीमेंट कारगर साबित हो सकते हैं। यहां टूना मछली फायदेमंद हो सकती है, क्योंकि यह बताए गए दोनों पोषक तत्वों से समृद्ध होती है (2) (3)।

3. गर्भवती महिलाओं के लिए लाभकारी

गर्भवती महिला के लिए खान-पान का ध्यान रखना जरूरी होता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च के मुताबिक, टूना मछली का सेवन गर्भवती और शिशु के लिए लाभदायक हो सकता है। टूना मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो गर्भवती को हृदय रोग के जोखिम से बचाने में मदद कर सकता है। साथ ही भ्रूण के मस्तिष्क और सेंट्रल नवर्स सिस्टम के विकास में भी सहायक हो सकता है। इसके अलावा, टूना मछली का सेवन जन्म के समय नवजात के वजन और गर्भावस्था के समय पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है (4)।

4. प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा

शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अगर मजबूत है, तो रोग उत्पन्न होने का डर कम हो जाता है। शरीर की प्रतिरक्षा को बनाए रखने में टूना मछली का सेवन महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। टूना मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो शरीर में इम्यूनोमॉड्यूलेटरी (Immunomodulatory) की तरह काम कर सकता है, जिसे इम्यून स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है (5)। इसलिए, टूना के फायदे प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए भी माने जा सकते हैं।

5. आंखों के लिए फायदेमंद

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए मछली का सेवन फायदेमंद माना जाता है। उन मछलियों की सूची में टूना का भी नाम शामिल है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार मछलियों में खासकर टूना का सेवन, बढ़ती उम्र के साथ होने वाले नेत्र रोग जैसे एज रिलेटेड मैक्युलर डीजेनेरेशन (Age-related macular degeneration) पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है (6)। हालांकि, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।

6. हृदय के लिए लाभकारी

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, टूना मछली के फायदे हृदय स्वास्थ्य के लिए भी हो सकते हैं। जैसा कि हमने बताया कि टूना मछली ओमेगा-3 फैटी एसिड से समृद्ध होती है और यह फैटी हृदय रोग के जोखिम को कम करने के साथ-साथ कार्डियक डेथ (हृदय रोग से होने वाली मृत्यु) के जोखिम को भी कम कर सकता है (7)।

7. स्तन कैंसर को दूर रखने के लिए

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, विटामिन डी की कमी स्तन कैंसर का जोखिम कारक बन सकती है। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि टूना अन्य पोषक तत्वों के साथ विटामिन-डी से भी समृद्ध होती है और विटामिन-डी का पर्याप्त मात्रा में सेवन स्तन कैंसर से बचाव का काम कर सकता है (8) (9) (3)। हालांकि, टूना मछली सीधे तौर पर स्तन कैंसर के लिए कितनी फायदेमंद होगी, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है। इसलिए, हमारी सलाह यह है कि अगर कोई कैंसर जैसी घातक बीमारी से ग्रस्त है, तो उसे डॉक्टर से उपचार जरूर करवाना चाहिए। सिर्फ घरेलू उपचार के सहारे रहना सही निर्णय नहीं है।

टूना मछली के फायदे जानने के बाद आगे जानिए इसके पौष्टिक तत्वों के बारे में।

टूना मछली के पौष्टिक तत्व – Tuna Fish Nutritional Value in Hindi

टूना मछली में मौजूद पौष्टिक तत्वों को जानने के लिए नीचे हम एक तालिका साझा कर रहे हैं (3)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 g
पानी74.03 g
ऊर्जा109 kcal
प्रोटीन24.4 g
टोटल लिपिड (फैट)0.49 g
मिनरल
कैल्शियम ,Ca4 gm
आयरन ,Fe0.77 mg
मैग्नीशियम , Mg 35 mg
फास्फोरस,P278 mg
पोटैशियम ,K441 mg
सोडियम ,Na45 mg
जिंक ,Zn0.37 mg
विटामिन
थियामिन0.118 mg
राइबोफ्लेविन0.115 mg
नियासिन18.475 mg
विटामिन बी -60.933 mg
फोलेट, DFE2 µg
विटामिन बी-122.08 µg
विटामिन ए, RAE18 µg
विटामिन ए, IU60 IU
विटामिन ई (अल्फा टोकोफेरॉल)0.24 mg
विटामिन डी69 IU
लिपिड
फैटी एसिड, टोटल सैचुरेटेड0.172 g
फैटी एसिड, टोटल मोनोसैचुरेटेड0.116 g
फैटी एसिड, टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.147 g

