आंखों की पफीनेस को दूर करने के लिए योग – Yoga For Puffy Eyes in Hindi

Written by , (शिक्षा- एमए इन मास कम्युनिकेशन)

व्यक्ति की सुंदरता को बढ़ाने में उसकी आंखों की अहम भूमिका होती है। किसी वजह से अगर आंखों से जुड़ी कोई समस्या हो जाए, तो सुंदरता पर असर पड़ सकता है। ऐसी ही एक समस्या पफी आइज यानी आंखों के नीचे की सूजन भी है। इस परेशानी से निजात पाने के लिए योग कर सकते हैं। यही वजह है कि स्टाइलक्रेज के इस लेख में हम आंखों की पफीनेस को दूर करने के लिए योग के बारे में बता रहे हैं।

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सबसे पहले जानते हैं कि पफी आइज किसे कहते हैं और इसके क्या-क्या कारण हैं।

पफी आइज क्या है और इसके क्या कारण है?

जब किसी की आंखों के नीचे सूजन आ जाती है, तब उसे पफी आइज कहते हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से मुख्य कारण उम्र का बढ़ना, आंखों के नीचे की मांसपेशियों की इलास्टिसिटी का कमजोर होना और ठीक से न सोना है (1 )। ऐसे में पफी आइज से राहत पाने के लिए इसके कारणों से छुटकारा पाना जरूरी है। इसके लिए योग करना एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है।

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आगे जानिए कि आंखों की पफीनेस को दूर करने के लिए योग किस तरह मददगार हो सकता है।

आंखों की पफीनेस को दूर करने में कैसे लाभदायक है योग? – How Does Yoga Help with Puffy Eyes in Hindi

आंखों की पफीनेस को दूर करने के लिए योग फायदेमंद हो सकता है। इस संबंध में प्रकाशित मेडिकल रिसर्च की मानें, तो अनिद्रा, उम्र बढ़ने के लक्षण और मांसपेशियों की कमजोरी के कारण ही आंखों में पफीनेस होती है (1 )। ऐसे में आंखों की पफीनेस से छुटकारा पाने के लिए इन कारणों से निजात पाना होगा। इसके लिए योग करना अच्छा विकल्प हो सकता है।

एनसीबीआई (नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक अध्ययन में दिया है कि योग करने से मूड में सुधार होता है और तनाव से राहत मिल सकती है। साथ ही अवसाद और चिंता से छुटकारा दिलाकर नींद बेहतर हो सकती है। इसके अलावा, योग करने से उम्र बढ़ने के साथ दिखाई देने वाले लक्षण को धीमा करने और मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है (2)। इससे पफी आई की समस्या से राहत मिल सकती है।

नीचे मुख्य जानकारी है

लेख के अगले भाग में हम आंखों की सूजन दूर करने के लिए योगासन बता रहे हैं।

आंखों की पफीनेस को दूर करने के लिए योग – Yoga For Puffy Eyes in Hindi

आंखों की सूजन को कम करने के लिए योग करना अच्छा विकल्प हो सकता है। इससे पफी आइज के कारणों में सुधार होता है, जिससे आंखों के नीचे की सूजन की समस्या कम हो सकती है। आंखों की पफीनेस को दूर करने के लिए योग में ये शामिल हैं।

1. पश्चिमोत्तानासन (Seated Forward Bend)

पश्चिमोत्तानासन-(Seated-Forward-Bend)

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आंखों की सूजन दूर करने के लिए योग में पहला नाम पश्चिमोत्तानासन का है। एक वैज्ञानिक शोध के दौरान बेहतर नींद के लिए कुछ योग कराए गए। उन योग में से एक पश्चिमोत्तानासन भी है। पश्चिमोत्तानासन मन पर सूदिंग प्रभाव डालकर चिंता, क्रोध और चिड़चिड़ापन दूर करता है। साथ ही इससे भावनाओं को भी शांत किया जा सकता है। नतीजन नींद बेहतर आने लगती है (3)। इसी वजह से कहा जाता है कि यह योग नींद को बेहतर करके आंखों की पफीनेस को बढ़ने से रोक सकता है।

योग करने की विधि:

