विटामिन बी1 के फायदे, इसकी कमी के कारण और लक्षण – Vitamin B1 Benefits in Hindi

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हेल्दी लाइफ में पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों का विशेष महत्व होता है। ये पोषक तत्व शरीर को कई स्वास्थ्य समस्याओं से बचाकर स्वस्थ रखने का काम करते हैं। इसमें एक नाम विटामिन बी1 का भी शामिल है। आइये, स्टाइलक्रेज के इस लेख में जानते हैं कि शरीर के लिए विटामिन बी1 के फायदे क्या हैं और विटामिन बी1 की कमी से कौन-कौन सी शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। विटामिन बी1 के लाभ जानने के लिए लेख को अंत तक जरूर पढ़ें।

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आर्टिकल में सबसे पहले विटामिन बी1 के विषय में जानकारी हासिल कर लेते हैं।

विटामिन बी1 क्या है? – What is Vitamin B1 in Hindi

विटामिन बी पानी में घुलनशील विटामिन का एक समूह है, जो शरीर में कई प्रकार के केमिकल रिएक्शन का हिस्सा है। विटामिन बी के समूह में से एक है विटामिन बी1। इसे थियामिन के नाम से भी जाना जाता है। शरीर और मस्तिष्क के कार्यों में इसकी एक अहम भूमिका होती है। यह स्वास्थ्य के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है (1)। विटामिन बी1 के फायदे के बारे में आगे विस्तार से बताया गया है।

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विटामिन बी1 के बारे में जानने के बाद यहां बता रहे हैं विटामिन बी1 की कमी के कारण।

विटामिन बी1 की कमी होने के कारण – Causes of Vitamin B1 Deficiency in Hindi

विटामिन बी1 की कमी के कारण नीचे विस्तार से बताए गए हैं (1) (2) :

  • विटामिन बी1 युक्त खाद्य पदार्थों की कमी।
  • बढ़ती उम्र के साथ क्रॉनिक यानी लंबे समय से चली आ रही बीमारी, दवाइयों का अधिक सेवन व जरूरी खाद्य पदार्थों का कम सेवन विटामिन बी1 की कमी का कारण बन सकता है।
  • अल्कोहल का अधिक सेवन भी विटामिन बी1 की कमी का कारण बन सकता है।
  • एचआईवी से संक्रमित लोगों में भी थियामिन की कमी हो सकती है।
  • टाइप 1 और टाइप 2 मधुमेह से ग्रसित लोगों में थियामिन की कमी का जोखिम बढ़ सकता है।
  • वजन घटाने के लिए की जाने वाली बेरिएट्रिक नामक सर्जरी भी थियामिन की कमी का कारण बन सकती है।

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यहां हम बता रहे हैं विटामिन बी1 की कमी से कौन सा रोग होता है और उसके लक्षण के बारे में।

विटामिन बी1 की कमी के लक्षण – Symptoms of Vitamin B1 Deficiency in Hindi

विटामिन बी1 की कमी के लक्षण नीचे बताए गए हैं (3) (4) :

शुरुआती लक्षण :

  • एनोरेक्सिया यानी इटिंग डिसऑर्डर, इसमें व्यक्ति वजन बढ़ने के डर से कम भोजन करता है।
  • चिड़चिड़ापन।
  • चीजों को लंबे समय तक याद रखने में परेशानी।

लंबे समय तक विटामिन बी1 की कमी होने पर दिखाई देने वाले लक्षण :

  • हार्ट फेल्योर के लक्षणों का दिखना, जैसे सीने में दर्द व हाथ और पैरों में सूजन।
  • चक्कर आना।
  • डबल विजन यानी किसी भी वस्तु के दो प्रतिबिंब दिखाई देना।
  • याददाश्त कमजोर होना।

इसके अलावा, थियामिन की अधिक कमी से पैरों और हाथों में झुनझुनी और सुन्नता के लक्षणों के साथ बेरीबेरी (शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी1 का न होना) नामक बीमारी हो सकती है।

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विटामिन बी की कमी से कौन सा रोग होता है जानने के बाद जानते हैं विटामिन बी1 के फायदे।

विटामिन बी1 के फायदे – Vitamin B1 Benefits In Hindi

जैसा कि हमने ऊपर बताया कि विटामिन बी1 शरीर के लिए एक जरूरी पोषक है, जो कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकता है। यहां हम बता रहे हैं सेहत के लिए विटामिन बी1 के फायदे।

1. आंखों के लिए

आंखों की समस्या में विटामिन बी1 फायदेमंद हो सकता है। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार विटामिन बी1 का उपयोग सूखी आंखों की समस्या में लाभदायक माना गया है। दरअसल, यह रिसर्च 76 रोगियों पर की गई थी, जो ड्राई आई की समस्या से परेशान थे। रिसर्च में पाया गया कि मौखिक रूप से विटामिन बी1 का उपयोग करने पर ड्राई आई के लक्षण, जैसे कि सूखापन, दर्द और फोटोफोबिया (प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता) से राहत प्रदान कर सकता है (5)।

