यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण, कारण और घरेलू उपाय : Home Remedies for Uric Acid In Hindi

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स्वस्थ शरीर और बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या अत्यधिक आवश्यक है। इस मामले में की जाने वाली जरा-सी लापरवाही धीरे-धीरे व्यक्ति को कई शारीरिक समस्याओं की गिरफ्त में लाकर खड़ा कर देती है। इन्हीं समस्याओं में से एक है, यूरिक एसिड। हालांकि, इस समस्या से उबरना इतना भी मुश्किल नहीं। जरूरत है, तो बस यूरिक एसिड सिम्पटम्स को समझ यूरिक एसिड का इलाज करने की। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम यूरिक एसिड डायट के साथ यूरिक एसिड का घरेलू इलाज कैसे करें, इस बारे में बताने जा रहे हैं। हालांकि, आपको ध्यान रखना होगा कि कोई भी घरेलू इलाज समस्या में सिर्फ राहत दिला सकता है। पूर्ण इलाज डॉक्टरी परामर्श पर ही निर्भर करता है।

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तो आइए, लेख में आगे बढ़कर सबसे पहले हम यूरिक एसिड क्या है? यह जान लेते हैं।

यूरिक एसिड क्या है? – What is Uric Acid in Hindi?

कुछ विशेष खाद्य पदार्थ (जैसे :- सूखे सेम, मटर, मांस – लिवर, मछली – एन्कोवीज और मैकेरल, पेय – बियर) में प्यूरिन्स (Purines) नाम का एक तत्व अधिक पाया जाता है। हम जब इन खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, तो इनके पाचन के दौरान यूरिक एसिड नाम का एक रसायन पैदा होता है। आमतौर पर यह रसायन खून में घुलकर किडनी में पहुंचता है। यहां किडनी इसे अलग कर मूत्र के माध्यम से शरीर के बाहर निकाल देती है। वहीं, अगर यह रसायन शरीर में अधिक मात्र में बनने लगता है और किडनी उसे पूरी तरह से शरीर के बाहर नहीं निकाल पाती है, तो इसे ही यूरिक एसिड की समस्या कहते हैं। मेडिकल टर्म में अत्यधिक यूरिक एसिड की उपस्थिति हाइपरयूरिसेमिया (hyperuricemia) कहलाती है (1)। वहीं, हाइपरयूरिसेमिया के कारण ही गाउट (गठिया का एक प्रकार) जैसी गंभीर समस्या होती है (2)।

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यूरिक एसिड क्या है? जानने के बाद अब हम यूरिक एसिड बढ़ने के कारण जानने का प्रयास करेंगे।

यूरिक एसिड बढ़ने के कारण – High Uric Acid Causes in Hindi

निम्न बिंदुओं के माध्यम से यूरिक एसिड बढ़ने के कारण आसानी से समझे जा सकते हैं (1)।

  • एसिडोसिस (खून में एसिड की अधिकता)
  • अधिक शराब का सेवन
  • कीमोथेरेपी (कैंसर के इलाज की प्रक्रिया) के दुष्प्रभाव
  • डिहाइड्रेशन, खासकर मूत्रवर्धक दवाओं के उपयोग से
  • डायबिटीज
  • अत्यधिक व्यायाम
  • हाइपोथायरायडिज्म (पैराथायराइड हार्मोन की कमी)
  • लेड पॉइजनिंग (शरीर में लेड की अधिकता)
  • ल्यूकेमिया (ब्लड कैंसर)
  • मेड्यूलरी सिस्टिक किडनी डिजीज (किडनी में सिस्ट जमा होना)
  • पॉलीथेमिया वेरा (ब्लड कैंसर का एक प्रकार)
  • प्यूरिन से भरपूर खाद्य का सेवन
  • रेनल फेलियर (किडनी का काम न करना)
  • टॉक्सेमिया ऑफ प्रेगनेंसी (गर्भावस्था में अधिक ब्लड प्रेशर की स्थिति)

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लेख के अगले भाग में अब हम आपको यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण बताएंगे।

यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण – High Uric Acid Symptoms in Hindi

यूरिक एसिड बढ़ने की स्थिति में निम्न यूरिक एसिड सिम्पटम्स देखे जा सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं (2):

  • जोड़ों में दर्द
  • जोड़ों में सूजन
  • जोड़ों के ऊपरी त्वचा पर लाली आना
  • जोड़ों का गर्म महसूस होना

