विटामिन सी के फायदे, इसकी कमी के कारण और लक्षण – Vitamin C Benefits in Hindi

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शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए खनिज और विटामिन जैसे कई पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। इन पोषक तत्वों का मुख्य स्रोत है आहार। जो कुछ भी हम खाद्य के रूप में ग्रहण करते हैं, उसी से हमारा शरीर इन जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करता है। इन्हीं जरूरी पोषक तत्वों में विटामिन सी भी शामिल है। कई बार बिगड़ी आहार शैली विटामिन सी की कमी का कारण बन जाती है। नतीजतन कुछ शारीरिक समस्याएं व्यक्ति को घेर लेती हैं। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम इस विषय को उठा रहे हैं, ताकि विटामिन सी की महत्ता को गहराई से समझा जा सके। लेख में हम विटामिन सी के फायदे पर भी चर्चा करेंगे। उससे पहले यह जान लेना जरूरी है कि विटामिन सी बताई जाने वाली समस्याओं से राहत तो दिला सकता है, लेकिन यह उन समस्याओं का उपचार नहीं है। किसी भी समस्या के पूर्ण उपचार के लिए डॉक्टरी परामर्श बेहद जरूरी है।
तो आइए विटामिन सी की कमी होने के कारण और लक्षण जानने से पहले विटामिन सी की कमी क्या है, थोड़ा इस विषय में भी जान लेते हैं।

विषय सूची


विटामिन सी की कमी क्या है? – What is Vitamin C Deficiency in Hindi

एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार मनुष्य के शरीर में सामान्य रूप से 1500 एमजी तक विटामिन सी मौजूद होता है। वहीं इस विटामिन की मात्रा जब मनुष्य के शरीर में 350 एमजी से नीचे चली जाती है तो इसे विटामिन सी की कमी के रूप में देखा जाता है। विटामिन सी की अत्यधिक कमी होने और इसकी पूर्ति न होने की स्थिति को स्कर्वी रोग कहा जाता है (1)

विटामिन सी की कमी क्या है, जानने के बाद अब हम आपको विटामिन सी की कमी होने के कारण क्या हैं, इस बारे में बताएंगे।

विटामिन सी की कमी होने के कारण – Causes of Vitamin C Deficiency in Hindi

विटामिन सी का मुख्य स्रोत अंगूर, नींबू, मौसम्बी, आलू, पालक, ब्रोकोली, लाल मिर्च, और टमाटर जैसे फल और सब्जियां हैं। आहार के रूप में इनका सेवन शरीर में विटामिन सी की आवश्यक मात्रा को बनाए रखने में मदद करता है। इन पदार्थों को आहार में न लेने की स्थिति में विटामिन सी की समस्या का सामना करना पड़ता है, जो कि विटामिन सी की कमी होने का मुख्य कारण है। वहीं इसके अलावा भी कुछ अन्य बातें हैं, जो विटामिन सी की कमी होने का जोखिम पैदा करती हैं। इस वजह से उन्हें भी विटामिन सी की कमी होने के कारण में शामिल किया जाता है। तो आइए कुछ बिंदुओं के माध्यम से हम उन बातों पर भी गौर कर लेते हैं, जिनकी वजह से शरीर में विटामिन सी की कमी हो सकती हैं (1)

  • केवल गाय के दूध पर निर्भर रहने के कारण (ऐसे बच्चे जो केवल दूध पर आश्रित हैं)।
  • अत्याधिक शराब का सेवन करने के कारण।
  • केवल चाय और टोस्ट पर निर्भर रहने के कारण।
  • गरीबी के कारण (फल व सब्जियां न खरीद पाने वाले व्यक्तियों में)।
  • धूम्रपान करने के कारण।
  • किसी विशेष खाद्य पदार्थ के प्रति अधिक रुझान के कारण।
  • टाइप 1 डायबिटीज के कारण (इस समस्या में रोगी को सामान्य के मुकाबले अधिक विटामिन सी की आवश्यकता होती है)।
  • पाचन संबंधित विकार के कारण।
  • आयरन की अधिकता के कारण।
  • कुछ विशेष खाद्य पदार्थों से एलर्जी होने के कारण।

