विटामिन डी3 के फायदे, इसकी कमी के कारण और लक्षण – Vitamin D3 Benefits in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन मास कम्युनिकेशन)

आजकल लोग स्वस्थ रहने के बजाय पेट भरने के लिए खाना खाने लगे हैं। इसके परिणाम स्वरूप शरीर में कई पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। इन्हीं पोषक तत्वों में से एक विटामिन डी3 भी है। इसकी कमी के कारण लोग ऐसी बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं, जिनके बारे में काफी देर में पता चलता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम विटामिन डी3 शरीर के लिए कितना जरूरी है, यह विस्तार से बता रहे हैं। इसके साथ ही विटामिन डी3 की कमी होने के कारण और लक्षण जैसी बातें भी बताएंगे। इन सब बातों और विटामिन डी3 के फायदे जानने के लिए इस लेख को अंत तक पढ़ें।

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सबसे पहले हम बता रहे हैं कि विटामिन डी3 की कमी का मतलब क्या है।

विटामिन डी3 की कमी क्या है? – What is Vitamin D3 Deficiency in Hindi

विटामिन डी 3 को कोलेकल्सीफेरोल (Cholecalciferol) भी कहा जाता है। यह पौधों और सूरज से मिलने वाला विटामिन है (1)। जब शरीर में इसकी मात्रा कम हो जाती है, तो उसे विटामिन डी3 की कमी कहा जाता है (2)। इसकी कमी के कारण हड्डी का कमजोर होना और हृदय संबंधी रोग जैसी कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं।

आगे और जानकारी है

विटामिन डी3 की कमी की वजह समझने के लिए लेख को आगे पढ़ें।

विटामिन डी3 की कमी होने के कारण – Causes of Vitamin D3 Deficiency in Hindi

शरीर में विटामिन डी3 की मात्रा कम होने की कई वजह हो सकती हैं, जिनके बारे में हम आगे बता रहे हैं (2)

  • आहार में विटामिन डी को शामिल न करना
  • भोजन से विटामिन डी लेने के बाद भी शरीर में अवशोषित न होना (मालअब्सॉर्बशन)
  • सूर्य की रोशनी के संपर्क में न आना
  • किडनी और लिवर का शरीर में विटामिन डी को सक्रिय रूप में परिवर्तित न करना
  • कुछ दवाओं के कारण

लक्षण पढ़ें

विटामिन डी3 की कमी होने के कारण के बाद लेख में आगे जानिए कि विटामिन डी3 की कमी के लक्षण क्या हैं।

विटामिन डी3 की कमी के लक्षण – Symptoms of Vitamin D3 Deficiency in Hindi

विटामिन डी3 की कमी होने के संकेत कुछ इस प्रकार हो सकते हैं (3) (4)

विटामिन डी3 की कमी के लक्षण के बाद इससे होने वाले फायदों के बारे में जान लेते हैं।

विटामिन डी3 के फायदे – Vitamin D3 Benefits In Hindi

विटामिन डी 3 के फायदे कई सारे हैं। इनमें से कुछ फायदों के बारे में हम लेख में आगे बता रहे हैं। बस ध्यान दें कि सिर्फ विटामिन डी का ही सेवन करने से ये फायदे नहीं मिलेंगे, बल्कि संतुलित आहार और व्यायाम करना भी जरूरी है।

1. हृदय के लिए

विटामिन डी3 से हृदय रोग के जोखिम से बचा जा सकता है। एक रिसर्च पेपर के मुताबिक विटामिन डी की कमी होने से हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कहा जा सकता है कि शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी की मात्रा होने से हृदय को स्वस्थ और रोगों से बचाए रखने में मदद मिल सकती है (5)। ध्यान दें कि इसका सप्लीमेंट लेने से हार्ट हेल्थ बेहतर नहीं होती है। इसी वजह से शरीर में विटामिन डी3 की मात्रा को सही बनाए रखकर ही इसकी कमी से होने वाली हृदय संबंधी बीमारियों से बचाव हो सकता है (6)

2. रक्तचाप नियंत्रित करने के लिए

एनसीबीआई की वेबसाइट पर पब्लिश एक रिसर्च में कहा गया है कि इसमें एंटीहाइपरटेंसिव यानी रक्तचाप कम करने वाला प्रभाव होता है। बताया गया है कि यह सिर्फ सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर को कम कर सकता है (7)। एक अन्य अध्ययन के अनुसार, उच्च रक्तचाप के रोगियों पर यह हाइपोटेंसिव यानी रक्तचाप कम करने वाला प्रभाव दिखाता है, लेकिन सामान्य लोगों पर इसका कोई असर नहीं होता है (8)

यह सिर्फ विटामिन डी की कमी और उच्च रक्तचाप से जूझ रहे लोगों में सिस्टोलिक और डायस्टोलिक रक्तचाप को कम कर सकता है। शोध में कहा गया है कि यह 50 वर्ष से ऊपर और मोटापे से जूझ रहे लोगों का भी सिस्टोलिक रक्तचाप कम कर सकता है (8)। वैसे विटामिन डी 3 और रक्तचाप पर हुए कुछ रिसर्च का यह कहना भी है कि इससे रक्तचाप कम नहीं होता (9)। इसी वजह से स्पष्टता के लिए इस विषय पर अधिक शोध की आवश्यकता है।

