जुकिनी के फायदे और नुकसान – Zucchini Benefits and Side Effects in Hindi

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शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सब्जियों की अहम भूमिका होती है। पोषण से भरपूर सब्जियां शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करती हैं। इसी क्रम में हम एक खास प्रकार की सब्जी के बारे में बता रहे हैं, जिसका नाम है जुकिनी। माना जाता है कि यह सब्जी औषधीय गुण रखती है और शरीर को कई तरह से फायदे पहुंचाने का काम कर सकती है। स्टाइलक्रेज के लेख में जानिए स्वास्थ्य के लिए जुकीनी खाने के फायदे और जुकिनी का उपयोग। इसके अलावा, लेख में जुकिनी खाने के नुकसान के विषय में भी जानकारी दी जाएगी। जुकिनी के सेवन से स्वस्थ रहने में मदद मिल सकती है। साथ ही बीमारियों के कुछ लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। वहीं, अगर कोई गंभीर रूप से बीमार है, तो डॉक्टर से इलाज करना जरूरी है।

आइए, जानते हैं कि शरीर के लिए जुकिनी किस प्रकार लाभदायक हो सकती है।

जुकिनी के फायदे – Benefits of Zucchini in Hindi

शरीर के लिए जुकिनी कई तरीके से फायदेमंद हो सकती है, जो इस प्रकार हैं –

1. वजन घटाने के लिए

अगर कोई बढ़ते वजन से परेशान है, तो जुकिनी इस परेशानी को दूर करने में मदद कर सकती है। दरअसल, जुकिनी में फाइबर की मात्रा पाई जाती है और पेट को लंबे समय तक भरा रखने का अहसास दिलाता है। इससे जल्द भूख नहीं लगती। ऐसे में मोटापे को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है (1), (2)। हालांकि, सीधे तौर पर जुकिनी वजन को कैसे प्रभावित करती है, इस पर और शोध की आवश्यकता है।

2. हृदय स्वास्थ्य में सुधार

जुकीनी खाने के फायदे हृदय स्वास्थ्य के लिए भी देखे जा सकते हैं। दरअसल, विशेषज्ञों का मानना है कि जुकिनी का सेवन, हृदय से जुड़ी बीमारियों के साथ-साथ उच्च कोलेस्ट्रॉल जैसे हृदय रोग के जोखिम से बचाव का काम कर सकता है।

इसके अलावा, जुकिनी में बीटा-कैरोटीन नामक पोषक तत्व भी पाया जाता है, जिसमें एंटी-ऑक्सीडेंट प्रभाव पाया जाता है। एंटी-ऑक्सीडेंट कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से सुरक्षा प्रदान करने का काम कर सकता है (3)। इसलिए, कहा जा सकता है कि जुकिनी का उपयोग हृदय के लिए लाभकारी हो सकता है।

3. आंखों के स्वास्थ्य में सुधार

उम्र बढ़ने के साथ-साथ आंखें की रोशनी कमजोर होने लगती हैं। ऐसे में जुकिनी का सेवन कमजोर होती आंखों पर कुछ हद तक सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। दरअसल, एनसीबीआई (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में इस बात का उल्लेख किया गया है कि ल्यूटिन और जेक्सैथीन युक्त सब्जियां, बढ़ती उम्र के साथ होने वाले नेत्र रोग जैसे एज रिलेटेड मैक्युलर डीजेनेरेशन (Age Related Macular Degeneration) के जोखिम से बचाने का काम कर सकती हैं। जुकिनी भी ल्यूटिन और जेक्सैथीन तत्वों से समृद्ध होती है। इसलिए, कहा जा सकता है कि इसका सेवन आंखों के लिए फायदेमंद हो सकता है (4)। यह हम स्पष्ट कर दें कि आंखों से जुड़ी समस्या के लिए डॉक्टरी उपचार जरूर कराएं।

4. मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए

मधुमेह को नियंत्रित करने में जुकिनी सहायक भूमिका निभा सकती है। दरअसल, सीडीसी (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार, कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार रक्त में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने का काम कर सकते हैं। इन खाद्य पदार्थों में जुकिनी भी शामिल है। इसलिए, कहा जा सकता है कि मधुमेह से बचाव में जुकिनी मददगार साबित हो सकती है (5)।

5. कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए

ऊपर बताए गए फायदों के साथ जुकिनी बढ़ते कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम भी कर सकती है (3)। वहीं, इसमें फाइबर की मात्रा पाई जाती है और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने का काम कर सकता है। इसलिए, कहा जा सकता है कि जुकिनी कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित बनाए रखने में मदद कर सकती है (6) (2)। वहीं, अगर किसी को कोलेस्ट्रॉल की समस्या है, तो उसे घरेलू उपचार के साथ-साथ डॉक्टर की सलाह पर दवा का सेवन भी जरूर करना चाहिए।

6. अस्थमा से राहत

जुकिनी का सेवन अस्थमा जैसी श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याओं पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। दरअसल, जुकिनी के इस लाभ के पीछे इसमें मौजूद विटामिन-सी का प्रभाव है। विटामिन-सी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है और इसमें एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो अस्थमा से कुछ हत तक राहत दिला सकते हैं (3)।

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7. कोलन कैंसर को दूर रखने में मददगार

कोलन कैंसर से बचाव के लिए भी जुकिनी के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, जुकिनी में पाया जाने वाला ल्यूटिन नामक पोषक तत्व एक कारगर एंटीऑक्सीडेंट है। वहीं, एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में इस बात का जिक्र मिलता है कि एंटीऑक्सीडेंट शरीर में फ्री रेडिकल्स को बेअसर कर सेल डैमेज (Cell Damage) और कुछ कैंसर को पनपने से रोकने में मदद कर सकता है। इन कैंसर में कोलन कैंसर भी शामिल है।
शोध में ल्यूटिन के सेवन और कोलन कैंसर के मध्य एक विपरित संबंध का भी जिक्र किया गया है (7)। बता दें कि जुकिनी कैंसर से बचाव में सहायक भूमिका निभा सकती है, लेकिन यह कैंसर का इलाज नहीं है। इसलिए, हमारी सलाह यही है कि अगर किसी को कैंसर है, तो उसे नियमित रूप से डॉक्टरी इलाज करवाना चाहिए।

8. पाचन को बढ़ाने में सहायक

पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और उसे बढ़ावा देने में जुकिनी खाने के फायदे देखे जा सकते हैं। दरअसल, जुकिनी उन खाद्य पदार्थों में शामिल है, जिन्हें पाचन के लिए कारगर माना गया है (8)। इसके पीछे इसमें मौजूद फाइबर का प्रभाव हो सकता है, क्योंकि फाइबर स्टूल को मुलायम बनाकर मल निकासी की प्रक्रिया को बेहतर बनाने का काम करता है (9) (2)।

9. रक्तचाप को कम करने के लिए

आहार में डैश (DASH) डाइट को शामिल करने से रक्तचाप को नियंत्रण में रखा जा सकता है। यह खास प्रकार की डाइट होती है, जो उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए बनाई गई है। इसमें उच्च रक्तचाप को कम करने वाले खाद्य पदार्थों को शामिल किया गया है। इसके साथ ही यह डाइट पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन को भी बढ़ावा देती है, क्योंकि पोटैशियम रक्तचाप को सामान्य करने का काम करता है। वहीं, जुकिनी में पोटैशियम की मात्रा पाई जाती है। इसलिए, कहा जा सकता है कि जुकिनी ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक भूमिका निभा सकती है (10)।

10. इम्युनिटी को बढ़ाने के लिए

अगर प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत है, तो रोग मुक्त रहने में मदद मिल सकती है। एक शोध के अनुसार, बी-कैरोटीन (β-Carotene) युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा प्रणाली) को मजबूत करने के साथ-साथ इम्यून सेल फंक्शन को बढ़ावा देने का काम कर सकता है (11), (12)। वहीं, जुकिनी में बी-कैरोटीन की मात्रा पाई जाती है (13)। इसलिए, कहा जा सकता है कि प्रतिरक्षा क्षमता को बढ़ाने में जुकिनी का सेवन मददगार हो सकता है।

11. गाउट की समस्या के लिए

गाउट एक तरह का गठिया है। यह तब होता है, जब रक्त में यूरिक एसिड बनने लगता है और इससे जोड़ों में सूजन की समस्या होने लगती है (14)। यहां जुकिनी के फायदे देखे जा सकते हैं, क्योंकि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण (सूजन को कम करने वाला) के साथ-साथ एनाल्जेसिक (दर्दनिवारक) प्रभाव मौजूद होता है। ये दोनों गुण संयुक्त रूप से गाउट से होने वाली सूजन और दर्द से आराम दिलाने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, सीधे तौर पर जुकिनी इस समस्या पर कितना कारगर होगी, इस पर और शोध की आवश्यकता है (15)।

12. बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में

जुकिनी के सेवन से बढ़ते उम्र के प्रभाव को कम किया जा सकता है। दरअसल, जुकिनी में विटामिन-सी मौजूद होता है, जो एक कारगर एंटी ऑक्सीडेंट है। विटामिन-सी त्वचा से झुर्रियों को दूर करने में मदद कर सकता है। साथ ही यह त्वचा को सूर्य की हानिकारक किरणों से भी बचाने का काम कर सकता है (16) (2)। हालांकि, सीधे तौर पर जुकिनी बढ़ती उम्र के प्रभाव को कम करने में कितनी कारगर होगी, इस पर फिलहाल और शोध की आवश्यकता है।

13. कोलेजन बनाने के लिए

कोलेजन त्वचा के रंग को बनाए रखने का काम करता है। अगर इसकी कमी या अधिकता हो जाए, तो त्वचा के रंग में बदलाव हो सकता है। साथ ही त्वचा संबंधी समस्या भी उत्पन्न हो सकती हैं। यहां जुकिनी में मौजूद विटामिन-सी के लाभ देखे जा सकते हैं, क्योंकि कोलेजन के निर्माण में विटामिन सी एक अहम भूमिका निभा सकता है (17) (2)।

लेख के अगले भागे में जानिए जुकिनी को महत्वपूर्ण बनाने वाले पोषक तत्वों के बारे में।

जुकिनी के पौष्टिक तत्व – Zucchini Nutritional Value in Hindi

जुकिनी में कई खास पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जिनके बारे में नीचे बताया जा रहा है (2)।

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
ऊर्जा21 kcal
प्रोटीन1.05 g
कार्बोहाइड्रेट4.21g
फाइबर1.1 g
शुगर3.16 g
कैल्शियम, Ca21 g
आयरन, Fe0.44 mg
पोटैशियम, K222 mg
विटामिन -सी12.6 mg

लेख में आगे जुकिनी का उपयोग करने के विभिन्न तरीके बताए गए हैं।

जुकिनी का उपयोग – How to Use Zucchini in Hindi

जुकिनी को कई तरह से खाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, जिनमें से कुछ इस तरह से हैं:

कैसे खाएं :

  • दोपहर या रात में जुकिनी की सब्जी का आनंद लिया जा सकता है।
  • जुकिनी को सुबह या शाम वेजिटेबल सलाद में इस्तेमाल करके खाया जा सकता है।
  • सुबह या शाम जुकिनी की स्लाइस को एग ब्रेड के साथ टोस्ट करके खाया जा सकता है।
  • जुकिनी को चॉकलेट केक में उपयोग करके खाया जा सकता है।

कितना खाएं : प्रतिदिन आधा कप तक जुकिनी का सेवन किया जा सकता है (18)।

लेख के अंत में जानिए जुकिनी के नुकसान।

जुकिनी के नुकसान – Side Effects of Zucchini in Hindi

जुकिनी जिस तरह फायदेमंद है, उसी तरह इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • कई जुकिनी कड़वी होती हैं, जिसका सेवन करने पर पेट में ऐंठन और दस्त जैसी समस्या हो सकती हैं (19)।
  •  जिन लोगों को आहार से एलर्जी होने की शिकायत होती है, उन्हें जुकिनी के सेवन से एलर्जी हो सकती है (20)।

अब तो आप औषधीय गुणों से समृद्ध इस सब्जी के बारे में जान गए होंगे। साथ ही यह भी समझ गए होंगे कि यह किस तरह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और जुकिनी का उपयोग कैसे किया जा सकता है। हां, इस बात का ध्यान जरूर रखें कि जुकिनी ऊपर बताए गईं बीमारियों के लक्षण और उनके प्रभाव को कम कर सकती है, लेकिन यह किसी भी शारीरिक समस्या का सटीक उपचार नहीं है। बीमारी के इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें। उम्मीद है कि यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित होगा। अगर आप इस लेख से जुड़ी अन्य जानकारी पाना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स की मदद ले सकते हैं।

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Bhupendra Verma

भूपेंद्र वर्मा ने सेंट थॉमस कॉलेज से बीजेएमसी और एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी से एमजेएमसी किया है। भूपेंद्र को लेखक के तौर पर फ्रीलांसिंग में काम करते 2 साल हो गए हैं। इनकी लिखी हुई कविताएं, गाने और रैप हर किसी को पसंद आते हैं। यह अपने लेखन और रैप करने के अनोखे स्टाइल की वजह से जाने जाते हैं। इन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री फिल्म की स्टोरी और डायलॉग्स भी लिखे हैं। इन्हें संगीत सुनना, फिल्में देखना और घूमना पसंद है।

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