वजन घटाना

क्या ग्रीन टी वजन घटाने में मदद करती है – Green Tea For Weight Loss in Hindi

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मोटापे से ग्रस्त लोग कई जतन करने के बाद भी सकारात्मक परिणाम न मिलने पर निराश हो जाते हैं। उन्हें लगता है कि वो वजन को कम नहीं कर पाएंगे। वहीं, अगर यह कहा जाए कि व्यायाम व भोजन में बदलाव करने के साथ-साथ चाय पीने की आदत को बदलने पर मोटापा कम हो सकता है, तो कई लोगों को इस पर यकीन नहीं होगा। जी हां, ग्रीन टी न सिर्फ वजन को कम करती है, बल्कि विभिन्न प्रकार के कैंसर, हृदय रोग और लीवर की समस्याओं से बचाने में मदद कर सकती है। इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीवायरल, न्यूरोप्रोटेक्टिव जैसे गुण पाए जाते हैं, जोकि सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकते हैं (1)। इन गुणों के कारण यह चाय मोटापा कम करने में मदद कर सकती है। इसके लिए चाय के साथ-साथ नियमित व्यायाम, योग व संतुलित आहार का सेवन करना जरूरी है।

लेख की शुरुआत में हम बता रहे हैं वजन को कम करने के लिए ग्रीन टी के फायदे

वजन घटाने में ग्रीन टी क्यों फायदेमंद है? – Benefits of Green Tea for Weight Loss in Hindi

ग्रीन-टी में एपिगैलोकैटेचिन-3-गैलेट (ईजीसीजी, EGCG, एक प्रकार का कैटेचिन) नामक कंपाउंड होता है (2)। यह वजन कम करने में कारगर हो सकता है। इस हर्बल चाय में कई अन्य प्रकार के गुण भी होते हैं और उन्हीं में से एक है एंटीऑक्सीडेंट। यह गुण मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर वजन कम कर सकता है। इसके अलावा, अगर इसका सेवन एक्सरसाइज के साथ किया जाए, तो यह फैट को कम करने का काम भी कर सकती है। इसी संबंध में एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम के रिसर्च को प्रकाशित किया गया है। इस रिसर्च में बताया गया है कि ग्रीन-टी पीने से मोटापा संबंधी समस्या दूर हो सकती हैं। यह मेटाबॉलिक रेट दर को बढ़ाकर हर समय थोड़ी-थोड़ी कैलोरी को कम करने में मदद मिल सकती है। इसमें मौजूद योगिक फैट बर्निंग हॉर्मोन को सक्रिय कर सकते हैं (3) ।

अब आगे हम बता रहे हैं कि किस प्रकार वजन घटाने के लिए ग्रीन टी फायदेमंद हो सकती है।

1. कैलोरी में कम होती है ग्रीन टी

माना जाता है कि डाइट में कैलोरी की मात्रा अधिक होने और शारीरिक गतिविधि कम होने से मोटापे का खतरा हो सकता है, जिससे कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं हो सकती हैं (4)। वहीं, ग्रीन टी के एक कप यानी 245 ग्राम में केवल 2.45 कैलोरी होती है (5)। कम कैलोरी होने के कारण इसे पीने से वजन नहीं बढ़ता है और साथ ही यह वजन को कम करने में भी फायदेमंद हो सकती है (6)। यह प्राकृतिक पेय है, जिसे तैयार करने में केवल 5-7 मिनट लगते हैं।

2. कैटेचिन से भरपूर ग्रीन टी

ग्रीन टी में एपिगैलोकैटेचिन गैलेट (Epigallocatechin gallate) यानी ईजीसीजी पाया जाता है, जो कैटेचिन का एक प्रकार होता है। कैटैचिन चाय में पाया जाने वाला एक प्रकार का फेनोलिक कंपाउंड होता है। ग्रीन टी में कुल कैटिचिन का 50- 80 प्रतिशत ईजीसीजी होता है। ग्रीन टी में मौजूद इस ईजीसीजी में एंटीबैक्टीरियल, एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीओबेसिटी, एंटीकैंसर और एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं (7)। जापानी शोध के अनुसार, अगर 12 सप्ताह तक प्रतिदिन 690 मिलीग्राम कैटेचिन का सेवन किया जाए, तो इससे बाॅडी मास इंडेक्स (बीएमआई) और शरीर का फैट कम हो सकता है (8)।

