विटामिन सी के फायदे, इसकी कमी के कारण और लक्षण – Vitamin C Benefits in Hindi

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शरीर को स्वस्थ रहने के लिए कई सारे पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। विटामिन सी भी उन्हीं जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। विटामिन सी की कमी की पूर्ति आहार से की जा सकती है। हालांकि, कई बार बिगड़ी आहार शैली विटामिन सी की कमी का कारण भी बन जाती है। ऐसे में विटामिन सी की कमी के लक्षणों को वक्त रहते पहचानना जरूरी है, ताकि शरीर को स्वस्थ रखा जा सके। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम न सिर्फ विटामिन सी के फायदे बताएंगे, बल्कि सबसे ज्यादा विटामिन सी किसमें होता है, इसकी जानकारी भी देंगे। तो विटामिन सी के लाभ और इससे जुड़ी अन्य जानकारियों के लिए लेख को पूरा पढ़ें।

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लेख में सबसे पहले हम बता रहे हैं कि विटामिन सी क्या है और यह शरीर के लिए क्यों जरूरी है।

विटामिन सी क्या है और यह शरीर के लिए क्यों जरूरी है?

शरीर के स्वस्थ विकास के लिए विटामिन की आवश्यकता होती है, उन्हीं में से एक है विटामिन सी। यह पानी में घुलनशील विटामिन है, जो शरीर के सामान्य विकास के लिए आवश्यक होता है (1)। इसके अलावा, यह एक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट भी है। यह त्वचा, हड्डियों और कनेक्टिव टिश्यू के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। यह हीलिंग की प्रोसेस यानी घाव भरने की प्रक्रिया को बढ़ाने में मदद करने के साथ ही शरीर में आयरन के अवशोषण में भी मददगार हो सकता है (2)। बता दें कि एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थ मुक्त कणों यानी फ्री रेडिकल्स के कारण होने वाले शारीरिक नुकसान को रोकने में सहायक हो सकते हैं (3)। ऐसे में विटामिन सी कई प्रकार की समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है। वहीं इसकी कमी के कारण कई बीमारियां भी हो सकती है। आगे हम दोनों के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।

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विटामिन सी के बारे में जानने के बाद यहां हम जानते हैं कि विटामिन सी की कमी होने के कारण क्या हो सकते हैं।

विटामिन सी की कमी होने के कारण – Causes of Vitamin C Deficiency in Hindi

शरीर में विटामिन सी की कमी के कारण कई सारे हो सकते हैं। ऐसे में अगर विटामिन सी की कमी के कारण पता हो तो इसकी कमी होने से बचाव किया जा सकता है। तो लेख में नीचे हम शरीर में विटामिन सी की कमी के कारणों की जानकारी दे रहे हैं। विटामिन सी की कमी के कारण कुछ इस प्रकार हैं (4):

  • केवल गाय के दूध पर निर्भर रहने के कारण (ऐसे बच्चे जो केवल दूध पर आश्रित हैं)।
  • शराब का सेवन करने के कारण।
  • केवल चाय और टोस्ट पर निर्भर रहने के कारण।
  • गरीबी के कारण (फल व सब्जियां न खरीद पाने वाले व्यक्तियों में)।
  • धूम्रपान करने के कारण।
  • खाने से संबंधित विकार के कारण जैसे – किसी विशेष खाद्य पदार्थ के प्रति अधिक रुझान या बिल्कुल भी न खाना।
  • टाइप 1 डायबिटीज के कारण (इस समस्या में रोगी को सामान्य के मुकाबले अधिक विटामिन सी की आवश्यकता होती है)।
  • पाचन संबंधित विकार के कारण।
  • आयरन की अधिकता के कारण।
  • कुछ विशेष खाद्य पदार्थों से एलर्जी होने के कारण

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अब हम लेख के अगले भाग में विटामिन सी की कमी के लक्षण से जुड़ी बातों पर गौर करेंगे।