लेख के आगे के भाग में जानिए टूना मछली का उपयोग कैसे किया जा सकता है।

टूना मछली का उपयोग – How to Use Tuna Fish in Hindi

नीचे जानिए टूना मछली के सेवन के विभिन्न तरीकों के बारे में –

कैसे खाएं :
  • इसे फिश करी की तरह खाया जा सकता है।
  • इसे भूनकर खाया जा सकता है।
  • इसका सूप बनाकर सेवन किया जा सकता है।
  • इसे स्टीम करके भी खाया जा सकता है।
कब खाएं :
  • फिटनेस के शौकीन सुबह या शाम स्टीम फिश खा सकते हैं।
  • दोपहर या रात के खाने के साथ फिश करी का आनंद लिया जा सकता है।
  • शाम में भुनी हुई मछली खाई जा सकती है।
  • स्नैक्स के तौर पर मछली का कटलेट या टिक्का बनाकर भी सेवन किया जा सकता है।
कितना खाएं :

टूना मछली को हफ्ते में लगभग 226 ग्राम तक खाया जा सकता है, जो शरीर के लिए लाभदायक हो सकता है (10)। फिर भी इसके सेवन से पहले एक बार आहार विशेषज्ञ से उचित मात्रा की जानकारी ले सकते हैं।

आगे जानिए इससे होने वाले नुकसान के बारे में।

टूना मछली के नुकसान – Side Effects of Tuna Fish in Hindi

जिस तरह टूना मछली लाभ पहुंचाने का काम कर सकती है। वैसे ही कई बार इससे नुकसान भी देखे जा सकते हैं –

  • सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक छोटी मछलियों की तुलना में बड़ी मछलियों में मरकरी की मात्रा अधिक होती है, जिसमें टूना भी शामिल है। यहां मरकरी युक्त मछली गर्भावस्था के दौरान और जन्म के बाद शिशु के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास को बाधित कर सकती है (11)। इसमें कोई शक नहीं है कि गर्भावस्था में मछली खाने के फायदे हो सकते हैं, लेकिन कुछ मामलों में इसके नुकसान का जोखिम भी हो सकता है। ऐसे में बेहतर है गर्भवती मछली के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह लें।
  • जिन्हें मछली खाने की ज्यादा आदत नहीं है, उन्हें पाचन क्रिया से संबंधित परेशानी हो सकती है, लेकिन इसके लिए अभी कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है। वहीं, मछली का जरूरत से ज्यादा सेवन भी फ़ायदे के बाजाय नुकसान का कारण बन सकता है, क्योंकि किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा सेवन दुष्प्रभाव का कारण बन सकता है।
  • अगर मछली को पकाने से पहले ठीक से साफ न किया जाए, तो संक्रमण का खतरा हो सकता है (12)

अब तो आप समझ गए होंगे कि स्वास्थ्य के लिए टूना मछली किस प्रकार फायदेमंद हो सकती है। साथ ही कौन-कौन सी बीमारियों के प्रभाव को कम करने के लिए इसका सेवन किया जा सकता है। इसके अलावा, लेख में इसके सेवन करने के विभिन्न तरीकों के बारे में भी बताया गया है। ऐसे में इसके शारीरिक फायदे पाने के लिए इसे दैनिक आहार में शामिल किया जा सकता है। यहां एक बार फिर से बता दें कि टूना मछली लेख में बताई गई किसी भी बीमारी का उपचार नहीं कर सकती है, लेकिन उनके लक्षणों को कम करने में सहायक भूमिका जरूर निभा सकती है। उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए लाभकारी साबित होगा।

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Sources

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    1. Does Fish Oil Have an Anti-Obesity Effect in Overweight/Obese Adults? A Meta-Analysis of Randomized Controlled Trials
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4646500/
    2. Nutritional Aspects of Bone Health and Fracture Healing
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5804294/
    3. Fish, tuna, fresh, yellowfin, raw
      https://fdc.nal.usda.gov/fdc-app.html#/food-details/175159/nutrients
    4. Fish and healthy pregnancy: more than just a red herring!
      https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/9077255/
    5. Effects of Omega-3 Fatty Acids on Immune Cells
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6834330/
    6. Fish Consumption and Age-Related Macular Degeneration Incidence: A Meta-Analysis and Systematic Review of Prospective Cohort Studies
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5133126/
    7. A fish a day, keeps the cardiologist away! – A review of the effect of omega-3 fatty acids in the cardiovascular system
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3712371/
    8. Vitamin D and Breast Cancer
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3267821/
    9. Vitamin D and Breast Cancer: Latest Evidence and Future Steps
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5802611/
    10. ANNEX 1DIETARY RECOMMENDATIONS FOR FISH CONSUMPTION
      https://www.ncbi.nlm.nih.gov/books/NBK305180/
    11. Mercury
      https://www.cdc.gov/breastfeeding/breastfeeding-special-circumstances/environmental-exposures/mercury.html
    12. Microbiological and Parasitic Exposure and Health Effects
      https://www.nap.edu/read/1612/chapter/4#62
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भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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