त्वचा पर चकत्ते के कारण, लक्षण और घरेलू उपाय – Skin Rashes Causes, Symptoms and Home Remedies in Hindi

Medically Reviewed By Suvina Attavar (Dermatologist & Hair transplant surgeon)
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आजकल त्वचा से जुड़ी समस्याएं आम होती जा रही है। इसके लिए हमारा खान-पान और पर्यावरण प्रदूषण जिम्मेदार हो सकता है। इसके अलावा, कई लोगों की त्वचा अधिक संवेदनशील होती है, जिस कारण उन्हें स्किन समस्या हो सकती है। त्वचा से जुड़ी ऐसी ही एक समस्या चकत्ते की है। इस बारे में वैज्ञानिक आधार पर हम इस लेख में जानकारी देंगे। चकत्ते के उपचार में घरेलू उपाय की मदद ली जा सकती है, लेकिन इसके बेहतर इलाज के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट को भी अपनाया जा सकता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में त्वचा पर चकत्ते के कारण और त्वचा पर चकत्ते के लक्षण के साथ-साथ त्वचा पर चकत्ते के लिए घरेलू उपाय भी बताएंगे।

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चलिए, सबसे पहले जानते हैं कि त्वचा पर चकत्ते क्या है।

त्वचा पर चकत्ते क्या है? – What are Skin Rashes in Hindi

जब किसी की त्वचा पर चकत्ते हो जाते हैं, तो उस हिस्से में जलन-खुजली, लाल निशान, दर्द और सूजन होने लगती है। कुछ चकत्तों के कारण त्वचा पर छाले (Blisters) और पैच भी बन जाते हैं। यह समस्या कई बार किसी अन्य तरह की समस्या के कारण भी हो सकती है। कुछ स्थितियों में ऐसा एलर्जी के कारण भी हो सकता है। कुछ लोगों के जीन (genes) के कारण इसका होने का जोखिम बढ़ जाता है (1)। त्वचा की यह समस्या इससे जुड़ी अन्य समस्याओं को जन्म दे सकती है।

इस लेख के अगले भाग में हम त्वचा पर चकत्ते के प्रकार की जानकारी दे रहे हैं।

त्वचा पर चकत्ते के प्रकार – Types of Skin Rashes in Hindi

चकत्ते मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं – नॉन इन्फेक्शन (गैर-संक्रामक) और इन्फेक्शन (संक्रामक) (2)।

  • नॉन इन्फेक्शन (गैर-संक्रामक)- इस चकत्ते में एक्जिमा, सोरायसिस, सेबोरिक डर्मेटाइटिस, रोजेशिया और एलर्जी डर्मेटाइटिस शामिल होते हैं।
  • इन्फेक्शन (संक्रामक)- इस तरह के चकत्ते में दाद, खुजली और चिकनपॉक्स जैसी समस्या शामिल होती हैं।

इस लेख को जारी रखते हुए आगे हम त्वचा पर चकत्ते के कारण के बारे में बता रहे हैं।

त्वचा पर चकत्ते के कारण – Causes of Skin Rashes in Hindi

त्वचा पर चकत्ते कुछ चीजों के संपर्क में आने से हो सकते हैं (3)।

  • केमिकल (PPD) युक्त प्रोडक्ट (इलास्टिक, रबर)
  • कॉस्मेटिक्स (साबुन और डिटर्जेंट)
  • कपड़ों में मौजूद केमिकल या डाई
  • कुछ जहरीले पेड़ों (पार्थेनियम-एक प्रकार का जंगली पौधा) के संपर्क में आने पर

चकत्तों के अन्य सामान्य कारणों में इन्हें भी शामिल किया जा सकता हैं :

  • एक्जिमा के कारण
  • सोरायसिस के वजह से
  • दाद
  • बचपन की बीमारियां जैसे कि चिकनपॉक्स और हाथ-पैर-मुंह की बीमारी
  • दवाई की वजह से या फिर किसी कीड़े का काटना जैसे – मच्छर, ब्लिस्टर बीटल और खटमल

कई चिकित्सा स्थितियों के कारण भी चकत्ते हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं :

  • ल्यूपस एरिथेमेटोसस (प्रतिरक्षा प्रणाली संबंधी रोग)
  • गठिया (अर्थराइटिस)
  • रक्त वाहिकाओं की सूजन की समस्या
  • वायरल, बैक्टीरियल या फंगल संक्रमण की समस्या

