विटामिन बी के फायदे, इसकी कमी के कारण और लक्षण – Vitamin B Benefits in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन मास कम्युनिकेशन)

हमें स्वस्थ रहने के लिए कई प्रकार के पोषक तत्वों की जरूरत होती है। वहीं, हमारे शरीर में अलग-अलग पोषक तत्वों की अलग-अलग भूमिका होती है। किसी भी एक पोषक तत्व के कम या ज्यादा होने पर इसका सीधा प्रभाव हमारी सेहत पर पड़ सकता है। उन्हीं पोषक तत्वों में से एक है विटामिन बी। अन्य जरूरी पोषक तत्वों के जैसे ही विटामिन बी के फायदे भी सेहत के लिए कई हैं। स्टाइलक्रेज के इस आर्टिकल में जानिए विटामिन बी के फायदे। इसके अलावा, इस लेख में विटामिन बी की कमी के लक्षण और विटामिन बी की कमी से होने वाले रोग के बारे में भी बताया गया है। विटामिन बी से जुड़ी जानकारी के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

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आइये, सबसे पहले विटामिन-बी के विषय में थोड़ी जानकारी हासिल कर लेते हैं।

विटामिन बी क्या है? – What is Vitamin B in Hindi

यह एक प्रकार का विटामिन है और इसके 8 प्रकार हैं। इसमें विटामिन बी 1 (थियामिन), बी 2 (राइबोफ्लेविन), बी 3 (नियासिन), बी 5 (पैंटोथैनिक एसिड), बी 6, बी 7 (बायोटिन), बी 12 और फोलिक एसिड यानी बी 9 शामिल हैं। ये सभी विटामिन शरीर में भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान बनाने का काम करते हैं।

इसके अलावा, ये लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने में भी मदद करते हैं। विटामिन बी समूह में शामिल हर एक विटामिन शरीर को अलग-अलग तरीके से लाभ पहुंचाने का काम कर सकता है (1)। जहां एक ओर विटामिन बी की पर्याप्त मात्रा शरीर के लिए जरूरी मानी गई है, वहीं विटामिन बी की कमी के कारण कई

समस्याएं हो सकती हैं। आगे विस्तार से इस विषय में जानकारी दी गई है।

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विटामिन बी के बारे में जानने के बाद जानते हैं कि किन कारणों से विटामिन बी की कमी होती है।

विटामिन बी की कमी होने के कारण – Causes of Vitamin B Deficiency in Hindi

विटामिन बी समूह में मौजूद प्रत्येक विटामिन की कमी के अलग अलग कारण हैं, जिनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं।

