Written by , (शिक्षा- एमए इन मास कम्युनिकेशन)

सुंदर, कोमल व चमकती त्वचा पाने के लिए लोग कई प्रकार की क्रीम और कॉस्मेटिक्स का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार इन प्रॉडक्ट्स से त्वचा को नुकसान भी पहुंच सकता है। ऐसे में योग ही एकमात्र उपाय है, जिसके जरिए बिना किसी नुकसान के त्वचा को सुंदर और ग्लोइंग बनाया जा सकता है। वहीं योग के जरिए आंतरिक और बाहरी शरीर को स्वस्थ और सुंदर बनाया जा सकता है। योग बेहतर तरीके से रक्त के प्रवाह को बढ़ाता है, जिससे आपकी त्वचा में निखार आता है (1)। स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम बात करेंगे उन योगाभ्यासों की जो चेहरे पर निखार लाने का काम कर सकते हैं।

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विषय सूची


    योग से त्वचा को कैसे चमक मिल सकती है, पहले इस बारे में थोड़ा जान लेते हैं।

    चमकती त्वचा के लिए योग कैसे कार्य करता है? How Does Yoga Help With Glowing Skin?

    आज के इस दौर में तनाव और चिंता सामान्य हो गए हैं, जिसका असर लोगों के आंतरिक ही नहीं, बल्कि बाहरी शरीर पर भी पढ़ता है। इस तनाव को चेहरे से हटाने और चेहरे पर चमक लाने के लिए योग सबसे बेहतरीन साधन है। यह शरीर और दिमाग को शांत कर तनाव के स्तर को कम कर सकता है।

    योग शारीरिक और मानसिक प्रणाली पर सकारात्मक प्रभाव डालता है और इसका असर पूरे शरीर पर देखने को मिलता है। त्वचा पर बढ़ती उम्र का असर शरीर के आंतरिक स्वास्थ्य और टिश्यू की वजह से हो सकता है, लेकिन धैर्य और लगातार योग का अभ्यास करने से  निखरी और चमकती त्वचा पाई जा सकती है (1)

    नीचे विस्तार से पढ़ें

    चलिए, अब हम योगासन के बारे में बात करते हैं, जो ग्लोइंग स्किन पाने में मदद कर सकते हैं।

    ग्लोइंग स्किन के लिए 10 योगासन – 10 Yoga Poses For Glowing Skin in Hindi

    जैसा की हम आपको ऊपर बता चुके हैं कि शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने से इसका असर चेहरे पर भी देखने को मिलता है। इससे शरीर के सभी भागों में खून समान गति से पहुंचता है और त्वचा पर निखार आता है (1)। ऐसे में कुछ आसन और प्राणायाम चेहरे को जवां बनाने और निखारने में सहायक हो सकते हैं। नीचे हम कुछ ऐसे 10 आसनों की बात कर रहे हैं, जो चेहरे की चमक के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

    1. सर्वांगासन

    Sarvangasan

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    कैसे है लाभकारी :

    सर्व मतलब सभी, अंग मतलब शरीर के भाग और आसन मतलब मुद्रा अर्थात सर्वांगासन। इस आसन को करने से सभी अंगों को व्यायाम मिलता है। इसलिए, यह सर्वांगासन कहलाता है। सर्वांगासन उच्च रक्तचाप में काफी फायदेमंद होता है और जब शरीर इस प्रकार की बीमारियों से दूर रहता है, तो इसका असर चेहरे पर भी दिखता है (2)

    कैसे करें :
    • सबसे पहले स्वच्छ वातावरण में एक योग मैट बिछा लें।
    • अब मैट पर पीठ के बल लेट जाएं और दोनों हाथों को शरीर से सटाकर सीधा कर लें।
    • अब सांस लेते हुए पैरों, कूल्हों और कमर को धीरे-धीरे ऊपर उठाएं और 90 डिग्री पर ले जाएं।
    • साथ ही हाथों से कमर को सहारा देते हुए कोहनियों को जमीन से सटा लें।
    • ध्यान रहे कि आपके दोनों पैर आपस में सटे और सीधे रहें।
    • इस दौरान आपके शरीर का भार कंधों, कोहनियों और सिर पर होगा।
    • साथ ही आपकी ठुड्डी छाती को स्पर्श करेगी।
    • कुछ देर इसी मुद्रा में बने रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
    • फिर धीरे-धीरे वापस अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।