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यूरिक एसिड सिम्पटम्स के बाद अब हम यूरिक एसिड के घरेलू उपचार के बारे में जानेंगे।

यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के घरेलू उपाय (Home Remedies for High Uric Acid Treatment in Hindi)

यहां हम यूरिक एसिड के घरेलू उपचार के तौर पर इस्तेमाल में लाई जाने वाली चीजों के बारे में क्रमवार जानने का प्रयास करेंगे, जो कुछ इस प्रकार हैं:

1. पानी

सामग्री :

  • एक गिलास पानी

कैसे इस्तेमाल करें :

  • यूरिक एसिड से राहत पाने के लिए सीधे पानी को पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • दिन भर में करीब आठ से दस गिलास पानी पीने की सलाह दी जाती है।

कैसे है लाभदायक :

पानी की मदद से यूरिक एसिड का घरेलू इलाज किया जा सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) के एक शोध से यह बात प्रमाणित होती है। शोध में माना गया है कि अच्छी मात्रा में पानी पीने से शरीर में यूरिक एसिड की सांद्रता (concentration) को कम करने में मदद मिल सकती है। इससे यूरिक एसिड के कारण होने वाले गठिया के जोखिम से बचा जा सकता है (3)। इस आधार पर पानी को यूरिक एसिड की रामबाण दवा के रूप में इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

2. सेब का सिरका

सामग्री :

  • दो चम्मच सेब का सिरका
  • एक गिलास पानी

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एक गिलास पानी में दो चम्मच सेब का सिरका मिलाएं।
  • अब इस मिश्रण को पी जाएं।
  • इसे दिन में करीब दो से तीन बार पीने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

गठिया से संबंधित एक शोध में माना गया है कि इस समस्या का मुख्य कारण यूरिक एसिड ही है। यूरिक एसिड की बड़ी हुई मात्रा के कारण जोड़ों के बीच में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जमा होने लगते हैं। इस वजह से गाउट जैसी समस्या होती है। वहीं, शोध में यह भी माना गया है कि सेब का सिरका गठिया की समस्या में राहत पहुंचाने का काम कर सकता है (4)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि सेब के सिरके के उपयोग से यूरिक एसिड का आयुर्वेदिक इलाज किया जा सकता है।

3. बेकिंग सोडा

सामग्री :

  • आधा चम्मच बेकिंग सोडा
  • एक गिलास पानी

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एक गिलास पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं।
  • जब यह पानी में अच्छी तरह मिल जाए, तो इसे पी लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में करीब दो बार तक दोहराया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

बेकिंग सोडा को भी यूरिक एसिड की रामबाण दवा माना गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक बेकिंग सोडा को भी गठिया की समस्या में मददगार माना जाता है। चूंकि गठिया का मुख्य कारण यूरिक एसिड ही है। इसलिए, इसे भी यूरिक एसिड को कम करने में मददगार माना जा सकता है। यह शरीर में अल्कलिनिटी बढ़ाकर यूरिक एसिड को मूत्र में मिलाने का काम कर सकता है। इससे बढ़ा हुआ यूरिक एसिड मूत्र के साथ शरीर से बाहर चला जा सकता है (4)। इस आधार पर बेकिंग सोडा को यूरिक एसिड का घरेलू इलाज माना जा सकता है। इसके लिए एक गिलास पानी में करीब आधा चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर लिया जा सकता है।

4. अजवाइन

सामग्री :

  • दो चम्मच अजवाइन
  • एक गिलास पानी

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एक गिलास पानी में दो चम्मच अजवाइन डालकर रात भर के लिए रख दें।
  • सुबह होने पर इस पानी को छान कर अलग कर लें और पी जाएं।
  • बेहतर प्रभाव के लिए इस प्रक्रिया को रोजाना इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

अजवाइन से भी यूरिक एसिड का आयुर्वेदिक इलाज संभव है। इसका उपयोग कर बढ़े हुए यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। किडनी से संबंधित खरगोश पर किए गए एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है। शोध में माना गया कि अजवाइन का अर्क शरीर में एंटीऑक्सीडेंट क्षमता को बढ़ाने के साथ ही यूरिक एसिड को कम करने में भी मददगार हो सकता है (5)।

5. नींबू

सामग्री :