  1. विटामिन बी 1 (थियामिन) : विटामिन बी1 की कमी का प्रमुख कारण थियामिन युक्त आहार का अपर्याप्त सेवन है। इसके अलावा, अल्कोहल का सेवन, एड्स और कुछ दवाओं का उपयोग शरीर में विटामिन बी1 के अवशोषण को बाधित कर सकता है और शरीर से बाहर निकलने की दर को बढ़ा सकता है। इसके कारण भी विटामिन बी1 की कमी हो सकता है (2)।
  1. विटामिन बी 2 (राइबोफ्लेविन) : विटामिन बी2 की कमी के कारणों में विटामिन बी2 युक्त खाद्य पदार्थों का कम सेवन और साथ ही अधिक उम्र, अल्कोहल और बर्थ कंट्रोल पिल्स शामिल हैं। इसके साथ ही विकास संबंधी कई असामान्यताओं जैसे कि कटे होंठ और तालु, विकास में बाधा और हृदय रोग के कारण भी विटामिन बी2 की कमी हो सकती है। वहीं, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं और वीगन लोगों में भी विटामिन बी2 की कमी का जोखिम बढ़ सकता है (3)।
  1. विटामिन बी 3 (नियासिन): विटामिन बी3 की कमी नियासिन और ट्रिप्टोफैन युक्त खाद्य पदार्थों के अपर्याप्त सेवन, अल्कोहल, हार्टनप रोग (अमीनो एसिड का अवशोषण ठीक से न हो पाना) और तपेदिक यानी टीबी की दवाओं का लंबे समय तक उपयोग करने के कारण हो सकती है (4)।
  1. विटामिन बी 5 (पैंटोथैनिक एसिड) : विटामिन बी5 की कमी होने का प्रमुख कारण विटामिन बी5 युक्त पदार्थों का कम सेवन और साथ ही साथ पैंटोथेनेट कीनेस से जुड़ा न्यूरोडीजेनेरेटिव विकार (इसमें हानिकारक तत्व मस्तिष्क में जमा होने लगते हैं)। इसके साथ ही शरीर का विटामिन बी5 को ठीक से अवशोषित न कर पाना भी इसकी कमी का कारण बनता है (5)।
  1. विटामिन बी6 : किडनी की बीमारी, एंटीपीलेप्टिक (मिर्गी के दौरे के उपचार में उपयोग की जाने वाली दवा) दवाओं का सेवन, अल्कोहल, ऑटोइम्यून विकार जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली स्वयं के स्वस्थ ऊतकों पर हमला करने लगती है और कुपोषण विटामिन बी6 की कमी का कारण बन सकते हैं (6)।
  1. विटामिन बी 7 (बायोटिन) : विटामिन बी 7 की कमी के प्रमुख कारणों में एंटीकॉन्वल्सेट्स दवाओं का सेवन, एंटीबायोटिक्स जैसे दवाओं का लंबे समय तक उपयोग, एंटी-सीजर (मिर्गी के दौरे के उपचार में उपयोग की जाने वाली दवा) दवाओं व लिपोइक एसिड का उपयोग शामिल है। इसके अलावा, अत्यधिक अल्कोहल का सेवन, कच्चे अंडे का सेवन और धूम्रपान करना भी विटामिन बी7 की कमी का कारण बन सकता है (7)।
  1. विटामिन बी12 : विटामिन बी 12 की कमी के कारणों में शरीर में विटामिन बी12 का सही से अवशोषण न हो पाना, एनीमिया, आंतों की सर्जरी, टाइप 2 मधुमेह के उपचार में उपयोग होने वाली कुछ दवाओं का लंबे समय तक उपयोग शामिल है। इसके अलावा, जन्मजात विटामिन बी12 के अवशोषण में कमी भी विटामिन बी 12 की कमी का कारण बन सकती है (8)।
  1. फोलिक एसिड : फोलेट की कमी आमतौर पर पोषक तत्वों की कमी के कारण होती है। इसके अलावा, अल्कोहल और मेगालोब्लास्टिक एनीमिया (एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बोन मैरो असामान्य लाल रक्त कोशिकाओं का उत्पादन करता है) के कारण भी फोलेट की कमी हो सकती है (9)।
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लेख के इस हिस्से में हम आपको बता रहे हैं विटामिन बी की कमी के लक्षण के बारे में।

विटामिन बी की कमी के लक्षण – Symptoms of Vitamin B Deficiency in Hindi

विटामिन बी की कमी के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं (10) :

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विटामिन बी की कमी के लक्षण जानने के बाद आगे जानिए विटामिन बी के फायदे।

विटामिन बी के फायदे – Vitamin B Benefits In Hindi

विटामिन बी हमारी सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है। नीचे हम बता रहे हैं सेहत के लिए विटामिन बी के फायदे :

1. हड्डियों को स्वस्थ रखे

विटामिन बी का सेवन हड्डियों को स्वस्थ रखने के साथ ही इनसे जुड़ी समस्याओं को कम करने में भी मददगार हो सकता है। एक रिसर्च में पाया गया कि विटामिन बी की कमी से हड्डियों की हानि, हड्डियों की शक्ति में कमी और फ्रैक्चर के जोखिम में वृद्धि हो सकती है (11)। वहीं, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार हड्डियों को स्वस्थ रखने में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में शामिल कई विटामिन फायदेमंद हो सकते हैं। जिसमें विटामिन बी 2, बी 6, फोलेट और विटामिन बी 12 शामिल हैं।

ये विटामिन हड्डी की संरचना, गुणवत्ता और बोन मास यानी हड्डियों में मिनरल्स के स्तर में सुधार करने के साथ ही और फ्रैक्चर के जोखिम को कम करने में फायदेमंद हो सकते हैं (12)।

2. पाचन में सुधार करे

विटामिन बी के फायदे सेहत के साथ ही अच्छे पाचन के लिए भी देखे गए हैं। दरअसल, 37 इर्रिटेबल बॉउल सिंड्रोम (आंतों की समस्या) के रोगियों पर की गई एक रिसर्च में अन्य पोषक तत्वों के साथ विटामिन बी1, बी2 और बी 6 दिया गया, जिसके बाद उनमें आईबीएस के लक्षण जैसे पेट दर्द, पेट फूलना और मल निकासी की प्रक्रिया में सुधार देखा गया (13)। वहीं, एक अन्य शोध में जिक्र मिलता है कि विटामिन बी 2 सही पाचन के लिए जरूरी माना जाता है (14)।