3. फैट-बर्निंग कैफीन

ग्रीन टी में कैटेचिन के साथ ही कुछ मात्रा कैफीन की भी पाई जाती है। वहीं, वजन को कम करने के लिए एनर्जी के स्तर को संतुलित करना जरूरी है और इस काम में कैफीन कुछ हद तक मदद कर सकती है। इसके अलावा, कैफीन शरीर में थर्मोजेनेसिस और फैट ऑक्सीकरण के प्रभाव को संतुलित करके वजन को कम करने में मदद कर सकती है (9) (10) (11)। व्यायाम से पहले ग्रीन टी के रूप में कैफीन का सेवन भी शरीर से फैट को कम करने में मदद कर सकता है (12)।

4. चयापचय को बढ़ाने के लिए

शरीर में होने वाली रासायनिक गतिविधियों को चयापचय कहते हैं। चयापचाय यानी मेटाबॉलिज्म के फायदे की बात करें तो ये शरीर में ऊर्जा का इस्तेमाल पाचन क्रिया, सांस की कार्यप्रणाली, रक्त संचरण, शरीर का तापमान, मूत्र और मल के माध्यम से अपशिष्ट पदार्थ को शरीर से बाहर निकालने और मस्तिष्क व तंत्रिकाओं की कार्यप्रणाली को बेहतर करने में करता है (13)। वहीं, ग्रीन टी का सेवन चयापचय को बढ़ाने में लाभदायक हाे सकता है। ग्रीन टी के कैटेचिन नामक कंपाउंड में एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं। यह एंटीऑक्सीडेंट गुण शरीर से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके अलावा, चयापचय सिंड्रोम के जोखिम को कम करने में भी मदद कर सकता है (14), (15)।

5. भूख को कम करे

ग्रीन टी के सेवन से भूख कम लगती है। दरअसल, इसमें पाए जाने वाले एपिगैलोकैटेचिन गैलेट (epigallocatechin gallate) नामक कंपाउंड भूख को कम करने का काम करते हैं (16)। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित स्वीडिश वैज्ञानिकों के शोध में पाया गया है कि ग्रीन टी का सेवन भूख के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है (17)। एक अन्य वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन और फाइबर दोनों मिलकर भूख को कम करने में मदद कर सकते हैं (18)।

6. बेली फैट को कम करने में मददगार

एनसीबीआई की बेवसाइट पर प्रकाशित शोध के अनुसार पेट की बढ़ी हुई चर्बी यानी कि मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग और कुछ कैंसर जैसे रोगों का कारण बन सकती है (19)। इस समस्या के लक्षणों को कम करने में ग्रीन टी काफी हद तक मदद कर सकती है। जैसा कि लेख के शुरुआत में बताया गया है कि ग्रीन टी में कैटेचिन की पर्याप्त मात्रा पाई जाती है। वहीं, एक शोध के अनुसार, इसमें पाया जाने वाला कैटेचिन पेट की चर्बी को कम करने में कारगर हो सकता है (20) (21)। इस प्रकार ग्रीन टी के सेवन से पेट की चर्बी, वजन, एलडीएल कोलेस्ट्रॉल और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में कुछ हद तक मदद मिल सकती है (22)।

7. मोटापे से संबंधित जीन को नियंत्रित करती है ग्रीन टी

ग्रीन टी से घटाये मोटापा। मोटापे को कम करने के लिए ग्रीन टी में मौजूद पॉलीफेनोल्स (जीटीपी) को फायदेमंद माना गया हैं। एनसीबीआई की वेबसाइट पर चूहों पर किए गए एक शोध को प्रकाशित किया गया है। इसमें पाया गया है कि ग्रीन टी के पॉलीफेनोल्स में एंटी-इंफ्लेमेटरी व एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो मोटापे से संबंधित जीन को नियंत्रित करने में कारगर हो सकते हैं। इस प्रकार यह चाय माेटापे को बढ़ने से रोकने के साथ ही वजन को कम करने में भी फायदेमंद हो सकती हैं (23)।

