विटामिन बी7 के फायदे, इसकी कमी के कारण और लक्षण – Vitamin B7 Benefits in Hindi

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पोषक तत्व शरीर के बेहतर विकास के साथ-साथ स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव के लिए जरूरी होते हैं। इन्हीं पोषक तत्वों में एक नाम विटामिन बी7 का भी है। अन्य विटामिन्स की तरह ही विटामिन बी7 सेहत के लिए जरूरी है। हालांकि, कई लोगों को शरीर के लिए इसकी महत्ता के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होगी। इसलिए स्टाइलक्रेज का यह लेख खासतौर से विटामिन7 से जुड़ी जानकारियों पर लिखा गया है। यहां विटामिन बी7 की कमी के लक्षण से लेकर विटामिन बी7 के फायदे तक की जानकारी दी गई है। साथ ही विटामिन बी7 युक्त खाद्य पदार्थ के बारे में भी यहां बताया गया है। तो बिना देर करते हुए पढ़ना शुरू करें।

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इस लेख के पहले भाग में हम विटामिन बी7 क्या है, यह बताने जा रहे हैं।

विटामिन बी7 क्या है? – What is Vitamin B7 (Biotin) in Hindi

विटामिन बी7 को बायोटिन (Biotin) के नाम से भी जाना जाता है। यह पानी में घुलनशील विटामिन बी है, जो कई खाद्य पदार्थों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। बायोटिन खाद्य पदार्थ में मौजूद फैट (वसा), कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन को तोड़ने के लिए एंजाइम की मदद कर सकता है (1)। माना जाता है कि यह खासतौर से बाल और नाखूनों के लिए उपयोगी विटामिन है (2)। लेख में आगे पढ़ें विटामिन बी7 से जुड़े कुछ और जरूरी तथ्य।

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आगे जानिए, विटामिन बी7 की कमी होने के पीछे क्या कारण होते हैं।

विटामिन बी7 की कमी होने के कारण – Causes of Vitamin B7 Deficiency in Hindi

शरीर में विटामिन बी7 यानी बायोटिन की कमी होने के अनेक कारण हो सकते हैं। इन कारणों के बारे में पता होने पर कुछ सावधानी बरती जा सकती है, जिससे कि विटामिन बी7 की कमी को रोका जा सकता है। नीचे हम विटामिन बी7 की कमी के इन्हीं कारणों की जानकारी दे रहे हैं:

  1. विटामिन बी7 युक्त आहार के सेवन की कमी- लंबे समय तक आहार में पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी7 नहीं मिल पाने की वजह से इसकी कमी हो सकती है। ऐसे में विटामिन बी7 की कमी को दूर करने के लिए इससे भरपूर खाद्य पदार्थ को अपने आहार में शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है (3)।
  1.  मालएब्जॉर्प्शन– जब शरीर खाद्य पदार्थों से पोषक तत्वों को अवशोषित करने में असफल रहता है, तो उस स्थिति को मालएब्जॉर्प्शन (Malabsorption) कहते हैं। आंतों में अगर किसी प्रकार की समस्या हो तो यह स्थिति पैदा हो सकती है (4)। इससे शरीर में विटामिन बी7 की मात्रा में कमी हो सकती है (3)।
  1.  दवाइयों का उपयोग- अगर कोई लंबे समय तक एंटीबायोटिक और एंटी-सीजर जैसी दवाइयों का इस्तेमाल करता है, तो उनके शरीर में भी विटामिन बी7 की कमी नजर आ सकती है (3)।
  1.  धूम्रपान और शराब सेवन- अत्यधिक मात्रा में शराब और धूम्रपान करने पर भी इसकी कमी हो सकती है। ऐसे में जिनमें विटामिन बी7 की कमी है, उन्हें धूम्रपान और शराब के सेवन से दूर रहना चाहिए (3)।
  1. कच्चे अंडे के सफेद भाग का सेवन- अगर कोई नियमित रूप से कच्चे अंडे के सफेद भाग का सेवन करता है, तो उनमें भी विटामिन बी7 की कमी हो सकती है। दरअसल, इसमें प्रोटीन एविडिन (Protein Avidin) होता है, जो बायोटिन को बांधता है। इससे बायोटिन के अवशोषण में बाधा उत्पन्न हो सकती है, जिससे कि शरीर में विटामिन बी7 की कमी हो सकती हैं (3)।

