विटामिन बी3 के 14 फायदे, स्रोत और नुकसान – Vitamin B3 (Niacin) ke fayde, srot aur nuksan in Hindi

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शरीर एक मशीन की तरह काम करता है। इसलिए, इसे ठीक तरीके से चलाने व स्वस्थ रखने के लिए सभी पोषक तत्वों की जरूरत होती है। शायद इसी वजह से अक्सर संतुलित आहार को डाइट में जगह देने सलाह दी जाती है, लेकिन कुछ पोषक तत्व ऐसे होते हैं, जिस पर लोग गौर नहीं करते। ऐसे ही न्यूट्रिएंट में विटामिन-बी3 भी शामिल है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम बता रहे हैं कि मानव शरीर में विटामिन-बी 3 की क्या भूमिका है। यहां विटामिन-बी3 के फायदे और शरीर में विटामिन-बी3 की कमी से होने वाली समस्याओं के बारे में बताया गया है। साथ ही विटामिन-बी3 के स्रोत की जानकारी भी आपको इस लेख में मिलेगी।

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सबसे पहले हम बताएंगे कि विटामिन-बी3 क्या है। इसके बाद विटामिन-बी 3 के लाभ के बारे में बात करेंगे।

विटामिन-बी3 क्या है? – What is Vitamin B3 in Hindi?

यह विटामिन का एक प्रकार और विटामिन-बी कॉम्प्लेक्स का हिस्सा है। यह विटामिन घुलनशील होता है, जो पानी में घुलकर शरीर में पहुंचता है और इसकी बची हुई मात्रा पेशाब के मार्ग से निकल जाती है। मतलब यह शरीर में स्टोर नहीं होता। हां, इस विटामिन के थोड़े से अंश को शरीर अपनी जरूरत के लिए बचाकर रखता है। इसी वजह से शरीर में इसकी मात्रा बनाए रखने के लिए बी3 युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए (1)।

विटामिन-बी3 के मुख्यत: दो रूप होते हैं, नियासिन और नियसिनामाइड (Niacinamide) (2)। नियासिन शरीर में वसा और शुगर को सही तरीके से काम करने और कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करता है (3)। यह नियासिन जब शरीर में ज्यादा मात्रा में पहुंचता है, तो विटामिन-बी3 के दूसरे रूप नियसिनामाइड में परिवर्तित हो जाता है (2) शरीर को विटामिन-बी3 के इन दोनों रूप से क्या फायदा होता है, यह हम नीचे बता रहे हैं।

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अब विस्तार से जानिए विटामिन-बी 3 के लाभ क्या-क्या होते हैं।

विटामिन बी3 से लाभ – Vitamin B3 Health Benefits In Hindi

विटामिन-बी3 के फायदे कई सारे हैं। शरीर से लेकर मस्तिष्क तक को इस विटामिन की आवश्यकता होती है। ऐसे में यहां हम स्वास्थ्य से संबंधित विटामिन-बी3 के फायदे की जानकारी दे रहे हैं। विटामिन-बी3 के लाभ कुछ इस प्रकार हैं :

1. एलडीएल कोलेस्ट्रोल को कम करने के लिए विटामिन-बी 3 के लाभ

एलडीएल (Low-density lipoprotein) एक हानिकारक कोलेस्ट्रोल है, जिसे कम करने में विटामिन-बी3 मदद कर सकता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, नियासिन का सेवन एलडीएल कोलेस्ट्रोल को 10 से 15 प्रतिशत तक कम कर सकता है (4)। दरअसल, जब एलडीएल का स्तर बढ़ता है, तो शरीर में प्लाक बनने लगता है। यह प्लाक धमनी संबंधित रोग एथेरोस्क्लेरोसिस और हृदय रोग का जोखिम बढ़ाता है (5)। इसी वजह से विटामिन-बी3 को आहार में शामिल करना जरूरी है।