अब हम लेख के अगले भाग में विटामिन सी की कमी के लक्षण से जुड़ी बातों पर गौर करेंगे।

विटामिन सी की कमी के लक्षण – Symptoms of Vitamin C Deficiency in Hindi

विटामिन सी की कमी के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं (2)

  • एनीमिया (लाल रक्त कोशिकाओं की कमी)।
  • मसूड़ों से खून आना।
  • संक्रमण से लड़ने की क्षमता में कमी।
  • घाव भरने की प्रक्रिया में सामान्य से अधिक समय लगना।
  • सूखे और दोमुंहे बाल।
  • त्वचा के अत्यधिक पतला होने के कारण हल्की खरोंच से भी खून आना या घाव हो जाना।
  • गिंगिवाइटिस (मसूड़ों में सूजन)।
  • नाक से खून आना।
  • उपापचय प्रक्रिया धीमी होने के कारण तेजी से वजन बढ़ना।
  • रूखी, सूखी और पपड़ीदार त्वचा।
  • जोड़ों में दर्द व सूजन।
  • दांतों की बाहरी परत (जिसे इनेमल कहते हैं) का कमजोर होना।

विटामिन सी की कमी के लक्षण जानने के बाद अब हम आपको विटामिन सी के फायदे क्या हैं, इस बारे में जानकारी देंगे।

विटामिन सी के फायदे – Vitamin C Benefits In Hindi

1. हृदय स्वास्थ्य में करे सुधार

विटामिन सी के लाभ हृदय स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में सहायक माने जा सकते हैं। दरअसल, हृदय स्वास्थ्य से संबंधित एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि विटामिन सी हृदय से जुड़े कई जोखिमों को कम करने में कुछ हद तक कारगर साबित हो सकता है। साथ ही शोध में इस बात को भी बताया गया है कि विटामिन सी के हृदय स्वास्थ्य के लिए किए जाने दावों की प्रमाणिकता पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। इसलिए निश्चित तौर पर हृदय स्वास्थ्य में विटामिन सी कैसे मदद करता है, इस बारे में कुछ भी कह पाना मुमकिन नहीं है। इस संबंध में अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है (3)

2. ब्लड प्रेशर को करे नियंत्रित

अमेरिकन सोसाइटी ऑफ न्यूट्रिशन द्वारा इस संबंध में किए गए शोध में पाया गया कि एक छोटी अवधि में विटामिन सप्लीमेंट का इस्तेमाल बढ़े हुए ब्लड प्रेशर का नियंत्रण करने में सकारात्मक प्रभाव दिखा सकता है। हालांकि, लम्बे समय तक विटामिन सी के उपयोग से ब्लड प्रेशर पर क्या असर पड़ेगा इस बारे में कुछ भी कहा जाना मुश्किल है। इस संबंध में अभी आगे शोध किया जाना बाकी है (4)

3. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

विशेषज्ञों के मुताबिक कोशिकाओं की विभिन्न जोखिम कारकों से रक्षा करने के साथ विटामिन सी में प्रतिरक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने की भी योग्यता होती है (5)। इस कारण यह कहा जा सकता है कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में भी विटामिन सी के लाभ मददगार साबित हो सकते हैं।

4. कैंसर के प्रभाव को कम करे

एनआईएच (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ) के मुताबिक विटामिन सी के उपयोग से कैंसर रोगियों के बिगड़े जीवन को फिर से सुधारने में मदद मिल सकती है। दरअसल, विटामिन सी में कैंसर कोशिकाओं के खिलाफ लड़ने की क्षमता पाई जाती है। इसी क्षमता के कारण विटामिन सी के उपयोग से कैंसर रोगियों में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। वहीं दूसरी ओर इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि किडनी रोग और हेमोक्रोमैटोसिस (आयरन की अधिकता के कारण होने वाली विषाक्तता) की समस्या से ग्रस्त लोग इसका सेवन डॉक्टर के परामर्श पर ही करें। वजह यह है कि इन स्थितियों में विटामिन सी की अधिक मात्रा कुछ दुष्परिणाम भी प्रदर्शित कर सकती है (6)