विटामिन सी की कमी के लक्षण – Symptoms of Vitamin C Deficiency in Hindi

विटामिन सी की कमी के कारण जानने के बाद, अब हम विटामिन सी की कमी के लक्षण के बारे में जानेंगे। अगर विटामिन सी की कमी के लक्षण के बारे में पता हो, तो उनपर ध्यान देकर वक्त रहते विटामिन सी की कमी से बचा जा सकता है। तो विटामिन सी की कमी के लक्षण कुछ इस प्रकार हैं (2)।

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लेख के इस हिस्से में हम बता रहे हैं विटामिन सी के फायदे के बारे में।

विटामिन सी के फायदे – Vitamin C Benefits In Hindi

यह तो आप जान गए कि विटामिन सी शरीर के लिए कितना जरूरी है। अब यहां हम जानेंगे शरीर के लिए विटामिन सी के फायदे। तो विटामिन सी के लाभ कुछ इस प्रकार हैं :

1. इम्यूनिटी बढ़ाए

कमजोर इम्यून पावर के कारण कई प्रकार के संक्रमण और बीमारियों का खतरा हो सकता है (5)। वहीं, विटामिन सी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए फायदेमंद माना गया है। विशेषज्ञों के मुताबिक विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों में कोशिकाओं की बेहतर कार्य प्रणाली और इम्यून पावर को बेहतर करने की योग्यता होती है। एक अन्य रिसर्च के अनुसार विटामिन सी इम्यून सेल की कार्य प्रणाली को बेहतर करने और श्वसन तंत्र संक्रमण से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (6)। इस कारण यह कहा जा सकता है कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में भी विटामिन सी के लाभ देखे जा सकते हैं।

2. सर्दी जुकाम और वायरल इन्फेक्शन

सामान्य सर्दी जुकाम की अवस्था में भी विटामिन सी फायदेमंद हो सकता है। इस विषय में एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, विटामिन सी कुछ हद तक वायरल इन्फेक्शन से बचाव में उपयोगी माना गया है। सर्दी, खांसी, जुकाम और निमोनिया जैसे, कुछ आम वायरल इन्फेक्शन से लड़ने में विटामिन सी मददगार साबित हो सकता है (7)। वहीं, इस विषय में थोड़ी मिली-जुली राय है क्योंकि कुछ शोध के अनुसार वायरल इन्फेक्शन हो जाने के बाद विटामिन सी को उतना उपयोगी नहीं माना गया है। हां, ये सर्दी-जुकाम के लक्षणों को कुछ हद तक कम कर सकता है, लेकिन जरूरी नहीं कि ये उपचार के तौर पर लाभदायक हो (8)। हालांकि, इस विषय में अभी और शोध की आवश्यकता है, लेकिन सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन लाभकारी हो सकता है।

3. कोलेजन के लिए

विटामिन सी कोलेजन (Collagen – एक प्रकार का प्रोटीन) उत्पादन को भी बेहतर कर सकता है (9)। विटामिन सी की कमी के कारण होने वाले स्कर्वी रोग के कारण कोलेजन फाइबर पर नकारात्मक प्रभाव हो सकता है, जिस कारण मसूड़ों से खून बहना, और घाव भरने में देरी हो सकती है। वहीं, विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा स्कर्वी रोग की समस्या में फायदेमंद माना गया है। साथ ही कोलेजन की संरचना को बनाए रखने के लिए भी विटामिन सी लाभकारी हो सकता है (6)।

4. कैंसर से बचाव

एनआईएच (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ) के मुताबिक विटामिन सी के उपयोग से कैंसर रोगियों के बिगड़े जीवन को फिर से सुधारने में मदद मिल सकती है। दरअसल, विटामिन सी में कैंसर कोशिकाओं के खिलाफ लड़ने की क्षमता पाई जाती है। इसी क्षमता के कारण विटामिन सी के उपयोग से कैंसर रोगियों में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। वहीं दूसरी ओर इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है कि किडनी रोग और हेमोक्रोमैटोसिस (आयरन की अधिकता के कारण होने वाली विषाक्तता) की समस्या से ग्रस्त लोग इसका सेवन डॉक्टर के परामर्श पर ही करें। वजह यह है कि इन स्थितियों में विटामिन सी की अधिक मात्रा कुछ दुष्परिणाम भी प्रदर्शित कर सकती है (9)।