2. एचडीएल कोलेस्ट्रोल को बढ़ाने के लिए विटामिन-बी3 के फायदे

एलडीएल कोलेस्ट्रोल को कम करने के साथ ही यह विटामिन एचडीएल (High-density lipoprotein) यानी अच्छे कोलेस्ट्रोल को बढ़ाने में सहायक हो सकता है। एक स्टडी के मुताबिक नियासिन का सेवन एचडीएल कोलेस्ट्रोल के स्तर को 15 से 35 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है (4)। इस कोलेस्ट्रोल के बढ़ने से धमनी रोग और स्ट्रोक के खतरे को कम किया जा सकता है। साथ ही यह खराब कोलेस्ट्रोल को शरीर से बाहर निकालने में मदद कर सकता है (6)।

3. एनर्जी के लिए विटामिन-बी3

विटामिन-बी3 के लाभ में शरीर में एनर्जी के स्तर को बढ़ाना भी शामिल है। दरअसल, विटामिन-बी3 शरीर में मौजूद खाद्य पदार्थों को एनर्जी में परिवर्तित कर सकता है (1)। इससे शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और कमजोरी दूर हो सकती है। यह अन्य विटामिन के साथ कार्य करके कार्बोहाइड्रेट से भी शरीर के लिए एनर्जी बनाता है (7)।

4. ट्राइग्लिसराइड्स कम करने के लिए विटामिन-बी3

ट्राइग्लिसराइड्स एक प्रकार का फैट होता है, जो बटर, तेल और अन्य फैट से शरीर तक पहुंचता है। शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स की मात्रा अधिक होने पर हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है (8)। ऐसे में ट्राइग्लिसराइड्स को संतुलित रखना जरूरी है। एक स्टडी के अनुसार, विटामिन-बी3 ट्राइग्लिसराइड्स को 20 से 50 प्रतिशत तक कम कर सकता है (4)। इसी वजह से ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कम करने के लिए विटामिन-बी3 युक्त आहार को डाइट में जरूर शामिल करें।

5. मस्तिष्क के लिए विटामिन बी3 या नियासिन

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, शरीर में नियासिन की कमी के कारण कई प्रकार के मानसिक रोग हो सकते हैं। सिजोफ्रेनिया रोग भी उन्हीं विकारों में से एक है, जिससे राहत पाने के लिए नियासिन का सेवन लाभकारी हो सकता है। यह विटामिन मस्तिष्क को हुए नुकसान को कम करने में सहायक माना जाता है (9)। साथ ही विटामिन-बी3 तंत्रिकाओं को सही तरीके से काम करने में भी मदद कर सकता है (1)। तंत्रिका का सीधा संबंध मस्तिष्क से होता है। यह दिमाग को सिग्नल भेजने का काम करते हैं (10)।

6. नियासिन के फायदे गठिया के लिए

नियसिनामाइड का सेवन गठिया के लिए लाभकारी हो सकता है। यह ऑस्टियोअर्थराइटिस (गठिया का एक प्रकार) से परेशान लोगों के जोड़ों के लचीलेपन में सुधार ला सकता है। साथ ही इसके कारण होने वाली जोड़ों की सूजन को भी कम करने में सहायक माना जाता है (2)। ऐसे में गठिया से बचाव के लिए विटामिन बी3 का सेवन किया जा सकता है।

7. पाचन के लिए विटामिन बी3

बदहजमी या पाचन संबंधी परेशानियां को दूर करने के लिए भी विटामिन-बी3 का सेवन किया जा सकता है। बताया जाता है कि यह पाचन तंत्र को बेहतर रख सकता है। दरअसल, शरीर में इसकी कमी होने पर पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं (1)। बताया जाता है कि यह पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए शरीर में राइबोफ्लेविन (विटामिन-बी2) और थायमिन (विटामिन-बी1) के साथ मिलकर कार्य करता है (11)। ऐसे में पाचन को सही रखने के लिए विटामिन-बी3 और अन्य पोषक तत्व को नियमित आहार में शामिल किया जाना चाहिए।

8. नियासिन पेलेग्रा के इलाज में फायदेमंद

विटामिन बी 3 की कमी से होने वाले रोग में पेलेग्रा भी शामिल है। इसमें मरीज को भूख कम लगती है और दस्त, पेट दर्द व त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती है। ऐसे में विटामिन-बी3 युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करके इसकी कमी को दूर किया जा सकता है। ऐसे करने से विटामिन बी 3 की कमी से होने वाले रोग पेलेग्रा से बचाव हो सकता है (12)।