5. ओस्टियोआर्थराइटिस के उपचार में मददगार

विटामिन सी के लाभ में ओस्टियोआर्थराइटिस का उपचार भी शामिल है। विशेषज्ञों के मुताबिक विटामिन सी में एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) गुण पाया जाता है। इस गुण के कारण विटामिन सी जोड़ों के बीच मौजूद कार्टिलेज (जोड़ों के मध्य पाया जाने वाला उतकों का समूह, जो किसी रबर की तरह काम करता है और जोड़ों पर जोर नहीं आने देता) को नष्ट होने से बचाने में मदद करता है। वहीं इसमें एंटीइन्फ्लामेट्री (सूजन को कम करने वाला) गुण भी पाया जाता है (7)। यह दोनों ही प्रभाव संयुक्त रूप से ओस्टियोआर्थराइटिस के जोखिमों को कम कर इस समस्या में राहत पहुंचाने का कार्य करते हैं। इन तथ्यों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि विटामिन सी का उपयोग ओस्टियोआर्थराइटिस में डॉक्टरी इलाज के प्रभाव को बढ़ाने का काम कर सकता है।

6. आंखों के स्वास्थ्य को रखे बरकरार

आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी विटामिन सी का उपयोग काफी लाभकारी सिद्ध हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक विटामिन सी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) और एंटी इन्फ्लामेट्री (सूजन को कम करने वाला) गुण कार्निया (आंख का एक अहम भाग, जिससे होकर प्रकाश आंख में प्रवेश करता है) के इन्फेक्शन को दूर करने में मदद करता है। साथ ही यह कोर्नियल ओपेसिटी (Corneal Opacity) जैसे नेत्र विकार को भी ठीक करने में मदद करता है, जिसमें कोर्निया धुंधला हो जाता है और हर चीज धुंधली सी दिखाई देती है (8)। इस कारण यह कहना गलत नहीं होगा कि आंखों का स्वास्थ्य बनाए रखने का यह एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

7. मसूड़ों को रखे स्वस्थ

मसूड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए विशेषज्ञों के द्वारा विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है (9)। वहीं दूसरी ओर इस बात का भी जिक्र मिलता है कि विटामिन सी की कमी से स्कर्वी रोग होता है, जिसमें मसूड़ों से खून आने की समस्या जैसा लक्षण भी देखने को मिल सकते है (10)। ऐसे में इन तथ्यों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि विटामिन सी के लाभ मसूड़ों को मजबूत करने के उपाय के रूप में देखे जा सकते हैं।

8. एलर्जी से दिलाए राहत

जर्नल ऑफ इंटरनेशनल मेडिकल रिसर्च द्वारा विटामिन सी पर किए एक शोध में पाया गया कि इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण के साथ ही एंटीएलर्जिक प्रभाव भी पाया जाता है, जो एलर्जी से संबंधित कई तरह की समस्याओं (जैसे :- राइनाइटिस, अस्थमा और त्वचा की एलर्जी) से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (11)। इस कारण यह कहना गलत नहीं होगा कि एलर्जी की समस्या से बचाव के लिए विटामिन सी का उपयोग लाभकारी परिणाम प्रदर्शित कर सकता है।

9. ब्लड शुगर को करे नियंत्रित

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित डायबिटीज नियंत्रण से संबंधित एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है कि विटामिन सी को अगर औषधि के रूप में प्रति दिन 1000 एमजी तक लिया जाए जो ब्लड शुगर नियंत्रण में इसके सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं (12)। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि विटामिन सी का सेवन डायबिटीज के रोगियों को राहत दिलाने में मदद कर सकता है।