इसके अलावा, विटामिन सी एंटीऑक्सीडेंट भी है, जो फ्री रैडिकल के कारण कैंसर के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकता है (2)। वहीं, हम स्पष्ट कर दें कि कैंसर एक गंभीर बीमारी है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति इस बीमारी से पीड़ित है तो वो विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ या सप्लिमेंट के भरोसे न रहकर डॉक्टरी परामर्श को प्राथमिकता दे।

5. हड्डियों के लिए

विटामिन सी हड्डियों के लिए भी जरूरी है (2)। दरअसल, कमजोर हड्डियों के कारण कई प्रकार की समस्याएं हो सकती है। जिनमें से एक है ओस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis)। विटामिन सी के लाभ में ओस्टियोआर्थराइटिस का उपचार भी शामिल है। विशेषज्ञों के मुताबिक विटामिन सी में एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) गुण पाया जाता है। इस गुण के कारण विटामिन सी जोड़ों के बीच मौजूद कार्टिलेज (जोड़ों के मध्य पाया जाने वाला उतकों का समूह, जो किसी रबर की तरह काम करता है और जोड़ों पर जोर नहीं आने देता) को नष्ट होने से बचाने में मदद कर सकता है। वहीं इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी (सूजन को कम करने वाला) गुण भी पाया जाता है (10)।

यही नहीं, विटामिन सी हड्डियों को होने वाली क्षति से भी बचा सकता है। हालांकि, इस विषय में अभी और शोध की आवश्यकता है, लेकिन हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ लाभकारी हो सकते हैं। साथ ही इन तथ्यों को देखते हुए यह माना जा सकता है कि विटामिन सी का उपयोग ओस्टियोआर्थराइटिस में डॉक्टरी इलाज के प्रभाव को बढ़ाने का काम कर सकता है।

6. आंखों के स्वास्थ्य को रखे बरकरार

आंखों के स्वास्थ्य के लिए भी विटामिन सी का उपयोग काफी लाभकारी सिद्ध हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक विटामिन सी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को नष्ट करने वाला) और एंटी इन्फ्लेमेटरी (सूजन को कम करने वाला) गुण कॉर्निया (आंख का एक अहम भाग, जिससे होकर प्रकाश आंख में प्रवेश करता है) के इन्फेक्शन (Infectious keratitis) को दूर करने में मदद कर सकता है। साथ ही यह कॉर्नियल ओपेसिटी (Corneal Opacity) जैसे नेत्र विकार को भी ठीक करने में मदद कर सकता है, जिसमें कोर्निया धुंधला हो जाता है और हर चीज धुंधली सी दिखाई देती है (11)। इस कारण यह कहना गलत नहीं होगा कि आंखों का स्वास्थ्य बनाए रखने का यह एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है।

7. मसूड़ों को रखे स्वस्थ

मसूड़ों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए विशेषज्ञों के द्वारा विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है (12)। वहीं दूसरी ओर इस बात का भी जिक्र मिलता है कि विटामिन सी की कमी से स्कर्वी रोग होता है, जिसमें मसूड़ों से खून आने की समस्या जैसा लक्षण भी देखने को मिल सकते है (13)। ऐसे में इन तथ्यों को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि विटामिन सी के लाभ मसूड़ों को स्वस्थ रखने के उपाय के रूप में देखे जा सकते हैं।