  • आधा नींबू
  • एक गिलास गुनगुना पानी

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एक गिलास गुनगुने पानी में नींबू का रस मिलाएं और इसे पी जाएं।
  • इस प्रक्रिया को दिन में एक से दो बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

यूरिक एसिड का घरेलू इलाज नींबू से भी संभव है। इसके लिए पानी में नींबू का रस मिलाकर सेवन करने की सलाह दी जाती है। दरअसल, चूहों पर आधारित एनसीबीआई के एक शोध में इस बात को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि नींबू के अर्क में मौजूद साइट्रिक एसिड, यूरिक एसिड को कम करने का काम कर सकता है। इस वजह से पानी के साथ नींबू का उपयोग करने से यूरिक एसिड की समस्या में राहत पाई जा सकती है (6)। इस आधार पर कहना गलत नहीं होगा कि यूरिक एसिड में नींबू फायदेमंद साबित हो सकता है।

6. अल्फा-अल्फा

सामग्री :

  • एक चम्मच अल्फा-अल्फा चूर्ण
  • एक गिलास गुनगुना पानी

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एक गिलास गुनगुने पानी में अल्फा-अल्फा चूर्ण को मिलाएं और इसे पी लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में दो से तीन बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

अल्फा-अल्फा एक प्रकार का पौधा है, जिसे यूरिक एसिड की समस्या में एक औषधि के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है। इस बात की पुष्टि अल्फा-अल्फा के औषधीय गुणों से संबंधित एक शोध से होती है। शोध में माना गया है कि अल्फा-अल्फा की पत्तियों के अर्क का सेवन करने से शरीर में यूरिक एसिड बनने की तीव्रता कम होती है (7)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि यूरिक एसिड का आयुर्वेदिक इलाज करने में यह पौधा कारगर साबित हो सकता है।

7. जैतून का तेल

सामग्री :

  • आधा छोटा चम्मच जैतून का तेल

कैसे इस्तेमाल करें :

  • सलाद पर ड्रेसिंग के लिए, ब्रेड को भूनने के लिए या फिर खाना बनाने में इसे उपयोग किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

खाने में जैतून का तेल उपयोग में लाने से भी यूरिक एसिड की समस्या में राहत मिल सकती है। चूहों पर आधारित किडनी स्टोन से संबंधित एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है। शोध में पाया गया कि उपचार के तौर पर जैतून के तेल का सेवन करने से यूरिक एसिड को कम करने में मदद मिल सकती है (8)। इस तथ्य को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि जैतून के तेल का उपयोग यूरिक एसिड के जोखिम को कम करने में मददगार साबित हो सकता है।

8. अलसी

सामग्री :

  • एक चम्मच अलसी पाउडर
  • एक गिलास गुनगुना पानी

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एक चम्मच अलसी का चूर्ण फांककर ऊपर से गुनगुना पानी पी लें।
  • इस प्रक्रिया को सप्ताह में दो से तीन बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

यूरिक एसिड का आयुर्वेदिक इलाज करने के लिए अलसी के बीज भी काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं। अमेरिका के ह्यूमन न्यूट्रिशन रिसर्च सेंटर द्वारा चूहों पर किए गए एक शोध में भी इस बात को स्वीकार किया गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि अलसी के बीज का इस्तेमाल करने से कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लीसिराइड और यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है (9)। इस आधार पर कहना गलत नहीं होगा कि अलसी का सेवन यूरिक एसिड के जोखिम को कम करने में कारगर साबित हो सकता है। हालांकि, यह किस प्रकार यह काम करता है, इसे लेकर फिलहाल और शोध की आवश्यकता है।

9. आंवला

सामग्री :

  • एक चम्मच आंवला चूर्ण
  • एक गिलास गुनगुना पानी

कैसे इस्तेमाल करें :

  • आंवला चूर्ण को फांककर ऊपर से गुनगुना पानी पी लें।
  • इस प्रक्रिया को प्रतिदिन एक बार इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

यूरिक एसिड की समस्या में भी आंवला का सेवन लाभदायक साबित हो सकता है। यह बात एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक जर्नल से होती है। शोध में जिक्र मिलता है कि आंवला का सेवन यूरिक एसिड को कम कर सकता है, जिससे गठिया की समस्या में राहत मिल सकती है (10)। हालांकि, इसकी कार्यप्रणाली को लेकर अभी और अध्ययन की जरूरत है।

