विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ – Vitamin C Rich Foods in Hindi

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भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकतर व्यक्ति जिसे सबसे ज्यादा नजरअंदाज करते हैं, वह है उनका स्वास्थ्य। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही शरीर को बीमारियों का घर बना सकती है। इसलिए, संतुलित खानपान पर ध्यान देना बहुत जरूरी है और यह तभी संभव हो पाएगा, जब आप जरूरी पोषक तत्वों को अपने आहार में शामिल करें। ऐसा ही एस जरूरी पोषक तत्व है विटामिन-सी, जिसकी कमी शरीर को कई गंभीर तरीके से प्रभावित कर सकती है। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ से जुड़ी जानकारी देने जा रहे हैं। लेख में आपको विटामिन सी के फायदे और विटामिन सी किसमें पाया जाता है, विस्तार से बताया जाएगा। साथ ही विटामिन सी की कमी से कौन सा रोग होता है, यह जानकारी भी साझा की जाएगी।

विस्तार से पढ़ें लेख

आइए, अब सीधे विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों के बारे में जानते हैं।

विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ – Vitamin C Rich Foods in Hindi

1. रोज हिप (Rose Hips)

विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ की बात करें, तो रोज हिप भी इस लिस्ट में आता है। इसे गुलाब का फल भी कहा जाता है। इसमें विटामिन-सी की भरपूर मात्रा पाई जाती है। यही वजह है कि सप्लीमेंट के रूप में विटामिन-सी युक्त रोज हिप पाउडर बाजार में उपलब्ध हैं। इसमें पोटेशियम और फास्फोरस जैसे मिनरल भी पाए जाते हैं। साथ ही यह एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को दूर करने वाला) और एंटी इंफ्लेमेटरी (सूजन को कम करने वाला) गुणों से भी समृद्ध होता है। एंटी इंफ्लेमेटरी गुण के कारण ही यह गठिया की समस्या में आराम दिलाने में सहायक हो सकता है (1)।

मात्रा: लगभग 100 ग्राम रोज हिप में 426 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है (2)।

2. चिली पेपर (Chili Pepper)

चिली पेपर को विटामिन-सी का अच्छा स्रोत माना जा सकता है। इससे जुड़े एक शोध के अनुसार इसमें विटामिन-सी की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसके अलावा, इसमें विटामिन-बी, विटामिन-ए के साथ आयरन और कैल्शियम जैसे जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। वहीं, शोध से पता चलता है कि यह दर्द, गठिया व सूजन में लाभकारी हो सकता है। इसके अलावा, इसका सही मात्रा में किया गया सेवन इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का काम कर सकता है और मधुमेह और मोटापे में भी लाभकारी परिणाम दे सकता है (3)।

मात्रा: लगभग 100 ग्राम चीली पेपर में 40 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है (4)।

3. अमरूद (Guava)

अमरूद के फायदे अनेक हैं। यह विटामिन-सी के साथ-साथ कई खास मिनरल्स का भी स्रोत है। इससे जुड़े एक शोध के अनुसार, यह लिवर से जुड़ी बीमारियों के विरुद्ध एक कारगर एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम कर सकता है। वहीं, इसमें मौजूद विटामिन रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा, यह स्कर्वी (विटामिन-सी की कमी से होने वाली समस्या) और थायरॉयड जैसी समस्याओं में भी फायदेमंद साबित हो सकता है (5)।

मात्रा: 100 ग्राम अमरूद में लगभग 228.3 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है (6)।

4.पीली शिमला मिर्च (Sweet Yellow Pepper)

विटामिन सी के स्रोत के रूप में पीली शिमला मिर्च का सेवन किया जा सकता है। ये शिमला मिर्च कोलेस्ट्रॉल फ्री होने के साथ-साथ सोडियम और कैलोरी में भी कम होती हैं। यही नहीं, विटामिन-सी के साथ ही इसमें विटामिन-ए की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है। वहीं, इसका सेवन गठिया, मधुमेह और हृदय रोगों में लाभकारी साबित हो सकता है (7)।

मात्रा: 100 ग्राम पीली शिमला मिर्च में लगभग 183.5 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है (8)।

5. ब्लैक करंट (Blackcurrant)

