ऑयल पुलिंग के 10 फायदे और नुकसान – Oil Pulling Benefits and Side Effects in Hindi

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खान-पान में गड़बड़ी और स्वच्छता की कमी से कई तरह की शारीरिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिनमें मुंह से जुड़ी तकलीफ भी शामिल है। हालांकि, मुंह से जुड़ी परेशानियों से निजात पाने के लिए बाजार में ढेरों उत्पाद उपलब्ध हैं, लेकिन इनका नकारात्मक प्रभाव समस्या को बढ़ा भी सकता है। ऐसे में प्राकृतिक और हर्बल उपचार आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं। हमारे साथ जानिए मुंह और अन्य परेशानियों के लिए ऑयल पुलिंग करना कितना लाभकारी है। स्टाइलक्रेज के इस लेख हम आपको ऑयल पुलिंग के फायदे के साथ-साथ ऑयल पुलिंग के नुकसान के विषय में भी जानकारी देंगे, साथ ही यह भी बताएंगे कि घर में ऑयल पुलिंग कैसे करें?

आइए, सबसे पहले जानते हैं कि क्या है ऑयल पुलिंग।

ऑयल पुलिंग क्‍या है? – What is Oil Pulling in Hindi

ऑयल पुलिंग मौखिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए एक प्राचीन आयुर्वेदिक उपचार है। जिसमें विभिन्न तेलों का उपयोग कर मुंह से संबंधित कई समस्याओं का इलाज किया जाता है। प्राचीन चरक संहिता और सुश्रुत संहिता में इसका वर्णन ‘कावला ग्रहा’ या ‘कावला गंडोशा’ के रूप में मिलता है। गंडोशा विधि के अनुसार मुंह में पूरी तरह से तेल भरा जाता है, लेकिन इससे गरारे करना असंभव होता है। वहीं, कावला ग्रेहा विधि में कम मात्रा में तेल का उपयोग किया जाता है, जिससे गरारा करना आसान हो जाता है (1)। ऑयल पुलिंग एक कारगर उपचार है, जो न सिर्फ मुंह, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य को लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

ऑयल पुलिंग के बारे में जानने के बाद यहां हम ऑयल पुलिंग करने की विधि बता रहे हैं।

ऑयल पुलिंग कैसे करें – How to do Oil Pulling in hindi

ऑयल पुलिंग प्राचीन चिकित्सा पद्धितियों में से एक है। इसको करने की विधि ज्यादा कठिन नहीं है। कुछ सावधानियों के साथ आप इस विधि को कर सकते हैं। यह विधि इस प्रकार है (1):

सामग्री:

  • तिल का तेल, सूरजमुखी का तेल या नारियल का तेल

विधि:

  • सुबह नाश्ते से लगभग 20 मिनट पहले आप पालथी लगाकर बैठ जाएं।
  • अब अपनी ठोड़ी को ऊपर की ओर करके लगभग एक बड़ा चम्मच ऊपर बताया गया कोई भी तेल अपने मुंह में लें।
  • अब मुंह बंद करें और थोड़ा जोर लगाकर तेल को अच्छी तरह मुंह के अंदर घुमाएं।
  • इस बात का ध्यान रहे कि तेल को निगलना नहीं है, क्योंकि इसमें बैक्टीरिया के साथ-साथ हानिकारक विषाक्त पदार्थ हो सकते हैं, जो आपकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव छोड़ सकते हैं।
  • जब तेल दूधिया सफेद जैसा हो जाए, तो आप इसे थूक दें।
  • इसके बाद गर्म पानी या फिर सादे पानी से अच्छी तरह कुल्ला कर लें।
  • कुल्ला करने के बाद डेली पेस्ट और ब्रश से आप मंजन कर लें।

आप इस विधि को रोजाना खाली पेट तीन बार कर सकते हैं। रोजाना ऑयल पुलिंग करने के कई सारे फायदे आपको देखने मिल सकते हैं।

विधि के बाद यहां हम आपको ऑयल पुलिंग से होने वाले फायदों के बारे में बता रहे हैं।

ऑयल पुलिंग के फायदे – Benefits of Oil Pulling in Hindi

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ऑयल पुलिंग से न सिर्फ आपके मुंह और दांतों को एक सुरक्षा-कवच प्राप्त होता है, बल्कि इसके और भी कई फायदे हैं। नीचे जानते हैं ऑयल पुलिंग के फायदों के बारे में।