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10. अश्वगंधा

सामग्री :

  • एक चम्मच अश्वगंधा पाउडर
  • एक चम्मच शहद
  • एक गिलास गुनगुना दूध

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एक चम्मच शहद में अश्वगंधा चूर्ण मिलाएं और इसे गुनगुने दूध के साथ लें।
  • इस प्रक्रिया को हफ्ते में करीब दो से तीन बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है फायदेमंद :

यूरिक एसिड की अधिकता के कारण होने वाली गठिया की समस्या में अश्वगंधा सकारात्मक प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है। तमिलनाडु के वेल्लोर इंस्टीट्यूट टेक्नोलॉजी द्वारा किए गए चूहों पर आधारित एक शोध से यह बात स्पष्ट होती है। शोध में यूरेट क्रिस्टल (यूरिक एसिड के क्रिस्टल) द्वारा प्रभावित चूहों पर अश्वगंधा के प्रयोग से उनकी स्थिति में सुधार पाया गया (11)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि अश्वगंधा के प्रयोग से बढ़े हुए यूरिक एसिड के कारण होने वाली समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

11. प्याज

सामग्री :

  • दो प्याज के टुकड़े
  • एक गिलास पानी

कैसे इस्तेमाल करें :

  • प्याज के टुकड़ों को बारीक काटकर पानी के साथ मिक्सर में डालें और अच्छे से पीस लें।
  • अब तैयार प्याज के रस को छानकर गिलास में अलग कर लें।
  • इस रस को दिन में एक बार पीने के लिए इस्तेमाल में लाएं।
  • इस प्रक्रिया को दिन में एक बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

यूरिक एसिड की समस्या से ग्रस्त लोगों के लिए प्याज का सेवन उपयोगी साबित हो सकता है। इस बात का प्रमाण तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज द्वारा किए गए एक शोध से मिलता है। शोध में माना गया कि प्याज में हाइपोयूरीसेमिक (यूरिक एसिड को कम करने वाला) प्रभाव पाया जाता है। इस प्रभाव के कारण प्याज का सेवन बढ़े हुए यूरिक एसिड को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है (12)।

12. पपीता

सामग्री :

  • एक कप कटा हुआ पपीता
  • एक चुटकी काला नमक (स्वाद के लिए)

कैसे इस्तेमाल करें :

  • पपीते के टुकड़ों पर काला नामक डालकर इसे सीधे खाने के लिए इस्तेमाल में लाएं।
  • इसे दिन में एक बार खाने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

पपीते का उपयोग करके भी यूरिक एसिड की समस्या में राहत पाई जा सकती है। इस बात को पपीते से संबंधित एनसीबीआई के एक शोध में भी माना गया है। शोध में जिक्र मिलता है कि पपीता में नेफ्रोप्रोटेक्टिव (किडनी को सुरक्षा देने वाला) गुण पाया जाता है। साथ ही यह भी माना गया कि इसके सेवन से क्रिएटिनिन (मांसपेशियों के उपापचय के दौरान निकलने वाला वेस्ट), यूरिक एसिड और यूरिया के स्तर में भी कमी आती है (13)। इस आधार पर यूरिक एसिड ट्रीटमेंट में पपीता फायदेमंद माना जा सकता है।

13. ब्लैक चेरी

सामग्री :

  • एक कप ब्लैक चेरी
  • आधा कप पानी

कैसे इस्तेमाल करें :

  • मिक्सर में ब्लैक चेरी और पानी डालकर इसे अच्छे से पीस लें।
  • अब तैयार जूस को सूती के कपड़े की सहायता से छानकर गिलास में अलग कर लें।
  • इसे दिन में एक बार पीने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

एनसीबीआई के एक शोध में माना गया कि चेरी या चेरी जूस यूरिक एसिड को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं। इतना ही नहीं, इनमें एंथोसाईनिंस नाम का खास तत्व प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता है। इसके कारण चेरी में एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन कम करने वाला) और एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) गुण पाए जाते हैं। यह गुण गठिया के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द और सूजन को कम करने में भी मदद कर सकते हैं (14)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि ब्लैक चेरी ही क्या सभी तरह की चेरी या चेरी का जूस यूरिक एसिड से राहत दिलाने में कारगर साबित हो सकते हैं।

14. बथुआ

सामग्री :