8. अस्थमा की समस्या में

ऑक्सीडेटिव डैमेज के कारण होने वाली सूजन अस्थमा की अवस्था को बिगाड़ सकता है। वहीं, रिसर्च में पाया गया कि विटामिन सी में एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव होता है, जो ऑक्सीडेटिव क्षति को रोककर सूजन से होने वाले अस्थमा की समस्या में फायदेमंद हो सकता है। इसके अलावा गंभीर अस्थमा वाले लोगों में विटामिन सी के सेवन की सलाह दी जाती है (14)। हालांकि, कुछ वैज्ञानिकों का यह भी मानना है कि विटामिन सी का सेवन अस्थमा की समस्या में कोई प्रभाव नहीं दिखाता है। इसलिए इस विषय पर अधिक शोध होने की आवश्यकता है (15)। ऐसे में अगर किसी को अस्थमा की परेशानी है तो बेहतर है वह डॉक्टर के निर्देशानुसार ही विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करे।

9. एंटीऑसीडेंट प्रभाव

एंटीऑक्सीडेंट एक तरह का पदार्थ होता है, जो सेल डैमेज यानी कोशिकाओं की क्षति को रोकने में मदद कर सकता है। शरीर में एंटीऑक्सीडेंट अहम भूमिका निभाता है। यह शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद कर सकता है। फ्री रेडिकल्स यानी मुक्त अणु के कारण होने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से कैंसर, हृदय रोग, मधुमेह, अल्जाइमर रोग का जोखिम बढ़ जाता है। वहीं, विटामिन सी एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो उपरोक्त समस्याओं से बचाव में फायदेमंद हो सकता है (16)।

10. आयरन की कमी में

शरीर में आयरन की कमी के कारण एनीमिया की समस्या हो सकती है (17)। वहीं, विटामिन सी शरीर में आयरन को अवशोषित करने में मददगार हो सकता है, जिससे शरीर में आयरन की कमी और इससे होने वाली समस्याओं से बचा जा सकता है (1)।

11. एलर्जी की समस्या होने पर

एलर्जी की समस्या होने पर विटामिन सी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल, एक रिसर्च के अनुसार ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस एलर्जी की समस्या का एक कारक हो सकता है। एलर्जी से संबंधित बीमारियों का संबंध खून में एस्कॉर्बेट (Ascorbate- विटामिन सी) की कमी से भी जोड़ा गया है। दरअसल, एलर्जी संबंधी रोग एस्कॉर्बेट के कम प्लाज्मा स्तर से जुड़े होते हैं। एस्कॉर्बेट प्रतिरक्षा प्रणाली की क्षमता को कम किए बिना अत्यधिक सूजन को रोक सकता है। वहीं, शोध में इस बात का भी जिक्र मिलता है कि विटामिन सी के साथ किया गया उपचार एलर्जी से संबंधित लक्षणों को कम कर सकता है।

शोध में पाया गया कि इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण के साथ ही एंटी एलर्जिक प्रभाव भी पाया जाता है, जो एलर्जी से संबंधित कई तरह की समस्याओं, जैसे :- एलर्जिक राइनाइटिस, अस्थमा और त्वचा की एलर्जी से राहत दिलाने में मदद कर सकता है (18)। इस कारण यह कहना गलत नहीं होगा कि एलर्जी की समस्या से बचाव के लिए विटामिन सी का उपयोग लाभकारी परिणाम प्रदर्शित कर सकता है।

12. ब्लड शुगर को नियंत्रित करे

एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित डायबिटीज नियंत्रण से संबंधित एक शोध से इस बात की पुष्टि होती है कि विटामिन सी को अगर औषधि के रूप में प्रतिदिन 1000 एमजी तक लिया जाए जो ब्लड शुगर नियंत्रण में इसके सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। साथ ही यह मधुमेह रोगियों में डायबिटीज के कारण होने वाले जटिलताओं के जोखिम को भी कम कर सकता है (19)। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि विटामिन सी का सेवन डायबिटीज के रोगियों को राहत दिलाने में मदद कर सकता है। ऐसे में खाद्य पदार्थ के जरिए मधुमेह डाइट में विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है। वहीं, विटामिन सी के सप्लिमेंट के सेवन से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