3. एनर्जी को बढ़ाने के लिए

शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने के लिए भी विटामिन बी लाभदायक माना गया है। दरअसल, विटामिन बी शरीर में भोजन से ऊर्जा बनने के प्रक्रिया में मददगार माना जाता है (1)। ऐसे में हम कह सकते हैं कि विटामिन बी एनर्जी को बढ़ाने के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है।

4. मस्तिष्क के लिए

शरीर के साथ ही मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए भी विटामिन बी का अहम योगदान हो सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार विटामिन बी मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के साथ-साथ मूड को भी ठीक रखने में मदद कर सकता है। वहीं, विटामिन बी सप्लीमेंट्स का उपयोग मनोरोग की स्थिति जैसे कि अवसाद और तनाव में फायदेमंद माना गया है।

रिसर्च के आगे दिया गया है कि विटामिन बी12 और फोलेट की कमी से अवसाद जैसी स्थिति बन सकती है, जिसे विटामिन बी12 और फोलेट के सप्लीमेंट से नियंत्रित किया जा सकता है (15)। इस आधार पर हम विटामिन बी को मस्तिष्क के लिए लाभकारी मान सकते हैं।

5. आंखों के स्वास्थ्य के लिए

विटामिन बी का उपयोग न सिर्फ मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में मददगार हो सकता है, बल्कि आंखों के लिए भी विटामिन बी के फायदे देखे गए हैं। एक शोध के अनुसार होमोसिस्टीन (एक प्रकार का अमीनो एसिड) एएमडी यानी एज रिलेटेड मैक्युलर डिजनरेशन (नेत्र रोग) के लिए एक जोखिम कारक हो सकता है। बता दें कि एएमडी अंधेपन का कारण बन सकता है।

वहीं, रिसर्च में इस बात की पुष्टि की गई है कि विटामिन बी कॉम्प्लेक्स फोलिक एसिड, विटामिन बी 6 और विटामिन बी 12 में होमोसिस्टीन को कम करने वाला प्रभाव होता है। इसके कारण एएमडी के जोखिम को कम कर विजन लॉस की समस्या से बचा जा सकता है। साथ ही आंखों की देखभाल में भी ये फायदेमंद हो सकते हैं (16)।

6. भूख बढ़ाने के लिए

भूख को बढ़ाने के लिए भी विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में शामिल विटामिन बी3 यानी नियासिन फायदेमंद हो सकता है। एक रिसर्च में बताया गया है कि नियासिन की कमी से लोग अपने स्वाद और गंध को पहचानने की शक्ति खो सकते हैं, जो संभावित रूप से खराब भूख का कारण बनता है। वहीं, शोध में इस बात की पुष्टि भी की गई है कि नियासिन को भूख उत्तेजक के रूप में माना जाता है, जो भूख को बढ़ाने में मददगार हो सकता है (17)।

7. स्वस्थ हृदय के लिए

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए भी विटामिन बी का सेवन फायदेमंद हो सकता है। रिसर्च के अनुसार हाइपरहोमोसिस्टिनिमिया यानी होमोसिस्टीन (एक प्रकार का अमीनो एसिड) की अधिक मात्रा, को हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम का कारक माना गया है। इसके साथ ही रिसर्च में इस बात की पुष्टि भी कई गई कि बी-विटामिन, विशेष रूप से फोलिक एसिड, होमोसिस्टीन के स्तर को कम कर हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम कर सकते हैं। यह स्ट्रोक, कोरोनरी हृदय रोग और पेरिफेरल आर्टरी डिजीज (एक प्रकार का धमनी रोग, जिसमें धमनियां सिकुड़ जाती हैं) से जुड़ी बीमारियों और मृत्यु दर को कम करने में भी मदद कर सकते हैं (18)।

आगे पढ़ें कुछ खास

आर्टिकल के इस हिस्से में हम जानते हैं विटामिन बी फूड्स के बारे में।

विटामिन B के स्रोत – Vitamin B Food Sources in Hindi

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में शामिल बी विटामिन्स को निम्न खाद्य पदार्थों से प्राप्त किया जा सकता है (19) :

  •  थियामिन : साबुत अनाज, सूखे बीन्स, दलिया, ब्राउन राइस, आलू और लिवर।
  •  राइबोफ्लेविन : डेयरी उत्पाद, केले, पॉपकॉर्न, हरी बीन्स, शतावरी और हरे पत्तेदार सब्जियां
  •  नियासिन : मांस, मछली, अंडे, मशरूम, ट्री नट और मटर।
  •  पैंटोथैनिक एसिड : अनाज, साल्मन, मांस, ब्रोकली और एवोकाडो।
  •  विटामिन बी 6 : मांस, लिवर, ट्री नट, केला, साल्मन, ट्यूना, ब्राउन राइस और आलू।
  •  बायोटिन : कच्चे अंडे की जर्दी, लिवर, मूंगफली और कुछ सब्जियां।
  •  फोलिक एसिड : पालक, चावल, अनाज, लिवर, एवोकाडो और दाल।
  •  विटामिन बी 12 : मांस, साल्मन, अंडे की जर्दी, दाल और पालक।