  • 100 ग्राम बथुआ का साग
  • आधा कप पानी
  • एक चुटकी काला नमक (स्वाद के लिए)

कैसे इस्तेमाल करें :

  • मिक्सर में पानी और बथुआ डालकर अच्छे से पीस लें।
  • अब तैयार रस को सूती कपड़े की सहायता से छानकर गिलास में अलग कर लें।
  • अब इसमें एक चुटकी काला नमक मिलाएं और पी जाएं।
  • इसे हफ्ते में दो से तीन बार तक इस्तेमाल किया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

यूरिक एसिड के घरेलू उपाय के तौर पर बथुआ की पत्तियों यानी साग को भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है। इस बात की पुष्टि किडनी स्टोन के इलाज से संबंधित बथुआ पर किए गए एक शोध से होती है। शोध में पाया गया कि बथुआ के अर्क के सेवन से मूत्र में कैल्सियम, फास्फोरस, यूरिया, क्रिएटिनिन और यूरिक एसिड की मात्रा कम हो सकती है। वहीं, इसमें एंटीलीथिएटिक (किडनी स्टोन हटाने वाला) गुण भी पाया जाता है (15)। इस आधार पर माना जा सकता है कि बथुआ का सेवन यूरिक एसिड और उसके कारण होने वाले जोखिम को कम करने में सहायक साबित हो सकता है।

15. चुकंदर

सामग्री :

  • चार मध्यम आकार के कटे हुए चुकंदर
  • आधा कप पानी
  • एक चुटकी काला नमक
  • दो से चार नींबू

कैसे इस्तेमाल करें :

  • सबसे पहले चुकंदर के टुकड़ों को पानी के साथ मिक्सर में डालें।
  • अब इसे अच्छे से पीस लें।
  • अच्छे से पीसने के बाद तैयार रस को छानकर गिलास में अलग कर लें।
  • अब तैयार रस में थोड़ा सा नमक और कुछ बूंद नींबू का रस मिलाएं और पी जाएं।
  • इसे प्रतिदिन पीने के लिए इस्तेमाल में लाया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

चुकंदर को भी यूरिक एसिड की समस्या में उपयोगी माना जाता है। ब्लड कैंसर से संबंधित एक शोध में इस बात का साफ जिक्र मिलता है। शोध में पाया गया कि चुकंदर और गाजर का जूस किडनी की कार्यप्रणाली को सुधारने के साथ ही बढ़े हुए यूरिक एसिड को कम करने का भी काम कर सकता है (16)। इस तथ्य को देखते हुए कहना गलत नहीं होगा कि चुकंदर का सेवन कर यूरिक एसिड ट्रीटमेंट में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसकी कार्यप्रणाली को लेकर अभी और शोध की आवश्यकता है।

16. इलायची

सामग्री :

  • दो चुटकी इलायची चूर्ण
  • एक गिलास पानी

कैसे इस्तेमाल करें :

  • एक गिलास पानी में इलायची चूर्ण मिलाकर पीने के लिए इस्तेमाल में लाएं।
  • इस प्रक्रिया को दिन में एक बार दोहराया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

यूरिक एसिड की आयुर्वेदिक दवा के रूप में इलायची का सेवन किया जा सकता है। डायबिटिक चूहों पर आधारित एक शोध से यह बात साबित होती है। शोध में माना गया कि इलायची न केवल व्यक्ति की संपूर्ण लिपिड प्रोफाइल को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है, बल्कि यूरिक एसिड को कम करने में भी अहम भूमिका निभा सकती है (17)।

17. नारियल पानी

सामग्री :

  • एक कच्चा नारियल

कैसे इस्तेमाल करें :

  • नारियल को छीलकर या छिलवाकर इसके पानी को पिएं।
  • इसे सप्ताह में करीब दो से तीन बार तक पिया जा सकता है।

कैसे है लाभदायक :

घरेलू तौर पर यूरिक एसिड ट्रीटमेंट के लिए नारियल पानी को उपयोग में लाना भी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, नारियल पानी में लिथोट्रिप्टिक (lithotriptic) यानी मूत्राशय की पथरी से बचाने वाला प्रभाव पाया जाता है। इस प्रभाव के साथ ही यह बढ़े हुए यूरिक एसिड को भी नियंत्रित करने में मदद कर सकता है (18)।

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लेख के अगले भाग में हम जानेंगे कि यूरिक एसिड बढ़ने से क्या होता है।