1. हानिकारक बैक्टीरिया का मुकाबला करे

जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा ऑयल पुलिंग का उपयोग प्राचीन काल से ही किया जा रहा है। ऑयल पुलिंग के लिए उपयोग किए जाने वाले तिल के तेल, सूरजमुखी के तेल और नारियल के तेल में एंटिबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं (2)। तेल में पाया जाने वाला यह गुण न सिर्फ आपके मुंह के कीटाणुओं की सफाई करने में मदद करता है, बल्कि दांतों से प्लेग हटाने का काम भी करता है (3)।

2. मुंह की दुर्गंध को दूर करने के लिए

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मुंह की गंदगी, मसूड़ों की समस्या और दांतों की सड़न मुंह की दुर्गंध का कारण बनते हैं। ऑयल पुलिंग में उपयोग हाेने वाले तिल के तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-माइक्रोबियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो उपरोक्त सभी समस्याओं को दूर कर सकते हैं, जिससे मुंह की दुर्गंध से निजात पाया जा सकता है (4)।

3. कैविटी की समस्या को दूर करने के लिए

मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया दांतों में प्लेग का कारण बनते हैं, जिससे कैविटी यानी दातों में खोखलेपन की समस्या खड़ी हो जाती है (5)। जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा कि ऑयल पुलिंग के लिए तिल, नारियल और सूरजमुखी के तेल का इस्तेमाल किया जाता है। इन तेलों में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो दांतों को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया से लड़ने का काम करते हैं, जिससे कैविटी की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके अलावा, इससे दांतों और मसूड़ों की मजबूती भी बरकरार रहती है (1) (3)।

4. मसूड़ों की सूजन काे दूर कर उन्हें स्वस्थ रखे

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तिल के तेल, सूरजमुखी के तेल और नारियल के तेल से ऑयल पुलिंग करने से मसूड़ों की सूजन को दूर किया जाता सकता है। इन तेलाें में पाए जाने वाले फैटी एसिड में 45-50 प्रतिशत लॉरिक एसिड होता है। लॉरिक एसिड में सूजन को रोकने वाले एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं। ये गुण कीटाणुओं से मसूड़ों की सुरक्षा करने के साथ ही उनकी सूजन को कम करने में आपकी मदद करते हैं (2)।

5. दांत दर्द का इलाज करने के लिए ऑयल पुलिंग के फायदे

दांतों पर प्लाक, कैविटी, मसूड़ों की सूजन और दांतों की सड़न दांतों में दर्द का कारण बनते हैं।  इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए ऑयल पुलिंग एक आदर्श घरेलू उपचार हो सकता है। ऑयल पुलिंग में उपयोग होने वाले तेलों में (जैसे नारियल का तेल) एंटी इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो प्लेग, कैविटी, मसूड़ों की सूजन और दांतों की सड़न जैसी समस्याओं के कारण होने वाले दांत दर्द को दूर करने के साथ ही दांतों की अन्य समस्याओं से निजात दिलाने में आपकी मदद कर सकते हैं (1)।

6. सूखे मुंह से छुटकारा पाने के लिए ऑयल पुलिंग के फायदे

मुंह का सूखना ऐसी स्थिति है, जब बैक्टीरिया या सूक्ष्म जीवों के कारण आपके मुंह में लार ग्रंथियां पर्याप्त लार नहीं बना पाती हैं। इससे मुंह सूखा हुआ रहता है। इसके कारण खुरदरी जीभ, मुंह के छाले और फटे होंठों की समस्या भी हो सकती है। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए ऑयल पुलिंग एक अच्छा समाधान है। ऑयल पुलिंग में उपयोग होने वाले तेलों में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद हाेते हैं, जो नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया और सूक्ष्म जीवों को खत्म कर देते हैं और मुंह के अंदर मौजूद लार ग्रंथियों को सुचारू रूप से काम करने में मदद करते हैं। इससे पर्याप्त लार का निर्माण होता है और मुंह के सूखने की समस्या से निजात मिल पाता है (1)।

7. सिरदर्द को कम करता है

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ऑयल पुलिंग से होने वाले फायदे यहीं खत्म नहीं होते। यह और भी कई समस्याओं को दूर करने में आपकी मदद कर सकता है। माना जाता है कि ऑयल पुलिंग प्रक्रिया मुंह को साफ करने के साथ-साथ माइग्रेन और सिरदर्द से छुटकारा दिलाने का काम भी कर सकती है, हालांकि, इस तथ्य की पुष्टि के लिए वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है (1)।

8. शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने के लिए

ऑयल पुलिंग के कई सारे फायदों में एक यह भी है कि यह आपके शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने में भी कारगर हो सकता है। ऑयल पुलिंग आपके शरीर के चयापचय को बढ़ाने का काम करता है (1) और बढ़ा हुआ चयापचय आपके शरीर की ऊर्जा को बढ़ाने में विशेष योगदान देता है (6)।

9. मुंहासों की रोकथाम के लिए ऑयल पुलिंग के फायदे

ऑयल पुलिंग के लिए कई प्रकार के घरेलू खाद्य तेलों का उपयोग किया जाता है। इन्हीं में से एक है तिल का तेल। तिल में मौजूद विटामिन-ई त्वचा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इस तेल से की गई ऑयल पुलिंग प्रक्रिया मुंहासों से निजात दिलाने में मदद कर सकती है, हालांकि इस विषय पर अभी और शोध की आवश्यकता है (7)।

10. त्वचा को साफ रखने के लिए

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जैसा कि आपने ऊपर पढ़ा कि ऑयल पुलिंग करने से ये मुंहासे की रोकथाम और इनके इलाज लिए फायदेमंद है। इसके अलावा, ऑयल पुलिंग में उपयोग होने वाले तिल के तेल में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट के साथ विटामिन-ई भी पाया जाता है, जो त्वचा के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। यह त्वचा को मॉइस्चराइज करने के साथ ही हानिकारक पदार्थों को दूर कर त्वचा को साफ और चमकदार बनाने में आपके लिए फायदेमंद हो सकता है (7)।

यहां तक तो आपने ऑयल पुलिंग के कई सारे फायदे पढ़ लिए, अब बारी है ऑयल पुलिंग के नुकसान को जानने की।

ऑयल पुलिंग के नुकसान – Side Effects of Oil Pulling in Hindi

जरूरी नहीं कि ऑयल पुलिंग से सिर्फ फायदे ही मिलते हों। कई स्थितियों में ऑयल पुलिंग के नुकसान भी देखने को मिल सकते हैं। जैसे:

  • ऑयल पुलिंग करते समय तेल को भूल कर भी न निगले, क्योंकि, उसमें आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया और टॉक्सिन पदार्थ हो सकते हैं (1)।
  • कई लोगों को कुछ तेल से एलर्जी होती है। अगर वो उस तेल से ऑयल पुलिंग करते हैं, तो उसके हानिकारक परिणाम सामने आ सकते हैं। ऑयल पुलिंग निमोनिया का कारण भी बन सकता है (8)।
  • 5 साल से कम उम्र के बच्चों को ऑयल पुलिंग नहीं करानी चाहिए। नादानी के कारण वो तेल को निगल सकते हैं। जैसा कि ऊपर हमने बताया कि ऑयल पुलिंग के दौरान उपयोग किया जाने वाले तेल बैक्टीरिया और टॉक्सिन युक्त होता है (1), जिसे निगलने से कई प्रकार के नुकसान हो सकते हैं (9)।
  • ज्यादा देर तब ऑयल पुलिंग करने से आपके जबड़ों में अकड़न जैसी समस्या हो सकती है।

अब आप जान गए होंगे कि किस प्रकार आप ऑयल पुलिंग से मुंह के स्वास्थ्य के साथ-साथ अन्य शारीरिक समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है। साथ ही आपने जाना कि ऑयल पुलिंग कैसे करें और इस विधि के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और ऑयल पुलिंग के नुकसान को भी पढ़ा। आशा करते हैं कि ऑयल पुलिंग के ऊपर प्रकाश डालता यह लेख आपको पसंद आया होगा। अगर आप अपने किसी सवाल या अनुभव के माध्यम से हमारे साथ जुड़ना चाहते हैं, तो नीचे दिए कमेंट बॉक्स की मदद ले सकते हैं।
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Saral Jain

सरल जैन ने श्री रामानन्दाचार्य संस्कृत विश्वविद्यालय, राजस्थान से संस्कृत और जैन दर्शन में बीए और डॉ. सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ से पत्रकारिता में बीए किया है। सरल को इलेक्ट्रानिक मीडिया का लगभग 8 वर्षों का एवं प्रिंट मीडिया का एक साल का अनुभव है। इन्होंने 3 साल तक टीवी चैनल के कई कार्यक्रमों में एंकर की भूमिका भी निभाई है। इन्हें फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, एडवंचर व वाइल्ड लाइफ शूट, कैंपिंग व घूमना पसंद है। सरल जैन संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी व कन्नड़ भाषाओं के जानकार हैं।

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