9. गर्भावस्था में विटामिन-बी 3

गर्भावस्था के दौरान विटामिन-बी3 का सेवन संयमित मात्रा में करना सुरक्षित है (3)। इसका सेवन करने से गर्भपात के खतरे और भ्रूण को होने वाले बर्थ-डिफेक्ट (जन्म दोष) के जोखिम को कम किया जा सकता है (13)। वैसे गर्भवती को खाद्य पदार्थों से पर्याप्त विटामिन-बी 3 मिल जाता है। फिर भी अगर कोई सप्लीमेंट का सेवन करना चाहता है, तो ऐसा डॉक्टरी सलाह के बिना बिल्कुल न करें।

10. त्वचा के लिए विटामिन-बी 3

त्वचा के लिए भी विटामिन-बी 3 आवश्यक होता है (1)। एक स्टडी में बताया गया है कि नियसिनामाइड एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। इसका यह प्रभाव त्वचा को झुर्रियों से बचाने और स्किन इलास्टिसिटी में सुधार करने में सहायक हो सकता है। इसके अलावा, यह त्वचा को हाइपरपिग्मेंटेशन (काले धब्बों), रेडनेस, त्वचा का पीलापन और फाइन लाइन्स को कम कर सकता है (14)।

11. बालों के लिए विटामिन बी 3

सीधे तौर पर विटामिन-बी3 बालों के लिए फायदेमंद हो सकता है या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। हां, विटामिन-बी3 की कमी से होने वाले पेलेग्रा रोग के कारण बालों के झड़ने की समस्या होती है। ऐसे में नियासिन के सेवन से विटामिन-बी3 की कमी को पूरा करके बालों को झड़ने से जरूर रोका जा सकता है (15)। ऐसे में अनुमान के तौर पर ही कहा जा सकता हैं कि यह बालों के लिए भी जरूरी पोषक तत्व है।

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विटामिन-बी3 के फायदे के बाद अब जानते हैं कि विटामिन-बी3 किस में पाया जाता है।

विटामिन-बी3 के खाद्य स्रोत – Vitamin B3 Rich foods in Hindi

विटामिन-बी3 की पूर्ति के लिए किन खाद्य पदार्थों का सेवन किया जाना चाहिए, इसके बारे में हम नीचे बता रहे हैं। इनकी मदद से विटामिन-बी3 की कमी से बचा जा सकता है। इसी वजह से इन खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में जगह जरूर दें (1) (16) :

  • अंडा
  • चावल
  • मछली
  • दूध
  • फलियां
  • मूंगफली
  • मशरूम
  • मीट
  • प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ

जानें बी-3 की डोज

विटामिन-बी3 किस में पाया जाता है, यह जानने के बाद अब विटामिन-बी3 की मात्रा के बारे में जानते हैं।

विटामिन बी 3 की आवश्यक मात्रा – Vitamin B3 (niacin) dosage in Hindi

विटामिन-बी3 खाद्य पदार्थ के बारे में जानने के बाद, यह जानकारी तो बनती है कि विटामिन-बी 3 का सेवन कितनी मात्रा में किया जाना चाहिए। इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम लेख के इस भाग में उम्र के अनुसार विटामिन-बी 3 की मात्रा के बारे में जानकारी दे रहे हैं (1)।

नवजात :

  • 0 से 6 महीने : 2 मिलीग्राम प्रति दिन
  • 7 से 12 महीने : 4 मिलीग्राम प्रति दिन

बच्चे :

  • 1 से 3 साल : 6 मिलीग्राम/दिन
  • 4 से 8 साल : 8 मिलीग्राम/दिन
  • 9 से 13 वर्ष : 12 मिलीग्राम/दिन

किशोर और वयस्क :

पुरुष

  • 14 और उससे अधिक उम्र : 16 मिलीग्राम/दिन

महिला

  • 14 और उससे अधिक : 14 मिलीग्राम/दिन

नोट : यह मात्रा अनुमान के तौर पर बताई गई है। व्यक्ति की शारीरिक स्थिति के अनुसार इसमें उतार-चढ़ाव हो सकता है। जैसे गर्भवतियों को इसकी अधिक मात्रा की आवश्यकता हो सकती है।

