पियर्सिंग से जुड़े खास टिप्स 

राइटर: कविता सिंह

बेस्ट पियर्सर

हमेशा पियर्सिंग उसी से करवाएं, जो इसमें विशेषज्ञ हो। बेहतर होगा कि इस बारे में पहले ही पता कर लें।

अच्छा मैटल

कान या नाक की रिंग का मैटल अच्छी क्वालिटी का हो। उसमें लंबे समय तक जंग लगने की गुंजाइश न हो।

रिंग न बदलें

पियर्सिंग के बाद रोज रिंग बदलने से बचें। अगर रिंग निकालें भी, तो लंबे वक्त तक छेद वाली जगह खाली न छोड़ें।

मौसम का ध्यान

बारिश में इंफेक्शन, जबकि सर्दियों में जुकाम होने की आशंका होती है। इसलिए, ये दो मौसम में पियर्सिंग से बचें।

स्विमिंग से दूरी

पियर्सिंग के बाद करीब 6 माह तक स्विमिंग से बचें, वरना ये इंफेक्शन होने का कारण बन सकता है।

 सिर्फ एक पियर्सिंग

एक बार में एक ही पियर्सिंग होल कराएं। जब यह ठीक हो जाए, तब दूसरे पियर्सिंग के बारे में सोचें।

छेद पकने पर

इस अवस्था में डॉक्टर से पूछकर एंटी-बैक्टीरियल प्रोडक्ट या गुनगुना नारियल तेल प्रभावित जगह पर लगाएं।

हैवी बालियां

अगर पियर्सिंग होल नया है, तो भारी ज्वैलरी यूज न करें, इससे होल के बढ़े होने व पकने का खतरा होता है।

उचित देखभाल

नियमित रूप से सफाई करें।

नहाते वक्त उसे गिला होने से बचाएं।

बार-बार पियरिंग स्पॉट छूने से बचें।

इसी तरह के और ब्यूटी टिप्स जानने के लिए जुड़े रहें स्टाइलक्रेज के साथ।