8. ग्रीन टी व्यायाम में मददगार

स्वस्थ रहने के लिए और कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं को दूर करने के लिए नियमित रूप से व्यायाम करना फायदेमंद माना गया है। वहीं, कुछ लोग कम समय में ही थक जाते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए 1 कप ग्रीन टी फायदेमंद हाे सकती है। एक शोध में पाया गया है कि ग्रीन टी का अर्क मांसपेशियों की कार्य करने की क्षमता को बढ़ाने में मददगार हो सकता है। इसमें पाया जाने वाला कैटेचिन कार्य करने की क्षमता को बढ़ाने में मददगार हो सकता है। 15 दिन तक लगभग 500 मिलीग्राम ग्रीन टी का सेवन व्यायाम, खेल प्रदर्शन और मांसपेशियों की रिकवरी में सुधार कर सकता है (24) (25) (26)।

नोट: इस लेख में दिए गए वैज्ञानिक अध्ययनों में से कुछ जानवरों पर किए गए हैं। मनुष्यों पर शोध किया जाना अभी बाकी है।

अब हम वजन घटाने के लिए ग्रीन टी पीने के सही समय के बारे में जान लेते हैं।

वजन घटाने में ग्रीन टी पीने का सही समय – When to Drink Green Tea for weight loss in Hindi

ग्रीन टी को सुबह नाश्ते के थोड़ी देर बाद और दोपहर को भोजन के कुछ समय बाद पिया जा सकता है। इसके अलावा, ग्रीन टी से मोटापा कम करने के लिए इसका सेवन कब और कैसे करना है, इस संबंध में आप एक बार आहार विशेषज्ञ से भी पूछ सकते हैं।

ग्रीन टी पीने के समय के बाद जानते हैं कि इसकी कितनी खुराक फायदेमंद हो सकती है।

वजन कम करने के लिए ग्रीन टी के प्रतिदिन की खुराक क्या होना चाहिए?

वजन घटाने के लिए ग्रीन टी सेवन प्रतिदिन एक या दो कप किया जा सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि ग्रीन टी में कुछ मात्रा कैफीन की भी होती है और अधिक कैफीन का सेवन सेहत के लिए अच्छा नहीं है (27)।

लेख के अंत में जानते हैं कि ग्रीन टी पीते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

ध्यान रखने योग्य बातें

ग्रीन टी के सेवन के साथ ही कुछ बातों को ध्यान में रखना जरूरी है, जाे इस प्रकार हैं :

  • जैसा कि आप जान चुके हैं कि ग्रीन टी में कुछ मात्रा कैफीन की होती है, इसलिए जिन्हें हृदय की समस्या, रक्तचाप, पेट का अल्सर, गुर्दे या लीवर की समस्या हो, उन्हें इसका अधिक सेवन करने से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं, थायराइड हाइपरफंक्शन, ऐंठन और मानसिक विकार से ग्रस्त मरीजों काे भी इसका सेवन डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए (27)।
  • ग्रीन-टी को कुछ भी खाने के तुरंत बाद न पिये।
  • ग्रीन-टी खाली पेट भी नहीं पीना चाहिए।
  • देर रात को सोने से पहले ग्रीन-टी पीने न पिएं, इससे नींद न आने की समस्या हो सकती है।
  • ग्रीन-टी में दूध या चीनी नहीं मिलानी चाहिए।

इस आर्टिकल से यह तो समझ आ ही गया है कि ग्रीन टी जल्‍दी वजन कम करने में मदद करती है। साथ ही वजन घटाने के लिए ग्रीन टी का सेवन कैसे किया जा सकता है, यह भी इस आर्टिकल से स्पष्ट हो गया है। इसलिए, अगर कोई अधिक वजन से परेशान है, तो ग्रीन टी से मोटापा कम करने का प्रयास कर सकता है। आप ग्रीन टी पीते समय इस लेख में बताई गई काम की बातों को भी जरूर अपने ध्यान में रखें, तभी यह चाय पीने का फायदा होगा। आपको यह आर्टिकल कैसा लगा, आप अपने विचार नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए हम तक पहुंचा सकते हैं।

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