यूरिक एसिड बढ़ने से क्या होता है – High Uric Acid Complications in Hindi

सामान्य तौर पर यूरिक एसिड बढ़ने के कारण स्वास्थ्य संबंधी निम्न समस्याओं के होने की आशंका बढ़ जाती है, जो कुछ इस प्रकार हैं (19) :

  • डिसग्लाइसेमिया (अनियंत्रित ब्लड शुगर)
  • डिसलिपिडेमिया (खून में नियंत्रित लिपिड की उपस्थिति)
  • सेंट्रल ओबेसिटी (पेट पर अत्यधिक चर्बी)
  • असामान्य ब्लड प्रेशर
  • गठिया
  • हृदय संबंधित विकार

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लेख के अगले भाग में अब हम आपको यूरिक एसिड कम करने के उपाय के बारे में जानकारी देंगे।

यूरिक एसिड कम करने के उपाय – Other useful tips for prevention of uric acid

लेख के इस भाग में हम यूरिक एसिड को नियंत्रित करने के उपायों के साथ यूरिक एसिड में क्या नहीं खाना चाहिए और यूरिक एसिड में परहेज से जुड़ी जानकारी हासिल करेंगे, जो कुछ इस प्रकार हैं (3) :

क्या करें और क्या खाएं :

  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • ज्यादा से ज्यादा पानी का सेवन करें।
  • फाइबर से भरपूर और कम प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे :- मटर, सेम, दाल, शतावरी, पालक और मशरूम) को संतुलित मात्रा में इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • नियमित वसा रहित दूध (मलाई निकला हुआ) का सेवन करें।
  • फल, अनाज, फलियां और सब्जियां आहार में जरूर शामिल करें।
  • तनाव को खुद से दूर रखें और खुश रहने का प्रयास करें।

क्या न खाएं :

  • अधिक प्यूरीन वाले खाद्य पदार्थ (जैसे :- सूखे सेम, मटर, मांस – लिवर, मछली – एन्कोवीज और मैकेरल) का सेवन बिल्कुल भी न करें (1)।
  • मीठे खाद्य पदार्थ का सेवन करने से बचें (3)।
  • सोयाबीन का सेवन आहार में बिल्कुल न करें (3)।
  • चाय का सेवन करने से बचें।
  • शराब या बियर के सेवन से बचें (3) (1)।

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यूरिक एसिड डाइट के बाद लेख के अगले भाग में अब हम जानेंगे कि यूरिक एसिड के मामले में डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए।

डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए? – When to Contact a Doctor?

जोड़ों में दर्द, सूजन, लाली और गर्माहट बढ़े हुए यूरिक एसिड के लक्षण हैं। अगर ये लक्षण लगातार बने रहते हैं और जोड़ों में दर्द अधिक हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से परामर्श ले लेना चाहिए।

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लेख के अगले भाग में अब हम यूरिक एसिड टेस्ट के विषय में बात करेंगे।

यूरिक एसिड बढ़ने पर जांच – Diagnosis of High Uric Acid in Hindi

यूरिक एसिड टेस्ट के लिए डॉक्टर खून की जांच कराने की सलाह दे सकता है, जिसके माध्यम से खून में उपस्थित यूरिक एसिड की मात्रा का आकलन किया जाता है। सामान्य तौर पर खून में यूरिक एसिड 3.5 से 7.2 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर होनी चाहिए। यूरिक एसिड की जांच के लिए यूरिक एसिड टेस्ट करने वाला मरीज के हाथ से खून का नमूना निकाल सकता है (1)।

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यूरिक एसिड टेस्ट के बाद अब हम यूरिक एसिड का इलाज जानने का प्रयास करेंगे।

यूरिक एसिड बढ़ने का इलाज – Medical Treatments for High Uric Acid

निम्न बिंदुओं के माध्यम से हम यूरिक एसिड का इलाज करने की प्रक्रिया को समझ सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार है (2):