    2. पद्मासन

    Padmasana

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    कैसे है लाभकारी :

    पद्मासन संस्कृत का शब्द है, जिसका अर्थ है कमल का फूल। इस योग मुद्रा में मन शांत होता है और तनाव दूर होता है। यह शारीरिक और मानसिक स्थिति को संतुलित करने का काम करता है। साथ ही यह त्वचा पर बढ़ती उम्र के प्रभाव को भी कम कर सकता है। अगर ऐसा होगा, तो इससे आपके चेहरे पर निखार आना लाजमी है (3)

    कैसे करें :
    • योग मैट पर पैरों को सामने की ओर फैलाकर बैठें।
    • अपनी कमर और गर्दन को सीधा रखें।
    • अब दाएं पैर को मोड़ कर उसकी एड़ी को बाईं जांघ पर रखें और बाएं पैर को मोड़ कर उसकी एड़ी दाईं जांघ पर रखें।
    • अब हाथों से ज्ञान मुद्रा बनाकर हाथ घुटनों पर रखें।
    • इस दौरान अपनी कोहनियों को सीधा रखें।
    • अब इस मुद्रा में कुछ देर बैठें।
    • सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया को जारी रखें।
    • फिर धीरे-धीरे प्रारंभिक अवस्था में वापस आ जाएं।

    3. अर्ध मत्स्येंद्रासन

     Ardh Matsyendrasana

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    कैसे है लाभकारी :

    इस आसन को “हाफ स्पाइनल ट्विस्ट पोस” भी कहा जाता है। “अर्ध मत्स्येन्द्रासन” तीन शब्दों के मेल से बना है अर्ध, मत्स्य, और इंद्र। अर्ध मतलब आधा, मत्स्य यानी मछली, और इंद्र मतलब भगवान। यह योग मस्तिष्क के साथ ही शरीर से भी तनाव को कम करने में फायदेमंद साबित हो सकता है। जब शरीर से सारा तनाव दूर होगा, तो चेहरा भी खिल उठेगा। इसलिए, यह चेहरे की चमक के लिए कारगर हो सकता है (4)

    कैसे करें :
    • सबसे पहले मैट बिछाकर दंडासन (पैर आगे सीधे करके बैठना) की अवस्था में बैठ जाएं।
    • अब सांस लेते हुए बाएं पैर को मोड़कर दाएं नितंब के नीचे ले जाएं।
    • फिर दाएं पैर को मोड़कर बाएं पैर के घुटने के बगल में रख दें।
    • इस दौरान दाएं पैर का तलवा जमीन से सटा रहेगा।
    • अब आराम-आराम से सांस छोड़ते हुए धड़, गर्दन और सिर को जितना हो सके दाईं ओर मोड़ लें।
    • फिर बाएं हाथ को दाएं घुटने के ऊपर से ले जाते हुए दाएं टखने को पकड़ने की कोशिश करें।
    • वहीं, दाहिने हाथ को पीछे ले जाते हुए पीठ पर रखने का प्रयास करें।
    • इस मुद्रा में लगभग 30 से 60 सेकंड तक रह सकते हैं।
    • अब दंडासान में वापस आ जाएं और फिर सारे स्टेप्स दूसरे पैर की तरफ से दोहराएं।

    4. अधोमुख श्वानासन

    अधोमुख श्वानासन

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    कैसे है लाभकारी :

    अधोमुख श्वानासन को डाउनवर्ड फेसिंग डॉग पोज भी कहा जाता है। इस आसन की मदद से दिमाग को शांत करने और अवसाद को दूर करने में फायदा मिल सकता है।

    कैसे करें :
    • सबसे पहले योग मैट पर घुटनों व हथेलियों के बल बैठ जाएं।
    • फिर सांस छोड़ते हुए शरीर को बीच से ऊपर की ओर उठाएं।
    • इस अवस्था में सिर दोनों कोहनियों के बीच में होगा और शरीर ‘वी (V)’ के आकार में नजर आएगा।
    • ध्यान रहे कि इस अवस्था में पैर और हाथ दोनों सीधे रहें।
    • इस आसन के दौरान अपनी गर्दन को अंदर की ओर खींचकर अपनी नाभि को देखने की कोशिश करें। साथ ही एड़ियों को जमीन से लगाने का प्रयास करें।
    • कुछ सेकंड तक इस स्थिति में बने रहें।
    • फिर घुटनों को जमीन पर टिकाकर धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में वापस आ जाएं।
    • इस आसन को 3 से 4 बार किया जा सकता है।