रोचक है न जानकारी

विटामिन-बी3 को कितनी मात्रा में लेना चाहिए यह बताने के बाद अब इसके उपयोग पर एक नजर डालते हैं।

विटामिन बी 3 का उपयोग कैसे करें – How to use Vitamin B3 in Hindi

विटामिन-बी3 की जरूरी मात्रा के बारे में आप जान ही चुके हैं, तो अब सवाल उठता है कि इसे शरीर में पहुंचाने के लिए उपयोग कैसे किया जाए। चलिए, इस बारे में नीचे जानते हैं।

  1. आहार – जैसे कि ऊपर जानकारी दी गई है कि विटामिन-बी 3 का उपयोग आहार के रूप में किया जा सकता है। ऊपर बताई गई अपनी पसंदीदा किसी भी विटामिन-बी3 युक्त खाद्य पदार्थ को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। इससे आहार के जरिए शरीर को विटामिन-बी3 मिल जाएगा।
  2. सप्लीमेंट – विटामिन-बी3 के सेवन का दूसरा तरीका है, सप्लीमेंट्स। हालांकि, आहार के जरिए शरीर को संतुलित मात्रा में विटामिन-बी 3 मिल सकता है। फिर भी अगर किसी के शरीर को ज्यादा मात्रा में विटामिन-बी3 की जरूरत पड़ती है, तो डॉक्टरी सलाह के अनुसार विटामिन-बी3 सप्लीमेंट का सेवन किया जा सकता है।

बने रहिए हमारे साथ

अब हम विटामिन-बी3 की कमी से जुड़ी जानकारी दे रहे हैं।

विटामिन बी3 की कमी क्या है? – What is Vitamin C Deficiency in Hindi

विटामिन-बी3 की कमी क्या है, यह सवाल मन में आना स्वाभाविक है। ऐसे में इस सवाल का जवाब हम दो भागों में दे रहे हैं। पहले भाग में हम इसके कारणों का उल्लेख करेंगे और दूसरे भाग में हम इसके लक्षणों की जानकारी देंगे।

कारण : विटामिन-बी3 की कमी का सबसे बड़ा कारण इससे युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन न करना है। इसके अलावा, अन्य वजह कुछ इस प्रकार हैं (3) (17):

  • डाइट सही न होना।
  • प्रोटीन युक्त आहार की कमी।
  • शराब का सेवन।
  • धीमी गति से बढ़ने वाले ट्यूमर (Carcinoid Tumors) होने के कारण।
  • कुछ खास तरह की दवाइयों का सेवन, जैसे- आइसोनियाजिड (Isoniazid- एक प्रकार का एंटीबायोटिक)।
  • मालएब्सोर्पटिव विकार, जैसे – क्रोनिक डायरिया और इंफ्लेमेटरी बाउल डिजिज।

लक्षण :

विटामिन-बी3 की कमी होने पर पेलेग्रा (Pellagra) की स्थिति उत्पन्न होती है (17)। शरीर में इस विटामिन की कमी यानी पेलेग्रा होने पर कुछ इस प्रकार के लक्षण नजर आ सकते हैं (12):

  • कमजोरी
  • दस्त
  • पेट में दर्द
  • भूख में कमी
  • पपड़ीदार त्वचा
  • भ्रम की स्थिति (Delusions)

पढ़ते रहें यह आर्टिकल

विटामिन-बी3 का अधिक सेवन करने से होने वाले नुकसान के बारे में आगे पढ़ें।

विटामिन बी3 से नुकसान – Vitamin B3 (Niacin) side effects in Hindi

विटामिन-बी3 के फायदे आप जान ही गए हैं, लेकिन इसका अधिक सेवन करने से नुकसान भी हो सकते हैं। इसके नुकसानों को हमने दो भागों में विभाजित किया है, जो कुछ इस प्रकार हैं (3) :

प्रतिदिन 3 ग्राम से ज्यादा नियासिन लेने से होने वाले नुकसान :