  • दर्द का उपचार : यूरिक एसिड के कारण होने वाले जोड़ों में दर्द को दूर करने के लिए डॉक्टर सूजन कम करने वाली दवा (जैसे- आईब्रूफेन) लेने की सलाह दे सकते हैं।
  • भविष्य के जोखिम को कम करने के लिए : इस प्रक्रिया में डॉक्टर मरीज को आहार और जीवन शैली में बदलाव करने की सलाह दे सकता है। इन बदलावों में वजन कम करना, शराब कम करना, प्यूरिन से भरपूर खाद्य पदार्थ न लेना जैसी बातें शामिल हैं।
  • जोड़ों में यूरिक एसिड के जमाव या किडनी स्टोन के लिए : जोड़ों में यूरिक एसिड के जमाव या किडनी स्टोन से राहत पाने के लिए डॉक्टर यूरिक एसिड की दवा लेने की सलाह दे सकता है। इन दवाओं में एल्लोप्योरिनोल (allopurinol), फेबक्सोजटैट (febuxostat) और पेग्लोटिकेस (pegloticase) शामिल हैं।

यूरिक एसिड क्या है और इसकी अधिकता से क्या हो सकता है? इस बारे में तो आप अच्छे से समझ गए होंगे। वहीं, यूरिक एसिड बढ़ने पर दिखने वाले यूरिक एसिड सिम्पटम्स के बारे में भी आपने लेख के माध्यम से जाना। ऐसे में यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण को पहचान आप यूरिक एसिड का इलाज करने की दिशा में उचित कदम बढ़ा सकते हैं। इतना ही नहीं, आप चाहें, तो लेख में दिए गए यूरिक एसिड के घरेलू उपचार भी अपना सकते हैं। वहीं, डॉक्टरी सलाह पर यूरिक एसिड के लिए मेडिसिन भी ली जा सकती है। इसके अलावा, लेख में शामिल यूरिक एसिड में क्या खाना चाहिए और क्या न खाएं? वाले भाग पर भी जरूर गौर करें। उम्मीद है बढ़ते यूरिक एसिड से राहत पाने में यह लेख काफी हद तक उपयोगी साबित होगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मैं प्राकृतिक रूप से यूरिक एसिड को कैसे कम कर सकता हूं?

नियमित व्यायाम और खान-पान में बदलाव के माध्यम से यूरिक एसिड को प्राकृतिक रूप से कम किया जा सकता है। वहीं, लेख में शामिल यूरिक एसिड के घरेलू उपचार भी इस काम में मददगार साबित हो सकते हैं।

कौन-सा भोजन यूरिक एसिड को कम कर सकता है?

यूरिक एसिड डाइट की बात करें, तो मेडिटेरियन यानी भू-मध्य आहार (जैसे :- फल, सब्जियां और साबुत अनाज) का सेवन यूरिक एसिड को कम करने में मदद कर सकता है (3)। वहीं, इस बात का भी ध्यान रखें कि लिए जाने खाद्य पदार्थ में प्यूरीन की मात्रा कम हो, क्योंकि अधिक प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थ यूरिक एसिड को बढ़ाने का काम कर सकते हैं। चाहें, तो इस विषय पर डाइटिशियन से भी सलाह ले सकते हैं।

गठिया से छुटकारा पाने का सबसे तेज तरीका क्या है?

गठिया को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है। हां, सूजन कम करने वाली और यूरिक एसिड को कम करने वाली दवाओं के सेवन से इसके लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है (2)। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि नियमित दिनचर्या और खान-पान में बदलाव के माध्यम से गठिया के लक्षण और जोखिम को कम करने में मदद जरूर मिल सकती है।

यूरिक एसिड के लिए सबसे अच्छी दवा कौन-सी है?

सामान्य तौर पर यूरिक एसिड कम करने वाली दवाओं में एल्लोप्योरिनोल (allopurinol), फेबक्सोजटैट (febuxostat) और पेग्लोटिकेस (pegloticase) शामिल हैं। वहीं, प्रत्येक व्यक्ति की स्थिति और शारीरिक क्षमता अलग-अलग होती है। ऐसे में आपके लिए सबसे बेहतर यूरिक एसिड की दवा कौन-सी हैं, इस बारे में मरीज की स्थिति को देखते हुए एक डॉक्टर ही बेहतर तरीके से बता सकता है।

यूरिक एसिड की मात्रा कितनी होनी चाहिए?

यूरिक एसिड की मात्रा कितनी होनी चाहिए, अगर यह सवाल आपके मन में भी है, तो बता दें सामान्य तौर पर 3.5 से 7.2 मिग्रा यूरिक एसिड प्रति डेसी लीटर खून में होना चाहिए (1)।

संदर्भ (Sources) :

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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