13. तनाव कम करे

कुछ विद्यार्थियों पर किए गए एक शोध में पाया गया कि विटामिन सी का सेवन करने वाले छात्रों में अन्य के मुकाबले गुस्सा, तनाव और थकान कम था। साथ ही उन्होंने सामान्य के मुकाबले खुशी का अनुभव भी किया। इस आधार पर शोध के अंत में यह पुष्टि की गई कि विटामिन सी का सेवन करने से दिमागी थकान और तनाव दूर करने के साथ ही मनोदशा में बदलाव भी संभव है (20)। इसके अलावा, विटामिन सी युक्त कीवी के सेवन को भी मूड बेहतर करने के लिए उपयोगी पाया गया है (21)। ऐसे में यह माना जा सकता है कि विटामिन सी का सेवन कर मन में खुशी का संचार किया जा सकता है।

14. वजन घटाने में मददगार

विशेषज्ञों के मुताबिक विटामिन सी के सेवन से शरीर में जमी चर्बी को कम करने में मदद मिल सकती है। बशर्ते व्यक्ति द्वारा संतुलित आहार के साथ नियमित व्यायाम पर भी ध्यान दिया जाए (22)। इससे जुड़ी अन्य जानकारी में भी विटामिन सी को वजन कम करने और मोटापे से बचाव के लिए उपयोगी बताया गया है (23)। इस तथ्य को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि वजन घटाने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए विटामिन सी का सेवन उनके प्रयास के प्रभाव को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

15. ऊर्जा का करे संचार

विशेषज्ञों के मुताबिक कार्निटिन (L-carnitine) एक खास यौगिक है, जो शरीर में होने वाली ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है (24)। वहीं यह भी माना जाता है कि विटामिन सी की कमी के कारण शरीर में कार्निटिन की कमी हो सकती है (25)। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि कार्निटिन को बढ़ाकर विटामिन सी ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया में मदद कर कर सकता है।

16. जलने और घाव को ठीक करने में मदद करे

अगर किसी में विटामिन सी की कमी हो तो उसमें घाव भरने की प्रक्रिया भी धीमी हो सकती है। दरअसल, विटामिन सी में अन्य गुणों के साथ ही घाव भरने का भी गुण पाया जाता है (26)। इसके अलावा विटामिन सी घाव भरने में सुधार कर सकता है और गंभीर रूप से जलने वाले रोगियों में वेंटिलेशन की जरूरत को कम कर सकता है। शोध में पाया गया है कि विटामिन सी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट जले हुए घावों के इलाज में भी मदद कर सकते हैं (27)। इस कारण यह माना जा सकता है कि सामान्य या जलने के कारण हुए घाव को ठीक करने में विटामिन सी का सेवन सहायक साबित हो सकता है।

17. नाखूनों में लाल दाग या लाइन्स

नाखूनों में होने वाले लाल दाग या लाइंस की समस्या से बचने के लिए भी विटामिन सी कारगर माना गया है। एक रिसर्च के अनुसार विटामिन सी की कमी से कोइलोनीचिया (Koilonychia) और स्प्लिंटर हेमोरेज (Splinter hemorrhages) जैसी बीमारी होने का खतरा हो सकता है। कोइलोनीचिया को स्पून नेल्स के नाम से भी जाना जाता है और इसमें नाखून चम्मच के आकार जैसे हो जाते हैं। वहीं, स्प्लिंटर हेमोरेज छोटे खून के धब्बे होते हैं, जो नाखून के नीचे दिखाई देते हैं। ऐसे में माना जा सकता है कि विटामिन सी की पर्याप्त खुराक इन दोनों नाखून की समस्याओं से बचाव में सहायक हो सकता है (4)।