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आइए अब जानते हैं कि विटामिन बी7 की कमी के लक्षण किस तरह के हो सकते हैं।

विटामिन बी7 की कमी के लक्षण – Symptoms of Vitamin B7 Deficiency in Hindi

विटामिन बी7 की कमी होना असामान्य है। हालांकि, अगर विटामिन बी7 की कमी हो तो कुछ लक्षणों से इसकी कमी का पता लगाया जा सकता है। विटामिन बी7 के कमी के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं (5):

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चलिए, अब जान लेते है कि विटामिन बी7 के फायदे क्या-क्या हो सकते हैं।

विटामिन बी7 के फायदे – Vitamin B7 Benefits In Hindi

विटामिन बी7 से स्वास्थ्य को कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं। इन फायदों के बारे में नीचे विस्तारपूर्वक जानकारी दी जा रही है:

1. मधुमेह

विटामिन बी7 मधुमेह की समस्या के लिए लाभकारी हो सकता है। यह रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है (6)। एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक मेडिकल रिसर्च के अनुसार, बायोटिन के साथ इंसुलिन का उपयोग करने पर टाइप 1 मधुमेह के मरीजों के ब्लड शुगर और ब्लड में लिपिड की मात्रा में सुधार देखा गया है (7)। ऐसे में इस आधार पर माना जा सकता है कि डायबिटीज डाइट में विटामिन बी7 युक्त आहार शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है। वहीं, इसके सप्लीमेंट के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

2. हृदय स्वास्थ्य के लिए

हृदय को स्वस्थ रखने में विटामिन बी7 मदद कर सकता है। ऐसा माना जाता है कि हृदय रोग के जोखिम को कम करने में विटामिन बी की मुख्य भूमिका होती है, जिनमें बी7 भी शामिल है (8)। दरअसल, शोध में बायोटिन में एंटी हाइपरटेंसिव गुण (Antihypertensive – रक्तचाप को कम करने का गुण) की पुष्टि हुई है, जो रक्तचाप की समस्या को कम करके स्ट्रोक के जोखिम को कम कर सकता है। साथ ही यह कोरोनरी धमनी के मोटे होने की समस्या के लिए भी उपयोगी पाया गया है (9)। फिलहाल, अभी और वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है, जिससे कि सीधे तौर पर हृदय के लिए विटामिन बी7 के लाभ का पता चल सके।

3. चयापचय (मेटाबोलिज्म)

विटामिन बी7 के फायदे में चयापचय यानी मेटाबॉलिज्म को बेहतर करना भी शामिल है। दरअसल, मेटाबोलिज्म को नॉर्मल रखने के लिए बी विटामिन्स उपयोगी हो सकते हैं (8)। विटामिन बी7 को मेटाबोलिक डिसऑर्डर जैसे – ग्रेव्स रोग (Graves Disease), हाइपरथॉयराइडिज्म की समस्या (Hyperthyroidism – थायराइड ग्रंथि द्वारा जरूरत से ज्यादा थायराइड हार्मोन का निर्माण करना) के लिए उपयोगी पाया गया है (5)। बता दें कि मेटाबोलिज्म का तात्पर्य शरीर की उन सभी शारीरिक और रासायनिक प्रक्रियाओं से है, जो खाने को ऊर्जा में बदलने का काम करती है (10)।

4. त्वचा के लिए

विटामिन बी7 त्वचा के लिए जरूरी होता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित मेडिकल रिसर्च के अनुसार, बायोटिन की कमी से स्किन रैश (Eczematous Skin Rashes) और सेबोरिक डर्मेटाइटिस (Seborrheic Dermatitis) जैसी त्वचा की समस्या हो सकती है। ऐसे में, इनसे बचाव के लिए विटामिन बी7 का सेवन लाभकारी हो सकता है (11)। इसलिए कहा जा सकता है कि विटामिन बी7 के फायदे त्वचा के लिए भी हो सकते हैं।

5. बालों के लिए

विटामिन बी7 के फायदे बालों को स्वस्थ रखने के लिए भी हो सकते हैं। माना जाता है कि बायोटिन बालों और नाखूनों के लिए उपयोगी हो सकता है। कई बार बायोटिन की दवा को बालों और नाखूनों के लिए उपयोगी होने का दावा किया जाता है। हालांकि, इस विषय में अभी और शोध की आवश्यकता है (12)। भले ही अभी इस विषय में रिसर्च की आवश्यकता हो, लेकिन बालों को स्वस्थ रखने के लिए बायोटिन युक्त आहार को डाइट में शामिल करना अच्छा और आसान विकल्प हो सकता है।

