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उपवास के फायदे और नुकसान – Fasting Benefits and Side Effects in Hindi

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उपवास के फायदे और नुकसान – Fasting Benefits and Side Effects in Hindi Hyderabd040-395603080 November 19, 2019

आपने कभी न कभी उपवास तो जरूर रखा होगा, लेकिन क्या आप उपवास का वैज्ञानिक महत्व जानते हैं? क्या आप जानते हैं कि उपवास किस प्रकार आपके स्वास्थ्य को लाभ पहुंचाता है? बेशक, भारत में उपवास धर्म और आस्था से जुड़ा है, लेकिन धार्मिक महत्व से अलग उपवास के फायदे स्वास्थ्य से भी जुड़े हैं। स्टाइलक्रेज के इस लेख में जानिए स्वास्थ्य के लिए उपवास रखने के फायदे क्या-क्या हैं। साथ ही इस लेख में हम उपवास के प्रकार और इसके कुछ नुकसान से भी आपको अवगत कराएंगे।

उपवास क्‍या है? – What is Fasting in Hindi

सबसे पहले जानते हैं कि उपवास क्या है? अगर बात करें उपवास की परिभाषा की, तो यह हर व्यक्ति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। आमतौर पर उपवास के दौरान व्यक्ति किसी निर्धारित समय के लिए पूर्णतया या कुछ खास भोजन व पेय आदि का त्याग करता है। कभी-कभी व्यक्ति व्रत के दौरान पानी, फल या सिर्फ जूस ही लेते हैं। व्रत की अवधि एक दिन, एक हफ्ते या इससे अधिक भी हो सकती है। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि उपवास न सिर्फ श्रद्धा और भक्ति से जुड़ा होता है, बल्कि इसके स्वास्थ्य लाभ भी कई हैं, जिनके बारे में हम लेख के आगे के भाग में जानकारी देंगे।

इससे पहले कि आप स्वास्थ्य के लिए उपवास रखने के फायदे जानें, उससे पहले हम उपवास के प्रकार के बारे में आपको जानकारी दे देते हैं।

उपवास के प्रकार – Types of Fasting in Hindi

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बात अगर करें उपवास के प्रकार की, तो यह प्रत्ये व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। देखा जाए तो उपवास कई प्रकार के होते हैं, जिनमें से कुछ के बारे में हम नीचे आपको जानकारी दे रहे हैं।

  1. सुबह का उपवास – इस उपवास में सुबह का नाश्ता छोड़कर सिर्फ दो बार का खाना खाया जाता है।
  1. शाम का उपवास – इसमें रात को खाना नहीं खाया जाता है, बल्कि पूरे दिन में बस एक बार ही खाया जाता है।
  1. जूस या रस का उपवास – इसमें व्यक्ति ठोस या भारी पदार्थों का सेवन नहीं करता है। इसमें व्यक्ति सिर्फ फलों के रस का सेवन करता है।
  1. फलाहार उपवास – इसमें व्यक्ति सिर्फ फलों का सेवन करता है।
  1. पानी का उपवास – इस उपवास में व्यक्ति कुछ भी नहीं खा सकता है, वो सिर्फ पानी पी सकता है। इसे पूर्णोपवास और निराहार उपवास कहा जाता है।
  1. दूध का उपवास – इस उपवास में व्यक्ति सिर्फ दूध पी सकता है।
  1. निराहार-निर्जला उपवास – यह उपवास काफी कठिन होता है, क्योंकि इसमें न कुछ खाना होता है और न ही पीना।
  1. नैदानिक उपवास (Diagnostic Fast) – इसमें अगर व्यक्ति किसी प्रकार का मेडिकल टेस्ट कराने जा रहा है और उस टेस्ट में खाली पेट रहने की जरूरत हो, तो यह भी एक तरह का उपवास होता है। इसमें जब तक टेस्ट न हो जाए, तब तक व्यक्ति बिना कुछ खाए-पिए रहता है या व्यक्ति को जब तक खाने-पीने को न कहा जाए तब तक वो नहीं खाता है।
  1. साप्ताहिक उपवास – कुछ लोग हर हफ्ते किसी एक विशेष दिन उपवास करते हैं। यह व्यक्ति पर निर्भर करता है कि उस उपवास के दौरान वो पानी पिएं या फला खाए। ध्यान रहे कि इस दौरान नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
  1. इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) – यह उपवास आजकल काफी प्रचलन में है। यह उपवास वजन कम करने के लिए किया जाता है। इसमें खाने का वक्त या पैटर्न बदला जाता है। इसमें व्यक्ति एक-दो दिन छोड़-छोड़कर उपवास कर सकता है या एक वक्त के खाने को बंद या कम खा सकता है। जिस वक्त आप यह उपवास रख रहे हैं, उस वक्त आप कुछ ठोस खाद्य पदार्थ का सेवन नहीं कर सकते, हां लेकिन पेय पदार्थ जैसे – जूस, कॉफी, चाय व पानी का सेवन कर सकते हैं (1)।