अब लेख के अगले हिस्से में हम त्वचा पर चकत्ते के लक्षण जानेंगे।

त्वचा पर चकत्ते के लक्षण – Symptoms of Skin Rashes in Hindi

त्वचा पर चकत्ते होने से उसके लक्षण दिखना शुरू हो जाते हैं। इस तरह के लक्षण नजर आने पर बिना देरी किए इलाज करना उचित होगा। ये लक्षण इस प्रकार के हो सकते हैं।

  • खुजली के साथ त्वचा का लाल दिखना।
  • चमकीली त्वचा के साथ ही त्वचा में मवाद से भरे छाले।
  • छाले (फफोले) नजर आना।
  • त्वचा में नमी की कमी यानी ड्राई स्किन।

नीचे है और जानकारी

आइए, लेख के अगले भाग में त्वचा पर चकत्ते के लिए घरेलू उपाय जानते हैं।

त्वचा पर चकत्ते के लिए घरेलू उपाय – Home Remedies for Skin Rashes in Hindi

त्वचा पर किसी भी तरह की समस्या नजर आने पर सबसे पहले लोग घरेलू उपचार करते हैं और ऐसा करना सही भी है। फिर भी ध्यान रहे कि घरेलू उपचार सामान्य समस्या में तो काम आ सकते हैं, लेकिन गंभीर अवस्था में डॉक्टर से इलाज करवाना जरूरी है। इस स्थिति में घरेलू उपचार का उपयोग डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए।

1. एसेंशियल ऑयल

  • टी ट्री ऑयल

सामग्री:

  • लगभग 12 बूंद टी ट्री ऑयल
  • लगभग 30 ml नारियल या जोजोबा ऑयल
  • रुई

उपयोग की विधि:

  • दोनों तेल को अच्छे से मिला लें।
  • फिर इस मिश्रण को रुई का उपयोग करके प्रभावित त्वचा पर लगाएं।
  • इसे प्रतिदिन एक बार लगा सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

टी ट्री ऑयल का उपयोग कर त्वचा को कई तरह से लाभ हो सकता है। यह तेल फोड़े, मुंहासों, बैक्टीरियल इन्फेक्शन, फफोले, जलन, सूजन, चकत्ते और सनबर्न से राहत दिला सकता है। इसके लिए इसमें पाए जाने वाले एंटीमाइक्रोबियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण सहायक हो सकते हैं। इस बात की जानकारी एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर पब्लिश एक रिसर्च से मिलती है (4)।

  • लैवेंडर ऑयल

सामग्री:

  • 8 से 10 बूंद लैवेंडर का तेल
  • 20 से 25 ml नारियल या जैतून का तेल
  • रुई

उपयोग की विधि:

  • ऊपर दिए गए दोनों तेलों को आपस में मिक्स कर दें।
  • इसके बाद इस मिश्रण को रुई की सहायता से चकत्ते से प्रभावित त्वचा पर लगाएं।
  • इसे दिन में एक बार लगाया जा सकता है।

कैसे है लाभकारी:

एनसीबीआई की वेबसाइट में मौजूद एक शोध में दिया गया है कि लैवेंडर ऑयल को त्वचा के चकत्ते दूर करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। दरअसल, लैवेंडर के तेल में एंटी इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण पाए होते हैं। ये गुण चकत्ते के कारण आई सूजन और दर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं (5)। हालांकि, अगर किसी बच्चे को एक्जिमा (atopic dermatitis) की समस्या है या किसी व्यक्ति को इसकी सुगंध से एलर्जी है, तो वो लैवेंडर ऑयल का उपयोग न करें।

  • नीलगिरी का तेल

सामग्री:

  • लगभग 10 बूंद नीलगिरी का तेल
  • लगभग 25 ml नारियल तेल
  • रुई

उपयोग की विधि:

  • इन दोनों तेलों को भी आपस में अच्छी तरह से मिक्स कर लें।
  • फिर रुई की मदद से अच्छी तरह से चकत्ते पर लगा लें।
  • प्रतिदिन एक बार इसका उपयोग किया जा सकता है।

कैसे है लाभकारी:

चकत्तों से निपटने के लिए नीलगिरी का तेल बेहतर उपाय साबित हो सकता है। दरअसल, कई अध्ययनों से पता चलता है कि नीलगिरी का अर्क एटॉपिक डर्मेटाइटिस (त्वचा से जुड़ी समस्या) की स्थिति से राहत दिलाने का काम कर सकता है। साथ ही यह त्वचा में नमी को बनाए रखने का काम भी कर सकता है। इसका सकारात्मक असर चकत्ते से राहत पाने में नजर आ सकता है (6)।

2. सेब का सिरका

सामग्री:

  • एक चम्मच सेब का सिरका
  • आधा कप पानी
  • रुई

उपयोग की विधि:

  • सेब के सिरके को पानी में मिलाएं।
  • फिर इस मिश्रण में रुई को भिगोकर प्रभावित जगह पर लगाएं।
  • इस घरेलू उपचार का उपयोग दिन में दो बार किया जा सकता है।

कैसे है लाभकारी:

कई बार इंफेक्शन के कारण भी चकत्ते हो सकते हैं। ऐसे में सेब का सिरका चकत्ते की समस्या से निजात दिलाने में मदद कर सकता है। एनसीबीआई की ओर से प्रकाशित एक वैज्ञानिक शोध के मुताबिक, सेब का सिरका इन्फेक्शन को दूर करने और घाव होने से बचाने में मदद कर सकता है। इसके लिए इसमें पाया जाने वाला एंटी माइक्रोबियल गुण सहायक हो सकता है। इससे त्वचा पर चकत्ते का इलाज कुछ हद तक किया जा सकता है (7)। ध्यान रहे कि फफोले या बहने वाले घाव पर इसका उपयोग न करें।

3. नारियल तेल

सामग्री:

  • आवश्यकतानुसार नारियल का तेल

उपयोग की विधि:

  • नारियल तेल को हथेली में लेकर चकत्तों से प्रभावित त्वचा पर धीरे-धीरे लगाएं।
  • फिर इसे एक घंटे के लिए छोड़ दें।
  • उसके बाद इसे पानी से धो सकते हैं।
  • इसे दिन में एक बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

नारियल तेल के उपयोग से कई त्वचा संबंधी समस्याओं से निपटा जा सकता है। इनमें एक्जिमा और सोरायसिस मुख्य है। इस तेल को त्वचा पर मॉइस्चराइजर की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, एक्जिमा और सोरायसिस के कारण त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि नारियल तेल चकत्तों से छुटकारा दिला सकता है (8)।

4. एलोवेरा

सामग्री:

  • एलोवेरा जेल आवश्यकतानुसार

उपयोग की विधि:

  • ताजा एलोवेरा जेल को त्वचा पर लगा लें।
  • फिर इसे लगभग 30 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • उसके बाद पानी से धो लें।
  • दिन में एक से दो बार इसे लगा सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

एलोवेरा को त्वचा के लिए लाभकारी माना जा सकता है। यह कई तरह के गुणों से समृद्ध होता है। इसमें त्वचा को मॉइस्चराइज करने वाले और एंटी-एजिंग गुण होते हैं। इन गुणों के कारण एलोवेरा जेल त्वचा को रूखेपन से बचाने में मदद कर सकता है। साथ ही बढ़ती उम्र के साथ होने वाली झुर्रियों को भी दूर रखने में मदद मिल सकती है। त्वचा को मॉइस्चराइज रखने से चकत्ते की समस्या भी दूर रखी जा सकती है, क्योंकि यह समस्या त्वचा में रूखेपन के कारण ही होती है (9)।

5. सेंधा नमक

सामग्री:

  • एक कप सेंधा नमक
  • एक टब पानी

उपयोग की विधि:

  • नमक को पानी में अच्छे से घोल लें।
  • फिर इस घोल से भरे टब में करीब 5 मिनट तक बैठें।
  • इसे हफ्ते में तीन दिन उपयोग किया जा सकता है।

कैसे है लाभकारी:

त्वचा पर चकत्ते का इलाज सेंधा नमक से किया जा सकता है। दरअसल, सेंधा नमक को मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत माना गया है, जो त्वचा में हाइड्रेशन (नमी) को बनाए रखने का काम कर सकता है (10)। साथ ही यह त्वचा संबंधी समस्या को ठीक करने का भी काम कर सकता है। इसके अलावा, चकत्ते के कारण हुई सूजन को भी कम करने का काम कर सकता है (11)। इसका उपयोग संक्रमण के कारण होने वाले रैशेज जैसे – एक्जिमा और एटॉपिक डर्मेटाइटिस (atopic dermatitis) के लिए भी लाभकारी हो सकता है। इसलिए, ऐसा कहा जा सकता है कि सेंधा नमक चकत्ते से छुटकारा दिला सकता है।

