त्वचा की खूबसूरती से जुड़े प्राचीन रहस्य

राइटर: अंकिता मिश्रा

हल्दी 

वर्षों पहले रानियां मुंहासों को दूर करने के लिए हल्दी का लेप लगाती थीं।

एलोवेरा

बेजान त्वचा के लिए सालों से उपयोग किया जाता रहा है एलोवेरा जेल। 

दही

कोमल-मुलायम त्वचा के लिए सोने से पहले दही और हल्दी का लेप लगाती थीं रानियां।

कच्चा दूध

त्वचा की रंगत निखारने में सदियों से कच्चे दूध का इस्तेमाल किया जाता रहा है। 

केसर

टैन दूर करने के लिए कई बार राजकुमारियां और रानियां लेती थीं केसर का सहारा। 

मुल्तानी मिट्टी

कील-मुंहासों के लिए मुल्तानी मिट्टी का घरेलू नुस्खा है सदियों पुराना।

चंदन

आज भी खिली-खिली त्वचा के लिए महिलाएं चुनती हैं चंदन का लेप।

नीम

स्किन इंफेक्शन से बचने के लिए नीम का इस्तेमाल भी वर्षों पुराने आयुर्वेद से ही मिलता है।

सरसों का उबटन

रानियों के लिए सरसों का उबटन प्राकृतिक वैक्सिंग का काम करता था।

शहद

स्क्रब करने का बीते जमाने का कारगर नुस्खा था चीनी और शहद।

दूध और गुलाब

पहले के जमाने में स्वस्थ त्वचा के लिए दूध और गुलाब का भी लिया जाता था सहारा।

तुलसी 

चेहरे पर निखार लाने के लिए किया जाता था तुलसी का उपयोग।

गुलाब 

भीनी-भीनी खुशबू के लिए नहाने के पानी में गुलाब का किया जाता था इस्तेमाल।

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