ये तो बस कुछ ही प्रकार के उपवास थे। इसके अलावा भी उपवास के अन्य प्रकार हैं, जिसमें व्यक्ति शुगर या शुगर वाले खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करता है। कुछ उपवास ऐसे होते हैं, जिसमें व्यक्ति उच्च कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों का सेवन बंद कर देता है। कैसा उपवास करना है, यह पूरी तरह से व्यक्ति और उसके शरीर की क्षमता पर निर्भर करता है।

अब बारी आती है उपवास के फायदे जानने की। कुछ लोगों के लिए उपवास के फायदे मतलब भगवान् का आशीर्वाद और उनकी कृपा दृष्टि है। हां, वह तो है ही, लेकिन इसी के साथ यह आपके स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।

उपवास के फायदे – Benefits of Fasting in Hindi

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उपवास के फायदे सिर्फ आपके घर की सुख-शांति नहीं है, बल्कि आपके स्वास्थ्य के लिए भी है। नीचे हम उसी के बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं।

1. उपवास से शरीर को डिटॉक्सीफाई होने में मदद मिलती है

कई बार बाहर का खाना या ज्यादा तेल-मसाले वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से शरीर में विषाक्त तत्व जमा होने लगते हैं। इससे न सिर्फ पेट संबंधी बल्कि कई अन्य परेशानियां जैसे- त्वचा की समस्याएं भी शुरू हो जाती है। ऐसे में शरीर से ये विषैले तत्व निकालना जरूरी होता है। इस स्थिति में अगर उपवास रखा जाए, जिसमें खाद्य पदार्थों के सेवन के बजाय शुद्ध पेय पदार्थों जैसे – फलों का रस, लस्सी व छाछ शामिल हों, तो शरीर को सही तरह से डिटॉक्सीफाई किया जा सकता है, जिससे त्वचा संबंधी परेशानियों से भी राहत मिल सकती है (2)।

2. वजन को कम करने के लिए उपवास

आधे से ज्यादा लोगों की समस्या मोटापा है। ऐसे में अगर वक्त रहते इस पर ध्यान न दिया गया, तो यह कई शारीरिक समस्याओं का कारण बन सकता है। वैसे वजन कम करने के लिए उपवास अच्छा तरीका हो सकता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) आजकल काफी चलन में है। इसके बारे में हमने ऊपर विस्तार से बताया है। यह उपवास वजन कम करने में काफी मददगार साबित हो सकता है। इस उपवास में थोड़े बदलाव होते हैं जैसे – इसमें लोग कुछ घंटों तक उपवास में रहते हैं, वो ठोस पदार्थों की जगह पेय पदार्थों का सेवन करते हैं। इस तरह के उपवास में खाने का वक्त और पैटर्न बदलता है। यह उपवास वजन कम करने में काफी मददगार साबित हो सकता है (1)।

3. पाचन तंत्र के लिए उपवास के फायदे

ज्यादातर लोग भोजन सही से न पचने की समस्या से परेशान रहते हैं। ऐसे में उपवास आपके पाचन तंत्र के लिए भी लाभकारी हो सकता है। उपवास से शरीर के स्वयं के उपचार तंत्र सही से काम करना शुरू कर देते हैं, जिससे शरीर कई तरह की परेशानियों से खुद-ब-खुद लड़ना शुरू कर देता है। एक शोध के अनुसार 62.33% लोगों को उपवास के दौरान अपच की समस्या नहीं हुई, वहीं 27% लोगों की अपच की परेशानी ठीक हो गई। तो अपने पाचन तंत्र को आराम देने के लिए आप उपवास कर सकते हैं (3)।

4. ब्लड प्रेशर के लिए उपवास

जैसे-जैसे मोटापे की समस्या बढ़ती है, वैसे-वैसे अन्य शारीरिक परेशानियां भी होने लगती हैं और उच्च रक्तचाप उन्हीं में से एक है। ब्लड प्रेशर की समस्या आजकल कई लोगों में सुनने को मिल सकती है। ऐसे में अगर वक्त रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह हृदय संबंधी कई समस्याओं का कारण भी बन सकता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि उपवास उच्च रक्तचाप की समस्या से काफी हद तक राहत दिला सकता है। जैसा कि हमने आपको ऊपर अनिरंतर उपवास (Intermittent Fasting) के बारे में बताया, जिसमें आमतौर पर 16 घंटे का उपवास और 8 घंटे खाने की सलाह दी जाती है, काफी लाभकारी साबित हो सकता है। इस उपवास से कई शारीरिक समस्या से राहत मिल सकती है, जिसमें से उच्च रक्तचाप भी एक है। इस उपवास को सही तरीके से करने से उच्च रक्तचाप की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है और व्यक्ति का ब्लड प्रेशर नियंत्रित हो सकता है (4)।

5. कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए उपवास

जैसा कि हमने ऊपर आपको जानकारी दी कि आजकल लोगों में अनिरंतर उपवास (Intermittent Fasting) का चलन है। इस उपवास से लोगों को वजन कम करने में काफी मदद मिल रही है (1)। अब जब मोटापा या वजन कम होगा, तो कई बीमारियों का खतरा भी कम हो सकता है। ऐसे में कोलेस्ट्रॉल भी कई बार चिंता का कारण बन जाता है। इसके बढ़ने से हृदय संबंधी परेशानियां एवं अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी हो सकती है। ऐसे में उपवास करने से टोटल कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित किया जा सकता है। उपवास के दौरान एचडीएल (HDL) यानी अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, इस पर अभी और शोध की आवश्यकता है, लेकिन हम यह मान सकते हैं कि कम से कम उपवास से हानिकारक कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल (LDL) को थोड़ा-बहुत कम करने में मदद मिल सकती है (5)।

6. त्वचा के लिए उपवास

कई बार सिर्फ क्रीम और कॉस्मेटिक का ही नहीं, बल्कि खान-पान का असर भी त्वचा पर होने लगता है। ज्यादा तेल-मसाले या बाहरी खाने के सेवन का असर त्वचा व चेहरे पर दिखने लगता है, नतीजा कील-मुंहासे और दाग-धब्बे। ऐसे में उपवास काफी लाभकारी हो सकता है। हमने ऊपर आपको पहले ही बता दिया है कि उपवास रखने से शरीर को डिटॉक्सीफाई होने में मदद मिल सकती है (2)। जब शरीर डिटॉक्सीफाई होगा, तो शरीर में मौजूद विषाक्त तत्व बाहर निकलेंगे, जिससे त्वचा में नई चमक आएगी और त्वचा खूबसूरत दिखने लगेगी। इसके साथ-साथ उपवास के दौरान फलों और शुद्ध-प्राकृतिक पेय पदार्थों का सेवन त्वचा स्वास्थ्य में लाभदायक भूमिका निभा सकते हैं।

7. मानसिक और भावनात्मक लाभ के लिए उपवास

उपवास का असर सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है। उपवास करने से एकाग्रता में सुधार होता है, किसी भी काम में ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है, चिंता-तनाव और अनिद्रा जैसी समस्या दूर हो सकती है (3)।

अब जब उपवास के बारे में इतनी चीजें आप जान गए हैं, तो अब वक्त आता है यह जानने का कि उपवास में किन चीजों का सेवन किया जा सकता है। हम नीचे विस्तार से इस बारे में आपको जानकारी दे रहे हैं।

उपवास में क्या खाना चाहिए – What to eat during Fasting in Hindi

अगर बात करें खाने की, तो यह इस पर निर्भर करता है कि व्यक्ति किस प्रकार का उपवास कर रहा है। हम नीचे कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं, जिसका सेवन उपवास के दौरान किया जा सकता है। इनसे आपके शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व मिल सकेंगे, जिससे उपवास के दौरान आपको किसी भी तरह की परेशानी का जोखिम कम हो सकता है।

अगर आप पहली बार उपवास कर रहे हैं, तो आप आंशिक उपवास से शुरुआत कर सकते हैं। इसमें एक निर्धारित वक्त तक के लिए कुछ खास तरह के खाद्य पदार्थों से दूरी बनाई रखनी होती है। इस दौरान फल, फलों के रस या हल्के-फुल्के खाद्य पदार्थों का सेवन किया जा सकता है, जैसे :

  • उपवास के दौरान तले-भूने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
  • रसदार फलों का सेवन करें।
  • ड्राई फ्रूट्स का सेवन कर सकते हैं।
  • दूध का सेवन कर सकते हैं।
  • फलों के जूस का सेवन कर सकते हैं।
  • अगर आप नमक नहीं खा रहे हैं, तो हरी सब्जियों को बिना नमक के पकाकर खा सकते हैं।
  • अगर आप निर्जला उपवास नहीं रख रहे हैं, तो दूध को अपने आहार में शामिल कर सकते हैं । अगर दूध नहीं पसंद, तो चाय या कॉफी का सेवन कर सकते हैं। ध्यान रहे कि अगर आपको एसिडीटी या गैस की समस्या है, तो खाली पेट चाय या कॉफी पीने से बचें ।

नोट : ऊपर बताए गए खाद्य पदार्थ उपवास रखने वाले व्यक्ति के लिए विकल्प के रूप में हैं। व्यक्ति उपवास के प्रकार के अनुसार इन्हें बदल सकता है।