6. अरंडी का तेल

सामग्री:

  • दो चम्मच अरंडी का तेल

उपयोग की विधि:

  • अरंडी के तेल को हाथ में लेकर प्रभावित त्वचा पर हल्के हाथों से लगाएं।
  • फिर इसे लगभग 30 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • उसके बाद पानी से त्वचा को धो लें।
  • इस प्रक्रिया को दिन में एक बार कर सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

त्वचा पर अरंडी के तेल का उपयोग करना लाभकारी साबित हो सकता है। यह त्वचा की समस्या को दूर करने में मदद कर सकता है। इसमें सनबर्न, मुंहासे, ड्राई स्किन और स्ट्रेच मार्क्स शामिल हैं। इसके अलावा, यह इंफेक्शन के कारण होने वाली कुछ समस्या को दूर करने का काम कर सकता है। इस तेल में रिसिनालिक एसिड पाया जाता है, जो बैक्टीरिया से लड़कर त्वचा को सुरक्षित रखता है (12)। इस प्रकार कहा जा सकता है कि अरंडी का तेल इस्तेमाल करके चकत्ते की समस्या को कुछ कम किया जा सकता है।

7. हाइड्रोजन पेरोक्साइड

सामग्री:

  • 3% हाइड्रोजन पेरोक्साइड
  • रुई

उपयोग की विधि:

  • हाइड्रोजन पेरोक्साइड को अच्छे से घोलकर उसमें रुई को डुबोएं।
  • फिर रुई के मदद से इसे रैशेज पर लगाएं।
  • इसे लगभग 20 मिनट सूखने दें, फिर पानी से धो लें।
  • इसे दिन में दो बार लगा सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

त्वचा से जुड़े कुछ संक्रमण जैसे – अल्सर के लिए बैक्टीरिया भी जिम्मेदार होते हैं। इनमें से एक समस्या इमपेटिगो (Impetigo) भी है, जिसमें त्वचा पर चकत्ते हो सकते है (3)। ऐसे में हाइड्रोजन पेरोक्साइड का इस्तेमाल कर बैक्टीरिया की समस्या से निजात पाया जा सकता है। इसमें एंटीबैक्टीरिया गुण पाए जाते हैं, जो बैक्टीरिया को दूर करने का काम कर सकते हैं। इससे त्वचा को स्वस्थ रखा जा सकता है (13)।

8. शहद

सामग्री:

  • एक चम्मच शहद
  • दो चम्मच ओलिव ऑयल

उपयोग की विधि:

  • दोनों सामग्रियों को अच्छे से मिला लीजिए।
  • फिर इस मिश्रण को प्रभावित क्षेत्र पर लगाए और एक घंटे के लिए छोड़ दें।
  • उसके बाद पानी से धो लें।
  • इस घरेलू उपचार का इस्तेमाल दिन में एक बार किया जा सकता है।

कैसे है लाभकारी:

जिस तरह शहद का सेवन शरीर के लिए फायदेमंद होता है। उसी तरह इसे त्वचा पर लगाने से त्वचा को लाभ पहुंचा सकता है। शहद में एंटीमाइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो माइक्रोब्स (रोगाणुओं) को दूर रखने का काम कर सकते हैं। इसके अलावा, शहद त्वचा की प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित कर सकता है, जिससे त्वचा को सुरक्षित रखा जा सकता है। यह जानकारी एनसीबीआई की वेबसाइट पर उपलब्ध मेडिकल रिसर्च पेपर में दी गई है। यह रिसर्च जानवरों पर की गई थी (14)।

9. ग्रीन टी

सामग्री:

  • एक चम्मच ग्रीन टी
  • एक कप पानी
  • रुई

उपयोग की विधि:

  • ग्रीन टी को पानी में डालकर लगभग 10 मिनट के लिए गर्म करें।
  • फिर इसे थोडा ठंडा होने दें। उसके बाद चाय में रुई को डुबोकर प्रभावित क्षेत्र पर लगाएं।
  • इसके करीब 30 मिनट बाद त्वचा को पानी से धो लें।
  • इसे दिन में एक बार इस्तेमाल कर सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