2. अल्जाइमर की समस्या में

अल्जाइमर एक दिमागी विकार है। यह याददाश्त के साथ सोचने की क्षमता और व्यवहार को प्रभावित करता है। इस समस्या में विटामिन बी1 फायदेमंद माना गया है। जानवरों पर हुए रिसर्च के अनुसार विटामिन बी1 की कमी अल्जाइमर का जोखिम बढ़ा सकती है। वहीं, प्राकृतिक स्रोत से प्राप्त विटामिन बी1 मस्तिष्क में ग्लूकोज चयापचय में सुधार कर इस समस्या को कम करने में मददगार हो सकता है (6)।

3. हृदय स्वास्थ्य के लिए

विटामिन बी1 यानी कि थायमिन हृदय संबंधी समस्याओं में भी फायदेमंद माना गया है। एक रिसर्च के अनुसार थियामिन की कमी से हृदय की विफलता यानी हार्ट फेल का जोखिम बढ़ा सकती है। इस विषय पर एक शोध किया गया जिसमें हार्ट फेल्योर के मरीजों को ओरल सप्लीमेंट के रूप में विटामिन बी1 की खुराक उपचार के रूप में दी गई।

इसके परिणाम में पाया गया कि थियामिन सप्लीमेंट लेने के बाद हृदय की कार्यप्रणाली और मरीजों की स्थिति में सुधार देखा गया। इस आधार पर हम कह सकते हैं कि थियामिन का सेवन हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मददगार हो सकता है (7)। हालांकि, ऐसे मरीजों में डॉक्टरी उपचार बहुत जरूरी है।

4. एंटी एजिंग प्रभाव

विटामिन बी1 न सिर्फ सेहत के लिए फायदेमंद है, बल्कि यह त्वचा के लिए भी लाभकारी माना जाता है। एक रिसर्च में पाया गया कि विटामिन बी1 ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ा सकता है, जिससे त्वचा पर ग्लो लाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, विटामिन बी1 त्वचा पर एजिंग के लक्षणों को कम कर सकता है और हाइपरपिग्मेंटेशन (पिगमेंटेशन की अधिकता के कारण त्वचा का गहरा होना) और त्वचा की लालिमा में भी सुधार का काम कर सकता है (8)।

5. पाचन संबंधी समस्या में फायदेमंद

विटामिन बी1 पाचन संबंधी समस्या में भी लाभदायक माना गया है। डब्ल्यूएचओ यानी विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के अनुसार विटामिन बी1 यानी थियामिन की कमी के कारण कई परेशानियां हो सकती हैं, जिनमें से एक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (मुंह से लेकर गुदा मार्ग तक का ट्रैक्ट) यानी जठरांत्र संबंधी समस्या भी शामिल है। इन समस्याओं में भूख में कमी (एनोरेक्सिया) और कब्ज की परेशानी के साथ ही मतली और उल्टी की समस्या भी शामिल है (9)।

इसके अलावा, एक अन्य वैज्ञानिक लेख में पाया गया कि थियामिन के जरिए शरीर में मौजूद कार्बोहाइड्रेट का उपयोग सही तरह से किया जा सकता है। साथ ही यह पाचन संबंधी समस्याओं में फायदेमंद साबित हो सकता है, जैसे भूख नहीं लगना, अल्सरेटिव कोलाइटिस (पाचन तंत्र में सूजन से जुड़ा) और दस्त (10)। हालांकि, पाचन के लिए यह सीधे तौर पर कैसे काम करता है, इसे लेकर अभी और शोध की आवश्यकता है।

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फायदों के बाद हम जानते हैं विटामिन बी1 के स्रोत के बारे में।

विटामिन B1 के स्रोत – Vitamin B1 Food Sources in Hindi

विटामिन बी1 के स्रोत नीचे बताए गए हैं (1)।

  • रोटी, अनाज, चावल व पास्ता
  • होल ग्रेन प्रोडक्ट जैसे ब्रेड
  • व्हीट जर्म
  • बीफ स्टेक और पोर्क
  • ब्लूफिन ट्यूना
  • अंडा
  • फलियां और मटर
  • दाल और बीजथियामिन डेयरी उत्पाद, फल और सब्जियां में बहुत कम मात्रा में होता है, लेकिन जब उन्हें बड़ी मात्रा में खाते हैं, तो वो थियामिन का महत्वपूर्ण स्रोत बन सकते हैं।

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आर्टिकल के इस हिस्से में हम बता रहे हैं विटामिन बी1 की खुराक के बारे में।

विटामिन बी1 की दैनिक खुराक क्या है – What Is The Recommended Daily Intake Of Vitamin B1

विटामिन बी1 की दैनिक खुराक उम्र के हिसाब से अलग-अलग बताई गई है, यहां हम उसी के बारे में बता रहे हैं (1) :