ब्लैक करंट को भी विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ की श्रेणी में रखा जा सकता है। विटामिन-सी का स्रोत होने के साथ-साथ इसमें कई खास औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जैसे एंटी वायरल, एंटीऑक्सीडेंट (फ्री रेडिकल्स को दूर करने वाला) और एंटीबैक्टीरियल (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाला)। वहीं, इसका उपयोग नेत्र संबंधी बीमारियां में आराम पहुंचाने काम कर सकता है (9)।

मात्रा: 100 ग्राम ब्लैक करंट में 12.6 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है (10)।

6. अजवायन (Thyme)

विटामिन सी के स्रोत के रूप में अजवायन का उपयोग भी किया जा सकता है। इसमें विटामिन-सी के साथ-साथ विटामिन ए और विटामिन बी6 की भरपूर मात्रा पाई जाती है। साथ ही इसमें कैल्शियम, आयरन, फाइबर और मैग्नीशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। इसमें मौजूद विटामिन-ए इम्यून सिस्टम को मजबूती प्रदान कर सकता है, तो वहीं विटामिन बी6 शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ावा दे सकता है (11)।

मात्रा: 100 ग्राम अजवायन में लगभग 160.1 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है (12)।

7. अजमोद (Parsley)

अजमोद को भी विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों में गिना जा सकता है। विटामिन-सी का स्रोत होने के साथ-साथ यह विटामिन-के और विटामिन-ए से भी समृद्ध होता है। साथ ही इसमें पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। इसके अलावा, यह एक कारगर एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों से लड़ने वाला) के रूप में भी काम कर सकता है (13)।

मात्रा: 100 ग्राम अजमोद में 133 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है (14)।

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8. कीवी (Kiwi)

विटामिन सी के स्रोत वाले कीवी में कई प्रकार के पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को बीमारियों से दूर रख सकते हैं। एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, इसमें विटामिन-सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों को दूर रखने वाला), एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाला), एंटी-हाइपरटेंसिव (रक्तचाप नियंत्रित करने वाला) और एंटीथ्रोम्बोटिक (खून के थक्को को बनने से रोकने वाला) जैसे प्रभाव भी पाए जाते हैं (15)।

मात्रा: 100 ग्राम कीवी में 93.2 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है (16)।

9. ब्रोकली (Broccoli)

ब्रोकली को भी विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत माना जा सकता है। इसमें विटामिन-सी के साथ ही विटामिन-के, विटामिन-ई, आयरन और जिंक जैसे जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। इसके अलावा, इसमें एंटीऑक्सीडेंट क्षमता भी पाई जाती है (17)। विटामिन-सी के स्रोत और खुद को स्वस्थ रखने के लिए इसे दैनिक आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।

मात्रा: इसकी 100 ग्राम मात्रा में 91.8 मिलीग्राम विटामिन सी पाया जाता है (18)।

10. नींबू (Lemon)

नींबू विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। इसके जूस का सेवन शरीर में विटामिन-सी की पूर्ति कर स्कर्वी (विटामिन-सी की कमी से होने वाली समस्या) में लाभकारी हो सकता है। इसके अलावा, नींबू का उपयोग उच्च रक्तचाप और कॉमन कोल्ड में लाभकारी हो सकता है। वहीं, इसका अर्क एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी, एंटी बैक्टीरियल व एंटी वायरल प्रभाव प्रदर्शित कर सकता है (19)।

मात्रा: इसकी 100 ग्राम मात्रा में लगभग 41.4 मिलीग्राम विटामिन सी पाया जाता है (20)।

11. लीची (Lychee)

अगर कोई विटामिन-सी के स्रोत के रूप में किसी स्वादिष्ट फल की तलाश में है, तो लीची का चयन कर सकता है। इसका सेवन शरीर में विटामिन-सी की पूर्ति करने के साथ ही कई अन्य लाभ प्रदर्शित कर सकता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और फाइबर मौजूद होते हैं। साथ ही इसमें एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, एंटी डायबिटीक व रक्तचाप को कम करने वाला प्रभाव भी पाया जाता है (21)। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए इसका सेवन किया जा सकता है।

मात्रा: इसमें लगभग 71.5 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है (22)।

12. केल (Kale)