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विटामिन बी की खुराक से जुड़ी जानकारी नीचे दी गई है।

विटामिन बी के दैनिक सेवन की मात्रा – Recommended Daily Intake Of Vitamin B

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स में शामिल विभिन्न प्रकार के विटामिन की अलग-अलग मात्रा पुरुष और महिलाओं के लिए भिन्न भिन्न बताई गई है, जिसके बारे में हम नीचे टेबल के माध्यम से बता रहे हैं (19)।

विटामिन बी कॉम्प्लेक्समात्रा रोजाना

पुरुषों के लिए

मात्रा रोजाना

महिलाओं के लिए

थियामिन1.2 मिलीग्राम1.1 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन1.3 मिलीग्राम1.1 मिलीग्राम
नियासिन16.0 मिलीग्राम14.0 मिलीग्राम
पैंटोथैनिक एसिड 5.0 मिलीग्राम 5.0 मिलीग्राम
विटामिन बी61.3 -1.7 मिलीग्राम1.3 -1.7 मिलीग्राम
बायोटिन30.0 μg30.0 μg
फोलेट400 μg400 μg
विटामिन बी122.4 μg2.4 μg

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विटामिन बी साइड इफेक्ट से बचने के लिए विटामिन बी के सेवन से जुड़ी जरूरी बातें नीचे बताई गई हैं।

विटामिन बी के सेवन से पहले बरती जाने वाली सावधानियां – Precautions to Take while taking Vitamin B

विटामिन बी के रोग से बचने के लिए विटामिन बी का सेवन करने के पहले कुछ बातों पर ध्यान देना जरूरी है, जिनके बारे में हम नीचे बता रहे हैं :

    • कोशिश करें कि खाद्य पदार्थ के माध्यम से ही विटामिन बी की पूर्ति की जाए।
    • गर्भावस्था के दौरान डॉक्टरी सलाह पर ही विटामिन बी सप्लीमेंट का उपयोग किया जाना चाहिए।
    • स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी विटामिन बी लेने के पहले डॉक्टर से परामर्श करें।
    • विटामिन बी की अधिक मात्रा लेने से बचें, इसकी सही मात्रा के लिए भी डॉक्टर से पूछ लेना चाहिए।
    • सप्लीमेंट के रूप में विटामिन बी1 का सेवन करने के पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
    • विटामिन बी के सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो शराब और धूम्रपान से बचना चाहिए।

आगे है कुछ खास

अंत में हम बता रहे हैं विटामिन बी की कमी से होने वाले रोग और अन्य दुष्प्रभाव।

विटामिन बी की कमी और अधिकता से जुड़े नुकसान – Side Effects related to Vitamin B deficiency and Overdose in Hindi

जहां एक ओर हमने विटामिन बी के फायदे बताए हैं, वहीं इसकी कमी से कुछ दुष्प्रभाव भी देखने को मिल सकते हैं। जानते हैं कि विटामिन बी की कमी से होने वाले रोग के बारे में (20) :

  • थियामिन : थकान, कमजोरी, आंतों की समस्या, हृदय रोग, दर्द, सूजन, सांस लेने में तकलीफ, अनियमित हृदय गति, हार्ट फेल, चिड़चिड़ापन, भ्रम की स्थिति, नींद में कमी और भूलने की बीमारी शामिल हैं।
  • राइबोफ्लेविन : कमजोरी, मुंह में दर्द, आंखों में जलन या खुजली, त्वचा की सूजन, एनीमिया की समस्या , थकान, व्यक्तित्व में परिवर्तन और मस्तिष्क से जुड़ी समस्या।
  • विटामिन बी 3 : डर्मेटाइटिस (त्वचा से जुड़ी सूजन),एलोपेशिया (बाल झड़ने से जुड़ी बीमारी), मांसपेशियों की कमजोरी, डायरिया, अवसाद, चिंता, सिर चकराना, भूलने की बीमारी, मानसिक क्षति और पागलपन।
  • पैंटोथैनिक एसिड : डर्मेटाइटिस, डायरिया, एन्सेफैलोपैथी (मस्तिष्क संबंधी बीमारी) या व्यवहार में परिवर्तन।
  • विटामिन B 6 : एनीमिया, चिड़चिड़ापन, सतर्कता में कमी, अवसाद, मनोभ्रंश और बेहोशी।
  • बायोटिन : सेबोरेहिक डर्मेटाइटिस (त्वचा पर चकत्ते और खुजली के साथ पपड़ी का निर्माण), हाथों-पैरों में झुनझुनी या जलन, अवसाद, सुस्ती, मतिभ्रम और मिर्गी।
  • फोलेट और विटामिन बी 12 : एनीमिया, रीढ़ की हड्डी में घाव, चयापचय संबंधी समस्या, व्यवहार में परिवर्तन, मनोविकृति और अल्जाइमर रोग।