  • 0 से 6 महीने के शिशुओं के लिए प्रतिदिन 0.2 मिलीग्राम।
  • 7 से 12 महीने के शिशुओं को 0.3 मिलीग्राम रोजाना।
  • 1 से 3 साल के बच्चों के लिए 0.5 मिलीग्राम प्रतिदिन।
  • 4 से 8 साल के बच्चों के लिए 0.6 मिलीग्राम मात्रा रोजाना।
  • 9 से 13 वर्ष के बच्चों को 0.9 मिलीग्राम की खुराक।
  • 14 वर्ष और इससे अधिक उम्र वाले पुरुषों के लिए 1.2 मिलीग्राम प्रतिदिन।
  • 14 से 18 वर्ष की उम्र की महिलाओं के लिए 1.0 मिलीग्राम की खुराक।
  • 19 और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को 1.1 मिलीग्राम प्रतिदिन।
  • गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान 1.4 मिलीग्राम की जरूरत होती है।

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विटामिन बी1 के उपयोग से जुड़ी सावधानियां नीचे बताई गई हैं।

विटामिन बी1 लेते समय बरती जाने वाली सावधानियां – Precautions to Take while taking Vitamin B1

नीचे हम बता रहे हैं विटामिन बी 1 लेते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में :

  • गर्भावस्था के दौरान डॉक्टरी सलाह पर ही इसका उपयोग किया जाना चाहिए।
  • स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी इसे लेने से पहले डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।
  • विटामिन बी1 की अधिक मात्रा लेने से बचें। इसकी सही मात्रा के लिए डॉक्टर से पूछ लेना चाहिए।
  • सप्लीमेंट के रूप में विटामिन बी1 का सेवन करने के पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  • थियामिन ले रहे हैं, तो अल्कोहल और अन्य नशीले पदार्थ से दूर रहें।

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विटामिन बी1 के दुष्प्रभाव के बारे में यहां बताया जा रहा है।

विटामिन बी1 के साइड इफेक्ट्स – Vitamin b1 (thiamine) side effects in Hindi

विटामिन बी1 को अगर सही मात्रा में लें, तो यह फायदेमंद हो सकता है। वहीं, कुछ मामलों में विटामिन बी1 की बीमारी भी देखी गई हैं, जिन्हें हम नीचे बता रहे हैं (11) :

  • शरीर में गर्मी बढ़ जाना।
  • पित्त की समस्या हो जाना, जिसमें सूजन की समस्या और खुजली के साथ त्वचा पर लाल चकत्ते बन जाते हैं।
  • त्वचा पर प्रुरिटस यानी खुजली की समस्या।
  • एंजियोएडेमा की समस्या, जिससे त्वचा की अंदरूनी परत में सूजन हो जाती है।
  • शरीर से अधिक पसीने का स्राव होना।
  • सायनोसिस की समस्या हो सकती है, जिसके कारण त्वचा पर नील पड़ सकते हैं।
  • एनाफिलेक्सिस, एक गंभीर एलर्जी।

विटामिन बी1 की कमी कई गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है, इससे बचने के लिए लेख में बताए गए विटामिन बी1 के स्रोत को अपने दैनिक भोजन में शामिल किया जा सकता है। हालांकि, शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन बी 1 के लाभ के साथ ही अन्य पोषक तत्वों की जरूरत भी होती है। अगर आप विटामिन बी1 के फायदे पाने के लिए सप्लीमेंट लेना चाहते हैं, तो इसके पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें और साथ ही इसकी कमी से बचने के लिए नशीले पदार्थों से दूर रहें। उम्मीद करते हैं कि लेख में दी गई जानकारी से आप संतुष्ट होंगे। सेहत से जुड़े ऐसे ही रोचक तथ्यों को जानने के लिए बने रहिए स्टाइलक्रेज के साथ।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

विटामिन बी1 की शरीर में क्या भूमिका होती है?

विटामिन बी1 कार्बोहाइड्रेट को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है (1)। इसके अलावा हृदय, अल्जाइमर, मधुमेह जैसी समस्याओं में भी यह फायदेमंद हो सकता है (3)।

विटामिन बी1 सप्लीमेंट क्या है?

विटामिन बी कॉम्प्लेक्स और विटामिन बी1 के नाम से कई सप्लीमेंट उपलब्ध हैं, जिन्हें खासतौर पर विटामिन बी1 की कमी को पूरा करने के लिए बनाया जाता है। वहीं, इसकी खुराक के बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए (9)।

विटामिन बी1 कैसे ले सकते हैं?

विटामिन बी1 को ऊपर दिए गए प्राकृतिक स्रोत के माध्यम से लिया जा सकता है। इसके अलावा, इसके सप्लीमेंट का सेवन भी डाॅक्टर की सलाह से कर सकते हैं।

मुझे विटामिन बी1 कब लेना चाहिए?

इस विषय में सही जानकारी आपको डॉक्टर दे सकता है। डॉक्टर शरीर में विटामिन बी1 की कमी की पुष्टि कर इसे लेने की सलाह दे सकता है।

11 Sources

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सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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