10. वायरल इन्फेक्शन से करे बचाव

विटामिन सी कुछ हद तक वायरल इन्फेशन से भी बचाव कर सकता है। हेलसिंकी विश्वविद्यालय द्वारा किए गए एक शोध से इस बात का प्रमाण मिलता है। शोध में पाया गया कि सर्दी, खांसी और निमोनिया जैसे कुछ आम वायरल इन्फेक्शन से लड़ने में विटामिन सी मददगार साबित हो सकता है (13)। इस कारण यह माना जा सकता है कि वायरल इन्फेक्शन से बचाव के लिए भी विटामिन सी सहयोगात्मक परिणाम प्रदर्शित कर सकता है।

11. मनोदशा में करे सुधार

कुछ विद्यार्थियों पर किए गए एक शोध में पाया गया कि विटामिन सी का सेवन करने वाले छात्रों में अन्य के मुकाबले गुस्सा, तनाव और थकान कम था। साथ ही उन्होंने सामान्य के मुकाबले खुशी का अनुभव भी किया। इस आधार पर शोध के अंत में यह पुष्टि की गई कि विटामिन सी का सेवन करने से दिमागी थकान और तनाव को दूर करने के साथ ही मनोदशा में भी बदलाव भी संभव है (14)। ऐसे में यह माना जा सकता है कि विटामिन सी का सेवन कर मन में खुशी का संचार किया जा सकता है।

12. वजन घटाने में मददगार

विशेषज्ञों के मुताबिक विटामिन सी के सेवन से शरीर पर जमी चर्बी को कम करने में मदद मिल सकती है। बशर्ते व्यक्ति द्वारा संतुलित आहार के साथ नियमित व्यायाम पर भी ध्यान दिया जाए (15)। इस तथ्य को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि वजन घटाने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए विटामिन सी का सेवन उनके प्रयास को प्रभाव को तेज करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

[ पढ़े: वजन और मोटापा घटाने के असरदार तरीके ]

13. ऊर्जा का करे संचार

विशेषज्ञों के मुताबिक कार्निटिन (L-carnitine) एक खास यौगिक है, जो शरीर में होने वाली ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है (16)। वहीं यह भी माना जाता है कि विटामिन सी की कमी के कारण शरीर में कार्निटिन की कमी हो सकती है (17)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि कार्निटिन को बढ़ाकर विटामिन सी ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया में मदद कर कर सकता है।

14. जलने और घाव को ठीक करने में मदद करे

विटामिन सी में अन्य गुणों के साथ ही घाव भरने का भी गुण पाया जाता है। वहीं यह एंटीइन्फेक्शन गुण के कारण जलने के कारण घाव में होने वाले इन्फेक्शन को भी दूर रखने में मदद करता है (18)। इस कारण यह माना जा सकता है कि सामान्य या जलने के कारण हुए घाव को ठीक करने में विटामिन सी का सेवन सहायक साबित हो सकता है।

विटामिन सी के फायदे के बाद अब हम विटामिन सी की कमी से बचने के उपाय बताने जा रहे हैं।

विटामिन सी की कमी से बचने के उपाय – Prevention Tips for Vitamin C Deficiency in Hindi

विटामिन सी की कमी से बचने के लिए आप निम्न उपायों को अपना सकते हैं, जो कुछ इस प्रकार हैं (2)

  • विटामिन सी आहार से ही हासिल किया जा सकता है, इसलिए विटामिन सी की कमी से बचने के उपाय के तौर पर आप अपने आहार में जितना हो सके विटामिन सी युक्त फल और सब्जियों का उपयोग बढ़ाएं।
  • खाद्य पदार्थों को पकाने से विटामिन सी की मात्रा बहुत कम रह जाती है, इसलिए अगर आप पकाकर खाना चाहते हैं, तो विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों को आप भाप में या माइक्रोवेव में पका कर खाएं।
  • विटामिन सी की पूर्ति के लिए जितना संभव हो कच्चे फल और सब्जियों का ही सेवन करें।
  • विटामिन सी युक्त फलों व सब्जियों को धूप से बचा कर रखें। इससे उनमें मौजूद विटामिन की मात्रा बनी रहती है।
  • वहीं अगर आप विटामिन सी की कमी से बचने के उपाय के तौर पर इसके सप्लीमेंट लेना चाह रहे हैं तो इसकी प्रतिदिन ली जाने वाली मात्रा के बारे अपने चिकित्सक से सलाह जरूर लें।

