विजयसार के फायदे, उपयोग और नुकसान – Vijaysar Benefits and Uses in Hindi

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दुनिया भर में ऐसे कई हर्ब्स मौजूद हैं, जो अपने गुणों के कारण लाभकारी माने जाते हैं। ऐसी ही एक औषधि है, विजयसार। भारत में इसका उपयोग कई औषधीय लाभों के लिए किया जाता है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम विजयसार के फायदे लेकर आए हैं। यहां बड़े ही सरल शब्दों में समझाएंगे कि विजयसार को स्वास्थ्य के लिए क्यों लाभकारी माना जाता है। साथ ही विजयसार की लकड़ी के फायदे भी लेख में साझा किए गए हैं। तो चलिए बिना देर किए शुरू करते हैं लेख और जानते हैं विजयसार क्या है और इसका उपयोग कैसे कर सकते हैं।

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चलिए, सबसे पहले विजयसार के विषय में जानकारी हासिल कर लेते हैं।

विजयसार क्या है – What is Vijaysar in Hindi

विजयसार एक पौधा है। इंग्लिश में इसे मालाबार ट्री एवं इंडियन किनो ट्री और हिन्दी में विजयसार या बीजा के नाम से जाना जाता है। वहीं, इसका वैज्ञानिक नाम पेट्रोक्रॉप्स मारसूपियम (Pterocarpus marsupium) है। यह पेड़ विशेष रूप से पश्चिमी घाट के क्षेत्रों में, कर्नाटक-केरल क्षेत्र में, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार और उड़ीसा राज्यों में पाया जाता है। विजयसार का पेड़ लगभग 30 मीटर तक ऊंचा और 2.5 मीटर तक मोटा होता। इसकी छाल गहरे भूरे या भूरे रंग की होती हैं, जिसमें कई दरारें होती हैं। मार्च के महीने में इस पेड़ में फल और फूल खिलते हैं। विजयसार के पेड़ के विभिन्न हिस्सों का उपयोग कई प्रकार रोगों से बचाव के लिए किया जाता है (1)

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अब जानेंगे विजयसार के गुणों के बारे में।

विजयसार में कौन-कौन से गुण होते हैं?

विजयसार औषधीय गुणों से भरपूर होता है। आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सा जैसे विभिन्न पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इसका उल्लेख मिलता है। इस पर हुए शोध से जानकारी मिलती है कि इसमें एनाल्जेसिक (दर्द को कम करने वाला), एंटी-बैक्टीरियल (बैक्टीरिया को पनपने से रोकने वाला), एंटी-कैंसर (कैंसर को बढ़ने से रोकने वाला), एंटी-कैटरेक्ट (मोतियाबिंद के लक्षणों को कम करने वाला), एंटीडायबिटिक (मधुमेह को बढ़ने से रोकने वाला), एंटी-फंगल (फंगस से लड़ने वाला), एंटी-हाइपरलिपिडेमिक (कोलेस्ट्रॉल को कम करने वाला), एंटी-इंफ्लेमेटरी ( सूजन को कम करने वाला), एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों से लड़ने वाला), कार्डियोटोनिक (हृदय को स्वस्थ रखने वाला) और हेपेटोप्रोटेक्टिव (लिवर को स्वस्थ रखने वाला) जैसे गुण होते हैं (1)

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लेख के इस हिस्से में विजयसार के फायदे के बारे में जानिए।

विजयसार के फायदे – Benefits of Vijaysar in Hindi

यहां हम क्रमवार तरीके से विजयसार के फायदे बताने वाले हैं, लेकिन उससे पहले हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि विजयसार किसी बीमारी का संपूर्ण इलाज नहीं है। यह केवल समस्याओं से बचाव और उनके प्रभाव को कुछ हद तक कम करने में लाभकारी हो सकता है। वहीं, कोई अगर गंभीर रूप से बीमार है, तो डॉक्टरी इलाज जरूरी है। अब पढ़ें विजयसार की लकड़ी के फायदे –