पालक की तरह दिखने वाला केल भी विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। केल में उच्च स्तर के एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। साथ ही इसमें विटामिन सी अधिक मात्रा में होता है। एक शोध के अनुसार, केल हृदय संबंधी रोगों के उपचार में सहायक हो सकता है (23)। वहीं, एक अध्ययन के अनुसार, पोस्टप्रांडियल (भोजन के बाद) केल का सेवन रक्त शर्करा के स्तर को कंट्रोल कर सकता है (24)।

मात्रा: 100 ग्राम केल में 93.4 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है (25)।

13. पपीता (Papayas)

विटामिन सी के स्रोत वाले पपीता के फायदे कई हैं। पपीता विटामिन ए, सी, ई और बी कॉम्प्लेक्स सहित फोलेट, मैग्नीशियम, पोटेशियम और फाइबर जैसे पोषक तत्वों से समृद्ध होता है। वहीं, इसमें एंटीमाइक्रोबियल (बैक्टीरिया को नष्ट करने वाला), एंटीपैरासिटिक (परजीवियों को खत्म करने वाला), एंटीट्यूमर (ट्यूमर के विकास को रोकने वाला), एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन को कम करने वाला) और एंटीऑक्सीडेंट (मुक्त कणों से बचाने वाला) जैसे गुण भी पाए जाते हैं (26)।

मात्रा: 100 ग्राम पपीता में 60.9 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है (27)।

14. स्ट्रॉबेरी (Strawberries)

स्ट्रॉबेरी को भी विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। स्ट्रॉबेरी का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के साथ-साथ ऊतकों के विकास और मरम्मत में मदद कर सकता है। इसमें मौजूद पोटेशियम बल्ड सर्कुलेशन को नियंत्रित कर सकता है। साथ ही हड्डियों को मजबूत रखने में भी मदद कर सकता है। इसके अलावा, फाइबर से समृद्ध स्ट्रॉबेरी पाचन क्रिया को भी संतुलित रखने में मदद कर सकती है (28)।

मात्रा: 100 ग्राम स्ट्रॉबेरी में 58.8 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है (29)।

15. संतरा (Orange)

स्वादिष्ट संतरे के फायदे भी अनेक हैं। इसे भी विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद विटामिन-ए शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। साथ ही इसमें मौजूद पोटेशियम रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसके अलावा, मैग्नीशियम मांसपेशियों और हृदय को मजबूत बनाने में सहायक हो सकता है (30)।

मात्रा: 100 ग्राम संतरे में 53.2 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है (31)।

16. अनानास (Pineapple)

अनानास स्वादिष्ट होने के साथ-साथ गुणकारी भी होता है। विटामिन सी के स्रोत के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है। यह शरीर में ऊतकों की वृद्धि और मरम्मत का काम कर सकता है। वहीं, इसमें मौजूद मैंगनीज मस्तिष्क के नियंत्रण में सहायक हो सकता है। अनानास फाइबर से भी समृद्ध होता है, जो पाचन क्रिया को स्वस्थ रख सकता है (32)।

मात्रा: 100 ग्राम अनानास में 47.8 मिलीग्राम विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है (33)।

अंत तक पढ़ें

स्क्रॉल करके पढ़ें विटामिन-सी की कमी से होने वाली शारीरिक समस्याओं के बारे में।

शरीर में विटामिन सी की कमी से होने वाली शारीरिक समस्याएं

विटामिन-सी की कमी से कई शारीरिक समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है (34)। इसकी जानकारी हम नीचे विस्तार से दे रहे हैं।