    5. शशकासन

     Sasakasana

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    कैसे है लाभकारी :

    शशक का का अर्थ होता है खरगोश। इस आसन को करते वक्त व्यक्ति की खरगोश जैसी आकृति बन जाती है, इसीलिए इसे शशकासन कहते हैं। एक शोध के अनुसार, इस आसन को करने से एक हफ्ते के अंदर सभी प्रतिभागियों में तनाव, चिंता, उदासी और अनिद्रा का असर कम हुआ (5)

    कैसे करें :
    • सबसे पहले आप वज्रासन में बैठ जाएं और अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें।
    • दोनों घुटनों के बीच दूरी रखें।
    • अब दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं।
    • फिर सांस छोड़ते हुए और हाथ सीधे रखते हुए कमर से आगे की ओर झुकें।
    • ध्यान रहे कि आपकी ठोड्डी और हाथ फर्श पर टिके होने चाहिए। साथ ही सामने की ओर देखने की कोशिश करें। कुछ देर इसी अवस्था में रहें और सामान्य गति से सांस लेते रहें।
    • अब सांस लेते हुए धीरे धीरे आरंभिक अवस्था में आ जाएं।
    • इसे आप तीन से पांच बार दोहरा सकते हैं।

    6. हस्तपादासन

    Manual production

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    कैसे है लाभकारी :

    हस्तपादासन तीन शब्दों से मिलकर बना है हस्त + पद + आसन। हस्त का अर्थ हाथ, पद यानी पैर, आसन यानी मुद्रा। इस योगासन से आपको कई फायदे मिलते हैं। यह चिंता और उदासी को दूर करता है, जिससे त्वाचा भी खिलखिला सकती है। इसलिए, कहा जा सकता है कि यह चेहरे की चमक बढ़ाने का काम भी कर सकता है (5)

    कैसे करें :
    • सबसे पहले योग मैट पर सीधे खड़े हो जाएं और दोनों पैरों को आपस में मिला लें।
    • अब हाथों को सिर के पास ले जाएं और फिर सांस छोड़ते हुए आराम-आराम से नीचे की ओर झुकें।
    • पूरे शरीर का वजन दोनों पैरों पर होना चाहिए।
    • कोशिश करें कि हथेलियां जमीन से और सिर घुटनों से स्पर्श कर सके।
    • कुछ सेकंड इसी मुद्रा में रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें।
    • इसके बाद सांस लेते हुए ऊपर उठ जाएं।
    • इस आसन को चार से पांच बार कर सकते हैं।

    7. हलासन

    Hallasan

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    कैसे है लाभकारी :

    आमतौर पर हलासन को  सर्वंगासन के 1 से 5 मिनट बाद किया जाता है। इस मुद्रा में शरीर का आकार किसान के द्वारा उपयोग होने वाले उपकरण “हल” जैसा होता है, जिस कारण इसका नाम हलासन है। इससे शरीर में रक्त का संचरण अच्छे से होता है। यह आपके मनोभाव, नींद और जीवनशैली में सुधार लाता है (4)। ऐसे में कहा जा सकता है कि यह तनाव को दूर कर त्वचा को निखारने में फायदेमंद हो सकता है।

    कैसे करें :
    • सबसे पहले स्वच्छ वातावरण में समतल जगह पर एक योग मैट बिछा लें।
    • अब इस मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं।
    • अपने हाथों को शरीर से सटाकर रखें। हथेलियों की दिशा जमीन की ओर होगी।
    • अब सांस लेते हुए पैरों को 90 डिग्री तक ऊपर उठाएं।
    • अगर पैरों को उठाने में दिक्कत हो, तो कमर को हाथ से सहारा दे सकते हैं।
    • अब सांस छोड़ते हुए टांगों को सीधा रखते हुए धीरे-धीरे सिर के ऊपर से पीछे की ओर ले जाएं।
    • फिर पैर के अंगूठों से जमीन को स्पर्श करने का प्रयास करें।
    • अब हाथों को कमर से हटाकर जमीन पर पहले की तरह सीधा रख लें।
    • जितना संभव हो इस मुद्रा में बने रहने की कोशिश करें और सामान्य गति से सांस लेते रहें।
    • अब सांस लेते हुए धीरे-धीरे वापस प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं।
    • इस योगासन को आप अपनी क्षमता के अनुसार तीन से पांच बार कर सकते हैं।