विटामिन-बी 3 टैबलेट के साइड इफेक्ट्स :

विटामिन-बी3 की पूर्ति के लिए खाद्य पदार्थों का सेवन ही बेहतर होता है, लेकिन कई बार इसकी कमी को दूर करने के लिए लोग सप्लीमेंट का भी सेवन करते हैं। इसी वजह से हम नीचे टेबलेट लेने के साइड इफेक्ट्स बता रहे हैं, जो इस प्रकार हैं (18) :

  • दस्त, उल्टी, मितली
  • खांसी, आवाज बैठना
  • चक्कर आना
  • रैशेज, खुजली
  • मांसपेशियों में दर्द या ऐंठन
  • चेहरे, गले, चीभ, हाथ-पांव, होंठ या आंखों में सूजन
  • धड़कन तेज होना और कम भूख लगना
  • पेशाब या मल के रंग में बदलाव

लेख अभी बाकी है

आगे हम जानेंगे कि किन दवाइयों के साथ विटामिन-बी3 का सेवन संभलकर करना चाहिए।

नियासिन के साथ अन्य दवाओं की प्रतिक्रिया – Niacin Interactions with Medications in Hindi

नियासिन सप्लीमेंट का सेवन करते समय कुछ बातों का खास ध्यान रखना चाहिए। इसी वजह से हम नीचे बता रहे हैं कि कौन सी स्वास्थ्य समस्या से जुड़ी दवाइयों का सेवन नियासिन के साथ करने से बचना चाहिए (3)।

  • शराब के साथ नियासिन लेने से लिवर डैमेज हो सकता है।
  • गाउट की दवा के साथ नियासिन का अधिक सेवन करने से यह गाउट की दवा का असर कम कर समस्या को बढ़ा सकता है।
  • लो-बीपी की समस्या के लिए अगर कोई दवा ले रहा हो, तो उसके साथ नियासिन लेने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूरी है। नियासिन में भी ब्लड प्रेशर कम करने के गुण मौजूद होते हैं। ऐसे में इसका सेवन बीपी को जरूरत से ज्यादा कम कर सकता है।
  • अगर कोई एंटीडायबिटीज दवा ले रहा हो, तो विटामिन-बी3 के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह लें। नियासिन डायबिटीज की दवा के प्रभाव को कम कर सकता है।
  • थायराइड हार्मोन की समस्या में इसकी दवा के साथ नियासिन का सेवन करने से यह हार्मोन प्रभावित हो सकता है। ऐसे में थायराइड की दवा के साथ इसके सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह लें।

इस लेख को पढ़ने के बाद आपको यह पता चल गया होगा कि अन्य पोषक तत्वों की तरह विटामिन-बी3 भी शरीर के लिए जरूरी है। विटामिन-बी3 की कमी रोगों का कारण बन सकती है। ऐसे में विटामिन-बी3 युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करके विटामिन-बी3 की कमी से बचा जा सकता है। बेशक, विटामिन बी3 के फायदे कई हैं, लेकिन विटामिन-बी3 के लाभ पाने के लिए इसका अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे में विटामिन-बी3 की कमी पूरी करने के लिए संतुलित आहार का सेवन करें और सप्लीमेंट्स डॉक्टरी सलाह के बिना बिल्कुल न लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

विटामिन-बी 3 सबसे ज्यादा किस में पाया जाता है?

विटामिन-बी3 कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। अगर कोई मांसाहारी है, तो वो विटामिन-बी3 के स्रोत के लिए चिकन का सेवन कर सकता है। वहीं, शाकाहारी लोग विटामिन-बी3 के लिए ब्राउन राइस या मूंगफली को आहार में शामिल कर सकते हैं।

विटामिन-बी3, नियासिन (Vitamin B3, Niacin) के इस्तेमाल से पहले मुझे क्या पता होना चाहिए?

विटामिन-बी3, नियासिन से जुड़ी सावधानी की कुछ बातें पता होनी चाहिए। उदाहरण के लिए इसे डायबिटीज की दवा और अल्कोहल के साथ नहीं लेना चाहिए (3)। इनके अलावा, अन्य किन दवाओं के साथ इसका सेवन नहीं करना चाहिए, इसकी जानकारी ऊपर दी गई है।

क्या प्रेगनेंसी या ब्रेस्टफीडिंग के दौरान विटामिन बी3 (Vitamin B3) लेना सुरक्षित है?