  • स्कर्वी : शरीर में विटामिन-सी की कमी को ही स्कर्वी कहा जाता है। इस बीमारी में वो सभी शरीर के काम बाधित हो जाते हैं, जो शरीर में विटामिन-सी की सही मात्रा करती है। इसमें व्यक्ति एनीमिया (खून की कमी), कमजोरी, मसूड़ों से जुड़ी समस्या और त्वचा समस्या का सामना कर सकता है (35)।
  • त्वचा संबंधी समस्याएं : शरीर में विटामिन सी की कमी से त्वचा रोग का भी जोखिम बढ़ सकता है। जैसे-एटॉपिक डर्मेटाइटिस (खुजली के साथ त्वचा पर लाल चकत्ते व जलन) और पोरफाइरिया कटानिया टार्डा (PCT – एक प्रकार का रक्त विकार, जो त्वचा को प्रभावित करता है)। इससे छुटकारा पाने के लिए विटामिन सी के स्रोत का सेवन बहुत जरूरी है (36)।
  • इम्युनिटी कमजोर होना : विटामिन सी की कमी के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो सकती है। इस कारण कोई भी बीमारी शरीर पर तेजी से आक्रमण कर सकती है। इसलिए, विटामिन सी युक्त आहार लेना अति आवश्यक है (37)।
  • गर्भावस्था से जुड़ी जटिलताएं : गर्भावस्था के दौरान विटामिन सी फूड्स का सेवन करना आवश्यक माना जाता है। एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध के अनुसार, गर्भावस्था के दौरान विटामिन सी की कमी समय से पहले बच्चे का जन्म व गर्भपात के जोखिम को बढ़ा सकती है (38)।
  • दिल की बीमारी : एक शोध के मुताबिक, शरीर में विटामिन सी की कमी से हृदय संबंधी समस्याएं होने का खतरा अधिक बढ़ जाता है (39)।
  • एलर्जी : विटामिन सी की कमी से एलर्जी की समस्या भी हो सकती है (40)।
  • बालों से संबंधित समस्या : बालों से संबंधित समस्या को दूर करने में विटामिन सी युक्त आहार अहम भूमिका निभा सकते हैं। दरअसल, विटामिन सी शरीर में आयरन के अवशोषण को बढ़ाने का काम करता है। ऐसे में, विटामिन-सी की कमी आयरन की कमी से होने वाली बालों से जुड़ी समस्या का भी कारण बन सकती है (41)। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध किए जाने की आवश्यकता है।
  • वजन का बढ़ना : एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में विटामिन सी और बॉडी मास के बीच विपरीत संबंध का पता चलता है (42)। अगर शरीर में विटामिन सी की कमी होती है, तो शरीर का वजन बढ़ सकता है। फिलहाल, इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है।
  • खून की कमी : शरीर में आयरन की कमी से एनीमिया की बीमारी होती है। वहीं, विटामिन-सी शरीर में आयरन के अवशोषण में मदद कर सकता है (43)। इस स्थिति में विटामिन-सी की कमी एनीमिया के जोखिम को बढ़ाने का काम कर सकती है। इसलिए, खून की कमी को पूरा करने के लिए विटामिन सी फूड्स का सेवन करना जरूरी है।

इस लेख को पढ़ने के बाद विटामिन सी के स्रोत और विटामिन सी किसमें पाया जाता है, से जुड़ी जानकारी आपको मिल गई होगी। इसके साथ ही आप यह भी जान गए होंगे कि विटामिन सी की कमी से कौन सा रोग होता है। ऐसे में अब आप अपने दैनिक आहार में विटामिन-सी युक्त खाद्य-पदार्थों को शामिल कर सकते हैं। वहीं, अगर कोई विटामिन-सी की कमी से जूझ रहा है, तो वो लेख में बताए गए खाद्य-पदार्थों के साथ डॉक्टरी परामर्श पर विटामिन-सी से सप्लीमेंट भी ले सकता है। हम उम्मीद करते हैं कि यह लेख आपके लिए मददगार रहा होगा। नीचे हम पाठकों द्वारा पूछे जाने वाले सवालों के जवाब दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :

विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत कौन सा है?

विटामिन सी का सबसे अच्छा स्रोत खट्टे रसदार फलों को माना जाता है। जैसे – आंवला, नारंगी, नींबू, कीवी इत्यादि।

विटामिन सी की कमी से कौन सा रोग होता है?

विटामिन सी की कमी से स्कर्वी रोग होता है। इस रोग के बारे में हमने ऊपर विस्तार से बताया है। इससे बचे रहने के लिए विटामिन सी युक्त आहार का सेवन जरूरी है।

संदर्भ (Sources) :

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Aviriti Gautam

आवृति गौतम ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। इन्होंने अपने करियर की शुरूआत डिजिटल मीडिया से ही की थी। इस क्षेत्र में इन्हें काम करते हुए दो वर्ष से ज्यादा हो गए हैं। आवृति को स्वास्थ्य विषयों पर लिखना और अलग-अलग विषयों पर विडियो बनाना खासा पसंद है। साथ ही इन्हें तरह-तरह की किताबें पढ़ने का, नई-नई जगहों पर घूमने का और गाने सुनने का भी शौक है।

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