1. एनीमिया से बचाव

एनीमिया की समस्या से बचाव के लिए विजयसार का उपयोग बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। इस बारे में एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के मुताबिक, आयुर्वेद में विजयसार का उपयोग पांडु यानी एनीमिया के उपचार के लिए किया जाता रहा है (2)। यही नहीं, एक अन्य शोध में यह भी बताया गया है कि इसके बीज और लकड़ी से बना पेस्ट डायबिटीक एनीमिया के उपचार में बेहद मददगार साबित हो सकता है (3)। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि विजयसार के साथ-साथ विजयसार के लकड़ी के फायदे भी एनीमिया की समस्या से बचाव में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

2. दस्त में मददगार

विजयसार के फायदे में दस्त की समस्या से बचाव भी शामिल है। इससे संबंधित एक शोध में साफ तौर से इस बात का जिक्र मिलता है कि विजयसार के पौधे से बना काढ़ा दस्त की समस्या के उपचार में मददगार साबित हो सकता है (3)। इसके अलावा, एक अन्य शोध में जिक्र मिलता है कि इसके गोंद का उपयोग भी दस्त की समस्या से राहत पाने के लिए किया जा सकता है (1)। हालांकि इसके पीछे इसका कौन सा गुण काम करता है, फिलहाल इस बारे में अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।

3. एलीफेनटायसिस के लिए

एलीफेनटायसिस, फाइलेरिया (कीड़ों या परीजीवों के काटने से होने वाली बीमारी) का एक प्रकार है, जो परजीवियों के कारण होता है। डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, दुनिया भर में 50 देशों में 859 मिलियन लोगों को लिम्फैटिक फाइलेरिया यानी एलीफेनटायसिस से खतरा है (4)। ऐसे में इसके जोखिमों को कम करने के लिए विजयसार लकड़ी के फायदे देखे जा सकते हैं। इससे संबंधित एक शोध से जानकारी मिलती है कि विजयसार के तने की छाल का उपयोग एलीफेनटायसिस के इलाज के लिए किया जा सकता है (3)। बता दें कि विजयसार में एंटीपैरासिटीक (Antiparasitic – परिजीवों से लड़ने वाला) गुण की भी पुष्टी हुई है। इस आधार पर यह माना जा सकता है कि विजयसार की छाल का उपयोग एलीफेनटायसिस जैसी समस्या से बचाव में मददगार साबित हो सकते हैं।

4. मधुमेह के लिए

बेनिफिट्स ऑफ विजयसार में मधुमेह की समस्या से बचाव भी शामिल है। दरअसल, विजयसार को “मधुमेह के लिए चमत्कारिक इलाज” कहा जाता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह एंटी डायबेटिक गुण प्रदर्शित कर सकता है। इस पर हुए शोध के मुताबिक, विजयसार की छाल से बने लकड़ी के ग्लास में रात भर पानी भरकर छोड़ दिया जाए और रोजाना 30 दिनों तक दो बार उस पानी का सेवन किया जाए तो इससे मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों को काफी लाभ मिल सकता है (5)

5. फ्रैक्चर में लाभकारी

फ्रैक्चर के लिए भी विजयसार की लकड़ी के फायदे देखे जा सकते हैं। बताया जाता है कि इसकी लकड़ी का उपयोग फ्रैक्चर जैसी स्थितियों के इलाज के लिए किया जा सकता है (6)। इसके अलावा, एक अन्य शोध में विजयसार के पत्तों को भी फ्रैक्चर के लिए भी लाभकारी पाया गया है (7)। हालांकि, इसके पीछे के गुण को लेकर अभी और स्पष्ट शोध किए जाने की आवश्यकता है।

6. सांस संबंधी समस्या के लिए

सांस संबंधी समस्याओं के लिए भी विजयसार का इस्तेमाल लाभकारी माना जा सकता है। एक शोध के मुताबिक, विजयसार में एंटी अस्थमैटिक गुण मौजूद होते हैं, जो अस्थमा से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यही नहीं, खांसी की समस्या और ब्रोंकाइटिस के इलाज (ब्रोन्कियल नलियों में संक्रमण या सूजन होना) के लिए भी विजयसार का इस्तेमाल फायदेमंद माना गया है। इसके पीछे इसके इंफ्लेमेटरी और एंटी बैक्टीरियल गुण को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है, जो सूजन की समस्या और संक्रमण से राहत दिला सकता है (7)