18. त्वचा के लिए

त्वचा को स्वस्थ रखने और त्वचा से संबंधित समस्याओं को दूर करने के लिए विटामिन सी को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है। एक शोध के अनुसार विटामिन सी सनबर्न की समस्या से छुटकारा दिलाकर यूवी किरणों के कारण होने वाले त्वचा संबंधी समस्याओं में सुधार कर सकता है। विटामिन सी युक्त फल और सब्जियों के सेवन से सूर्य की हानिकारक किरणों के वजह से या बढ़ती उम्र के कारण त्वचा पर दिखने वाले लक्षण जैसे – रिंकल या फाइन लाइन्स कम हो सकते हैं। साथ ही हाइपरपिग्मेंटेशन की समस्या को कम कर त्वचा के रंग में सुधार कर सकता है। घाव भरने में सुधार करने के साथ ही कोलेजन को बढ़ा सकता है (28)। इसके अलावा, ड्राई स्किन की समस्या के लिए भी विटामिन सी लाभकारी हो सकता है (26)।

19. बालों को स्वस्थ रखे

विटामिन सी सेहत और त्वचा के साथ-साथ बालों के लिए भी लाभदायक माना गया है। रिसर्च के अनुसार आयरन की कमी से झड़ने वाले बालों की समस्या में विटामिन सी का सेवन महत्वपूर्ण माना गया है। दरअसल, विटामिन सी शरीर में आयरन अवशोषण को बेहतर कर सकता है। वहीं, स्कर्वी बीमारी, जो कि विटामिन सी की कमी के कारण होता है, उसमें भी बाल झड़ने के लक्षण हो सकते हैं। ऐसे में इस आधार पर, बालों को झड़ने से रोकने और गंजेपन की समस्या में अन्य पोषक तत्वों के साथ ही विटामिन सी का सेवन फायदेमंद हो सकता है (29)। हालांकि, बाल झड़ने की समस्या अगर ज्यादा हो तो सिर्फ विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों पर निर्भर न रहकर डॉक्टर या विशेषज्ञ से इस विषय में बात करें।

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यहां हम जानते हैं विटामिन सी के स्रोत के बारे में।

विटामिन सी के मुख्य स्रोत – Vitamin C rich foods in Hindi

विटामिन सी को सप्लीमेंट्स के अलावा प्राकृतिक खाद्य पदार्थों से प्राप्त किया जा सकता है। जानते हैं विटामिन सी के स्रोत के बारे में (30)।

  • लाल मिर्च
  • संतरा और संतरे का रस
  • अंगूर का रस
  • कीवी फ्रूट
  • हरी मिर्च
  • ब्रोकली पकी हुई, कच्ची
  • स्ट्रॉबेरीज
  • ब्रसल स्प्राउट
  • चकोतरा
  • टमाटर का रस
  • खरबूजा
  • पत्ता गोभी, पका हुआ
  • फूलगोभी, कच्चा
  • आलू, बेक किया हुआ
  • टमाटर, कच्चा
  • पालक, पका हुआ
  • हरी मटर, जमी हुई, पकी हुई

आगे है कुछ खास

स्रोतों के बाद यहां जानकारी दी जा रही है विटामिन सी की कमी से बचने के उपाय की।

विटामिन सी की कमी से बचने के उपाय – Prevention Tips for Vitamin C Deficiency in Hindi

विटामिन सी की कमी से बचने के लिए कुछ उपायों को अपनाया जा सकता है। ये उपाय कुछ इस प्रकार हैं (2):

  • विटामिन सी आहार से हासिल किया जा सकता है। इसलिए विटामिन सी की कमी से बचने के उपाय के तौर पर आप अपने आहार में जितना हो सके विटामिन सी युक्त फल और सब्जियों का उपयोग बढ़ाएं।
  • खाद्य पदार्थों को पकाने से विटामिन सी की मात्रा कम रह जाती है, इसलिए अगर आप पकाकर खाना चाहते हैं, तो विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों को आप भाप में या माइक्रोवेव में पका कर खाएं।
  • विटामिन सी की पूर्ति के लिए जितना संभव हो कच्चे फल और सब्जियों का ही सेवन करें। ध्यान रहे कच्चे फल और सब्जियों का सेवन करने से पहले उन्हें अच्छी तरह से धो लें।
  • विटामिन सी युक्त फलों व सब्जियों को धूप से बचा कर रखें। इससे उनमें मौजूद विटामिन की मात्रा बनी रहती है।
  • वहीं अगर आप विटामिन सी की कमी से बचने के उपाय के तौर पर इसके सप्लीमेंट लेना चाह रहे हैं, तो इसकी प्रतिदिन ली जाने वाली मात्रा के बारे अपने चिकित्सक से सलाह जरूर लें। साथ ही सप्लीमेंट लेने से पहले भी डॉक्टरी सलाह लें।