  • पश्चिमोत्तानासन करने के लिए एक समतल स्थान पर योग मैट या चटाई बिछाकर दोनों पैर को सामने की तरफ फैलाकर बैठ जाएं।
  • इस दौरान दोनों पैर सटे हुए होना चाहिए और घुटने एकदम सीधे। साथ ही इस समय रीढ़ की हड्डी गर्दन और सिर एक सीध में हों।
  • इसके बाद दोनों हाथों को सीधे ऊपर की तरफ उठा लें। अब धीरे-धीरे सांस बाहर छोड़ते हुए सामने की तरफ झुकें।
  • अब हाथों से पैर के अंगूठों और माथे से घुटनों को स्पर्श करने की कोशिश करें।
  • ध्यान दें कि पैर के अंगूठे तक हाथ ले जाने के लिए शरीर पर ज्यादा जोर नहीं डालना है।
  • साथ ही सामने झुकते समय घुटने मुड़ने नहीं चाहिए।
  • इस मुद्रा में आने के बाद कुछ सेकंड तक रूके रहें और सामान्य रूप से सांस लें-छोड़ते रहें।
  • फिर लंबी सांस भरते हुए शुरुआती मुद्रा में आ जाएं।
  • इस योग की प्रक्रिया को तीन से पांच बार तक विराम लेकर कर सकते हैं।

सावधानियां:

  • इस योग को गर्भवती महिलाएं न करें।
  • अल्सर, स्लिप डिस्क और अस्थमा के रोगी को इस आसन से दूर रहना चाहिए।
  • डायरिया की समस्या में इस योग को करने से बचें।
  • अगर किसी ने हाल ही में सर्जरी कराया है, तो इस योगासन को न करें।

2. हलासन (Plow Pose)

हलासन-(Plow-Pose)

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हलासन करने के फायदे पफी आई को ठीक करने के लिए हो सकते हैं। इस संबंध में किए गए एक रिसर्च के अनुसार, यह योग मानसिक और शारीरिक तनाव को कम कर सकता है। साथ ही हलासन मन को शांत करने, अनिद्रा से राहत और अवसाद से छुटकारा दिला सकता है। इससे बेहतर नींद आती है और आंखों के नीचे की सूजन भी कम हो सकती है, क्योंकि पफी आइज का एक एक कारण अनिद्रा भी है (4)।

योग करने की विधि:

  • सबसे पहले योग मैट बिछाकर उसपर पीठ के बल लेट जाएं।
  • इस समय दोनों हाथों को शरीर के करीब सटाकर रखें। साथ ही हथेली जमीन की तरफ होनी चाहिए।
  • फिर गहरी सांस भरते हुए दोनों पैरों को एक साथ 90 डिग्री पर उठा लें।
  • अगर किसी को पैरों को उठाते समय परेशानी हो, तो कमर को दोनों हाथ से सपोर्ट दे सकते हैं।
  • इसके बाद धीरे-धीरे सांस को बाहर छोड़ते हुए पैरों को सीधा सिर के ऊपर से पीछे की तरफ ले जाएं।
  • पैरों को पीछे ले जाने पर अंगूठों से फर्श को छूने की कोशिश करें।
  • अब अपने दोनों हाथ को कमर से हटाएं और सीधे जमीन पर पहले की तरह रख दें।
  • इस मुद्रा में कुछ सेकंड बने रहने की कोशिश करें व नियमित रूप से सांस लें और छोड़ें।
  • इसके बाद धीरे-धीरे सांस लेते हुए प्रारंभिक मुद्रा में वापस आ जाएं।
  • इस योग को तीन से पांच बार रुक-रुककर कर सकते हैं।

सावधानियां:

  • माहवारी या दस्त की स्थिति में हलासन करने से बचें।
  • गर्दन में किसी तरह की परेशानी या चोट है, तो इस योग को न करें।
  • गर्भवती महिलाओं को यह योग न करने की सलाह दी जाती है।
  • अगर अस्थमा या हाई बीपी की समस्या है, तो इस आसन से परहेज करें।

3. चक्रासन (Wheel Pose)

चक्रासन-(Wheel-Pose)

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आंखों की सूजन दूर करने के लिए योगासन में चक्रासन को भी शामिल किया जा सकता है। इससे संबंधित एक वैज्ञानिक शोध में दिया है कि चक्रासन को करने से मांसपेशियां बेहतर हो सकती हैं। मांसपेशियों में सुधार होने पर पफीनेस की समस्या भी कम हो सकती है (5)।