 

  • विटामिन बी की कमी के नुकसान जानने के बाद यहां जानते हैं इनकी अधिकता के कारण होने वाले दुष्प्रभाव :
    • थियामिन : इसकी अधिक मात्रा मिर्गी, सांस लेने में समस्या और बेहोशी का जोखिम बढ़ा सकती है (21)।
    • राइबोफ्लेविन : यह मूत्र का रंग पीला या नारंगी कर सकता है (22)।
    • विटामिन बी 3 : दस्त, त्वचा पर नील पड़ने और घावों से रक्तस्राव बढ़ने का कारण बन सकता है। इसके साथ ही इससे मतली, उल्टी और लिवर की क्षति भी हो सकती है (23)।
    • पैंटोथैनिक एसिड : हल्के दस्त और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (मुंह से लेकर गुदे तक का ट्रैक्ट) से जुड़ी समस्या हो सकती है (24)।
    • विटामिन B 6 : बहुत अधिक मात्रा में विटामिन बी 6 लेने पर नर्वस यानी तंत्रिका संबंधी गंभीर क्षति हो सकती है। इसके अलावा दर्द, त्वचा पर पैच, धूप के प्रति संवेदनशीलता, मतली और सीने में जलन हो सकती हैं (25)।
    • बायोटिन : अनिद्रा, अत्यधिक प्यास और अत्यधिक पेशाब की समस्या कारण बन सकता है (26)।
    • फोलेट : फोलेट की खुराक का अधिक सेवन कैंसर का खतरा बढ़ सकता है और प्रतिरक्षा प्रणाली को प्रभावित कर सकता है (9)। इसके अलावा, विटामिन बी 12 की कमी की स्थिति में फोलेट की अधिकता एनीमिया का जोखिम बढ़ा सकती है और साथ ही मस्तिष्क की कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती है (27)।
    • विटामिन बी 12 : विटामिन बी 12 की अधिकता से फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है (28)।

विटामिन बी की कमी के कारण कई गंभीर समस्याएं हो सकती हैं, जिनसे बचने के लिए लेख में बताए गए विटामिन बी फूड्स को दैनिक आहार में शामिल कर सकते हैं। हालांकि, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन बी के साथ ही अन्य पोषक तत्वों की जरूरत भी होती है। इसके साथ ही ध्यान रहे कि अगर विटामिन बी के फायदे पाने के लिए सप्लीमेंट लेना चाहते हैं, तो पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। विटामिन बी रोग से बचने के लिए अल्कोहल और धूम्रपान जैसे हानिकारक पदार्थों का परहेज करें। सेहत से जुड़े ऐसे ही रोचक तथ्यों को जानने के लिए बने रहिए स्टाइलक्रेज के साथ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

विटामिन बी की शरीर में क्या भूमिका है?

विटामिन बी शरीर में भोजन से ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया और लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने में मदद करता है (1)। इसके अलावा, इससे होने वाले अन्य फायदों के बारे में हम ऊपर बता चुके हैं।

मुझे विटामिन बी कब लेना चाहिए?

शरीर में जब विटामिन बी की कमी हो जाती है, तो इसे डॉक्टर की सलाह पर बताए गए समय पर लेना चाहिए।

क्या बी कॉम्प्लेक्स को रोज लेना ठीक है?

हां, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स को रोजाना डॉक्टरी परामर्श पर लिया जा सकता है (20)।

क्या विटामिन बी ऊर्जा देता है?

हां, विटामिन बी शरीर में ऊर्जा के निर्माण में मददगार होता है(1)।

क्या विटामिन बी त्वचा के लिए अच्छा है?

हां, विटामिन बी12 की कमी से होने वाली हाइपरपिग्मेंटेशन की समस्या से विटामिन बी युक्त खाद्य पदार्थ या फिर सप्लीमेंट छुटकारा दिलाने और त्वचा को ग्लोइंग बनाने में मददगार हो सकते हैं (29)।

Sources

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