उपवास रखने के फायदे और उपवास में क्या खाना चाहिए, इस बारे जानने के बाद अब बारी आती है उपवास में परहेज के बारे में जानने की।

उपवास में परहेज – What to Avoid During Fasting in Hindi

लेख के इस भाग में बताए गए परहेजों पर ध्यान दें और ज्यादा से ज्यादा उसका पालन करने की कोशिश करें, ताकि आपको पूरी तरह से उपवास के फायदे मिल सकें।

  • उपवास के पहले आप अपने आपको शारीरिक और मानसिक तौर पर तैयार करें। वजन कम करने के लिए किए गए उपवास और धार्मिक उपवास में काफी अंतर होता है। दोनों ही तरह के उपवास के लिए आप अपने मन और शरीर को पहले से तैयार करें और आप किस कारण या किस लक्ष्य के लिए उपवास कर रहे हैं उस बारे में पहले से ही तय कर लें। कई धार्मिक उपवास के दौरान कुछ रोजमर्रा के सामान्य कार्यों में बदलाव भी करने पड़ते हैं, तो उसके लिए भी तैयार रहें।
  • अगर आप पहली बार उपवास कर रहे हैं, तो छोटे या कम वक्त के उपवास से शुरुआत करें। बड़े या लंबी अवधी के उपवास से बचें।
  • उपवास से पहले सही और पौष्टिक भोजन करें, ताकि उपवास के दौरान आपको कोई परेशानी न हो। ध्यान रहे कि आप एक बार में ज्यादा खाने से बचें।
  • उपवास के दौरान ज्यादा कठिन व्यायाम या ज्यादा देर तक व्यायाम करने से बचें, क्योंकि इस दौरान आपके शरीर को एनर्जी की जरूरत होती है और व्यायाम करने से आपके शरीर में ऊर्जा की कमी हो सकती है। इससे आपको थकावट और कमजोरी भी महसूस हो सकती है।
  • अगर आपको स्वास्थ्य संबंधी समस्या है या आप कोई दवा ले रहे हैं, तो उपवास न करें।
  • उपवास के दौरान पौष्टिक तत्व वाले आहार लें, जैसे – फल, फलों का रस, दूध इत्यादि।
  • उपवास के बाद जाहिर सी बात है ज्यादा भूख लग सकती है। ऐसे में उपवास तोड़ते वक्त या उपवास खत्म होने के तुरंत बाद कुछ भारी आहार या ज्यादा खाना न खाएं। संतुलित मात्रा में पौष्टिक आहार लें।

अगर उपवास को सही तरीके से नहीं किया जाए, तो उपवास के नुकसान भी हो सकते हैं, जिसके बारे में हम लेख के इस भाग में आपको जानकारी दे रहे हैं।

उपवास के नुकसान – Side Effects of Fasting in Hindi

नीचे जानिए सही तरीके से उपवास न करने के नुकसान।

  • अगर उपवास के दौरान सही पौष्टिक तत्व युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करते हैं, तो आपको डिहाइड्रेशन, चक्कर व कमजोरी जैसी स्वास्थ्य समस्या हो सकती है।
  • अगर आप लंबी अवधि तक का उपवास करते हैं, तो आपको एनीमिया भी हो सकता है (6)।
  • उपवास के बाद तुरंत भारी खाने से आपको पेट संबंधी समस्या भी हो सकती है।
  • कुछ लोगों को भूखे रहने से चिड़चिड़ापन या गुस्सा आने की भी शिकायत हो सकती है।
  • ज्यादा देर भूखे रहने से सिरदर्द व शरीर में समस्या हो सकती है। 

ऊपर उपवास रखने के फायदे जानने के बाद आपको इतना तो पता चल ही गया होगा कि इससे न सिर्फ मन को शांति मिलती है, बल्कि आपका स्वास्थ्य भी सुधर सकता है। यहां हम एक बात साफ कर देना चाहते हैं कि हम आपको लंबे समय तक के उपवास के लिए प्रोत्साहित नहीं कर रहे हैं, क्योंकि इससे लाभ के बजाय हानि भी हो सकती है। उपवास के फायदे तभी मिलेंगे जब आप इसे सही तरीके से और अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर करेंगे। उपवास के दौरान आप पर्याप्त मात्रा में पानी, जूस और फलों का सेवन करें, ताकि आप उपवास के नुकसान से बच सकें। अगर आपको किसी प्रकार की शारीरिक समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही उपवास करें। अगर इस विषय में आपका कोई सवाल या सुझाव है, तो नीचे कमेंट बॉक्स में हमारे साथ जरूर साझा करें। साथ ही अगर आपको भी उपवास के प्रकार या इस विषय के संबंध में कोई अनुभव या जानकारी है, तो उसे भी हमारे साथ शेयर करें।

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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