ग्रीन टी को पीने के साथ-साथ त्वचा पर लगाने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। इसका एलर्जी के कारण हुए सूजन पर सकारात्मक प्रभाव नजर आ सकता है। यह एलर्जी को भी कुछ हद तक नियंत्रित कर सकता है। साथ ही खुजली और जलन को भी कम किया जा सकता है। इससे चकत्ते की समस्या से भी राहत मिल सकती है (15)।

10. नीम का तेल

सामग्री:

  • एक चम्मच नीम का तेल

उपयोग की विधि:

  • नीम के तेल को हाथ में लेकर सीधे चकत्ते पर लगाएं।
  • फिर इसे 30 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • उसके बाद त्वचा को पानी से धो लें।
  • इसे दिन में एक बार लगाया जा सकता है।

कैसे है लाभकारी:

नीम के तेल को त्वचा के कई रोग से निपटने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह तेल कई औषधि गुणों से भरपूर होता है। इनमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल मुख्य है। ये गुण त्वचा से बैक्टीरिया और फंगस को दूर करने का काम कर सकते हैं। इससे त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने और चकत्ते से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है। इस बात की पुष्टि एनसीबीआई की ओर से प्रकाशित एक शोध में की गई है (16)।

11. अदरक

सामग्री:

  • लगभग एक या दो इंच अदरक
  • एक कप पानी
  • रुई

उपयोग की विधि:

  • अदरक को छोटे-छोटे टुकड़ो में काटकर पानी में डाल लें।
  • फिर पानी को हल्का गर्म कर लें।
  • इसके बाद रुई की मदद से चकत्ते पर लगाएं।
  • उसके बाद लगभग 30 मिनट के लिए छोड़ दें।
  • इस प्रक्रिया को दिन में दो बार उपयोग कर सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

अदरक में जिन्जरोल पाए जाता है, जो बेहतरीन एनाल्जेसिक, एंटीइंफ्लेमेटरी और एंटीमाइक्रोबियल की तरह काम करता है। इसका उपयोग त्वचा पर चकत्ते से जुड़ी जलन और सूजन को कम करने में किया जा सकता है (17), (18)। खासकर, जिन्जरोल में पाया जाने वाला एंटीमाइक्रोबियल गुण त्वचा पर चकत्ते का कारण बनाने वाले बैक्टीरिया को दूर करने का काम कर सकता है (3)। इसलिए, ऐसे में कहा जा सकता है कि अदरक चकत्ते से राहत दिला सकता है।

12. जोजोबा ऑयल

सामग्री:

  • एक चम्मच जोजोबा ऑयल

उपयोग की विधि:

  • जोजोबा तेल को रैशेज से प्रभावित त्वचा पर लगाएं।
  • फिर इसे रात भर के लिए छोड़ दें और अगली सुबह पानी से त्वचा को धो लें।
  • प्रत्येक रात को सोने से पहले इसे लगा सकते हैं।

कैसे है लाभकारी:

एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश एक रिसर्च में बताया गया है कि जोजोबा तेल का उपयोग त्वचा के लिए लाभकारी होता है। दरअसल, जोजोबा में एंटीइंफ्लेमेटरी प्रभाव पाए जाते हैं, जो त्वचा को सूजन, संक्रमण और घाव को भरने में मदद कर सकते हैं। साथ ही इस तेल का इस्तेमाल मॉइस्चराइजिंग क्रीम में भी किया जाता है (19)। वहीं, लेख में ऊपर बताया गया है कि चकत्ते की समस्या इन्फेक्शन के कारण हो सकती है। इसलिए, चकत्ते की समस्या को कुछ हद तक कम करने में जोजाेबा ऑयल काम कर सकता है।

13. गाजर जूस

सामग्री:

  • एक गिलास गाजर का जूस

उपयोग की विधि:

  • गाजर के जूस को ताजा पी लें।
  • इसे दिन में एक गिलास पिया जा सकता है।

कैसे है लाभकारी:

त्वचा पर चकत्ते का इलाज करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपाय में गाजर के रस को भी शामिल किया जा सकता है। गाजर में एंटीबैक्टीरिया, एंटीफंगल, एंटीइंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक प्रभाव पाए जाते हैं। जैसा कि लेख में ऊपर बताया गया है कि बैक्टीरियल और फंगल इन्फेक्शन के कारण त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं। ऐसे में गाजर का रस त्वचा में संक्रमण फैलाने वाले बैक्टीरिया को दूर करने के साथ-साथ चकत्ते से होने वाली सूजन को कम करने का काम कर सकता है (20)। फिलहाल, इस संबंध में सीधे तौर पर कोई वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद नहीं है।