    8. शवासन

    Embalming

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    कैसे है लाभकारी :

    शवासन विश्राम करने के लिए है और इसे सभी योगासन करने के बाद अंत में किया जाता है। इससे तनाव से मुक्त हुआ जा सकता है। योग से संबंधित एक शोध में माना गया है कि तनाव के कारण सोराइसिस (चकत्ते युक्त खुजलीदार त्वचा) जैसी समस्या हो सकती है। वहीं, शवासन जैसे योग मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाकर इस समस्या में लाभ पहुंचा सकते हैं (5)

    कैसे करें :
    • एक समतल जगह पर योग मैट बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं।
    • अपने दोनों हाथों को शरीर से एक फीट की दूरी पर रखें और हथेलियों की दिशा आसमान की ओर हो।
    • दोनों पैरों के बीच की दूरी भी लगभग 2 फीट रखें।
    • अब अपनी आंखों को बंद करें और सामान्य रूप से सांस लेते व छोड़ते रहें।
    • थोड़ी देर इसी मुद्रा में रहें और पूरा ध्यान सांसों की गति पर रखें।
    • रोजाना इस आसन को आराम से किया जा सकता है।

    9. धनुरासन

    Dhanurasan

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    कैसे है लाभकारी :

    इस आसन को यह नाम अपने धनुष के आकार की वजह से मिला है। इसे सही तौर पर धनु-आसन के नाम से जाना जाता है। इसे करने से शरीर में नई ऊर्जा आती है और तनाव दूर होता है (4)

    कैसे करें :
    • योग मैट को शांत व समतल जगह पर बिछाकर पेट के बल लेट जाएं।
    • फिर घुटने मोड़कर हाथों से टखनों को मजबूती से पकड़ें।
    • फिर सीने, सिर और जांघ को सांस लेते हुए ऊपर उठाएं।
    • ऐसा करने पर शरीर की आकृति धनुष जैसी बन जाएगी।
    • अब अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार कुछ देर इसी पोज में रहें और सामान्य गति से सांस लेते रहें।
    • फिर सांस छोड़ते हुए प्रारंभिक मुद्रा में धीरे-धीरे वापस आएं।
    • इस आसन को आप दो से तीन बार कर सकते हैं।

    10. त्रिकोणासान

    Triangulation

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    कैसे है लाभकारी :

    त्रिकोणासन योग करते समय शरीर का आकार त्रिकोण जैसा हो जाता है, इसलिए इसे त्रिकोणासन या ट्राइंगल पोज कहा जाता है। एक शोध में पाया गया है कि इस आसन को करने के कई मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक लाभ हैं (6)

    कैसे करें :
    • पहले सीधे खड़े हो जाएं और पैरों को आपस में जोड़ लें।
    • हाथ शरीर से सटे हुए होने चाहिए।
    • धीरे-धीरे अपने पैरों को फैलाएं। ध्यान रहे कि दोनों पैर एक दूसरे के समानांतर हों।
    • अपने दोनों हाथों को शरीर से दूर फैलाते हुए कंधों के समानांतर ले आएं।
    • फिर बाएं पैर को बाहर की ओर मोड़ें।
    • गहरी सांस लेते हुए अपने बाईं ओर झुकें और बाएं हाथ की उंगलियों से फर्श को छूने का प्रयास करें। इसी समय दाहिने हाथ को ऊपर उठाएं।
    • अपने दाहिने हाथ की उंगलियों को देखने का प्रयास करें।
    • कुछ सेकंड रुकें और सामान्य सांस लेते रहें।
    • धीरे-धीरे सांस छोड़ें और सामान्य मुद्रा में पहुंच जाएं।
    • फिर दूसरी तरफ से भी इसी प्रक्रिया को दोहराएं।

    पढ़ते रहें यह आर्टिकल

    लेख के अगले भाग में अब हम फेस के लिए योग के बारे में जानेंगे।

    फेस के लिए योग: Face Yoga For Glowing Skin

    फेस के लिए योग एक प्रकार का व्यायाम है, जो चेहरे में रक्त संचार को बेहतर करता है और इससे आपके चेहरे की मांसपेशियों को आराम मिलता है। साथ ही व्यायाम की वजह से मांसपेशियों में कसाव भी आता है। इससे चेहरे पर निखार आता है और त्वचा पर झुर्रियों को भी कम करता है, जिससे बढ़ती उम्र का असर कम हो सकता है (7)। नीचे चेहरे के लिए योग के बारे में जानें।