विटामिन सी की कमी क्या है, इस बारे में तो अब आपको कोई भी संशय नहीं रह गया होगा। साथ ही आपको विटामिन सी से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी सभी बातें भी पता चल गई होंगी। ऐसे में अगर अब तक आप भी विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों से मुंह मोड़ते चले आ रहे थे तो आज से ही इन्हें अपने आहार में जगह देना शुरू कर दीजिए, ताकि भूलकर भी आपको विटामिन सी की कमी होने के कारण पड़ने वाले दुष्प्रभावों का सामना न करना पड़े। फिलहाल इस विषय से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी हमने लेख में दे दी है। इसके बावजूद भी विषय से जुड़ा कोई सवाल आपके मन में हो तो आप उसे बे-झिझक नीचे दिए कमेंट बॉक्स के माध्यम से हम तक पहुंचा सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मैं रोज विटामिन सी ले सकती हूं?

जी हां, खाद्य पदार्थों के माध्यम से हर रोज विटामिन सी लिया जा सकता है। वहीं अगर आप सप्लीमेंट के बारे में सोच रहे हैं तो एक बार अपने डॉक्टर से इसकी प्रतिदिन ली जाने वाली मात्रा के बारे में जरूर पूछ लें। कारण यह है कि व्यक्ति विशेष में मौजूद विटामिन सी की नियत मात्रा पर ही निर्भर करता है कि उसे सप्लीमेंट के तौर पर विटामिन सी की कितनी मात्रा की आवश्यकता है।

प्रतिदिन 1300 एमजी विटामिन सी लेना ठीक होगा?

सामान्य व्यस्क को 90 से 120 एमजी विटामिन सी लेने की सलाह दी जाती है (2)। ऐसे में विटामिन सी की इतनी अधिक खुराक लेने से पहले एक बार आपको इस बारे में डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए कि क्या यह खुराक आपके लिए सही है।

क्या सूर्य विटामिन सी का अच्छा स्रोत है?

नहीं, सूर्य से विटामिन सी नहीं मिलता है।

विटामिन सी सप्लीमेंट लेने का सही समय क्या है?

डॉक्टरी परामर्श पर विटामिन सी सप्लीमेंट का सेवन खाना खाने के 30 मिनट पहले या फिर खाने के करीब दो घंटे बाद किया जा सकता है।

विटामिन सी शावर क्या है?

आज कल बड़े-बड़े होटल और रिजार्ट में इसका चलन बढ़ा है। इसमें नहाने के पानी के साथ फुहारे की सहायता से पोषक तत्व भी छोड़े जाते हैं। दावा किया जाता है कि यह आपके बालों और त्वचा के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। हालांकि, यह कितना कारगर है, इस तथ्य की पुष्टि के लिए फिलहाल कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

क्या विटामिन सी सीरम मुंहासे के लिए काम करता है?

हां, इसमें मौजूद एंटीइन्फ्लामेट्री गुण मुंहासे के कारण होने वाली सूजन को कम करने का काम कर सकता है। साथ ही यह मुंहासे के कारण त्वचा पर पड़ने वाले दाग-धब्बों को दूर करने में भी मदद कर सकता है (19)

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Ankit Rastogi

अंकित रस्तोगी ने साल 2013 में हिसार यूनिवर्सिटी, हरियाणा से एमए मास कॉम की डिग्री हासिल की है। वहीं, इन्होंने अपने स्नातक के पहले वर्ष में कदम रखते ही टीवी और प्रिंट मीडिया का अनुभव लेना शुरू कर दिया था। वहीं, प्रोफेसनल तौर पर इन्हें इस फील्ड में करीब 6 सालों का अनुभव है। प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया में इन्होंने संपादन का काम किया है। कई डिजिटल वेबसाइट पर इनके राजनीतिक, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल से संबंधित कई लेख प्रकाशित हुए हैं। इनकी मुख्य रुचि फीचर लेखन में है। इन्हें गीत सुनने और गाने के साथ-साथ कई तरह के म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट बजाने का शौक भी हैं।

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