3. इम्यूनिटी को बढ़ाए

विटामिन डी 3 के फायदे में इम्यूनिटी को बढ़ाना भी शामिल है। विटामिन डी को इम्यूनोमॉड्यूलेशन के लिए जाना जाता है (10)। इम्यूनोमॉड्यूलेशन का मतलब है कि शरीर की जरूरत के हिसाब से रोग प्रतिरोधक क्षमता का खुद-ब-खुद बढ़ना व कम होना। साथ ही विटामिन डी शरीर के इम्यून सेल्स जैसे टी सेल्स और मैक्रोफेज के कार्य को भी बेहतर कर सकता है। यही नहीं, विटामिन डी3 में एंटी इंफ्लेमेटरी प्रभाव भी होता है, जिस वजह से यह शरीर को बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाने में मदद कर सकता है (11)

4. कैंसर से बचाव

विटामिन डी3 (Calcitriol) में एंटी ट्यूमर प्रभाव होता है। यह इफेक्ट ट्यूमर सेल्स को बढ़ने से रोक सकता है (12)। नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट के मुताबिक, विटामिन डी में एंटीकैंसर गतिविधि हो सकती है। एक स्टडी के अनुसार, विटामिन डी और कैंसर जोखिम के बीच संभावित संबंध हो सकता है। चूहों की कैंसर कोशिकाओं और ट्यूमर पर हुए अध्ययन में सामने आया है कि यह कैंसर के बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा या फिर कैंसर से बचाव कर सकता है (13)। ध्यान दें कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी होने पर डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। इससे बचने के लिए विटामिन डी3 के साथ ही अन्य सभी पोषक तत्वों को डाइट में जरूर शामिल करें।

5. ब्लड शुगर को कम करने के लिए

कुछ स्टडी का मानना है कि विटामिन डी का लेवल कम होने से शरीर में इंसुलिन का स्तर सामान्य से ज्यादा हो जाता है। इसके कारण डायबिटीज होने का खतरा हो सकता है। ऐसे में विटामिन डी इंसुलिन को कम करके टाइप2 मधुमेह से बचाव कर सकता है। इसी रिसर्च में यह भी कहा गया है कि इस बात की पुष्टि करने के लिए अधिक शोध की आवश्यकता है (14)

एक अन्य अध्ययन में पाया गया है कि टाइप 2 मधुमेह के रोगियों को विटामिन डी सप्लीमेंटेशन देने से इंसुलिन रेसिसटेंस और शुगर से संबंधित हिमोग्लोबिन (HbA1c) बेहतर हो सकता है। इस आधार पर रिसर्च में कहा गया है कि मधुमेह के लिए विटामिन डी चिकित्सकीय एजेंट की तरह काम कर सकता है (15)। विटामिन डी मधुमेह से जुड़ी जटिलताओं के उपचार और रोकथाम में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है (16)

6. मूड को बेहतर करने के लिए

विटामिन डी 3 के फायदे में मूड को बेहतर करना भी शामिल है। एक रिसर्च पेपर के मुताबिक, विटामिन डी का स्तर कम होने से मूड खराब होना और अवसाद जैसे रोग होने का खतरा हो सकता है। ऐसे में विटामिन डी का सेवन करके मूड को ठीक किया जा सकता है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि विटामिन डी स्वस्थ लोगों में मूड विकार को दूर करने के साथ ही उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रख सकता है (16)

लेख में बने रहें

विटामिन डी3 की कमी से कैसे बचा जाए, जानने के लिए लेख को आगे पढ़ें।

विटामिन डी3 की कमी से बचने के उपाय – Prevention Tips for Vitamin D3 Deficiency in Hindi

विटामिन डी3 की कमी होने के कारण हम ऊपर बता ही चुके हैं। उन्हीं कारणों से खुद को बचाकर इसकी कमी से बचा जा सकता है।

  • डाइट में विटामिन डी3 को जगह दें।
  • डॉक्टर से समय-समय पर चेकअप करवाते रहें।
  • धूप में कुछ देर बैठें।

अब आप समझ ही गए होंगे कि हम लोगों के जीवन में विटामिन डी3 का क्या महत्व है। इसकी कमी से बचने के लिए अपने आहार में इस विटामिन को जरूर शामिल करें। इससे स्वस्थ रहने और बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। विटामिन डी 3 के साथ ही अन्य पोषक तत्वों की भी अनदेखी न करें। हर तरह का पोषक तत्व शरीर के लिए आवश्यक होता है। अब लेख के अंत में विटामिन डी3 से जुड़े कुछ सवालों के जवाब जान लीजिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शरीर में विटामिन डी 3 कम हो जाए, तो क्या होगा?

विटामिन डी3 कम होने से हृदय संबंधी रोग और अन्य बीमारियां हो सकती हैं, जिनके बारे में हम लेख में ऊपर बता चुके हैं (1)

विटामिन डी 3 युक्त खाद्य पदार्थ कौन से हैं?

विटामिन डी3 युक्त खाद्य पदार्थों में कॉड लिवर ऑयल, मशरूम, अंडा, चीज़ आदि शामिल हैं (17)

विटामिन डी और विटामिन डी 3 के बीच अंतर क्या है?

विटामिन डी मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है। उसमें से एक विटामिन डी2 है और दूसरा विटामिन डी3 है (1)

क्या मैं रोज विटामिन डी 3 ले सकता हूं?

हां, अगर शरीर में विटामिन डी की मात्रा कम है, तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिन डी3 रोजाना या हफ्ते में एक बार ले सकते हैं।

विटामिन डी 3 को काम करने में कितना समय लगता है?

यह व्यक्ति के शरीर पर और विटामिन डी3 के माध्यम पर निर्भर करता है।

Sources

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