7. दांत दर्द के लिए

विजयसार का उपयोग दांत में दर्द की शिकायत से भी आराम दिलाने में मददगार साबित हो सकता है। दरअसल, इसकी छाल में मजबूत कसैले गुण होते हैं, जो दांत दर्द के उपचार में सहायक सिद्ध हो सकते हैं (5)। इसके अलावा, इसके गोंद को भी दांत दर्द की समस्या में लाभकारी पाया गया है। बताया जाता है कि विजयसार में एनाल्जेसिक यानी दर्द को कम करने वाले गुण भी मौजूद होते हैं, जिसे दांत दर्द से राहत पाने के लिए फायदेमंद माना जा सकता है (3)। इस आधार पर यह कहना गलत नहीं होगा कि दांत दर्द के लिए विजयसार का इस्तेमाल करना लाभकारी साबित हो सकता है।

8. लिवर को दुरुस्त रखने के लिए

लिवर के स्वास्थ्य के लिए विजयसार लकड़ी के फायदे देखे जा सकते है। ऐसा इसलिए क्योंकि विजयसार के तने की छाल का मेथेनॉलिक अर्क हेपेटोप्रोटेक्टिव गतिविधि प्रदर्शित कर सकता है, जो लिवर को क्षति पहुंचने से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यही नहीं, विजयसार के गोंद को भी लिवर के लिए टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है (5)। इन तथ्यों के आधार पर यह कहा जा सकता है कि लिवर के लिए विजयसार चूर्ण के फायदे बेहद लाभकारी साबित हो सकते है।

9. त्वचा के लिए

स्वास्थ के साथ-साथ त्वचा के लिए भी विजयसार को उपयोगी माना गया है। एक शोध में साफ तौर से इस बात का जिक्र मिलता है कि यह त्वचा के लिए अच्छा है। इसके पत्तों का उपयोग स्किन से जुड़ी समस्याओं और फोड़े के उपचार के लिए किया जाता है। जिसके पीछे इसके एंटी बैक्टीरियल (बैक्टीरिया को पनपने से रोकने वाला), एंटी फंगल (फंगस से लड़ने वाला) और एंटी इंफ्लेमेटरी (सूजन को कम करने वाला) गुणों को जिम्मदार माना जा सकता है (5)। इसके अलावा, विजयसार में एंटी एजिंग गुण की भी पुष्टि हुई है, जो चेहरे की झुर्रियों से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकता है (1)

10 बालों के लिए

स्वास्थ्य और त्वचा के साथ-साथ बालों की देखभाल के लिए भी विजयसार का इस्तेमाल फायदेमंद माना गया है। इस पर हुए शोध में साफ तौर से यह बताया गया है कि विजयसार बालों को मजबूत बनाने के साथ-साथ उसके विकास को भी बढ़ावा दे सकता है (1)। इसके अलावा, एक अन्य शोध में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि विजयसार के छाल का उपयोग बालों के सफेद होने की समस्या से छुटकारा दिलाने में कुछ हद तक मददगार साबित हो सकता है (3)