हां, इन दोनों अवस्थाओं में संतुलित मात्रा में विटामिन-बी3 का सेवन सुरक्षित है (3)। खाद्य पदार्थ के माध्यम से इसे ले सकते हैं, लेकिन सप्लीमेंट के रूप में लेने से पहले महिला को एक बार डॉक्टरी सलाह जुरूर लेनी चाहिए।

क्या करना चाहिए अगर विटामिन-बी3 की एक खुराक लेना भूल जाएं?

अगर विटामिन-बी3 टैबलेट लेना भूल जाएं, तो जैसे ही याद आए मिस्ड डोज ले लें। अगर अगली खुराक लेने का वक्त हो गया है, तो मिस्ड डोज को छोड़ दें। मिस्ड डोज की पूर्ति के लिए दो बार विटामिन-बी 3 का डोज नहीं लिया जाना चाहिए (18)।

क्या अल्कोहल के साथ विटामिन बी3, नियासिन (Vitamin B3, Niacin) लेना सुरक्षित है?

नहीं, अल्कोहल के साथ विटामिन बी3, नियासिन का सेवन लिवर डैमेज का जोखिम बढ़ा सकता है (3)।

क्या विटामिन-बी3 को लेकर स्तनपान से संबंधित कोई चेतावनी है?

हां, इसके सेवन की मात्रा को लेकर चेतावनी है। स्तनपान कराने वाली 18 से कम उम्र की महिलाओं को प्रतिदिन 30 मिलीग्राम से अधिक नियासिन का सेवन नहीं करना चाहिए। वहीं, जिनकी उम्र 18 से ज्यादा है, उन्हें प्रतिदिन अधिकतम 35 मिलीग्राम से ज्यादा विटामिन-बी3 नहीं लेना चाहिए (3)।

प्राकृतिक तरीके से विटामिन-बी3 कैसे मिल सकता है ?

लेख में पहले ही जानकारी दी गई है कि कई तरह के खाद्य पदार्थ जैसे – अंडा, दूध, फलियां व मूंगफली से प्राकृतिक तरीके से विटामिन-बी3 मिल सकता है (3)।

क्या नियासिन से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है ?

नहीं, नियासिन के अधिक सेवन से रक्तचाप कम होता है (3)।

क्या विटामिन-बी3 के सेवन से पेट खराब हो सकता है ?

हां, विटामिन-बी3 के टैबलेट का सेवन करने से पेट खराब होना व दस्त की समस्या हो सकती है (18)।

क्या विटामिन-बी 3 रंगत को हल्का कर सकता है ?

विटामिन-बी3 का एक रूप नियासिनमाइड त्वचा के लिए लाभकारी हो सकता है। यह पिगमेंटेशन की समस्या को कम करके त्वचा को निखार सकता है (14)।

क्या मैं रोज नियासिनमाइड का उपयोग कर सकता हूं?

आप डॉक्टर की सलाह के बिना इसका रोजाना उपयोग करने से बचें।

क्या नियासिन के सेवन से वजन बढ़ सकता है?

नहीं, नियासिन के सेवन से वजन बढ़ने का जोखिम नहीं हो सकता है (19)।

संदर्भ (Sources)

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Arpita Biswas

अर्पिता ने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक किया है। इन्होंने 2014 से अपने लेखन करियर की शुरुआत की थी। इनके अभी तक 1000 से भी ज्यादा आर्टिकल पब्लिश हो चुके हैं। अर्पिता को विभिन्न विषयों पर लिखना पसंद है, लेकिन उनकी विशेष रूचि हेल्थ और घरेलू उपचारों पर लिखना है। उन्हें अपने काम के साथ एक्सपेरिमेंट करना और मल्टी-टास्किंग काम करना पसंद है। इन्हें लेखन के अलावा डांसिंग का भी शौक है। इन्हें खाली समय में मूवी व कार्टून देखना और गाने सुनना पसंद है।

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