योग करने की विधि:

  • इस योग को करने के लिए चटाई बिछा लें और पीठ के सहारे लेट जाएं।
  • अब घुटनों को धीरे-धीरे मोड़ते हुए एड़ियों को नितंबों के पास ले आएं।
  • इस दौरान दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी होनी चाहिए।
  • फिर अपने हाथों को उठाकर सिर के ऊपर से ले जाकर जमीन पर रख दें।
  • इसके बाद लंबी सांस लेते हुए कमर और पीठ को उठाएं।
  • इस दौरान सिर पर कुछ सेकंड के लिए शरीर का भार होगा।
  • फिर सिर को भी हवा में रखें। अब शरीर का भार हाथ और पैर के पंजों पर आएगा।
  • इस समय सांस लेने व छोड़ने की क्रिया को सामान्य रखें।
  • कुछ सेकंड तक इसी अवस्था में रहें। फिर धीरे-धीरे शरीर को नीचे ले आएं।
  • इस योग को रुक रुक कर पांच-छह बार कर सकते हैं।

सावधानियां:

4. सलंब सर्वांगसान (Shoulder Stand)

सलंब-सर्वांगसान-(Shoulder-Stand)

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सलंब सर्वांगसान को करने से पफी आई की समस्या से राहत मिल सकती है। इस योग के नियमित अभ्यास से स्लीप डिसऑर्डर यानी नींद की समस्या को ठीक किया जा सकता है (6 )। हम बता ही चुके हैं कि नींद न आने के कारण भी पफी आई की परेशानी हो सकती है (1 )। इस आधार पर कहा जा सकता है कि सलंब सर्वांगसान पफी आइज से राहत दिला सकता है।

योग करने की विधि:

  • सलंब सर्वांगसान के लिए योग मैट बिछाकर उसपर पीठ के बल लेट जाएं। इस समय दोनों हाथों को सीधा शरीर से सटाकर रखें।
  • अब गहरी सांस लेते हुए अपने दोनों टांग को ऊपर उठाएं और पीछे की तरफ लाने का प्रयत्न करें।
  • शरीर के संतुलन को बनाए रखने के लिए हाथों से हिप्स या कमर को सहारा देकर पैरों को सीधा करें।
  • फिर हाथों से पीठे को सपोर्ट देते हुए कोहनियों को जमीन पर अच्छे से टीका दें।
  • इस स्थिति में घुटने सीधे और जुड़े हुए रहेंगे। साथ ही शरीर का संतुलन और भार कंधे, कोहनी व सिर पर होगा।
  • इस मुद्रा में ठुड्डी सीने को छूती हुई दिखाई देगी।
  • अब कुछ देर इसी मुद्रा में रहने की कोशिश करें और सांस लेने की गति को सामान्य रखें।
  • फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए योग की प्रारंभिक मुद्रा में लौट आएं।
  • इस योग को करते समय तीन से चार बार तक दोहरा सकते हैं।

सावधानियां:

  • अगर किसी को हृदय रोग की समस्या है, तो इस योग को करने से बचें।
  • कंधे व गर्दन में परेशानी होने पर सलंब सर्वांगसान को न करें।
  • प्रेगनेंसी के दौरान इस योग को नहीं करना चाहिए।

5. सलंब शीर्षासन (Head Stand)

सलंब-शीर्षासन-(Head-Stand)

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आंखों की सूजन दूर करने के लिए योग के रूप में सलंब शीर्षासन करना भी अच्छा विकल्प हो सकता है। इस योग के दौरान सांस लेने की क्रिया से अनिद्रा की समस्या दूर हो सकती है (7)। जब अनिद्रा की समस्या दूर होती है, तो पफी आइज की स्थिति में सुधार हो सकता है।

योग करने की विधि:

  • पहले योग मैट बिछाकर वज्रासन की मुद्रा में बैठ जाएं।
  • अब हाथों की उंगुलियों को इंटरलॉक कर लें। फिर शरीर को आगे फ्लोर की तरफ झुका लें।
  • इसके बाद सिर को हथेलियों के बीच में रखें और घुटने व पैरों को सीधा कर लें।
  • फिर पैरों को फर्श से धीरे-धीरे ऊपर उठाएं।
  • अब अपने एक पैरों को घुटने से मोड़कर धीरे-धीरे ऊपर ले जाएं।
  • फिर मुड़े हुए दोनों घुटनों को आसामान की तरफ सीधा कर लें।
  • इस दौरान शरीर का पूरा भार हाथों पर होगा और हाथ सिर से सटे हुए व उंगलियां इंटरलॉक ही रहेंगी।
  • अब कुछ देर इसी मुद्रा में बने रहने की कोशिश करें और सामान्य रूप से सांस लें और छोड़ें।
  • अब धीरे-धीरे दोनों पैरों को नीचे ले आएं।
  • एक दिन में इस योग के तीन से चार चक्र कर सकते हैं।

सावधानियां:

नोट : इस लेख में बताए गए योग को करने के लिए प्रशिक्षक की सहायता लें।

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चलिए, जानते हैं कि आंखों की पफीनेस को दूर करने के लिए योग से जुड़ी सावधानियां क्या हैं।

सूजी हुई आंखों के लिए योग करते समय बरती जाने वाली सावधानियां- Precautions to be taken while doing yoga for Puffy Eyes in Hindi

पफी आई के लिए योग करते समय कई बातों को ध्यान में रखना होता है। इन सावधानियों के बारे में हम नीचे बता रहे हैं।

  • हमेशा योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही योग करें।
  • अगर किसी तरह की गंभीर बीमारी या सर्जरी हुई है, तो इन योगासन को डॉक्टर की सलाह पर ही करें।
  • योग हमेशा सुबह खाली पेट ही करें।
  • शाम को योग करने की इच्छा हो, तो इसे करने से 3 घंटे पहले कुछ न खाएं।
  • योग करते समय शरीर पर ज्यादा जोर न डालें।

आंखों को खुबसूरत बनाए रखने के लिए उनकी देखभाल करना जरूरी होता है। इस देखभाल का एक अहम हिस्सा योग को भी बना सकते हैं। यह भी ध्यान दें कि आंखों की स्किन के लिए भी पोषक तत्व उतने ही जरूरी हैं, जितना हमारे शरीर के लिए। ऐसे में आंखों की पफीनेस को दूर करने के लिए योग के साथ ही पौष्टिक आहार का सेवन भी करें। आगे हम पफी आइज से जुड़े कुछ सवालों का जवाब दे रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या पफी आइज आनुवांशिकी होती हैं?

हां, पफी आई और आंखों के नीचे बैग होने की समस्या आनुवांशिक हो सकती है।

क्या व्यायाम करने से पफी आइज कम होती है?

जी हां, व्यायाम करने से पफी आई की समस्या कम हो सकती है। दरअसल, व्यायाम से नींद में सुधार होने के साथ ही आंखों की पफीनेस से जुड़े अन्य कारण कम हो सकते हैं ( 8)। इसका सीधा और सकारात्मक असर पफी आइज पर पड़ता है।

संदर्भ (Sources)

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  1. Under eye-bags in healthy subjects: evaluation of the effects of a new escin-based cosmetic cream in an eight-week study
    https://www.researchgate.net/publication/313887499_Under_eye-bags_in_healthy_subjects_evaluation_of_the_effects_of_a_new_escin-based_cosmetic_cream_in_an_eight-week_study
  2. Impact of long term Yoga practice on sleep quality and quality of life in the elderly
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3667430/
  3. CLINICAL EVALUATION OF SIRODHARA AND YOGA THERAPY IN MANAGEMENT OF CHRONIC INSOMNIA
    https://www.researchgate.net/publication/307668465_CLINICAL_EVALUATION_OF_SIRODHARA_AND_YOGA_THERAPY_IN_MANAGEMENT_OF_CHRONIC_INSOMNIA
  4. Yoga as a Remedy for Anxiety and Depression
    https://ijisrt.com/wp-content/uploads/2018/11/IJISRT18OC375.pdf
  5. Importance of Chakrasana in Present Generation
    https://www.ijtsrd.com/papers/ijtsrd25356.pdf
  6. Importance and benefits of Sarvangasana in daily life
    https://www.ijsdr.org/papers/IJSDR2011016.pdf
  7. SOLUTION TO INSOMNIA: A REVIEW
    http://www.ijarse.com/images/fullpdf/1443762150_660D.pdf
  8. Interrelationship between Sleep and Exercise: A Systematic Review
    https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC5385214/
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