लेख पढ़ते रहें

लेख के अगले भाग में त्वचा पर चकत्ते का इलाज कैसे किया जाए, इसकी जानकारी दे रहे हैं।

त्वचा पर चकत्ते का इलाज – Treatment of Skin Rashes in Hindi

अगर चकत्ते घरेलू उपचार से दूर नहीं होते हैं, तो इसके इलाज में मेडिकल ट्रीटमेंट का भी सहारा लिया जा सकता है। इसके लिए के लिए हम नीचे कुछ उपाय बता रहे हैं। ध्यान रहे कि इन सभी उपचार को डॉक्टर की सलाह पर ही करें (3)।

  • मॉइस्चराइजर– मॉइस्चराइजर के इस्तेमाल से त्वचा में रूखेपन को कम किया जा सकता है। इससे त्वचा को स्वस्थ रखा जा सकता है। ध्यान रहे कि पैराबेन (एक प्रकार का केमिकल) फ्री मॉइस्चराइजर का ही चुनाव करें।
  • लोशन- जब किसी को चकत्ते की समस्या होती है, तो डॉक्टर उन्हें लोशन लगाने की सलाह दे सकते हैं। इससे भी चकत्ते की समस्या को कम किया जा सकता है।
  • सूजन कम करने वाली क्रीम- चकत्ते के कारण त्वचा में सूजन हो जाती है। ऐसे में सूजन कम करने वाले क्रीम के इस्तेमाल करने पर चकत्ते के लक्षण को कम किया जा सकता है।
  • एंटीहिसटामाइन- यह एक तरह की दवाई होती है, जो एलर्जी को दूर करने का काम कर सकती है।
  • खुजली से राहत दिलाने वाली क्रीम– कई बार खुजली के कारण त्वचा पर चकत्ते होने लगते हैं। इसलिए, खुजली से राहत दिलाने वाली क्रीम का उपयोग कर चकत्ते से छुटकारा पाया जा सकता है। खुजली से राहत दिलाने वाली क्रीम की बात की जाए, तो कैलामाइन लोशन भी लाभकारी हो सकता है। यह विशेष रूप से घावों और त्वचा की खुजली से राहत दिलाने के लिए उपयोग किया जाता है।

इस लेख के आगे त्वचा पर चकत्ते से बचाव कैसे किया जाए, इस पर जानकारी देंगे।

त्वचा पर चकत्ते से बचाव  – Prevention Tips for Skin Rashes in Hindi

चकत्ते से बचना आसान है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी होता है, जो इस तरह हो सकते हैं:

  • एंटीबायोटिक साबुन का उपयोग कर इस समस्या से बचा जा सकता है।
  • जो लोग इन्फेक्शन की समस्या से जूझ रहे हैं, उनसें दूर रहें।
  • नियमित रूप से पानी पीकर स्वयं को हाइड्रेट रखे।
  • एक ही कपड़े को ज्यादा दिन तक न पहने।
  • सिंथेटिक कपड़े न पहनें बल्कि सूती कपड़े पहनें।
  • ज्यादा टाइट कपड़े न पहनें बल्कि ढीले-ढाले कपड़ों का चुनाव करें।
  • अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।

बेशक, चकत्ते कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन इनकी अनदेखी जरूर गंभीर रूप ले सकती है। इसलिए, अगर किसी की भी त्वचा पर हल्के-से रैशेज नजर आएं, तो तुरंत ही उसका घरेलू इलाज शुरू कर दें। साथ ही त्वचा को हमेशा साफ-सुथरा और मॉइस्चराइज रखें। वहीं, अगर आपके परिचय में कोई इस बीमारी से ग्रस्त है, तो उसके साथ इस लेख को जरूर शेयर करें। हम आशा करते हैं कि इस लेख में दी गई जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

त्वचा के चकत्ते को ठीक होने में कितना समय लगता है?

चकत्ते की समस्या को पूरी तरह से ठीक होने में दो से चार हफ्ते लग सकते हैं। कई बार यह चकत्ते की गंभीरता पर भी निर्भर करता है।

Sources

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अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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