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लेख के इस हिस्से में हम विटामिन सी की मात्रा के बारे में बता रहे हैं।

विटामिन सी की मात्रा कितनी होनी चाहिए?

विटामिन सी की मात्रा लिंग और उम्र के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। जिसके बारे में यहां जानकारी दी गई है (30)।

उम्रपुरुषमहिला
0 से 6 महीने40 मिलीग्राम40 मिलीग्राम
7 से 12 महीने50 मिलीग्राम50 मिलीग्राम
1 से 3 साल15 मिलीग्राम15 मिलीग्राम
4 से 8 साल25 मिलीग्राम25 मिलीग्राम
9 से 13 साल45 मिलीग्राम45 मिलीग्राम
14 से 18 साल75 मिलीग्राम65 मिलीग्राम
14 से 18 साल गर्भवती महिलाएं80 मिलीग्राम
14 से 18 साल स्तनपान कराने वाली महिलाएं115 मिलीग्राम
19 साल और उससे ऊपर90 मिलीग्राम75 मिलीग्राम
19 साल और उससे गर्भवती महिलाएं85 मिलीग्राम
19 साल और उससे ऊपर स्तनपान कराने वाली महिलाएं120 मिलीग्राम

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अब लेख के इस भाग में जानिए कि विटामिन सी को अधिक मात्रा में लेने से क्या दुष्परिणाम हो सकते हैं।

विटामिन सी को अधिक मात्रा में लेने के नुकसान

विटामिन सी की अधिक मात्रा का सेवन कई प्रकार की समस्याओं का कारण बन सकता है। जैसे कि (30):

  • दस्त
  • मतली
  • पेट में ऐंठन
  • गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल संबंधी समस्याएं
  • कार्डियोवैस्कुलर यानी हृदय संबंधी बीमारी
  • किडनी स्टोन
  • एलर्जी
  • प्रो-ऑक्सीडेंट के रूप में ऑक्सीडेटिव क्षति का कारण हो सकता है।
  • कैंसर को बढ़ाने का कारण बन सकता है।
  • डेंटल एनिमल की वजह बन सकता है।

विटामिन सी की कमी क्या है, इस बारे में तो अब आपको कोई भी संशय नहीं रह गया होगा। साथ ही आपको विटामिन सी के फायदे से जुड़ी हर खास जानकारी भी मिल चुकी है। अभी तक अगर आपने विटामिन सी युक्त आहार डाइट में शामिल नहीं किए हैं, तो आज से ही विटामिन सी के लाभ के लिए डाइट में विटामिन सी फूड लें। वहीं, विटामिन सी के नुकसान से बचने के लिए लेख में दी गई विटामिन सी की मात्रा का भी ध्यान रखें। उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए उपयोगी रहा होगा, तो इसे अन्य लोगों के साथ शेयर करके हर किसी को विटामिन सी के महत्व से अवगत कराएं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मैं रोजाना विटामिन सी का सेवन कर सकता हूं?

हां, रोजाना विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों के द्वारा विटामिन सी का सेवन किया जा सकता है।

विटामिन सी टेबलेट खाने से क्या होता है?

विटामिन सी टेबलेट खाने से विटामिन सी की कमी को दूर हो सकती है। हालांकी, विटामिन सी की गोली लेने से पहले डॉक्टरी सलाह जरूर लें।

विटामिन सी के कमी से क्या होता है?