आगे है कुछ और खास

विजयसार लकड़ी के फायदे जानने के बाद इसके पौष्टिक तत्वों पर एक नजर डालते हैं।

विजयसार के पौष्टिक तत्व – Vijaysar Nutritional Value in Hindi

विजयसार में कई प्रकार के पौष्टिक तत्व मौजूद होते हैं। इनमें, ग्लाइकोसाइड, सैपोनिन, टैनिन और फ्लेवोनोइड्स आदि शामिल हैं। इसके अलावा, इसमें स्टिलबिन (Stilbene), टेरोस्टिलबिन (pterostilbene), β-यूडेस्मोल (β-eudesmol), ट्राइटरपीन अल्कोहल (triterpene alcohol), एरिथ्रोडिओल-3-मोनोसेटेट (erythrodiol-3-monoacetate), कैटेचिन (catechin), एपिकेचिन (epicatechin), स्यूडोबैप्टिजेनिन (pseudobaptigenin), लिक्विरिटिजेनिन (liquiritigenin), गारबनजोल (garbanzol), 5-डीऑक्सीकेम्पेरोल (5-deoxy kaempferol), चेल्कोन (chalcone), आइसोलिक्विरिटिजेनिन (isoliquiritigenin), पी-हाइड्रॉक्सीबेन्जेल्डिहाइड (p-hydroxybenzaldehyde), एल्डिहाइड (aldehyde) आदि भी मौजूद होते हैं (8)

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पोषक तत्वों के बाद विजयसार के उपयोग करने के तरीके समझेंगे।

विजयसार खाने का सही तरीका – How to Use Vijaysar in Hindi

विजयसार के फायदे जानने के बाद सवाल उठता है कि इसका उपयोग किस प्रकार से किया जा सकता है। तो चलिए हम बताते हैं कि विजयसार का उपयोग किस प्रकार से किया जा सकता है –

  • विजयसार के फल को सीधे तौर पर खाया जा सकता है।
  • विजयसार के पत्तों का इस्तेमाल काढ़े के रूप में किया जा सकता है।
  • विजयसार के पत्तों को पीसकर घाव पर लेप लगाने के लिए भी इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
  • इसके अलावा, विजयसार के पत्तों को सुखाकर चूर्ण के तौर पर भी उपयोग किया जा सकता है।
  • यही नहीं, विजयसार की लकड़ी का भी चूर्ण बनाया जा सकता है।
  • वहीं, विजयसार के गोंद का भी सेवन किया जा सकता है।

कब खाएं और कितना खाएं :

विजयसार चूर्ण के फायदे प्राप्त करने के लिए इसका सेवन सुबह और शाम किसी भी समय किया जा सकता है। वहीं, अगर बात करें इसके सेवन की तो, विजयसार के फायदे पाने के लिए 200 mg/kg तक इसका सेवन किया जा सकता है (5)। हालांकि, शरीर और उम्र के हिसाब से इसकी मात्रा में बदलाव हो सकते हैं। ऐसे में बेहतर होगा कि विजयसार के सेवन से पहले एक बार डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।

यह भी पढ़ें

लेख के सबसे अंत में हम विजयसार के नुकसान की चर्चा करेंगे।

विजयसार के नुकसान – Side Effects of Vijaysar in Hindi

यहां हम विजयसार के नुकसान बताने जा रहे हैं, जो कुछ इस प्रकार है –

  • कब्ज की समस्या के दौरान विजयसार के सेवन की सलाह नहीं दी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि विजयसार में कसैले गुण मौजूद होता है, शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है (1)
  • इसके अलावा, जैसा कि हमने लेख में बताया है कि विजयसार में ब्लड ग्लूकोज के स्तर को कम करने की क्षमता होती है (1)। ऐसे में अगर किसी को लो ब्लड शुगर की समस्या है तो उन्हें विजयसार का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • यही नहीं, विजयसार में गर्भपात (Abortifacient) कराने की भी क्षमता होती है (1)। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान इसके सेवन से बचना चाहिए।
  • वहीं, विजयसार में टैनिन भी मौजूद होता है (8)। बता दें कि टैनिन के अधिक सेवन से मतली की समस्या, पेट में जलन और लीवर को नुकसान पहुंच सकता है (9)

विजयसार स्वास्थ्य के लिए कितना उपयोगी साबित हो सकता है, इस बात की जानकारी को आपको इस लेख के माध्यम से मिल ही गई होगी। यहां हमने विजयसार की लकड़ी के फायदे बताने के साथ-साथ उसके उपयोग और नुकसानों की भी चर्चा की है। ऐसे में बेझिझक आप विजयसार के फायदे प्राप्त करने के लिए इसका उपयोग कर सकते है। वहीं, इसके सेवन के समय इसकी मात्रा का ध्यान जरूर रखें। साथ ही अगर कोई किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहा हो, तो विजयसार के उपयोग करने से पहले एक बार डॉक्टरी सलाह जरूर लें। इस तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़े रहें स्टाइलक्रेज के साथ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या विजयसार का सेवन रोजाना किया जा सकता है।

हां, सीमित मात्रा में रोजाना विजयसार का सेवन किया जा सकता है।

विजयसार क्यों नुकसानदायक है?