6. नाखून के लिए

जो लोग नाखून बढ़ाने के शौकीन हैं, उनके लिए विटामिन बी7 सहायक साबित हो सकता है। दरअसल, कई लोगों का मनना है कि बायोटिन नाखूनों को तेजी से बढ़ाने का काम कर सकता है। इससे नाखून मजबूत भी हो सकते हैं (12)। फिलहाल, अभी इस संबंध में स्पष्ट वैज्ञानिक शोध की आवश्यकता है, लेकिन ट्रायल के तौर पर नाखूनों के लिए बायोटिन युक्त आहार को डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।

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आगे पढ़िए, विटामिन बी7 के स्रोत में कौन-कौन से खाद्य पदार्थ शामिल है।

विटामिन B7 के स्रोत – Vitamin B7 Food Sources in Hindi

बायोटिन कई खाद्य पदार्थों में पाया जाता है, जिन्हें आहार में शामिल कर, शरीर में इसकी पूर्ति की जा सकती है। इन खाद्य पदार्थों की सूची कुछ इस प्रकार है (13) (5):

  • अनाज
  • चॉकलेट
  • अंडे की जर्दी
  • फलियां
  • दूध
  • नट्स
  • मांस
  • भुने हुए सूरजमुखी के बीज
  • शकरकंद
  • टूना मछली
  • पालक
  • ब्रोकोली
  • पनीर
  • सादा दही
  • ओटमील
  • केला
  • सेब

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अब हम विटामिन बी7 को एक दिन में कितनी मात्रा में लेना चाहिए, इसकी जानकारी दे रहे हैं।

विटामिन बी7 की खुराक – What Is The Recommended Daily Intake Of Vitamin B7

विटामिन बी7 की खुराक उम्र के आधार पर अलग-अलग हैं। ऐसे में हम हर किसी के लिए उम्र के अनुसार प्रतिदिन इसके सेवन की मात्रा बता रहे हैं, जो कुछ इस तरह से है (13):

  • जन्म से 6 महीने तक के शिशुओं को प्रतिदिन 5 माइक्रोग्राम (एमसीजी) विटामिन बी7 की आवश्यकता होती है।
  • 7 से 12 महीने के बच्चों को रोजाना 6 माइक्रोग्राम बायोटिन दिया जा सकता है।
  • हर 1 से 3 साल के बच्चे को प्रतिदिन बायोटिन की 8 माइक्रोग्राम की जरूरत हो सकती है।
  • बच्चों के 4 से 8 वर्ष का होने के बाद 12 माइक्रोग्राम तक बायोटिन देना उचित हो सकता है।
  • जब बच्चे 9 से 13 वर्ष की आयु में पहुंचते हैं, तो उसे रोजाना 20 माइक्रोग्राम बायोटिन की आवश्यकता होती है।
  • 14 से 18 वर्ष के किशोरों को प्रतिदिन विटामिन बी7 की 25 माइक्रोग्राम मात्रा की जरूरत हो सकती है।
  • 19 और उससे अधिक उम्र वाले लोगों को हर दिन 30 माइक्रोग्राम विटामिन बी7 की जरूरत होती है। अगर कोई गर्भवती है, तो उन्हें भी इतनी ही मात्रा में विटामिन बी7 चाहिए होता है।
  • वहीं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं को रोजाना 35 विटामिन बी7 की मात्रा लेनी चाहिए।

नीचे मुख्य जानकारी है

चलिए पढ़ते है कि विटामिन बी7 लेते समय किस तरह की सावधानियां बरती जानी चाहिए।

विटामिन बी7 लेने से जुड़ी सावधानियां – Precautions to Take while taking Vitamin B7

विटामिन बी7 को लेने से पहले कुछ सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इससे शरीर को सही मात्रा में विटामिन बी7 दिया जा सकता है और किसी तरह की हानि से बचा जा सकता है:

  • इसकी पूर्ति खाद्य पदार्थ के माध्यम से करने की कोशिश करें।
  • अगर कोई इसके सप्लीमेंट लेने का विचार कर रहा है, तो वे एक बार डॉक्टर से सलाह लें। साथ ही कितनी मात्रा में सप्लीमेंट लेना है, इस बारे में भी पूछें।
  • कई तरह के विटामिन्स और मिनरल्स के सप्लीमेंट को एक साथ लेने से बचें।
  • इसके सप्लीमेंट लेने पर किसी तरह का रिएक्शन दिखाई देने से तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

लेख अंत तक पढ़ें

इस लेख के आगे के भाग में विटामिन बी7 से होने वाले नुकसान की जानकारी दी गई है।

विटामिन बी7 के नुकसान – Vitamin B7 Side Effects in Hindi

विटामिन बी7 के फायदे अनेक हैं, पर कभी-कभी इससे कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। हालांकि, इसके नुकसान दुर्लभ हैं, ऐसे में यहां हम सावधानी के तौर पर इसके थोड़े-बहुत नुकसान की जानकारी दे रहे हैं। विटामिन बी7 के नुकसान कुछ इस प्रकार हैं:

  • बायोटिन की अधिकता से पेट खराब की समस्या हो सकती है (12)।
  • इसके सप्लीमेंट के अधिक सेवन से खाद्य पदार्थ के प्रति संवेदनशील व्यक्ति को एलर्जी हो सकती है।

बायोटिन शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है, पर इसकी जरूरत को पूरा करने के लिए प्राकृतिक तरीका अपनाना बेहतर हो सकता है। इसलिए, जितना हो सके खाद्य पदार्थों के जरिए इसकी पूर्ति करें। अगर खाद्य पदार्थों के सेवन के बाद भी शरीर में बायोटिन की कमी के लक्षण बरकरार रहे, तो डॉक्टर की सलाह पर इसके सप्लीमेंट लें। हम उम्मीद करते हैं कि हमारे इस लेख में दी गई जानकारी आपके काम आएगी। इस प्रकार के अन्य पोषक तत्वों से जुड़ी जानकारियों के लिए स्टाइलक्रेज के लेख को पढ़ते रहें। इस लेख के अंतिम भाग में विटामिन बी7 से जुड़े सवालों के जवाब भी दिए गए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

विटामिन बी7 की शरीर में क्या भूमिका है?

बायोटिन शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसकी सही मात्रा होने पर कई स्वास्थ्य समस्याओं को दूर रखने में मदद मिल सकती है। साथ ही यह मेटाबोलिज्म की प्रक्रिया में भी सुधार कर सकता है (13)।

एक दिन में कितनी मात्रा में विटामिन बी7 की आवश्यकता होती है?

प्रतिदिन 5 से 35 माइक्रोग्राम तक विटामिन बी7 की मात्रा ली जा सकती है। हालांकि, प्रतिदिन की मात्रा व्यक्ति के उम्र पर निर्भर करती है। वयस्क एक दिन में 35 माइक्रोग्राम तक की विटामिन बी7 की मात्रा ले सकते हैं (13)। वहीं, लेख में हमने पहले ही उम्र के अनुसार विटामिन बी7 की मात्रा से जुड़ी जानकारी दी है।

मुझे विटामिन बी7 कब लेना चाहिए?

शरीर में जब विटामिन बी7 की कमी के लक्षण दिखे, तो इसे डॉक्टर के सलाह पर उनके बताए गए समय पर लेना चाहिए। वहीं, आहार के जरिए विटामिन बी7 कभी भी ले सकते हैं।

विटामिन बी7 का रासायनिक नाम क्या है।

विटामिन बी7 का रासायनिक नाम बायोटिन (Biotin) है।

क्या थायराइड के लिए बायोटिन का सेवन लाभकारी है?

जैसे कि हमने लेख में जानकारी दी है कि हाइपरथायरायडिज्म में विटामिन बी7 के लाभ देखे गए हैं (5)। वहीं, कुछ मामलों में थायराइड टेस्ट से पहले विटामिन बी7 का सेवन थायराइड हार्मोन को प्रभावित करता हुआ पाया गया है (14)। ऐसे में थायराइड में विटामिन बी7 के सेवन को लेकर संशय बना है। इसलिए बेहतर है थायराइड में विटामिन बी 7 के सेवन से पहले डॉक्टर से सलाह ली जाए।

Sources

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भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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