विटामिन सी की कमी से कई प्रकर की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि एनीमिया (लाल रक्त कोशिकाओं की कमी), मसूड़ों से खून आना, संक्रमण से लड़ने की क्षमता में कमी, घाव भरने की प्रक्रिया में सामान्य से अधिक समय लगना और रूखे और दोमुंहे बाल (2)।

विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत क्या है?

विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत लाल मिर्च और संतरे का जूस माना जाता है (30)।

क्या सूर्य विटामिन सी का अच्छा स्रोत है?

नहीं, सूर्य को विटामिन सी का स्रोत नहीं माना जाता है।v

विटामिन सी सप्लीमेंट लेने का सही समय क्या है?

विटामिन सी सप्लीमेंट को डाॅक्टर की सलाह से कभी भी लिया जा सकता है।

विटामिन सी शावर क्या है?

आजकल बड़े-बड़े होटल और रिजॉर्ट में इसका चलन बढ़ा है। इसमें नहाने के पानी के साथ फुहारे की सहायता से पोषक तत्व भी छोड़े जाते हैं। यह पानी को फिल्टर करने वाला होता है, जो पानी से क्लोरीन, क्लोरैमाइन्स जैसे तत्व अलग कर देता है। इसे घर के बाथरूम में भी लगाया जा सकता है। दावा किया जाता है कि यह आपके बालों और त्वचा के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। हालांकि, यह कितना कारगर है, इस तथ्य की पुष्टि के लिए फिलहाल कोई सटीक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है।

संदर्भ (Sources):

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    https://medlineplus.gov/vitaminc.html
  2. Vitamin C
    https://medlineplus.gov/ency/article/002404.htm
  3. Antioxidants
    https://www.betterhealth.vic.gov.au/health/healthyliving/antioxidants
  4. Vitamin C Deficiency
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  5. Who Gets Fungal Infections?
    https://www.cdc.gov/fungal/infections/index.html
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  9. High-Dose Vitamin C (PDQ®)–Patient Version
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  11. Efficacy of Systemic Vitamin C Supplementation in Reducing Corneal Opacity Resulting from Infectious Keratitis
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  12. The Relationship between Vitamin C and Periodontal Diseases: A Systematic Review
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  13. Bleeding gums
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  14. Vitamin C for asthma and exercise‐induced bronchoconstriction
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6513466/
  15. Vitamin C supplementation for asthma
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6176494/
  16. Antioxidants: In Depth
    https://www.nccih.nih.gov/health/antioxidants-in-depth
  17. Iron in diet
    https://medlineplus.gov/ency/article/002422.htm
  18. Intravenous vitamin C in the treatment of allergies: an interim subgroup analysis of a long-term observational study
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6136002/
  19. Effect of vitamin C on blood glucose serum lipids & serum insulin in type 2 diabetes patients
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  20. High Vitamin C Status Is Associated with Elevated Mood in Male Tertiary Students
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6071228/
  21. Mood improvement in young adult males following supplementation with gold kiwifruit a high-vitamin C food
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4153016/
  22. Strategies for healthy weight loss: from vitamin C to the glycemic response
    https://pubmed.ncbi.nlm.nih.gov/15930480/
  23. Vitamin C in the Treatment and/or Prevention of Obesity
    https://www.researchgate.net/publication/278243854_Vitamin_C_in_the_Treatment_andor_Prevention_of_Obesity
  24. Carnitine
    https://ods.od.nih.gov/factsheets/Carnitine-HealthProfessional/
  25. L-Carnitine
    https://lpi.oregonstate.edu/mic/dietary-factors/L-carnitine#reference41
  26. Vitamin C and Skin Health
    https://lpi.oregonstate.edu/mic/health-disease/skin-health/vitamin-C
  27. Role of Antioxidants in the Treatment of Burn Lesions
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3188195/
  28. The Roles of Vitamin C in Skin Health
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5579659/
  29. The Role of Vitamins and Minerals in Hair Loss: A Review
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6380979/
  30. Vitamin C Fact Sheet for Health Professionals
    https://ods.od.nih.gov/factsheets/VitaminC-HealthProfessional/#h3
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सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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