    • ब्लोइंग एयर फेस योग करने से चेहरे और गर्दन की मांसपेशियों को काफी फायदा मिल सकता है (8)। इससे डबल चिन की समस्या कम हो सकती है और चेहरा आकर्षक दिख सकता है।
    • लिप पुलिंग योग करने से चेहरे की मांसपेशियों को आकार मिलता है, जिससे यह चीकबोन और जॉ लाइन को बेहतर बनाता है और चेहरा जवां दिख सकता है (8)
    • फिश फेस भी एक प्रकार का योग है। यह योग चेहरे को टोन करता है और चेहरे की मांशपेशियों की कार्यप्रणाली में सुधार का काम कर सकता है (8)
    • डबल चिन की समस्या को कम करने के लिए चिन लिफ्ट योग का सहारा लिया जा सकता है। इससे डबल चिन से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही गर्दन की मांसपेशियों की कार्यप्रणाली में भी सुधार हो सकता है (8)

    आगे है और जानकारी

    आइए, अब कुछ काम के टिप्स भी जान लेते हैं।

    निखरी त्वचा पाने के उपाय / Everyday must-follow tips for Glowing skin (Include In points)

    त्वचा में निखार तभी मुमकिन है, जब त्वचा से झुर्रियां, बढ़ती उम्र और तनाव कम हो, इसलिए नीचे दिए कुछ उपायों से त्वचा को चमकदार बनाया जा सकता है।

    • रोज चहरे को पानी से अच्छे से धोना चाहिए।
    • पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें, इससे त्वचा में निखार आता है (9)
    • प्रोटीन और विटामिन से भरपूर आहार का सेवन करें (10)
    • अपने आहार में फलों को शामिल करना न भूलें (10)
    • घर में बने उबटन या फेस पैक का उपयोग करें।
    • चहरे पर बार-बार हाथ न लगाएं।

    शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य की तरह योग के जरिए चेहरे को भी सुंदर और खिलाखिला बनाया जा सकता है। ऊपर बताए गए योग चेहरे को आकर्षक बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं। यहां हम स्पष्ट कर दें कि योग का असर धीरे-धीरे होता है। इसलिए, बेहतर परिणाम के लिए सही डाइट के साथ नियमित रूप से योगाभ्यास करना जरूरी है। इससे चेहरे के साथ-साथ स्‍वास्‍थ्‍य भी अच्‍छा रहेगा।

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    चहरे पर निखार लाने के लिए कौन-सा योग अच्छा है?

    चहरे पर निखार लाने के लिए ऊपर लेख में बताए गए किसी भी योगासन को कर सकते हैं। योग करने से आपके मन और मस्तिष्क को आराम मिलता है, जिसकी वजह से आपके चेहरे पर निखार आता है।

    क्या योग करने से चहरे की रंगत पर असर पढ़ता है?

    हां, अयंगर योग स्किन टोन बेहतर करने का काम करता है (11)

    क्या योग करने से फेशियल हेयर कम हो सकते हैं?

    नहीं, योग से फेशियल हेयर कम हो सकते हैं, यह बात एनसीबीआई के शोध से स्पष्ट होती है। शोध में माना गया है कि योग हिरसूटिज्म (hirsutism)  यानी महिलाओं में अनचाहे बालों की समस्या में राहत पहुंचा सकता है (12)। अब इस मामले में योग कैसे काम करता है, इस बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

    क्या योग करने से चेहरा बदल सकता है?

    फेस योग करने से चेहरे की संरचना बेहतर हो सकती है, लेकिन पूरा बदल जाए यह संभव नहीं है (7)

    क्या योग करने से त्वचा बेहतर हो सकती है?

    हां, योग करने से बढ़ती उम्र और झुर्रियों की समस्या हल हो सकती है (7)

    क्या फेस योग से झुर्रियां आ सकती है?

    नहीं, फेस योग करने से झुर्रियों की समस्या हल हो सकती है। यह बात योग से संबंधित शोध से स्पष्ट होती है (7)

    Sources

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