सीमित मात्रा में विजयसार का सेवन सुरक्षित माना जा सकता है। वहीं, अगर अधिक मात्रा में इसे खाया जाए तो इसके कुछ दुष्प्रभाव सामने आ सकते हैं। जिसकी चर्चा हमने लेख में की है।

क्या विजयसार का सेवन खाली पेट कर सकते हैं?

हां, खाली पेट विजयसार का सेवन किया जा सकता है। इससे जुड़े एक शोध में बताया गया है कि विजयसार के तने को रात भर के लिए पीने में भिगो कर, फिर सुबह खाली उसका सेवन किया जा सकता है (10)

विजयसार को काम करने में कितना समय लगता है?

विजयसार का असर कितने दिनों में हो सकता है, यह किस समस्या के लिए लिया जा रहा है उस पर निर्भर करता है। इसलिए इस बारे में बता पाना थोड़ा मुश्किल है।

Sources

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  1. Phytochemical and pharmacological profile of Pterocarpus marsupium: A review
    https://www.researchgate.net/publication/303370375_Phytochemical_and_pharmacological_profile_of_Pterocarpus_marsupium_A_review
  2. Phytochemical screening and study of antioxidant antimicrobial antidiabetic anti-inflammatory and analgesic activities of extracts from stem wood of Pterocarpus marsupium Roxburgh
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5429076/
  3. Pharmacological Profile of Pterocarpus marsupium with a note on its Therapeutic Activity: A Review
    http://www.ijpacr.com/files/11-01-2017/05.pdf
  4. Lymphatic filariasis
    https://www.who.int/news-room/fact-sheets/detail/lymphatic-filariasis
  5. The Growing importance of Vijaysar in Agriculture Industry and Medicine: A Review
    http://ijtiir.com/wp-content/uploads/2020/05/IJTIIR562303.pdf
  6. Hepatoprotective Activity Of Pterocarpus Marsupium Heartwood Against Carbon Tetrachloride Induced Hepatotoxicity In Female Albino Wistar Rats
    https://ijrap.net/admin/php/uploads/2269_pdf.pdf
  7. Ethnobotanical Uses Phytochemistry and Pharmacological Activities of Pterocarpus marsupium: A Review
    https://www.phcogj.com/sites/default/files/PharmacognJ-10-6s-1.pdf
  8. Pharmacology of Pterocarpus marsupium Roxb
    https://www.researchgate.net/publication/281740597_Pharmacology_of_Pterocarpus_marsupium_Roxb
  9. Putative Roles of Plant-Derived Tannins in Neurodegenerative and Neuropsychiatric Disorders: An Updated Review
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6630756/
  10. Manual For Asha /Anm On General Wellness & Prevention Of Common Ailments Including Diabetes Melitus Through Ayurveda & Yoga
    https://main.ayush.gov.in/sites/default/files/Manual_for_AHSA_workers_on_General_wellness_%26._DM_13.04.2017-latest.pdf
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आवृति गौतम ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने अपने करियर की शुरूआत डिजिटल मीडिया से ही की थी। इस क्षेत्र में इन्हें काम करते हुए दो वर्ष से ज्यादा हो गए हैं। आवृति को स्वास्थ्य विषयों पर लिखना और अलग-अलग विषयों पर विडियो बनाना खासा पसंद है। साथ ही इन्हें तरह-तरह की किताबें पढ़ने का, नई-नई जगहों पर घूमने का और गाने सुनने का भी शौक है।

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